Shuru
Apke Nagar Ki App…
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के खरखौदा क्षेत्र में स्थित ग्राम गोविंदपुरी के पास एक विचित्र और दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है। एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति जो अपने साथ एक बकरा ले जा रहा था, वह सड़क पर एक साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे उतर गया। उसकी बुरी किस्मत देखिए कि वहाँ झाड़ियों में छिपा एक कुआँ था, जिसमें वह बकरा सहित जा गिरा। इस हादसे के बाद, मोटरसाइकिल सवार घायल अवस्था में कुएं के भीतर ही बैठा रहा, जबकि बकरा उसी कुएं में खड़े होकर पागुर कर रहा था। मोटरसाइकिल सड़क किनारे कुएं के बाहर पड़ी रह गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए हाथ बढ़ाया और मोटरसाइकिल सवार तथा बकरे दोनों को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाला। घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Vipin patrkaar G.t.m
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के खरखौदा क्षेत्र में स्थित ग्राम गोविंदपुरी के पास एक विचित्र और दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है। एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति जो अपने साथ एक बकरा ले जा रहा था, वह सड़क पर एक साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे उतर गया। उसकी बुरी किस्मत देखिए कि वहाँ झाड़ियों में छिपा एक कुआँ था, जिसमें वह बकरा सहित जा गिरा। इस हादसे के बाद, मोटरसाइकिल सवार घायल अवस्था में कुएं के भीतर ही बैठा रहा, जबकि बकरा उसी कुएं में खड़े होकर पागुर कर रहा था। मोटरसाइकिल सड़क किनारे कुएं के बाहर पड़ी रह गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए हाथ बढ़ाया और मोटरसाइकिल सवार तथा बकरे दोनों को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाला। घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के खरखौदा क्षेत्र में स्थित ग्राम गोविंदपुरी के पास एक विचित्र और दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है। एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति जो अपने साथ एक बकरा ले जा रहा था, वह सड़क पर एक साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे उतर गया। उसकी बुरी किस्मत देखिए कि वहाँ झाड़ियों में छिपा एक कुआँ था, जिसमें वह बकरा सहित जा गिरा। इस हादसे के बाद, मोटरसाइकिल सवार घायल अवस्था में कुएं के भीतर ही बैठा रहा, जबकि बकरा उसी कुएं में खड़े होकर पागुर कर रहा था। मोटरसाइकिल सड़क किनारे कुएं के बाहर पड़ी रह गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए हाथ बढ़ाया और मोटरसाइकिल सवार तथा बकरे दोनों को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाला। घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1
- कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े एक मामले में दो और ओटी टेक्नीशियन को गिरफ्तार किया गया है।1
- सीएमओ की पहली जांच रिपोर्ट में कृष्णा हॉस्पिटल और पारस हॉस्पिटल को क्लीन चिट मिली थी, लेकिन अब दूसरी जांच रिपोर्ट में इन्हीं दोनों अस्पतालों को दोषी पाया गया है। इस विरोधाभास के बाद यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि आखिर पहली रिपोर्ट में क्लीन चिट पाने के बावजूद ये अस्पताल दूसरी जांच में दोषी कैसे पाए गए। इसी के साथ, यह भी प्रश्न खड़ा हो गया है कि क्या पहली रिपोर्ट में इन अस्पतालों को क्लीन चिट देने वाले सीएमओ हरिदत्त नेमी पर कोई कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर में आईटीबीपी जवान का हाथ काटे जाने के चर्चित मामले की जाँच ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा गठित मेडिकल टीम की संशोधित जाँच रिपोर्ट में पारस अस्पताल और कृष्णा अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दोनों अस्पतालों द्वारा उपचार में अत्यधिक विलंब किया गया, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित का हाथ काटना पड़ा। इस संबंध में, कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने जानकारी दी कि पहले प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट निर्णायक नहीं थी और उसमें दोष का निर्धारण स्पष्ट रूप से नहीं किया गया था। इसके बाद, पुलिस ने मेडिकल टीम से बिंदुवार स्पष्टीकरण और जिम्मेदारी तय करते हुए एक संशोधित रिपोर्ट का अनुरोध किया था। संशोधित रिपोर्ट मिलने के बाद, पुलिस ने दोनों अस्पतालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, क्योंकि इलाज में हुई देरी को गंभीर चिकित्सीय लापरवाही माना गया है। पुलिस आयुक्त ने आईटीबीपी और पुलिस के बीच किसी भी प्रकार के विवाद या टकराव की खबरों को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जाँच के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा के लिए आईटीबीपी के कमांडेंट और मेडिकल ऑफिसर को पुलिस कार्यालय में स्वयं आमंत्रित किया गया था, ताकि सीएमओ स्तर पर विस्तृत परीक्षण हो सके। पुलिस के अनुसार, बैठक के दौरान आईटीबीपी अधिकारी बड़ी संख्या में बल (फ़ोर्स) के साथ पहुँचे थे, जिससे पुलिस कार्यालय के बाहर भारी बल की मौजूदगी से मीडिया में गलत संदेश गया। इस पर कमांडेंट को तत्काल अतिरिक्त बल वापस भेजने का निर्देश दिया गया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि पूरे प्रकरण की जानकारी आईटीबीपी मुख्यालय और महानिदेशक को पत्र भेजकर दे दी गई है, साथ ही संबंधित स्तर पर विभागीय और अनुशासनात्मक जाँच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।1
- पुलिस ने पिता-पुत्र की हत्या से जुड़े प्रकरण में त्वरित कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस द्वारा दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।1
- कानपुर में हुई एक रोड रेज की घटना में घायल एक युवक ने अपनी आपबीती सुनाई है। युवक ने विस्तार से बताया है कि कैसे इस घटना में उसके पिता और भाई की हत्या कर दी गई।1
- उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले में स्थित गंगाघाट पुलिस थाने पर IGRS प्रणाली में बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, थाने में पीड़ित व्यक्तियों से बिना मुलाकात किए ही उनकी आख्या रिपोर्ट दाखिल कर दी जाती है, जिससे इस महत्वपूर्ण व्यवस्था की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- बिहार के पटना जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित पचमहला थाना क्षेत्र के नौरंगा जलालपुर गांव की है, जहाँ पुलिस कुख्यात गैंगस्टर सोनू-मोनू के घर एक फायरिंग की घटना के बाद छापेमारी करने पहुंची थी। पुलिस टीम के घर में घुसने से पहले ही गैंगस्टर के समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और एक फिल्मी अंदाज में उनकी तलाशी लेनी शुरू कर दी। वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि समर्थक प्रत्येक पुलिसकर्मी की जेब और कमर की तलाशी ले रहे थे, जबकि पुलिस टीम मूकदर्शक बनी रही। तलाशी पूरी होने के बाद ही पुलिस को घर के अंदर जाने दिया गया, लेकिन तब तक मुख्य आरोपी सोनू-मोनू मौके से फरार हो चुके थे। इस घटना ने बिहार की एक पुरानी फिल्म की याद दिला दी है, जहाँ अपराधी पुलिस की तलाशी लेते दिखाए गए थे, लेकिन यह वाकया असल जिंदगी का है। इस वीडियो के सामने आने के बाद बिहार पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही है और सवाल उठ रहे हैं कि जब छापेमारी करने गई पुलिस की ही तलाशी ली जाएगी, तो अपराधियों में कानून का खौफ कैसे रहेगा। फिलहाल, पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो की जांच और मामले में उचित कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। हालांकि, यह भी बताया गया है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।1