मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मियों और एक आम नागरिक के बीच हाथापाई और मारपीट होती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि यह घटना घरेलू विवाद की सूचना पर मौके पर पहुंची 112 डायल पुलिस के साथ हुई। इसी दौरान पुलिसकर्मियों और संबंधित व्यक्ति के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि अभद्रता के बाद पुलिस द्वारा व्यक्ति के साथ मारपीट की गई, जिससे गुस्साए व्यक्ति ने भी अपना आपा खो दिया और विवाद हाथापाई में बदल गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के व्यवहार और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब कुछ ही दिनों बाद राष्ट्रपति के बैतूल आगमन का कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिससे पुलिस और जनता के बीच यह टकराव प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। वीडियो की सत्यता एवं घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच और प्रशासनिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मियों और एक आम नागरिक के बीच हाथापाई और मारपीट होती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि यह घटना घरेलू विवाद की सूचना पर मौके पर पहुंची 112 डायल पुलिस के साथ हुई। इसी दौरान पुलिसकर्मियों और संबंधित व्यक्ति के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि अभद्रता के बाद पुलिस द्वारा व्यक्ति के साथ मारपीट की गई, जिससे गुस्साए व्यक्ति ने भी अपना आपा खो दिया और विवाद हाथापाई में बदल गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के व्यवहार और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब कुछ ही दिनों बाद राष्ट्रपति के बैतूल आगमन का कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिससे पुलिस और जनता के बीच यह टकराव प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। वीडियो की सत्यता एवं घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच और प्रशासनिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
- दमोह नगर में माँ भारती के वीर सपूत, मेवाड़ के गौरव और शौर्य के प्रतीक महाराणा प्रताप जी की जयंती के अवसर पर टीम जीवन सिंह शेरपुर करणी सेना परिवार द्वारा एक भव्य वाहन रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में बड़ी संख्या में युवाओं और समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने महाराणा प्रताप के आदर्शों को नमन किया। देशभक्ति और वीरता के नारों के बीच आयोजित इस रैली के माध्यम से, समाज के लोगों ने महाराणा प्रताप के त्याग, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति को विशेष रूप से स्मरण किया।1
- दमोह में भगवती मानव कल्याण संगठन और भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने महाराणा प्रताप जी की जयंती के अवसर पर उन्हें माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यकर्ताओं ने महाराणा प्रताप जी को वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक बताते हुए उनके त्याग, संघर्ष और राष्ट्र समर्पण को सभी के लिए प्रेरणास्रोत कहा। इस अवसर पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी को शत्-शत् नमन किया गया।1
- दमोह जिले से एक नागरिक ने विधायक माननीय श्री लखन पटेल जी से अपने घर के रास्ते की खराब स्थिति को लेकर निवेदन किया है। नागरिक ने विधायक से आग्रह किया है कि कृपया उनके घर का रास्ता बनवा दें, क्योंकि इसकी हालत बहुत खराब है। इसके साथ ही, उन्होंने विधायक से कुछ आर्थिक सहायता भी प्रदान करने की विनती की है, ताकि वे अपना रास्ता खुद बनवा सकें। नागरिक ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्हें इस खराब रास्ते के कारण बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।1
- जून माह में अश्वगंधा की फसल लगाने की तैयारी की जा रही है। इस फसल से प्रति एकड़ लाखों रुपए की आय प्राप्त होने की उम्मीद है।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मियों और एक आम नागरिक के बीच हाथापाई और मारपीट होती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि यह घटना घरेलू विवाद की सूचना पर मौके पर पहुंची 112 डायल पुलिस के साथ हुई। इसी दौरान पुलिसकर्मियों और संबंधित व्यक्ति के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि अभद्रता के बाद पुलिस द्वारा व्यक्ति के साथ मारपीट की गई, जिससे गुस्साए व्यक्ति ने भी अपना आपा खो दिया और विवाद हाथापाई में बदल गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के व्यवहार और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब कुछ ही दिनों बाद राष्ट्रपति के बैतूल आगमन का कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिससे पुलिस और जनता के बीच यह टकराव प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। वीडियो की सत्यता एवं घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच और प्रशासनिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1