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डॉक्टर बाबासाहेब अंबेडकर जयंती की सभी हमीरपुर जिले व नगर वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं
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डॉक्टर बाबासाहेब अंबेडकर जयंती की सभी हमीरपुर जिले व नगर वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं
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- उत्तर प्रदेश के बांदा में रेलवे स्टेशन से एक 2 वर्षीय मासूम बच्चे के अपहरण और उसे नहर में फेंकने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 3 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। यह घटना रविवार शाम करीब 8:30 बजे डायल-112 पर मिली सूचना से शुरू हुई, जिसमें बताया गया कि बांदा रेलवे स्टेशन से एक अज्ञात व्यक्ति 2 साल के बच्चे को उठा ले गया है। सूचना मिलते ही बांदा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना कोतवाली नगर, कोतवाली देहात, एसओजी और अन्य पुलिस टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया। उच्चाधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू करवाई। सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला कि यह घटना शाम करीब 5:30 बजे हुई थी, जब बच्चे की मां और परिवार के सदस्य मुंबई जाने के लिए ट्रेन पकड़ने स्टेशन पहुंचे थे और इसी दौरान आरोपी बच्चे को अपने साथ ले गया। पुलिस ने सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और त्रिनेत्र ऐप की मदद से आरोपी की लोकेशन तिंदवारी रोड की ओर ट्रेस की। इसी बीच, कोतवाली देहात और एसओजी की टीम महोकर चौराहे के पास गश्त कर रही थी। पुलिस की घेराबंदी देखकर आरोपी ने बच्चे को नहर में फेंक दिया और भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी किशन निवासी तिंदवारी को मौके से पकड़ लिया और तुरंत नहर से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बांदा पुलिस और आरपीएफ टीम ने मासूम बच्चे को उसके परिजनों को सकुशल सौंप दिया है। इस मामले में पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- बांदा में एसपी पलाश बंसल की 'अवैध शस्त्रों पर सर्जिकल स्ट्राइक' जारी है, जिसके तहत मटौंध पुलिस ने मुड़ेरी रोड पर तमंचा लहराकर 'दबंगई' दिखा रहे लवकुश नाम के युवक को धर दबोचा है। पुलिस को मुखबिर से पक्की खबर मिली थी कि लवकुश मुड़ेरी रोड पर कमर में तमंचा खोसे टहल रहा है और कुछ बड़ा करने की फिराक में है। सूचना मिलते ही मटौंध थाना पुलिस, जो शाम को रूटीन गश्त और संदिग्ध वाहन चेकिंग पर थी, तुरंत मौके पर पहुंची। तलाशी लेने पर लवकुश पुत्र रघुवीरशरण निवासी जखौरा, थाना मटौंध की कमर से 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद थाना मटौंध में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेज दिया गया है। इस गिरफ्तारी पर एसपी पलाश बंसल ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि जनपद में न तमंचा चलेगा और न तमंचेबाज। उन्होंने अवैध असलहा लेकर घूमने वालों को जेल की हवा खिलाने की बात कही और मटौंध पुलिस की सतर्कता से एक बड़ा अपराध होने से बचने का जिक्र किया। एसपी का साफ संदेश है कि अपराधी या तो सुधर जाएं या बांदा छोड़ दें, क्योंकि अवैध शस्त्र रखने वाले, अपराध करने वाले और महिला उत्पीड़न करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सीधी जेल व कड़ी कार्यवाही होगी। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस का मुखबिर तंत्र मजबूत है और पल-पल की खबर मिलती रहती है, इसलिए अपराधी सावधान रहें। एसपी पलाश बंसल के निर्देशन में जिले भर में अवैध असलहों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें गश्त, चेकिंग और मुखबिरों की मदद से अपराधियों की नाक में दम कर रखा गया है।1
- हमीरपुर के बिवांर स्थित निवादा भीतर मोहाल में एक घटना सामने आई है, जहाँ रामपाल प्रजापति के चबूतरे को लोडर वाहन से गिराने का विरोध करने पर एक दंपति के साथ मारपीट की गई। रामपाल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनके पड़ोसी इलियास पुत्र बलवान ने लोडर वाहन से उनके चबूतरे को टक्कर मारकर गिरा दिया था। जब रामपाल की पत्नी जसोदा ने इलियास को इस बात का उलाहना दिया, तो इलियास अभद्रता करने लगा। जसोदा के मना करने पर करीम ने अपने पुत्र शाहरुख के साथ मिलकर उन्हें थप्पड़-घूंसे से मारा। जसोदा द्वारा शोर मचाने पर उनके पति रामपाल वहाँ पहुँचे, तो आरोपी पिता-पुत्र ने रामपाल के साथ भी मारपीट की। मारपीट के बाद आरोपी पिता-पुत्र जान से मार देने की धमकी देते हुए मौके से चले गए। अपनी पत्नी के साथ पुलिस स्टेशन पहुँचे रामपाल ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ मारपीट और धमकी देने की तहरीर दी है। इस संबंध में, एसआई जगत नारायण ने बताया कि मिली तहरीर के आधार पर दोनों पिता-पुत्र की तलाश कर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- एक पानी की पाइपलाइन पिछले एक-दो महीने से चालू नहीं हो पाई है। बताया गया है कि नल तो घरों में लग चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद पाइपलाइन अभी तक शुरू नहीं हो सकी है।1
- महोबा जिले के कबरई क्षेत्र में पंचायती राज विभाग के अंतर्गत हो रहे विकास कार्यों में निर्माण मानकों की गंभीर अनदेखी का मामला सामने आया है। इन निर्माण कार्यों में रेत के बजाय प्रतिबंधित डस्ट का उपयोग किया जा रहा है, जिससे परियोजनाओं की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल करके सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। मौके से मिली तस्वीरों में भी साफ देखा जा सकता है कि निर्माण स्थल पर मसाले में डस्ट मिलाई जा रही है, जबकि मानकों के अनुसार इन कार्यों में केवल साफ रेत का ही प्रयोग किया जाना चाहिए। यह स्पष्ट तौर पर मानक के विपरीत प्रतिबंधित डस्ट का इस्तेमाल है।3
- कानपुर नगर के नरवल तहसील क्षेत्र में स्थित बेहटा गम्भीरपुर गांव में सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में चौकी प्रभारी साढ़ को एक लिखित शिकायत दी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा गांव की सरकारी भूमि पर कब्जा कर निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि ग्राम समाज की भूमि, जिसका गाटा संख्या 596 बताया गया है, पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा किया गया है। ग्रामीणों ने विकल यादव, छोटे यादव और मूलचंद यादव पर इस अवैध निर्माण को अंजाम देने का आरोप लगाया है। इस कब्जे के कारण गांव की सामान्य सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं और ग्राम समाज की भूमि का मौलिक स्वरूप भी बिगड़ रहा है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि इस अवैध कब्जे को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और जो लोग इसमें दोषी पाए जाते हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।2
- महुआ में जनगणना कार्य की जिम्मेदारी निभा रही अनुदेशिका एवं प्रगणक सरिता निर्मल भीषण गर्मी और लू की चपेट में आकर अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ीं। घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने के दौरान हुई इस चिंताजनक घटना में, सौभाग्य से उनकी सहकर्मी ज्योति अवस्थी और 'ऑक्सीजन बाबा' रामकृष्ण अवस्थी की तत्परता से स्थिति गंभीर होने से बची। यह घटना केवल एक कर्मचारी के अस्वस्थ होने का मामला नहीं, बल्कि सरकारी फील्ड कर्मियों की उस कठिन वास्तविकता को उजागर करती है, जहाँ वे 45 डिग्री से अधिक तापमान और लू के थपेड़ों के बीच अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य की सफलता ऐसे ही कर्मचारियों की अथक मेहनत पर निर्भर करती है, जिसके चलते उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को भी उतनी ही गंभीरता से प्राथमिकता दी जानी चाहिए। महुआ की यह घटना प्रशासन के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है कि भीषण गर्मी के इस दौर में फील्ड ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ, जैसे पर्याप्त पेयजल, विश्राम स्थल और तत्काल चिकित्सकीय सहायता, अब केवल एक आवश्यकता नहीं बल्कि अनिवार्यता हैं। बांदा से सुरेश साहू ने इस मामले पर रिपोर्ट दी है।2
- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, जो देशभर में गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किए जाने की मांग को लेकर एक जनजागरण अभियान चला रहे हैं, 26 मई को बांदा पहुंचेंगे। उनके इस आगमन को लेकर विभिन्न धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य शाम करीब 5 बजे अतर्रा चुंगी रोड स्थित गणेश भवन, रामलीला मैदान में आयोजित धर्मसभा, आशीर्वाद एवं धर्म मार्गदर्शन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। धर्मसभा के दौरान सनातन धर्म, राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता, गौ संरक्षण, भारतीय संस्कृति एवं जनजागरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर श्रद्धालुओं को संबोधित किया जाएगा। आयोजकों ने बताया है कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गौ रक्षा और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के मुद्दे पर व्यापक जनसमर्थन जुटाने का प्रयास करना है। यह भी बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी एक संदेश दिया जा सकता है। मंच से यह आह्वान किया जा सकता है कि मतदान केवल उसी प्रत्याशी को किया जाए जो गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की लड़ाई का समर्थन करता हो। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद, शंकराचार्य 27 मई को तिंदवारी मार्ग से फतेहपुर जनपद के लिए प्रस्थान करेंगे।1
- हमीरपुर के सुमेरपुर ग्रामीण क्षेत्र में पराली जलाने का सिलसिला थमने के बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण रविवार को एक और निजी नलकूप आग की चपेट में आकर पूरी तरह खाक हो गया। यह घटना जलाला के ग्राम प्रधान गौरव सिंह के नलकूप के साथ हुई, जहाँ आग से सैकड़ों बीघा पराली भी जल गई। जानकारी मिलने तक सब कुछ नष्ट हो चुका था। किसानों द्वारा रात-दिन खेतों में खड़ी गेहूं की पराली जलाई जा रही है और अभी तक हजारों बीघे की पराली जलकर नष्ट हो चुकी है। पराली की इस आग से खेतों की मेड़ों पर खड़े पौधे भी जलकर खाक हो रहे हैं, जिससे किसानों को अन्य नुकसानों का भी सामना करना पड़ रहा है। इस घटना से तीन दिन पहले ही दरियापुर के किसान राजकुमार यादव का नलकूप भी इसी तरह पराली की आग से जल गया था। इन घटनाओं के बावजूद, पराली जलाने का यह क्रम थम नहीं रहा है, जबकि इसके धुएं से पर्यावरण को भी लगातार नुकसान पहुंच रहा है।4