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पटना के एक होटल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ परीक्षा देने आई एक छात्रा के कमरे में आधी रात को एक शराबी स्टाफ घुस गया। इस घटना से होटल में हड़कंप मच गया। इस तरह की घटनाएँ बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

2 hrs ago
user_NSL NEWS
NSL NEWS
Newspaper publisher Piprarhi, Sheohar•
2 hrs ago

पटना के एक होटल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ परीक्षा देने आई एक छात्रा के कमरे में आधी रात को एक शराबी स्टाफ घुस गया। इस घटना से होटल में हड़कंप मच गया। इस तरह की घटनाएँ बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

More news from बिहार and nearby areas
  • एक पति ने अपनी पत्नी को बीपीएससी टीचर बनाने के लिए अपनी जमीन बेच दी। बताया गया है कि पत्नी को नौकरी मिलते ही उसने अपने पति को छोड़ दिया। यह घटनाक्रम सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
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    एक पति ने अपनी पत्नी को बीपीएससी टीचर बनाने के लिए अपनी जमीन बेच दी। बताया गया है कि पत्नी को नौकरी मिलते ही उसने अपने पति को छोड़ दिया। यह घटनाक्रम सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
    user_Bihar ke Janta ki Awaaz
    Bihar ke Janta ki Awaaz
    शिवहर, शिवहर, बिहार•
    12 hrs ago
  • सीतामढ़ी में शराबबंदी कानून के कार्यान्वयन को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। सोनबरसा थाना पुलिस द्वारा शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कुछ वार्ड पार्षदों और जन प्रतिनिधियों को बाद में नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति में निर्विरोध चुन लिया गया। पुलिस के अनुसार, अंशुल प्रकाश, मनीष पंडित और सीमांत खिरहर सहित कुल सात लोगों को ब्रेथ एनालाइजर जांच के बाद बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था। इस घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या जन प्रतिनिधियों के लिए नैतिक जवाबदेही अलग होनी चाहिए? साथ ही, यह भी प्रश्न है कि क्या इस तरह की घटनाओं से शराबबंदी कानून का संदेश कमजोर पड़ रहा है। इस पूरे मामले पर एक विशेष रिपोर्ट की बात कही गई है।
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    सीतामढ़ी में शराबबंदी कानून के कार्यान्वयन को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। सोनबरसा थाना पुलिस द्वारा शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कुछ वार्ड पार्षदों और जन प्रतिनिधियों को बाद में नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति में निर्विरोध चुन लिया गया। पुलिस के अनुसार, अंशुल प्रकाश, मनीष पंडित और सीमांत खिरहर सहित कुल सात लोगों को ब्रेथ एनालाइजर जांच के बाद बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था।

इस घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या जन प्रतिनिधियों के लिए नैतिक जवाबदेही अलग होनी चाहिए? साथ ही, यह भी प्रश्न है कि क्या इस तरह की घटनाओं से शराबबंदी कानून का संदेश कमजोर पड़ रहा है। इस पूरे मामले पर एक विशेष रिपोर्ट की बात कही गई है।
    user_We News 24
    We News 24
    Media company डुमरा, सीतामढ़ी, बिहार•
    7 hrs ago
  • बिहार के सीतामढ़ी जिले से सकारात्मक भावनाएँ और 'वाइब्स' साझा की गई हैं। यह पोस्ट सीतामढ़ी के प्रति प्रेम और उसकी जीवंतता को दर्शाती है।
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    बिहार के सीतामढ़ी जिले से सकारात्मक भावनाएँ और 'वाइब्स' साझा की गई हैं। यह पोस्ट सीतामढ़ी के प्रति प्रेम और उसकी जीवंतता को दर्शाती है।
    user_Expose sitamarhi
    Expose sitamarhi
    Local News Reporter Bathnaha, Sitamarhi•
    9 hrs ago
  • सिरहा नारायणी नदी तट किनारे स्थित आदि शक्ति मंदिर परिसर में शिक्षक अमरेंद्र कुमार कुशवाहा और सुमन देवी द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय भागवत कथा कार्यक्रम का पाँचवाँ दिन संपन्न हुआ। इस अवसर पर संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन करते हुए पूतना वध की कथा श्रवण कराई। संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बाल्यावस्था में ही राक्षसी पूतना का वध किया था। पूतना को कंस ने भेजा था, क्योंकि कंस को यह भविष्यवाणी मिली थी कि देवकी का आठवाँ पुत्र उसका वध करेगा। इस भय से कंस ने अपने आस-पास के सभी नवजात शिशुओं को मारने का आदेश दिया था और इसी उद्देश्य से पूतना को गोकुल भेजा गया था। पूतना एक सुंदर स्त्री का रूप धारण कर गोकुल पहुँची और यशोदा से श्रीकृष्ण को गोद में लेने की इच्छा जताई। उसने अपने स्तनों पर विष लगाया हुआ था, किंतु जब उसने श्रीकृष्ण को स्तनपान कराया, तो भगवान ने उसके स्तनों से विष और उसके प्राण दोनों खींच लिए। पूतना अपने असली राक्षसी रूप में लौटते हुए प्राण त्याग दिए। कथाओं के अनुसार, पूतना अपने पूर्व जन्म में राजा बली की पुत्री रत्नमाला थी। जब वामन भगवान राजा बली से भिक्षा मांगने आए थे, तब रत्नमाला ने वामन रूप में भगवान को देखकर उनसे पुत्र के रूप में स्नेह करने की इच्छा की थी। परंतु, बाद में जब वामन भगवान ने अपने विराट रूप में बली से तीन पग भूमि मांगी और सब कुछ ले लिया, तो रत्नमाला ने क्रोधवश उन्हें मारने की इच्छा जताई। भगवान ने उसके दोनों भावों को स्वीकार किया, जिसके कारण अगले जन्म में उसे पूतना के रूप में जन्म मिला और भगवान श्रीकृष्ण को स्तनपान कराने का अवसर प्राप्त हुआ। श्रीकृष्ण द्वारा वध होने पर उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई। पूतना के वध के बाद, गोकुलवासी उसके विशाल राक्षसी रूप को देखकर भय और आश्चर्य से भर गए। उन्होंने पूतना के शरीर को जलाने का निर्णय लिया, और इस दौरान एक अद्भुत घटना घटी—उसके शरीर से एक दिव्य सुगंध फैलने लगी। ऐसा माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण के स्पर्श से पूतना को मोक्ष प्राप्त हुआ था और उसका शरीर पवित्र हो गया था। इसलिए, जब उसका अंतिम संस्कार किया गया, तो वह सुगंधित धुआँ में परिवर्तित हो गया, जो देवताओं की कृपा का प्रतीक था। गोकुलवासियों ने इस घटना को भगवान श्रीकृष्ण की लीला और उनकी दिव्यता का प्रमाण माना और भगवान की जय-जयकार की। उन्होंने श्रीकृष्ण को भगवान के रूप में मानना शुरू कर दिया और उनके प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति और अधिक बढ़ गई। पूतना, जो भगवान श्रीकृष्ण के हाथों मारी गई थी, अंत में गोलोक धाम को प्राप्त हुई। शास्त्रों में वर्णित है कि भगवान किसी भी व्यक्ति की भावना को महत्व देते हैं, चाहे वह कैसी भी हो। पूतना ने भगवान श्रीकृष्ण को माँ के रूप में स्तनपान कराने का प्रयास किया था, भले ही उसका उद्देश्य बुरा था, किंतु श्रीकृष्ण ने उसकी इस सेवा को माँ के समान माना। इस प्रकार, श्रीकृष्ण ने पूतना को मातृत्व का दर्जा दिया और उसे मोक्ष प्रदान किया, जिससे वह अपनी मृत्यु के बाद गोलोक धाम चली गई, जहाँ उसे भगवान श्रीकृष्ण के साथ रहने का सौभाग्य मिला। यह भगवान की करुणा और अनुग्रह का प्रतीक है कि उन्होंने अपने शत्रु को भी मोक्ष प्रदान कर दिया। आज के भागवत कथा कार्यक्रम में अमरेंद्र कुमार कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती सुमन देवी, श्री जगलाल प्रसाद कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती देवी, बहु सह शिक्षिका श्रीमती शर्मिला सिन्हा, श्रीमती मीना देवी, श्रीमती चंदा देवी, उपेंद्र प्रसाद कुशवाहा, श्री गोवर्धन प्रसाद कुशवाहा अपनी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ, एवं श्री यादों लाल सहनी अपनी पत्नी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ उपस्थित रहे। दैनिक सिरहा टाइम्स के संपादक श्री रवि कुमार भार्गव भी अपनी अर्धांगिनी श्रीमती प्रियंका भार्गव और छोटे पुत्र राजकुमार हार्षित कुमार भार्गव के साथ, साथ ही इटवा के श्री गजाधर पासवान सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।
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    सिरहा नारायणी नदी तट किनारे स्थित आदि शक्ति मंदिर परिसर में शिक्षक अमरेंद्र कुमार कुशवाहा और सुमन देवी द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय भागवत कथा कार्यक्रम का पाँचवाँ दिन संपन्न हुआ। इस अवसर पर संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन करते हुए पूतना वध की कथा श्रवण कराई।

संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बाल्यावस्था में ही राक्षसी पूतना का वध किया था। पूतना को कंस ने भेजा था, क्योंकि कंस को यह भविष्यवाणी मिली थी कि देवकी का आठवाँ पुत्र उसका वध करेगा। इस भय से कंस ने अपने आस-पास के सभी नवजात शिशुओं को मारने का आदेश दिया था और इसी उद्देश्य से पूतना को गोकुल भेजा गया था। पूतना एक सुंदर स्त्री का रूप धारण कर गोकुल पहुँची और यशोदा से श्रीकृष्ण को गोद में लेने की इच्छा जताई। उसने अपने स्तनों पर विष लगाया हुआ था, किंतु जब उसने श्रीकृष्ण को स्तनपान कराया, तो भगवान ने उसके स्तनों से विष और उसके प्राण दोनों खींच लिए। पूतना अपने असली राक्षसी रूप में लौटते हुए प्राण त्याग दिए।

कथाओं के अनुसार, पूतना अपने पूर्व जन्म में राजा बली की पुत्री रत्नमाला थी। जब वामन भगवान राजा बली से भिक्षा मांगने आए थे, तब रत्नमाला ने वामन रूप में भगवान को देखकर उनसे पुत्र के रूप में स्नेह करने की इच्छा की थी। परंतु, बाद में जब वामन भगवान ने अपने विराट रूप में बली से तीन पग भूमि मांगी और सब कुछ ले लिया, तो रत्नमाला ने क्रोधवश उन्हें मारने की इच्छा जताई। भगवान ने उसके दोनों भावों को स्वीकार किया, जिसके कारण अगले जन्म में उसे पूतना के रूप में जन्म मिला और भगवान श्रीकृष्ण को स्तनपान कराने का अवसर प्राप्त हुआ। श्रीकृष्ण द्वारा वध होने पर उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई।

पूतना के वध के बाद, गोकुलवासी उसके विशाल राक्षसी रूप को देखकर भय और आश्चर्य से भर गए। उन्होंने पूतना के शरीर को जलाने का निर्णय लिया, और इस दौरान एक अद्भुत घटना घटी—उसके शरीर से एक दिव्य सुगंध फैलने लगी। ऐसा माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण के स्पर्श से पूतना को मोक्ष प्राप्त हुआ था और उसका शरीर पवित्र हो गया था। इसलिए, जब उसका अंतिम संस्कार किया गया, तो वह सुगंधित धुआँ में परिवर्तित हो गया, जो देवताओं की कृपा का प्रतीक था। गोकुलवासियों ने इस घटना को भगवान श्रीकृष्ण की लीला और उनकी दिव्यता का प्रमाण माना और भगवान की जय-जयकार की। उन्होंने श्रीकृष्ण को भगवान के रूप में मानना शुरू कर दिया और उनके प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति और अधिक बढ़ गई।

पूतना, जो भगवान श्रीकृष्ण के हाथों मारी गई थी, अंत में गोलोक धाम को प्राप्त हुई। शास्त्रों में वर्णित है कि भगवान किसी भी व्यक्ति की भावना को महत्व देते हैं, चाहे वह कैसी भी हो। पूतना ने भगवान श्रीकृष्ण को माँ के रूप में स्तनपान कराने का प्रयास किया था, भले ही उसका उद्देश्य बुरा था, किंतु श्रीकृष्ण ने उसकी इस सेवा को माँ के समान माना। इस प्रकार, श्रीकृष्ण ने पूतना को मातृत्व का दर्जा दिया और उसे मोक्ष प्रदान किया, जिससे वह अपनी मृत्यु के बाद गोलोक धाम चली गई, जहाँ उसे भगवान श्रीकृष्ण के साथ रहने का सौभाग्य मिला। यह भगवान की करुणा और अनुग्रह का प्रतीक है कि उन्होंने अपने शत्रु को भी मोक्ष प्रदान कर दिया।

आज के भागवत कथा कार्यक्रम में अमरेंद्र कुमार कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती सुमन देवी, श्री जगलाल प्रसाद कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती देवी, बहु सह शिक्षिका श्रीमती शर्मिला सिन्हा, श्रीमती मीना देवी, श्रीमती चंदा देवी, उपेंद्र प्रसाद कुशवाहा, श्री गोवर्धन प्रसाद कुशवाहा अपनी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ, एवं श्री यादों लाल सहनी अपनी पत्नी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ उपस्थित रहे। दैनिक सिरहा टाइम्स के संपादक श्री रवि कुमार भार्गव भी अपनी अर्धांगिनी श्रीमती प्रियंका भार्गव और छोटे पुत्र राजकुमार हार्षित कुमार भार्गव के साथ, साथ ही इटवा के श्री गजाधर पासवान सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    18 hrs ago
  • बाहुबली आनंद मोहन ने एक बार फिर जोरदार हमला बोलते हुए JDU पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि JDU ने कुल 22 टिकट बेचे और इसके साथ ही मंत्री भी बनाए।
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    बाहुबली आनंद मोहन ने एक बार फिर जोरदार हमला बोलते हुए JDU पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि JDU ने कुल 22 टिकट बेचे और इसके साथ ही मंत्री भी बनाए।
    user_Expose sitamarhi
    Expose sitamarhi
    Local News Reporter Bathnaha, Sitamarhi•
    10 hrs ago
  • पटना के एक होटल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ परीक्षा देने आई एक छात्रा के कमरे में आधी रात को एक शराबी स्टाफ घुस गया। इस घटना से होटल में हड़कंप मच गया। इस तरह की घटनाएँ बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
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    पटना के एक होटल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ परीक्षा देने आई एक छात्रा के कमरे में आधी रात को एक शराबी स्टाफ घुस गया। इस घटना से होटल में हड़कंप मच गया। इस तरह की घटनाएँ बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
    user_NSL NEWS
    NSL NEWS
    Newspaper publisher Piprarhi, Sheohar•
    2 hrs ago
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