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कुशीनगर जिले के विशुनपुरा थाना क्षेत्र के दुदही स्थित बड़ी गंडक नहर में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 18 वर्षीय युवती ने नहर में छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों की सतर्कता और त्वरित प्रयासों के चलते युवती को सुरक्षित नहर से बाहर निकाल लिया गया, जिसके बाद उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुदही पहुँचाया गया। युवती की पहचान बैकुंठपुर कोठी निवासी 18 वर्षीय काजल कुमारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उसने घर में अपनी छोटी बहन के साथ हुए विवाद के बाद आवेश में आकर यह आत्मघाती कदम उठाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद भी जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो उसे आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। समय रहते स्थानीय लोगों की सूझबूझ और मदद से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
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कुशीनगर जिले के विशुनपुरा थाना क्षेत्र के दुदही स्थित बड़ी गंडक नहर में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 18 वर्षीय युवती ने नहर में छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों की सतर्कता और त्वरित प्रयासों के चलते युवती को सुरक्षित नहर से बाहर निकाल लिया गया, जिसके बाद उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुदही पहुँचाया गया। युवती की पहचान बैकुंठपुर कोठी निवासी 18 वर्षीय काजल कुमारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उसने घर में अपनी छोटी बहन के साथ हुए विवाद के बाद आवेश में आकर यह आत्मघाती कदम उठाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद भी जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो उसे आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। समय रहते स्थानीय लोगों की सूझबूझ और मदद से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
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- कुशीनगर जिले के विशुनपुरा थाना क्षेत्र के दुदही स्थित बड़ी गंडक नहर में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 18 वर्षीय युवती ने नहर में छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों की सतर्कता और त्वरित प्रयासों के चलते युवती को सुरक्षित नहर से बाहर निकाल लिया गया, जिसके बाद उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुदही पहुँचाया गया। युवती की पहचान बैकुंठपुर कोठी निवासी 18 वर्षीय काजल कुमारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उसने घर में अपनी छोटी बहन के साथ हुए विवाद के बाद आवेश में आकर यह आत्मघाती कदम उठाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद भी जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो उसे आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। समय रहते स्थानीय लोगों की सूझबूझ और मदद से एक बड़ी अनहोनी टल गई।1
- मिर्जापुर के विंध्याचल थाना क्षेत्र में कंतित के पास एक मामूली विवाद को लेकर कुछ दबंग युवकों द्वारा एक बाइक सवार युवक की बीच सड़क पर बेरहमी से पिटाई करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना 17 जून की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दबंग युवकों ने बाइक सवार को रोककर उसके साथ मारपीट की। इस दौरान घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई थी, लेकिन युवक की पिटाई जारी रही। आरोप है कि घटना की जानकारी समय पर पुलिस तक नहीं पहुंची और पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती है, पर इस मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।1
- नौरंगिया ग्रामसभा से एक मामला सामने आया है, जहाँ मनरेगा मजदूर घास काटने के लिए तलवार का इस्तेमाल कर रहे हैं।1
- कुशीनगर के पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बाँसी में संचालित 'योगी क्लिनिक' में बिहार की एक एएनएम द्वारा कथित तौर पर अवैध तरीके से इलाज के दौरान जच्चा-बच्चा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह एएनएम मधुबनी के पीएचसी पर कार्यरत हैं और यूपी में आकर अवैध रूप से इस क्लिनिक में डॉक्टर के रूप में बैठकर इलाज करती थीं। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और उन्होंने अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। मृतका की पहचान रजनी देवी, पत्नी विकाश यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पश्चिमी चंपारण (बिहार) के ग्राम खोताहवा की निवासी थीं। मिली जानकारी के अनुसार, रजनी देवी को प्रसव पीड़ा होने पर बिहार की एक आशा कार्यकर्ता द्वारा इलाज के लिए इसी 'योगी क्लिनिक' में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की मृत्यु हो गई। महिला की मृत्यु की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और चिकित्सक व स्टाफ की कथित लापरवाही से नाराज़ होकर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के बाद एडिशनल सीएमओ रामदास कुशवाहा और कुबेरनाथ चिकित्सा प्रभारी धीरज सिंह मौके पर पहुंचे, जिन्होंने 'योगी क्लिनिक' पर नोटिस चस्पा करते हुए उसे सील कर दिया। इस दौरान विशुनपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के धुरुव शर्मा और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौजूद रही।4
- भोजपुर में हुए एक एनकाउंटर ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर पुलिस का दावा है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई थी, जबकि मृतक भरत तिवारी का परिवार इसे एक सुनियोजित हत्या करार दे रहा है। दोनों पक्षों के इन परस्पर विरोधी दावों के कारण मामले की सच्चाई को लेकर बहस तेज़ हो गई है। भरत तिवारी की मौत के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इस बीच, एनकाउंटर से ठीक पहले का भरत तिवारी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।1
- जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने तहसील कप्तानगंज में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता की, जहाँ उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए, साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण शासन की मंशा के अनुरूप संतोषजनक ढंग से हो। उन्होंने राजस्व और भूमि संबंधी मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरतने पर जोर दिया। सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 83 शिकायतें और प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 14 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष 69 प्रकरणों को आवश्यक कार्यवाही के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया। प्राप्त शिकायतों में सर्वाधिक 64 प्रार्थना पत्र राजस्व विभाग से संबंधित थे, जिनमें से 14 का निस्तारण हुआ और 50 लंबित रहे। पुलिस विभाग से 04 शिकायतें और विकास विभाग से 01 शिकायत प्राप्त हुई। इसके अतिरिक्त अन्य विभागों से 14 प्रार्थना पत्र मिले। संयुक्त राजस्व एवं पुलिस, समाज कल्याण, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर निर्धारित समयावधि में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और शिकायतकर्ता की संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने भी जनसुनवाई में प्राप्त पुलिस संबंधी शिकायतों का निष्पक्ष एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से जांच कर शिकायतकर्ताओं को समयबद्ध न्याय दिलाया जाए तथा भूमि एवं पारिवारिक विवादों जैसे संवेदनशील मामलों में राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही की जाए। इस सम्पूर्ण समाधान दिवस में मुख्य चिकित्साधिकारी, उप जिलाधिकारी कप्तानगंज, परियोजना निदेशक, डीसी मनरेगा, जिला पंचायतराज अधिकारी, सहित अन्य सभी जनपद स्तरीय अधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं पुलिस विभाग के साथ तहसील के अधिकारी/कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।3
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