गुडरु घाट में गाय को काटने से ग्रामीणों में आक्रोश, पुलिस ने घटनास्थल से बरामद किया गाय का सिर वारासिवनी। । तिरोड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम गुडरुघाट से एक बेहद संवेदनशील और आक्रोश भरी खबर सामने आ रही है। जहां एक जीवित गाय को काटे जाने की घटना के बाद पूरे गांव में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों की मांग है कि इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने मौके से गाय का कटा हुआ सिर भी बरामद किया है, जिसे जांच के लिए जप्त कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और ग्रामीणों को शांत कराने की लगातार कोशिश कर रही है। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन पुलिस प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
गुडरु घाट में गाय को काटने से ग्रामीणों में आक्रोश, पुलिस ने घटनास्थल से बरामद किया गाय का सिर वारासिवनी। । तिरोड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम गुडरुघाट से एक बेहद संवेदनशील और आक्रोश भरी खबर सामने आ रही है। जहां एक जीवित गाय को काटे जाने की घटना के बाद पूरे गांव में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों की मांग है कि इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने मौके से गाय का कटा हुआ सिर भी बरामद किया है, जिसे जांच के लिए जप्त कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और ग्रामीणों को शांत कराने की लगातार कोशिश कर रही है। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन पुलिस प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
- अनुभा मुंजारे ने निर्माणाधीन जिला निशक्तजन पुनर्वास केंद्र का किया औचक निरीक्षण बालाघाट। शहर के जय स्तंभ चौक स्थित निर्माणाधीन जिला निशक्तजन पुनर्वास केंद्र बालाघाट की नवीन भवन निर्माणाधीन बिल्डिंग का औचक निरीक्षण किया गया। लगभग 4 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इस भवन के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता एवं उपयोग की जा रही निर्माण सामग्री का बारीकी से जायजा लिया गया। साथ ही मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों से भवन निर्माण की वर्तमान स्थिति एवं अब तक किए गए कार्यों की जानकारी ली गई। बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे के निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण कार्य में निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं होने तथा निर्माण कार्य की गति को लेकर नाराजगी व्यक्त की गई। निरीक्षण में निर्माण सामग्री एवं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीरता से जानकारी ली गई। संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य में उपयोग किए जा रहे मटेरियल की गुणवत्ता, निर्माण की तकनीकी स्थिति तथा शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। मुंजारे ने निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि शासन द्वारा जनहित में करोड़ों रुपये की राशि स्वीकृत कर महत्वपूर्ण भवनों का निर्माण कराया जाता है। ऐसे में निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा गुणवत्ताविहीन सामग्री का उपयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों एवं ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती नहीं जाए। आगे विधायक ने कहा कि शासन की राशि जनता की राशि है और उसका एक-एक रुपया जनहित में सही तरीके से खर्च होना चाहिए। किसी भी स्तर पर शासकीय धन की बर्बादी या निर्माण कार्य में अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्माण कार्य की नियमित रूप से निगरानी की जाए और कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। साथ ही ठेकेदार को भी निर्धारित मापदंडों के अनुरूप निर्माण कार्य को गति देने तथा तय समय-सीमा में भवन का निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। जिला निशक्तजन पुनर्वास केंद्र का यह भवन जिले के दिव्यांगजनों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को पुनर्वास, मार्गदर्शन एवं आवश्यक सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ऐसे में भवन का मजबूत, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय पर तैयार होना बेहद आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान यह भी कहा गया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भवन लंबे समय तक उपयोग में रहेगा,इसलिए वर्तमान में किसी भी स्तर पर की गई लापरवाही भविष्य में बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। औचक निरीक्षण के दौरान दिए गए सख्त निर्देशों के बाद अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं प्रगति पर लगातार निगरानी रखने की बात अधिकारी द्वारा कही गई है।4
- कलेक्टर कुमार सत्यम के नेतृत्व में निकली तिरंगा यात्रा, बारिश में भी नहीं थमा देशभक्ति का जोश हर घर तिरंगा’ अभियान शुरू, भारत माता के जयकारों से गूंजा शहर1
- कटंगी में धूमधाम से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस क्षेत्र भर के आदिवासी समुदाय ने निकाली भव्य रैली,1
- *विश्व आदिवासी दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया* आज 9 अगस्त को पूरे जिले स्तर ब्लॉक स्तर पर विश्व आदिवासी दिवस हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया।2
- कुरई में बिजली संकट से हाहाकार: 32 गांवों में सिंगल फेस सप्लाई, कम वोल्टेज और जले ट्रांसफार्मरों से ग्रामीण परेशान *कुरई में बिजली संकट से हाहाकार: 32 गांवों में सिंगल फेस सप्लाई, कम वोल्टेज और जले ट्रांसफार्मरों से ग्रामीण परेशान* _पिपरवानी-पाटन फीडर की विद्युत व्यवस्था सुधारने की मांग, आमाझिरी में पर्याप्त क्षमता की लाइन व ट्रांसफार्मर लगाने की मांग_ कुरई, सिवनी - कुरई क्षेत्र के पिपरवानी एवं पाटन फीडर अंतर्गत आने वाले करीब 32 गांवों में पिछले 4-5 दिनों से विद्युत व्यवस्था चरमराई हुई है। अधिकांश गांवों में शाम 5 बजे से सुबह 7 बजे तक सिंगल फेस बिजली आपूर्ति किए जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कम वोल्टेज और अनियमित विद्युत आपूर्ति के चलते कई स्थानों पर बल्ब-पंखे तक ठीक से नहीं चल पा रहे हैं, वहीं विद्युत भार बढ़ने से कई ट्रांसफार्मर जलने की भी शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई गांवों में ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। बिजली संकट का सबसे अधिक असर किसानों, विद्यार्थियों, छोटे व्यापारियों, श्रमिकों, मरीजों और घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। *आमाझिरी में भी कम वोल्टेज की गंभीर समस्या* ग्राम पंचायत पचधार के ग्राम आमाझिरी में भी सिंगल फेस विद्युत लाइन के कारण लंबे समय से कम वोल्टेज और अनियमित विद्युत आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। किसानों के कृषि पंप पर्याप्त क्षमता से संचालित नहीं हो पा रहे हैं, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों के घरेलू विद्युत उपकरण भी कम वोल्टेज के कारण ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से आमाझिरी की विद्युत व्यवस्था का स्थल निरीक्षण एवं तकनीकी परीक्षण कराकर आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त क्षमता की विद्युत लाइन, ट्रांसफार्मर एवं अन्य आवश्यक विद्युत अधोसंरचना उपलब्ध कराने की मांग की है। *पिंडरई का पावर हाउस जल्द शुरू करने की मांग* क्षेत्रवासियों ने विद्युत संकट के स्थायी समाधान के लिए ग्राम पिंडरई में निर्माणाधीन पावर हाउस का कार्य शीघ्र पूरा कर उसे प्रारंभ करने की मांग भी उठाई है। इसके साथ ही वन विभाग से आवश्यक समन्वय स्थापित कर लंबित विद्युत लाइन विस्तार के कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने कहा कि विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केवल अस्थायी सुधार पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि क्षेत्र की विद्युत अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए दीर्घकालिक योजना के तहत तकनीकी सुधार, अतिरिक्त क्षमता के ट्रांसफार्मर और आवश्यक लाइन विस्तार किया जाना जरूरी है। *ज्ञापन में रखी गईं कई मांगें* क्षेत्रवासियों द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), कुरई के माध्यम से विद्युत विभाग के अधिकारियों के समक्ष समस्या के तत्काल निराकरण की मांग रखी गई है। ज्ञापन में सभी प्रभावित गांवों में नियमित एवं निर्बाध थ्री-फेज विद्युत आपूर्ति बहाल करने, जले ट्रांसफार्मरों को प्राथमिकता से बदलने, खराब विद्युत उपकरणों की तत्काल मरम्मत कराने तथा सिंगल फेस सप्लाई एवं अघोषित कटौती की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की गई है। इसके अलावा विद्युत विभाग में कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए आवश्यक पदस्थापना, आम जनता की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने और उसका मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को समस्या के कारण और संभावित समाधान की समय सीमा की जानकारी दी जाए। ज्ञापन में विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आम नागरिकों के साथ शिष्ट, सम्मानजनक एवं सहयोगात्मक व्यवहार करने के निर्देश देने तथा क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं अधोसंरचनात्मक कार्य प्राथमिकता से कराने की मांग भी की गई है। *समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी* ग्रामीणों ने विद्युत संकट को गंभीर जनसमस्या बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निराकरण नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं विद्युत विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्थल निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य शुरू कराए जाएं, ताकि किसानों और आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।1
- Seoni News: धूमा में विश्व आदिवासी दिवस पर निकली भव्य रैली, पारंपरिक वेशभूषा और आकर्षक झांकियों ने मोहा मन1
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