Shuru
Apke Nagar Ki App…
अनंत सिंह के महफिल में जम कर हथियार का किया गया प्रदर्शन सचिन भाई जी का तीखा स्टेटमेंट
सुनील कुमार मिश्रा लोजपा (रा)
अनंत सिंह के महफिल में जम कर हथियार का किया गया प्रदर्शन सचिन भाई जी का तीखा स्टेटमेंट
More news from Bihar and nearby areas
- ब्रेकिंग न्यूज : गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड स्थित सासामुसा चीनी मिल के पीछे 12 फीट से अधिक लंबा एक विशाल अजगर दर्जनों अंडो सहित मिला है। इस घटना से पूरे इलाके में हडकंप मच गया। अजगर की लंबाई और उसके साथ मिले दर्जनों अंडे स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए। चीनी मिल के पीछे झाड़़ियों और सुनसान इलाके में कुछ लोगों ने इस अजगर को देखा। खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड जमा हो गर्ड। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुचायकोट थाना पुलिस को सूचना दी गई।सूचना मिलते ही कुचायकोट पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित किया। पुलिस ने तत्काल वन विभाग और रेस्क्यू टीम से संपर्क किया। विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। टीम के अनुसार, अजगर काफी वजनी और स्वस्थ है। अजगर के साथ उसके पास से भारी संख्या में अंडे भी बरामद हए हैं। इतने अंडे मिलने के बाद क्षेत्र के लोगों में डर और जिज्ञासा दोनों बनी हुई है।स्थानीय लोगों को आशंका है कि आसपास और भी अजगर हो सकते हैं। माना जा रहा है कि चीनी मिल के पीछे का सुनसान और नमी वाला इलाका अजगरों के प्रजनन के लिए अनुकूल है...1
- अनंत सिंह के महफिल में जम कर हथियार का किया गया प्रदर्शन सचिन भाई जी का तीखा स्टेटमेंट1
- गोपालगंज के हथुआ नगर पंचायत क्षेत्र में शुरुआती बारिश ने ही विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी है। नगर के विभिन्न इलाकों में जलजमाव की समस्या सामने आने लगी है, जिससे आम लोगों का सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी हथुआ गांव के वार्ड नंबर 10 स्थित दलित बस्ती में देखने को मिल रही है, जहां हल्की बारिश के बाद ही जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बस्ती की सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।1
- Online vs Offline Classes: कौन सी पढ़ाई बेहतर है? 🧐 | 5 Big Reasons #reelsviralシ #viralreels #trendingpost #offline #education1
- Online vs Offline Classes: कौन सी पढ़ाई बेहतर है? 🧐 | 5 Big Reasons #reelsviralシ #viralreels #trendingpost #offline #education1
- शहर के हजियापुर रोड रोड पर स्थित रेड स्टार गिफ्ट शॉप आज कल बच्चों और अभिभावकों के बीच तेजी से लोकप्रिय होते जा रही है अगर आप अपने बच्चों के लिए कुछ खास कुछ नया और कुछ ऐसा ढूंढ रहे हैं जो उनके चेहरे पर सच्ची मुस्कान ला सके तो यह शॉप आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प बन सकती है इस दुकान की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां मिलने वाले रिमोट कंट्रोल बैटरी से चलने वाले कर और बाइक जो बच्चों के बीच खासे पसंद किया जा रहे हैं1
- 🔴 #Breaking : सिवान से इस वक्त की बड़ी खबर — पूर्व सांसद मोहम्मद शाहाबुद्दीन के पुत्र और रघुनाथपुर के विधायक ओसामा शाहाब के सिवान और प्रतापपुर स्थित आवास पर पुलिस की बड़ी छापेमारी जारी है, जमीन विवाद और फायरिंग मामलों को लेकर प्रशासन सख्त एक्शन में, मौके पर DIG और SP सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद, छापेमारी में अहम सबूत मिलने की बात सामने आई है और आगे बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।1
- बेतिया के रमना स्थित बापू सभागार में सद्भाव यात्रा के दूसरे दिन का दृश्य पूरी तरह राजनीतिक उत्साह और संगठनात्मक शक्ति के प्रदर्शन में बदल गया, जब जदयू नेता निशांत कुमार ने बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अपने पिता एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिछले दो दशकों के कार्यकाल की उपलब्धियों को विस्तार से सामने रखा। सभागार में मौजूद भीड़ लगातार बढ़ते जोश के साथ “जय निशांत” और “तय निशांत” के नारों से वातावरण को गूंजाती रही, जिससे पूरा कार्यक्रम एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन जैसा प्रतीत हुआ। अपने संबोधन की शुरुआत में निशांत कुमार ने जदयू की विचारधारा को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी पार्टी समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत प्राथमिकता संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है, और इसके लिए वह लगातार कार्यकर्ताओं के बीच जाकर संवाद स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन जितना मजबूत होगा, सरकार उतनी ही प्रभावी होगी, और मजबूत सरकार ही जनता की सुरक्षा, सम्मान और विकास की गारंटी दे सकती है। इसके बाद निशांत कुमार ने बिहार के विकास यात्रा का विस्तृत उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2005 के बाद से लेकर 2026 तक के दौर में राज्य ने कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने पिछड़ेपन की छवि से बाहर निकलकर विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि आज राज्य के अधिकांश हिस्सों में बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी 20 से 23 घंटे तक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जो पहले एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी। उन्होंने सड़क निर्माण को बिहार के विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि आज गांव-गांव को जोड़ने के लिए सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार हो चुका है, जिससे न केवल आवागमन आसान हुआ है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में हजारों नए स्कूल खोले गए हैं और शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर शिक्षकों की बहाली की गई है, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो रही है। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर बोलते हुए निशांत कुमार ने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कई नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की गई है और अस्पतालों की स्थिति में भी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे उन्हें बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हुए विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नए संस्थानों की स्थापना से राज्य के युवाओं को तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के बेहतर अवसर मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है और लाखों युवाओं को किसी न किसी रूप में रोजगार से जोड़ा गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। निशांत कुमार ने अपने संबोधन में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि नीतीश कुमार के 20 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता के बीच और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाना कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है, ताकि लोग यह समझ सकें कि बिहार किस तरह विकास के मार्ग पर आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि बिहार को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है। कार्यक्रम के दौरान बापू सभागार में मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ लगातार उत्साह में दिखाई दी। हर वक्त मंच से उठने वाले नारों और तालियों की गूंज ने माहौल को और अधिक ऊर्जा से भर दिया। पूरा परिसर एक राजनीतिक उत्सव के रूप में तब्दील हो गया, जहां समर्थकों का जोश और नेतृत्व के प्रति उनकी निष्ठा साफ तौर पर दिखाई दी।1