*बबराला से 101 पिट्ठू कांवरियों का जत्था 5 अगस्त को महाकाल-ओंकारेश्वर-ममलेश्वर जलाभिषेक को जाएगा, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन* *गुन्नौर, सम्भल*। बाबा महाकाल कावंरिया सेवा संघ बबराला-सम्भल के तत्वावधान में इस वर्ष सावन माह में आस्था का एक और बड़ा आयोजन होने जा रहा हैं। संघ द्वारा 5 अगस्त 2026 दिन बुधवार को *बबराला से 101 पिट्ठू कांवरियों का द्वितीय जत्था राजघाट से गंगा जल भरकर यात्रा प्रमुख नवनीत गाँधी समाज सेवक के नेतृत्व में बबराला स्टेशन से रेल द्वारा उज्जैन के लिए रवाना होगा।* संघ के पदाधिकारियों के अनुसार शिवभक्त इस यात्रा के दौरान बाबा महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर एवं ममलेश्वर में विधि-विधान से जलाभिषेक, दर्शन व परिक्रमा करेंगे। यात्रा की वापसी 9 अगस्त रविवार को रेल द्वारा खंडवा से वाया कृष्ण नगरी मथुरा होते हुए बबराला में होगी। यात्रा को सफल एवं सुरक्षित बनाने के लिए संघ पदाधिकारियों ने गुन्नौर एसडीएम अवधेश वर्मा से उनके कार्यालय में भेंट कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यात्रा के दौरान कांवरियों की सुरक्षित विदाई, मार्ग में सुरक्षा, सम्मान, आदि आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने की मांग की गई। यात्रा अध्यक्ष पंडित हरीश गौतम ने बताया कि गत वर्ष बाबा महाकाल सेवा संघ द्वारा 51 पिट्ठू कांवरियों का पहला जत्था भेजा गया था, जिसने महाकाल बाबा पर जलाभिषेक किया था। श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था को देखते हुए इस बार जत्थे की संख्या 101 की गई है। उन्होंने कहा कि सभी शिवभक्त पूरी भक्तिभाव, अनुशासन और उत्साह के साथ इस धार्मिक यात्रा में भाग लेंगे। संघ द्वारा महाकाल भक्तों की सुरक्षा - सम्मान एवं भोग-प्रसाद भंडारें की व्यवस्था भी पूरी तरह से सुनिश्चित की गई है। यात्रा को लेकर क्षेत्र में शिवभक्तों में भारी उत्साह हैं।
*बबराला से 101 पिट्ठू कांवरियों का जत्था 5 अगस्त को महाकाल-ओंकारेश्वर-ममलेश्वर जलाभिषेक को जाएगा, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन* *गुन्नौर, सम्भल*। बाबा महाकाल कावंरिया सेवा संघ बबराला-सम्भल के तत्वावधान में इस वर्ष सावन माह में आस्था का एक और बड़ा आयोजन होने जा रहा हैं। संघ द्वारा 5 अगस्त 2026 दिन बुधवार को *बबराला से 101 पिट्ठू कांवरियों का द्वितीय जत्था राजघाट से गंगा जल भरकर यात्रा प्रमुख नवनीत गाँधी समाज सेवक के नेतृत्व में बबराला स्टेशन से रेल द्वारा उज्जैन के लिए रवाना होगा।* संघ के पदाधिकारियों के अनुसार शिवभक्त इस यात्रा के दौरान बाबा महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर एवं ममलेश्वर में विधि-विधान से जलाभिषेक, दर्शन व परिक्रमा करेंगे। यात्रा की वापसी 9 अगस्त रविवार को रेल द्वारा खंडवा से वाया कृष्ण नगरी मथुरा होते हुए बबराला में होगी। यात्रा को सफल एवं सुरक्षित बनाने के लिए संघ पदाधिकारियों ने गुन्नौर एसडीएम अवधेश वर्मा से उनके कार्यालय में भेंट कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यात्रा के दौरान कांवरियों की सुरक्षित विदाई, मार्ग में सुरक्षा, सम्मान, आदि आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने की मांग की गई। यात्रा अध्यक्ष पंडित हरीश गौतम ने बताया कि गत वर्ष बाबा महाकाल सेवा संघ द्वारा 51 पिट्ठू कांवरियों का पहला जत्था भेजा गया था, जिसने महाकाल बाबा पर जलाभिषेक किया था। श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था को देखते हुए इस बार जत्थे की संख्या 101 की गई है। उन्होंने कहा कि सभी शिवभक्त पूरी भक्तिभाव, अनुशासन और उत्साह के साथ इस धार्मिक यात्रा में भाग लेंगे। संघ द्वारा महाकाल भक्तों की सुरक्षा - सम्मान एवं भोग-प्रसाद भंडारें की व्यवस्था भी पूरी तरह से सुनिश्चित की गई है। यात्रा को लेकर क्षेत्र में शिवभक्तों में भारी उत्साह हैं।
- जनपद संभल की चंदौसी तहसील क्षेत्र के ग्राम बेरनी में स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर पहुंचे जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई। जनपद संभल की चंदौसी तहसील क्षेत्र के ग्राम बेरनी में स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर पहुंचे जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई।1
- संभल में वंदे मातरम' बिल पर AIMIM का विरोध, बोले सय्यद असलम- देश में भाईचारे की जगह विवाद बढ़ाएगी सरकार राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के समान कानूनी संरक्षण देने से जुड़े प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल ऑनर (संशोधन) बिल-2026 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर एआईएमआईएम के पश्चिमी उत्तर प्रदेश महासचिव सय्यद असलम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बिल का विरोध किया। सय्यद असलम ने कहा कि केंद्र सरकार ऐसे कानून लाकर देश में विवाद और सामाजिक तनाव बढ़ाने का प्रयास कर रही है। उनका आरोप है कि किसी भी नागरिक पर किसी विशेष नारे या गीत को गाने के लिए कानूनी दबाव बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान और देश के कानून को देश के निर्माताओं ने व्यापक सोच-विचार के बाद तैयार किया था और उसमें इस प्रकार के बदलाव नहीं किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे कानून लाने के बजाय बेरोजगारी, रोजगार सृजन, सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक देश को मजबूत बनाने का रास्ता हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे से होकर जाता है, न कि ऐसे विवादित मुद्दों से। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस बिल से देश कमजोर होगा, तो उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि देश नहीं बल्कि समाज में अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने दोहराया कि किसी भी नागरिक पर किसी गीत को गाने की बाध्यता नहीं होनी चाहिए और सरकार को संविधान की मूल भावना का सम्मान करना चाहिए। AIMIM नेता ने अंत में इस प्रस्तावित संशोधन की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे कदम देश में भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए ठीक नहीं हैं।1
- Post by UJALA SPEED NEWS1
- Post by UP-23-News सच्ची खबर सबसे पहले1
- थाना सेक्टर-20(नोएडा) एवं SOG टीम द्वारा ई-कॉमर्स कंपनियों के सामान की चोरी कर उसकी खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 05 अभियुक्त गिरफ्तार।1