संयुक्त निदेशक खनन विभाग अमित कौशिक जी को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें राष्ट्रीय पक्षी मोर के संरक्षण की बात कही गई। भारतीय किसान यूनियन प्रयाग किसानों, ग्रामीणों, पर्यावरण एवं वन्य जीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। संगठन की ओर से हम आपका ध्यान प्रयागराज जनपद स्थित मकदूम्मा पहाड़ी तथा उसके आसपास के प्राकृतिक पर्यावरण और वन्य जीवों के संरक्षण की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। मकदूम्मा पहाड़ी एवं उसके आसपास के क्षेत्र में राष्ट्रीय पक्षी मोर तथा अन्य वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास, पेड़-पौधों, वनस्पतियों एवं पारिस्थितिकी की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक है। यदि उक्त क्षेत्र में अवैध खनन, पहाड़ी का अनधिकृत कटान, अतिक्रमण अथवा वन्य जीवों के आवास को नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियाँ हो रही हैं, तो उनकी निष्पक्ष जाँच कराकर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। अतः संगठन निम्नलिखित माँगें प्रस्तुत करता है: 1. राष्ट्रीय पक्षी मोर की सुरक्षा: वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9 के अंतर्गत संरक्षित वन्य जीवों के अवैध शिकार पर रोक लगाने तथा धारा 51 के अंतर्गत लागू दंडात्मक प्रावधानों के अनुसार दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 2. वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास की रक्षा: मकदूम्मा पहाड़ी एवं आसपास के क्षेत्र में वन्य जीवों की मौजूदगी, उनके आवास और पर्यावरणीय स्थिति का वन विभाग द्वारा स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। 3. अवैध खनन की जाँच: यदि क्षेत्र में बिना वैध पट्टे अथवा आवश्यक अनुमति के खनन किया जा रहा हो, तो खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 4 एवं 21 तथा अन्य लागू नियमों के अंतर्गत कार्रवाई की जाए। 4. पर्यावरण संरक्षण: खनन अथवा अन्य गतिविधियों से पर्यावरण को नुकसान पहुँचने की पुष्टि होने पर पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 तथा लागू पर्यावरणीय नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। 5. यह की परवेजाबाद के असवा के मकदूम्मा पहाड़ी पर आराजी नंबर 522 पर वन विभाग व अन्य विभागों से मिली अनापत्ति प्रमाण पत्रों की जांच की जाए। और दोषियों पर कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। 6. यह की खनन नीति 2017 पूरे प्रयागराज में लागू किया जाए और पारदर्शिता पर जोर दिया जाए। 7. संयुक्त निरीक्षण: जिलाधिकारी, खनन विभाग एवं वन विभाग की संयुक्त टीम गठित कर क्षेत्र का निरीक्षण कराया जाए। निरीक्षण में अवैध खनन, पेड़ों की कटाई, अतिक्रमण तथा वन्य जीवों को होने वाली क्षति का आकलन किया जाए। 8. जाँच रिपोर्ट एवं कार्रवाई: जाँच की रिपोर्ट तैयार कर शिकायतकर्ता संगठन को उपलब्ध कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। 9. संरक्षण की दीर्घकालीन योजना: मकदूम्मा पहाड़ी की पर्यावरणीय महत्ता एवं वन्य जीवों की स्थिति का आकलन कर आवश्यकतानुसार संरक्षण योजना बनाई जाए। 10. यह की राष्ट्रीय पक्षी मोर के उपस्थिति के बावजूद उनके आशियाने को उजाड़ा गया जो कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के खिलाफ है। खनन विभाग के अधिकारियों पर कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। 11. यह की उक्त खनन पट्टे को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर वन्य जीवो और राष्ट्रीय पक्षी मोर के लिए आरक्षित कर दिया जाए। 12. यह की डीप होल ब्लास्टिंग या अन्य ब्लॉटिंग पर पूरी पारदर्शिता बरती जाए। बड़ी ब्लास्टिंग पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस गंभीर विषय का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल निष्पक्ष जाँच, आवश्यक संरक्षणात्मक कदम तथा कानून के अनुरूप कार्रवाई करने के निर्देश प्रदान करें। साथ ही राष्ट्रीय पक्षी मोर, अन्य वन्य जीवों और मकदूम्मा पहाड़ी की प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएँ। भारतीय किसान यूनियन प्रयाग जनहित, किसान हित तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से इस विषय पर प्रशासन का सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
संयुक्त निदेशक खनन विभाग अमित कौशिक जी को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें राष्ट्रीय पक्षी मोर के संरक्षण की बात कही गई। भारतीय किसान यूनियन प्रयाग किसानों, ग्रामीणों, पर्यावरण एवं वन्य जीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। संगठन की ओर से हम आपका ध्यान प्रयागराज जनपद स्थित मकदूम्मा पहाड़ी तथा उसके आसपास के प्राकृतिक पर्यावरण और वन्य जीवों के संरक्षण की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। मकदूम्मा पहाड़ी एवं उसके आसपास के क्षेत्र में राष्ट्रीय पक्षी मोर तथा अन्य वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास, पेड़-पौधों, वनस्पतियों एवं पारिस्थितिकी की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक है। यदि उक्त क्षेत्र में अवैध खनन, पहाड़ी का अनधिकृत कटान, अतिक्रमण अथवा वन्य जीवों के आवास को नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियाँ हो रही हैं, तो उनकी निष्पक्ष जाँच कराकर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। अतः संगठन निम्नलिखित माँगें प्रस्तुत करता है: 1. राष्ट्रीय पक्षी मोर की सुरक्षा: वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9 के अंतर्गत संरक्षित वन्य जीवों के अवैध शिकार पर रोक लगाने तथा धारा 51 के अंतर्गत लागू दंडात्मक प्रावधानों के अनुसार दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 2. वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास की रक्षा: मकदूम्मा पहाड़ी एवं आसपास के क्षेत्र में वन्य जीवों की मौजूदगी, उनके आवास और पर्यावरणीय स्थिति का वन विभाग द्वारा स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। 3. अवैध खनन की जाँच: यदि क्षेत्र में बिना वैध पट्टे अथवा आवश्यक अनुमति के खनन किया जा रहा हो, तो खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 4 एवं 21 तथा अन्य लागू नियमों के अंतर्गत कार्रवाई की जाए। 4. पर्यावरण संरक्षण: खनन अथवा अन्य गतिविधियों से पर्यावरण को नुकसान पहुँचने की पुष्टि होने पर पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 तथा लागू पर्यावरणीय नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। 5. यह की परवेजाबाद के असवा के मकदूम्मा पहाड़ी पर आराजी नंबर 522 पर वन विभाग व अन्य विभागों से मिली अनापत्ति प्रमाण पत्रों की जांच की जाए। और दोषियों पर कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। 6. यह की खनन नीति 2017 पूरे प्रयागराज में लागू किया जाए और पारदर्शिता पर जोर दिया जाए। 7. संयुक्त निरीक्षण: जिलाधिकारी, खनन विभाग एवं वन विभाग की संयुक्त टीम गठित कर क्षेत्र का निरीक्षण कराया जाए। निरीक्षण में अवैध खनन, पेड़ों की कटाई, अतिक्रमण तथा वन्य जीवों को होने वाली क्षति का आकलन किया जाए। 8. जाँच रिपोर्ट एवं कार्रवाई: जाँच की रिपोर्ट तैयार कर शिकायतकर्ता संगठन को उपलब्ध कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। 9. संरक्षण की दीर्घकालीन योजना: मकदूम्मा पहाड़ी की पर्यावरणीय महत्ता एवं वन्य जीवों की स्थिति का आकलन कर आवश्यकतानुसार संरक्षण योजना बनाई जाए। 10. यह की राष्ट्रीय पक्षी मोर के उपस्थिति के बावजूद उनके आशियाने को उजाड़ा गया जो कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के खिलाफ है। खनन विभाग के अधिकारियों पर कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। 11. यह की उक्त खनन पट्टे को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर वन्य जीवो और राष्ट्रीय पक्षी मोर के लिए आरक्षित कर दिया जाए। 12. यह की डीप होल ब्लास्टिंग या अन्य ब्लॉटिंग पर पूरी पारदर्शिता बरती जाए। बड़ी ब्लास्टिंग पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस गंभीर विषय का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल निष्पक्ष जाँच, आवश्यक संरक्षणात्मक कदम तथा कानून के अनुरूप कार्रवाई करने के निर्देश प्रदान करें। साथ ही राष्ट्रीय पक्षी मोर, अन्य वन्य जीवों और मकदूम्मा पहाड़ी की प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएँ। भारतीय किसान यूनियन प्रयाग जनहित, किसान हित तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से इस विषय पर प्रशासन का सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- श्रीनाथ सत्यनारायण इंटर कॉलेज में मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्राओं को किया गया जागरूक श्रीनाथ सत्यनारायण इंटर कालेज पांडर जसरा में शासन के निर्देश पर महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन हेतु चलाए जा रहे मिशन शक्ति फेज़ 6.0 अभियान के तहत श्रीनाथ सत्यनारायण इंटर कॉलेज, कोटवांरन का पूरा पांडर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का नेतृत्व बारा थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा किया गया। इस दौरान पुलिस टीम ने छात्राओं को महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा, कानूनी अधिकारों और सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।पुलिस ने छात्राओं को वूमेन हेल्पलाइन 1090, यूपी 112, 181, 1076, 1098 और साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में बताया और किसी भी परेशानी में बेझिझक इन नंबरों पर शिकायत करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही गुड टच-बैड टच, सोशल मीडिया पर सावधानी और छेड़खानी होने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने के बारे में जागरूक किया।इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्याम सुंदर त्रिपाठी, जसरा मंडल अध्यक्ष जगत नारायण शुक्ला सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ और सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं प्रधानाचार्य ने पुलिस के इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चियों में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत होती है।1
- नवरात्र के चौथे दिन यमुनानगर में भक्ति का माहौल, घर-घर पूजी जा रहीं मां कूष्मांडा, पंडालों में गूंजे जयकारे डांड़ो गांव में चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा, नौ दिन गूंजेंगे जयकारे करछना / प्रयागराज। शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन बुधवार को ग्राम पंचायत डांड़ो में भक्ति और उल्लास का माहौल रहा। नव दुर्गा पूजा समिति द्वारा मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ किया गया। विधि-विधान से मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की गई। पूरे गांव में भक्तिमय माहौल छा गया और सुबह से ही श्रद्धालुओं का पंडाल में आना-जाना लगा रहा। समिति के अध्यक्ष रोहित शर्मा ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ पूजा का आयोजन किया जा रहा है। नौ दिनों तक प्रतिदिन पूजा-अर्चना, आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। उन्होंने सभी ग्रामवासियों से पूजा में शामिल होकर मां का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की। इस अवसर पर कैलाश सेन, सुमित सेन, शिव शंकर शर्मा, अश्वनी शर्मा, आयुष शर्मा, विकास शर्मा, राजकुमार शर्मा, प्रिंस साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- घूरपुर में मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत निकला भव्य पैदल मार्च प्रयागराज। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 12 अक्टूबर को थाना घूरपुर पुलिस द्वारा मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत भव्य पैदल मार्च निकाला गया। पैदल मार्च में महिला पुलिसकर्मियों, पीआरडी, होमगार्ड, समाजसेवी महिलाओं, आशा बहुओं, एएनएम, सफाईकर्मियों तथा राधा कृष्ण इंटर कॉलेज घूरपुर की छात्राओं और शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया। इस दौरान प्रमुख चौराहों एवं बाजारों में महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने 1090, 112, 181, 1076, 1098 और 1930 हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।1
- संयुक्त निदेशक खनन विभाग अमित कौशिक जी को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें राष्ट्रीय पक्षी मोर के संरक्षण की बात कही गई। भारतीय किसान यूनियन प्रयाग किसानों, ग्रामीणों, पर्यावरण एवं वन्य जीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। संगठन की ओर से हम आपका ध्यान प्रयागराज जनपद स्थित मकदूम्मा पहाड़ी तथा उसके आसपास के प्राकृतिक पर्यावरण और वन्य जीवों के संरक्षण की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। मकदूम्मा पहाड़ी एवं उसके आसपास के क्षेत्र में राष्ट्रीय पक्षी मोर तथा अन्य वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास, पेड़-पौधों, वनस्पतियों एवं पारिस्थितिकी की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक है। यदि उक्त क्षेत्र में अवैध खनन, पहाड़ी का अनधिकृत कटान, अतिक्रमण अथवा वन्य जीवों के आवास को नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियाँ हो रही हैं, तो उनकी निष्पक्ष जाँच कराकर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। अतः संगठन निम्नलिखित माँगें प्रस्तुत करता है: 1. राष्ट्रीय पक्षी मोर की सुरक्षा: वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9 के अंतर्गत संरक्षित वन्य जीवों के अवैध शिकार पर रोक लगाने तथा धारा 51 के अंतर्गत लागू दंडात्मक प्रावधानों के अनुसार दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 2. वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास की रक्षा: मकदूम्मा पहाड़ी एवं आसपास के क्षेत्र में वन्य जीवों की मौजूदगी, उनके आवास और पर्यावरणीय स्थिति का वन विभाग द्वारा स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। 3. अवैध खनन की जाँच: यदि क्षेत्र में बिना वैध पट्टे अथवा आवश्यक अनुमति के खनन किया जा रहा हो, तो खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 4 एवं 21 तथा अन्य लागू नियमों के अंतर्गत कार्रवाई की जाए। 4. पर्यावरण संरक्षण: खनन अथवा अन्य गतिविधियों से पर्यावरण को नुकसान पहुँचने की पुष्टि होने पर पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 तथा लागू पर्यावरणीय नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। 5. यह की परवेजाबाद के असवा के मकदूम्मा पहाड़ी पर आराजी नंबर 522 पर वन विभाग व अन्य विभागों से मिली अनापत्ति प्रमाण पत्रों की जांच की जाए। और दोषियों पर कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। 6. यह की खनन नीति 2017 पूरे प्रयागराज में लागू किया जाए और पारदर्शिता पर जोर दिया जाए। 7. संयुक्त निरीक्षण: जिलाधिकारी, खनन विभाग एवं वन विभाग की संयुक्त टीम गठित कर क्षेत्र का निरीक्षण कराया जाए। निरीक्षण में अवैध खनन, पेड़ों की कटाई, अतिक्रमण तथा वन्य जीवों को होने वाली क्षति का आकलन किया जाए। 8. जाँच रिपोर्ट एवं कार्रवाई: जाँच की रिपोर्ट तैयार कर शिकायतकर्ता संगठन को उपलब्ध कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। 9. संरक्षण की दीर्घकालीन योजना: मकदूम्मा पहाड़ी की पर्यावरणीय महत्ता एवं वन्य जीवों की स्थिति का आकलन कर आवश्यकतानुसार संरक्षण योजना बनाई जाए। 10. यह की राष्ट्रीय पक्षी मोर के उपस्थिति के बावजूद उनके आशियाने को उजाड़ा गया जो कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के खिलाफ है। खनन विभाग के अधिकारियों पर कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। 11. यह की उक्त खनन पट्टे को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर वन्य जीवो और राष्ट्रीय पक्षी मोर के लिए आरक्षित कर दिया जाए। 12. यह की डीप होल ब्लास्टिंग या अन्य ब्लॉटिंग पर पूरी पारदर्शिता बरती जाए। बड़ी ब्लास्टिंग पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस गंभीर विषय का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल निष्पक्ष जाँच, आवश्यक संरक्षणात्मक कदम तथा कानून के अनुरूप कार्रवाई करने के निर्देश प्रदान करें। साथ ही राष्ट्रीय पक्षी मोर, अन्य वन्य जीवों और मकदूम्मा पहाड़ी की प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएँ। भारतीय किसान यूनियन प्रयाग जनहित, किसान हित तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से इस विषय पर प्रशासन का सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।1
- अबकी बार हर घर मोदी बीजेपी NDA सरकार लखनऊ पंजाब उत्तराखंड की जीत मिशन 2027हर घर पंकज चौधरी जय संजय जय निषाद राज हर घर योगी259 मेजाविधान सभाचुनाव क्षेत्र सिरसासंग राष्ट्रीय संघ स्वयंसेवक नर सेवाआपकासेवक रमेश चंद्र वर्मा 73557 12868 जय श्रीकृष्णा नवदुर्गा महोत्सव मेजा विधानसभा को हार्दिक शुभकामनाएं दुख सुख में हमेशा तैयार रहते हैं अपने क्षेत्र में4
- पचखरा में लगा पशु आरोग्य शिविर 500 पशुओं का हुआ इलाज किसानो की लगी रहीभीड़ प्रयागराज पचखरा में पं. दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर का आयोजन हुआ।शिविर का नेतृत्व उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. चन्द्रशेखर पाल ने किया। उनके साथ पशुधन प्रसार अधिकारी इन्द्रजीत सिंह, श्याम प्रकाश सिंह, राकेश कुमार, राम अचल और नन्हे लाल कश्यप मौजूद रहे। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में आलोक द्विवेदी, शुभम सिंह, विनोद सिंह, सौरभ सिंह, पिंटू सिंह, मोनू सिंह, कृष्णा प्रसाद द्विवेदी सहित गणमान्य लोग रहे। शिविर में 500 पशुओं का निःशुल्क पंजीकरण और उपचार किया गया। कृमिनाशक दवा, टीकाकरण, बधियाकरण, मिनरल मिक्सर पाउडर वितरण और किलनी-जूँ का उपचार किया गया।1
- वैशाली नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत, घाट पर परिजनों से लिपटकर रो पड़ीं डीएम वर्षा सिंह.... बिहार ब्रेकिंग.... वैशाली नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत, घाट पर परिजनों से लिपटकर रो पड़ीं डीएम वर्षा सिंह.... राघोपुर में गंगा नदी में नाव 13 लोगों की मौत की पुष्टि के बाद वैशाली की डीएम वर्षा सिंह घटनास्थल पहुंचीं... बच्चों के शव देखकर भावुक हुईं जिलाधिकारी से लिपटकर मृतकों के परिजन फूट-फूटकर रोने लगे1
- पीलीभीत में रामलीला मेले में खूनी खेल: हिसाब-किताब को लेकर चली गोलियां, 3 की मौत पीलीभीत में रामलीला मेला कमेटी के हिसाब-किताब को लेकर विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। रात में कहासुनी के बाद एक पक्ष ने रायफल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 2 गंभीर रूप से घायल हो गए।1