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कानपुर नगर के नरवल तहसील क्षेत्र में स्थित बेहटा गम्भीरपुर गांव में सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में चौकी प्रभारी साढ़ को एक लिखित शिकायत दी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा गांव की सरकारी भूमि पर कब्जा कर निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि ग्राम समाज की भूमि, जिसका गाटा संख्या 596 बताया गया है, पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा किया गया है। ग्रामीणों ने विकल यादव, छोटे यादव और मूलचंद यादव पर इस अवैध निर्माण को अंजाम देने का आरोप लगाया है। इस कब्जे के कारण गांव की सामान्य सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं और ग्राम समाज की भूमि का मौलिक स्वरूप भी बिगड़ रहा है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि इस अवैध कब्जे को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और जो लोग इसमें दोषी पाए जाते हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

1 hr ago
user_Vivek pal Reporter
Vivek pal Reporter
Local News Reporter घाटमपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

कानपुर नगर के नरवल तहसील क्षेत्र में स्थित बेहटा गम्भीरपुर गांव में सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में चौकी प्रभारी साढ़ को एक लिखित शिकायत दी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा गांव की सरकारी भूमि पर कब्जा कर निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि ग्राम समाज की भूमि, जिसका गाटा संख्या 596 बताया गया है, पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा किया गया है। ग्रामीणों ने विकल

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यादव, छोटे यादव और मूलचंद यादव पर इस अवैध निर्माण को अंजाम देने का आरोप लगाया है। इस कब्जे के कारण गांव की सामान्य सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं और ग्राम समाज की भूमि का मौलिक स्वरूप भी बिगड़ रहा है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि इस अवैध कब्जे को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और जो लोग इसमें दोषी पाए जाते हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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  • सीएमओ की पहली जांच रिपोर्ट में कृष्णा हॉस्पिटल और पारस हॉस्पिटल को क्लीन चिट मिली थी, लेकिन अब दूसरी जांच रिपोर्ट में इन्हीं दोनों अस्पतालों को दोषी पाया गया है। इस विरोधाभास के बाद यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि आखिर पहली रिपोर्ट में क्लीन चिट पाने के बावजूद ये अस्पताल दूसरी जांच में दोषी कैसे पाए गए। इसी के साथ, यह भी प्रश्न खड़ा हो गया है कि क्या पहली रिपोर्ट में इन अस्पतालों को क्लीन चिट देने वाले सीएमओ हरिदत्त नेमी पर कोई कार्रवाई की जाएगी।
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    सीएमओ की पहली जांच रिपोर्ट में कृष्णा हॉस्पिटल और पारस हॉस्पिटल को क्लीन चिट मिली थी, लेकिन अब दूसरी जांच रिपोर्ट में इन्हीं दोनों अस्पतालों को दोषी पाया गया है। इस विरोधाभास के बाद यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि आखिर पहली रिपोर्ट में क्लीन चिट पाने के बावजूद ये अस्पताल दूसरी जांच में दोषी कैसे पाए गए।

इसी के साथ, यह भी प्रश्न खड़ा हो गया है कि क्या पहली रिपोर्ट में इन अस्पतालों को क्लीन चिट देने वाले सीएमओ हरिदत्त नेमी पर कोई कार्रवाई की जाएगी।
    user_Manas Mishra
    Manas Mishra
    Local News Reporter कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • कानपुर में आईटीबीपी जवान का हाथ काटे जाने के चर्चित मामले की जाँच ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा गठित मेडिकल टीम की संशोधित जाँच रिपोर्ट में पारस अस्पताल और कृष्णा अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दोनों अस्पतालों द्वारा उपचार में अत्यधिक विलंब किया गया, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित का हाथ काटना पड़ा। इस संबंध में, कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने जानकारी दी कि पहले प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट निर्णायक नहीं थी और उसमें दोष का निर्धारण स्पष्ट रूप से नहीं किया गया था। इसके बाद, पुलिस ने मेडिकल टीम से बिंदुवार स्पष्टीकरण और जिम्मेदारी तय करते हुए एक संशोधित रिपोर्ट का अनुरोध किया था। संशोधित रिपोर्ट मिलने के बाद, पुलिस ने दोनों अस्पतालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, क्योंकि इलाज में हुई देरी को गंभीर चिकित्सीय लापरवाही माना गया है। पुलिस आयुक्त ने आईटीबीपी और पुलिस के बीच किसी भी प्रकार के विवाद या टकराव की खबरों को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जाँच के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा के लिए आईटीबीपी के कमांडेंट और मेडिकल ऑफिसर को पुलिस कार्यालय में स्वयं आमंत्रित किया गया था, ताकि सीएमओ स्तर पर विस्तृत परीक्षण हो सके। पुलिस के अनुसार, बैठक के दौरान आईटीबीपी अधिकारी बड़ी संख्या में बल (फ़ोर्स) के साथ पहुँचे थे, जिससे पुलिस कार्यालय के बाहर भारी बल की मौजूदगी से मीडिया में गलत संदेश गया। इस पर कमांडेंट को तत्काल अतिरिक्त बल वापस भेजने का निर्देश दिया गया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि पूरे प्रकरण की जानकारी आईटीबीपी मुख्यालय और महानिदेशक को पत्र भेजकर दे दी गई है, साथ ही संबंधित स्तर पर विभागीय और अनुशासनात्मक जाँच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।
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    कानपुर में आईटीबीपी जवान का हाथ काटे जाने के चर्चित मामले की जाँच ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा गठित मेडिकल टीम की संशोधित जाँच रिपोर्ट में पारस अस्पताल और कृष्णा अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दोनों अस्पतालों द्वारा उपचार में अत्यधिक विलंब किया गया, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित का हाथ काटना पड़ा।

इस संबंध में, कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने जानकारी दी कि पहले प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट निर्णायक नहीं थी और उसमें दोष का निर्धारण स्पष्ट रूप से नहीं किया गया था। इसके बाद, पुलिस ने मेडिकल टीम से बिंदुवार स्पष्टीकरण और जिम्मेदारी तय करते हुए एक संशोधित रिपोर्ट का अनुरोध किया था। संशोधित रिपोर्ट मिलने के बाद, पुलिस ने दोनों अस्पतालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, क्योंकि इलाज में हुई देरी को गंभीर चिकित्सीय लापरवाही माना गया है।

पुलिस आयुक्त ने आईटीबीपी और पुलिस के बीच किसी भी प्रकार के विवाद या टकराव की खबरों को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जाँच के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा के लिए आईटीबीपी के कमांडेंट और मेडिकल ऑफिसर को पुलिस कार्यालय में स्वयं आमंत्रित किया गया था, ताकि सीएमओ स्तर पर विस्तृत परीक्षण हो सके। पुलिस के अनुसार, बैठक के दौरान आईटीबीपी अधिकारी बड़ी संख्या में बल (फ़ोर्स) के साथ पहुँचे थे, जिससे पुलिस कार्यालय के बाहर भारी बल की मौजूदगी से मीडिया में गलत संदेश गया। इस पर कमांडेंट को तत्काल अतिरिक्त बल वापस भेजने का निर्देश दिया गया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि पूरे प्रकरण की जानकारी आईटीबीपी मुख्यालय और महानिदेशक को पत्र भेजकर दे दी गई है, साथ ही संबंधित स्तर पर विभागीय और अनुशासनात्मक जाँच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के खरखौदा क्षेत्र में स्थित ग्राम गोविंदपुरी के पास एक विचित्र और दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है। एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति जो अपने साथ एक बकरा ले जा रहा था, वह सड़क पर एक साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे उतर गया। उसकी बुरी किस्मत देखिए कि वहाँ झाड़ियों में छिपा एक कुआँ था, जिसमें वह बकरा सहित जा गिरा। इस हादसे के बाद, मोटरसाइकिल सवार घायल अवस्था में कुएं के भीतर ही बैठा रहा, जबकि बकरा उसी कुएं में खड़े होकर पागुर कर रहा था। मोटरसाइकिल सड़क किनारे कुएं के बाहर पड़ी रह गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए हाथ बढ़ाया और मोटरसाइकिल सवार तथा बकरे दोनों को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाला। घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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    उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के खरखौदा क्षेत्र में स्थित ग्राम गोविंदपुरी के पास एक विचित्र और दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है। एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति जो अपने साथ एक बकरा ले जा रहा था, वह सड़क पर एक साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे उतर गया। उसकी बुरी किस्मत देखिए कि वहाँ झाड़ियों में छिपा एक कुआँ था, जिसमें वह बकरा सहित जा गिरा।

इस हादसे के बाद, मोटरसाइकिल सवार घायल अवस्था में कुएं के भीतर ही बैठा रहा, जबकि बकरा उसी कुएं में खड़े होकर पागुर कर रहा था। मोटरसाइकिल सड़क किनारे कुएं के बाहर पड़ी रह गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए हाथ बढ़ाया और मोटरसाइकिल सवार तथा बकरे दोनों को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाला। घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    user_Vipin patrkaar G.t.m
    Vipin patrkaar G.t.m
    पत्रकार Kanpur Nagar, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • पुलिस ने पिता-पुत्र की हत्या से जुड़े प्रकरण में त्वरित कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस द्वारा दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
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    पुलिस ने पिता-पुत्र की हत्या से जुड़े प्रकरण में त्वरित कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस द्वारा दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
    user_KANPUR SAMACHAR DIGITAL NEWS
    KANPUR SAMACHAR DIGITAL NEWS
    Local News Reporter कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • कानपुर में हुई एक रोड रेज की घटना में घायल एक युवक ने अपनी आपबीती सुनाई है। युवक ने विस्तार से बताया है कि कैसे इस घटना में उसके पिता और भाई की हत्या कर दी गई।
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    कानपुर में हुई एक रोड रेज की घटना में घायल एक युवक ने अपनी आपबीती सुनाई है। युवक ने विस्तार से बताया है कि कैसे इस घटना में उसके पिता और भाई की हत्या कर दी गई।
    user_Anoop Nishad Kanpur
    Anoop Nishad Kanpur
    कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले में स्थित गंगाघाट पुलिस थाने पर IGRS प्रणाली में बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, थाने में पीड़ित व्यक्तियों से बिना मुलाकात किए ही उनकी आख्या रिपोर्ट दाखिल कर दी जाती है, जिससे इस महत्वपूर्ण व्यवस्था की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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    उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले में स्थित गंगाघाट पुलिस थाने पर IGRS प्रणाली में बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, थाने में पीड़ित व्यक्तियों से बिना मुलाकात किए ही उनकी आख्या रिपोर्ट दाखिल कर दी जाती है, जिससे इस महत्वपूर्ण व्यवस्था की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
    user_Kartikey Bajpai
    Kartikey Bajpai
    Local News Reporter कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • हमीरपुर के सुमेरपुर ग्रामीण क्षेत्र में पराली जलाने का सिलसिला थमने के बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण रविवार को एक और निजी नलकूप आग की चपेट में आकर पूरी तरह खाक हो गया। यह घटना जलाला के ग्राम प्रधान गौरव सिंह के नलकूप के साथ हुई, जहाँ आग से सैकड़ों बीघा पराली भी जल गई। जानकारी मिलने तक सब कुछ नष्ट हो चुका था। किसानों द्वारा रात-दिन खेतों में खड़ी गेहूं की पराली जलाई जा रही है और अभी तक हजारों बीघे की पराली जलकर नष्ट हो चुकी है। पराली की इस आग से खेतों की मेड़ों पर खड़े पौधे भी जलकर खाक हो रहे हैं, जिससे किसानों को अन्य नुकसानों का भी सामना करना पड़ रहा है। इस घटना से तीन दिन पहले ही दरियापुर के किसान राजकुमार यादव का नलकूप भी इसी तरह पराली की आग से जल गया था। इन घटनाओं के बावजूद, पराली जलाने का यह क्रम थम नहीं रहा है, जबकि इसके धुएं से पर्यावरण को भी लगातार नुकसान पहुंच रहा है।
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    हमीरपुर के सुमेरपुर ग्रामीण क्षेत्र में पराली जलाने का सिलसिला थमने के बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण रविवार को एक और निजी नलकूप आग की चपेट में आकर पूरी तरह खाक हो गया। यह घटना जलाला के ग्राम प्रधान गौरव सिंह के नलकूप के साथ हुई, जहाँ आग से सैकड़ों बीघा पराली भी जल गई। जानकारी मिलने तक सब कुछ नष्ट हो चुका था।

किसानों द्वारा रात-दिन खेतों में खड़ी गेहूं की पराली जलाई जा रही है और अभी तक हजारों बीघे की पराली जलकर नष्ट हो चुकी है। पराली की इस आग से खेतों की मेड़ों पर खड़े पौधे भी जलकर खाक हो रहे हैं, जिससे किसानों को अन्य नुकसानों का भी सामना करना पड़ रहा है। इस घटना से तीन दिन पहले ही दरियापुर के किसान राजकुमार यादव का नलकूप भी इसी तरह पराली की आग से जल गया था।

इन घटनाओं के बावजूद, पराली जलाने का यह क्रम थम नहीं रहा है, जबकि इसके धुएं से पर्यावरण को भी लगातार नुकसान पहुंच रहा है।
    user_संतोष कुमार चक्रवर्ती
    संतोष कुमार चक्रवर्ती
    Journalist हमीरपुर, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • राजस्थान के जैसलमेर में एक कचरा डंपिंग साइट पर रविवार को पाँच सौ से भी ज़्यादा गायों के सड़े हुए शवों के वीडियो सामने आने के बाद आमजन में भारी नाराजगी फैल गई। यह आक्रोश इसलिए है क्योंकि नगरपरिषद के मृत पशुओं के लिए अधिकृत हड्डी ठेकेदार ने इन मरी हुई गायों के शवों का उचित निस्तारण नहीं किया था। इस गंभीर मामले पर जैसलमेर की जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने तुरंत फैक्चुअल रिपोर्ट मांगी है, वहीं नगरपरिषद कमिश्नर लजपाल सिंह सोढा ने भी संज्ञान लेते हुए यार्ड के मृत पशुओं के ठेकेदार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। फिलहाल, नगरपरिषद ने मृत पशुओं को डंपिंग यार्ड से हटाकर उनका निस्तारण कर दिया है।
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    राजस्थान के जैसलमेर में एक कचरा डंपिंग साइट पर रविवार को पाँच सौ से भी ज़्यादा गायों के सड़े हुए शवों के वीडियो सामने आने के बाद आमजन में भारी नाराजगी फैल गई। यह आक्रोश इसलिए है क्योंकि नगरपरिषद के मृत पशुओं के लिए अधिकृत हड्डी ठेकेदार ने इन मरी हुई गायों के शवों का उचित निस्तारण नहीं किया था। इस गंभीर मामले पर जैसलमेर की जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने तुरंत फैक्चुअल रिपोर्ट मांगी है, वहीं नगरपरिषद कमिश्नर लजपाल सिंह सोढा ने भी संज्ञान लेते हुए यार्ड के मृत पशुओं के ठेकेदार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। फिलहाल, नगरपरिषद ने मृत पशुओं को डंपिंग यार्ड से हटाकर उनका निस्तारण कर दिया है।
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बिहार के पटना जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित पचमहला थाना क्षेत्र के नौरंगा जलालपुर गांव की है, जहाँ पुलिस कुख्यात गैंगस्टर सोनू-मोनू के घर एक फायरिंग की घटना के बाद छापेमारी करने पहुंची थी। पुलिस टीम के घर में घुसने से पहले ही गैंगस्टर के समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और एक फिल्मी अंदाज में उनकी तलाशी लेनी शुरू कर दी। वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि समर्थक प्रत्येक पुलिसकर्मी की जेब और कमर की तलाशी ले रहे थे, जबकि पुलिस टीम मूकदर्शक बनी रही। तलाशी पूरी होने के बाद ही पुलिस को घर के अंदर जाने दिया गया, लेकिन तब तक मुख्य आरोपी सोनू-मोनू मौके से फरार हो चुके थे। इस घटना ने बिहार की एक पुरानी फिल्म की याद दिला दी है, जहाँ अपराधी पुलिस की तलाशी लेते दिखाए गए थे, लेकिन यह वाकया असल जिंदगी का है। इस वीडियो के सामने आने के बाद बिहार पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही है और सवाल उठ रहे हैं कि जब छापेमारी करने गई पुलिस की ही तलाशी ली जाएगी, तो अपराधियों में कानून का खौफ कैसे रहेगा। फिलहाल, पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो की जांच और मामले में उचित कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। हालांकि, यह भी बताया गया है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
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    बिहार के पटना जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित पचमहला थाना क्षेत्र के नौरंगा जलालपुर गांव की है, जहाँ पुलिस कुख्यात गैंगस्टर सोनू-मोनू के घर एक फायरिंग की घटना के बाद छापेमारी करने पहुंची थी।

पुलिस टीम के घर में घुसने से पहले ही गैंगस्टर के समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और एक फिल्मी अंदाज में उनकी तलाशी लेनी शुरू कर दी। वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि समर्थक प्रत्येक पुलिसकर्मी की जेब और कमर की तलाशी ले रहे थे, जबकि पुलिस टीम मूकदर्शक बनी रही। तलाशी पूरी होने के बाद ही पुलिस को घर के अंदर जाने दिया गया, लेकिन तब तक मुख्य आरोपी सोनू-मोनू मौके से फरार हो चुके थे। इस घटना ने बिहार की एक पुरानी फिल्म की याद दिला दी है, जहाँ अपराधी पुलिस की तलाशी लेते दिखाए गए थे, लेकिन यह वाकया असल जिंदगी का है।

इस वीडियो के सामने आने के बाद बिहार पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही है और सवाल उठ रहे हैं कि जब छापेमारी करने गई पुलिस की ही तलाशी ली जाएगी, तो अपराधियों में कानून का खौफ कैसे रहेगा। फिलहाल, पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो की जांच और मामले में उचित कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। हालांकि, यह भी बताया गया है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
    user_Vipin patrkaar G.t.m
    Vipin patrkaar G.t.m
    पत्रकार Kanpur Nagar, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
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