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पानी में डूबे या फंसे ट्रैक्टर को लकड़ी या डंडा लगाकर बाहर निकालने की कोशिश बेहद खतरनाक साबित हो सकती है और इससे दुर्घटना होने की पूरी संभावना बनी रहती है। सरगुजा के उदयपुर क्षेत्र में ट्रैक्टर का एक हिस्सा पूरी तरह पानी में डूब चुका है, जिसे निकालने के लिए लोग उसमें डंडा और बाली फंसाकर प्रयास कर रहे हैं। इस तरह का जोखिम भरा तरीका अपनाते समय हर पल बड़े हादसे का डर बना रहता है। ट्रैक्टर में इस तरह जबरन डंडा या बाली फंसाकर निकालने के चक्कर में गाड़ियां पीछे की तरफ से आपस में टकरा जाती हैं। ऐसी स्थिति में जोखिम उठाने के बजाय यदि ट्रैक्टर पानी या कीचड़ में डूब जाए, तो दूसरा ट्रैक्टर मंगाकर टोचन (टोइंग) के जरिए ही उसे सुरक्षित बाहर निकाला जाना चाहिए।
Hira Ratan Sarthi
पानी में डूबे या फंसे ट्रैक्टर को लकड़ी या डंडा लगाकर बाहर निकालने की कोशिश बेहद खतरनाक साबित हो सकती है और इससे दुर्घटना होने की पूरी संभावना बनी रहती है। सरगुजा के उदयपुर क्षेत्र में ट्रैक्टर का एक हिस्सा पूरी तरह पानी में डूब चुका है, जिसे निकालने के लिए लोग उसमें डंडा और बाली फंसाकर प्रयास कर रहे हैं। इस तरह का जोखिम भरा तरीका अपनाते समय हर पल बड़े हादसे का डर बना रहता है। ट्रैक्टर में इस तरह जबरन डंडा या बाली फंसाकर निकालने के चक्कर में गाड़ियां पीछे की तरफ से आपस में टकरा जाती हैं। ऐसी स्थिति में जोखिम उठाने के बजाय यदि ट्रैक्टर पानी या कीचड़ में डूब जाए, तो दूसरा ट्रैक्टर मंगाकर टोचन (टोइंग) के जरिए ही उसे सुरक्षित बाहर निकाला जाना चाहिए।
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