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झांसी में भीषण सड़क हादसा: माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान अहमद की मौत, भाई से मिलने जाते वक्त हुआ हादसा झांसी-कानपुर हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद (21) की मौत हो गई। अबान अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने झांसी जेल जा रहा था, तभी तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में अबान और सोनू की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सड़क पर अचानक जानवर आने से चालक ने कार का संतुलन खो दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
Sandip mishra
झांसी में भीषण सड़क हादसा: माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान अहमद की मौत, भाई से मिलने जाते वक्त हुआ हादसा झांसी-कानपुर हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद (21) की मौत हो गई। अबान अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने झांसी जेल जा रहा था, तभी तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में अबान और सोनू की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सड़क पर अचानक जानवर आने से चालक ने कार का संतुलन खो दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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- योगीजी का बड़ा ऐलान: गांव में बनेंगे जन्म-मृत्यु, आय-जाति प्रमाण पत्र, पंचायत सहायक होंगे जिम्मेवार बीते दिनों हुई उत्तरप्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गांव में बसने वाले गरीब मजदूर किसानों को एक बड़ी सौगात देने का ऐलान किया है। बताया गया है कि ग्रामीणों को जन्म मृत्यु आय जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिये अब तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। अब उनके ग्राम पंचायत सचिवालय में ही यह सुविधा उपलब्ध होगी। जहां आधार केंद्र संचालन पर भी विचार चल रहा है। गांव में उपरोक्त सुविधाओं के लिये पंचायत सहायक जिम्मेवार होगा।1
- मारपीट व लूट के आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर, धमकी देकर राजीनामा के लिए दबाव पत्रकारों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे पीड़ित लोकेन्द्र, प्रभारी मंत्री को सौंपा आवेदन आरोपियों की गिरफ्तारी और जान-माल की सुरक्षा की मांग टीकमगढ़ 6 अगस्त टीकमगढ़ शहर में पत्रकार के साथ मारपीट और लूट के मामले में पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं किए जाने का मामला अब प्रभारी मंत्री तक पहुंच गया है। घटना के पीड़ित पत्रकार लोकेन्द्र सिंह परमार गुरुवार को साथी पत्रकारों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे और जिले की प्रभारी मंत्री को आवेदन सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कराने तथा अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। पत्रकारों ने भी मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस से शीघ्र कार्रवाई की मांग की। पत्रकार लोकेन्द्र सिंह परमार, निवासी मामौन दरवाजा टीकमगढ़ के अनुसार, 2 अगस्त 2026 की रात उनके साथ मारपीट और लूट की घटना हुई थी। घटना के बाद उन्होंने उसी रात कोतवाली थाना पहुंचकर पुलिस को शिकायत की थी। इसके बाद 3 अगस्त 2026 को कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 0471/2026 दर्ज किया। पुलिस द्वारा दर्ज मामले में शिवम जड़िया पिता स्वर्गीय संतोष जड़िया, ऋषि जड़िया पिता स्वर्गीय संतोष जड़िया, साहिल हरदासानी निवासी टीकमगढ़ सहित एक अन्य आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296बी, 115(2), 309(4) एवं 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। अपराध दर्ज होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने का आरोप प्रभारी मंत्री को दिए आवेदन में पत्रकार लोकेन्द्र सिंह परमार ने आरोप लगाया है कि घटना को लेकर अपराध दर्ज होने के बाद भी 6 अगस्त तक पुलिस द्वारा नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। उनका कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि घटना के बाद आरोपियों के परिजन और उनके सहयोगी लगातार मामले में राजीनामा करने के लिए दबाव बना रहे हैं। आवेदन में राहुल जड़िया सहित अन्य लोगों द्वारा दबाव बनाए जाने का उल्लेख किया गया है। राजीनामा से इनकार करने पर जान से मारने की धमकी का आरोप लोकेन्द्र सिंह परमार ने प्रभारी मंत्री को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि जब उन्होंने राजीनामा करने से इनकार किया तो उन्हें देख लेने और जान से मारने की धमकियां दी गईं। उनका कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण वह मानसिक रूप से परेशान हैं और उन्हें आशंका है कि आरोपी या उनके सहयोगी उनके साथ दोबारा कोई गंभीर घटना कर सकते हैं। उन्होंने आवेदन में कहा है कि यदि पुलिस द्वारा समय रहते आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में उनके साथ किसी अप्रिय घटना की स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता। पत्रकारों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे पीड़ित मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित पत्रकार लोकेन्द्र सिंह परमार अपने साथी पत्रकारों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने जिले की प्रभारी मंत्री को पूरा घटनाक्रम बताते हुए लिखित आवेदन सौंपा। इस दौरान पत्रकारों ने भी मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी पत्रकार के साथ मारपीट और लूट की घटना के बाद अपराध दर्ज होता है, तो आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होना चाहिए। पत्रकारों ने प्रभारी मंत्री से मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने और पीड़ित पत्रकार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की। पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल मामले में अपराध दर्ज होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि एक तरफ उनके साथ हुई घटना को लेकर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, वहीं दूसरी ओर आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और कथित तौर पर राजीनामा के लिए दबाव बनाया जा रहा है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि आरोपी पक्ष द्वारा वास्तव में धमकियां दी जा रही हैं तो पुलिस को इसकी गंभीरता से जांच कर पीड़ित को सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए। साथ ही मामले में फरार आरोपियों की तलाश कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रभारी मंत्री से दो प्रमुख मांगें पीड़ित पत्रकार ने प्रभारी मंत्री से मुख्य रूप से दो मांगें रखी हैं। पहली, अपराध क्रमांक 0471/2026 में नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर मामले में प्रभावी कार्रवाई की जाए। दूसरी, राजीनामा के लिए दबाव और कथित जान से मारने की धमकियों को देखते हुए उन्हें और उनके परिवार को आवश्यक जान-माल की सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। लोकेन्द्र सिंह परमार ने कहा कि वह पेशे से पत्रकार हैं और लगातार समाचारों के माध्यम से जनहित के मुद्दे उठाते हैं। ऐसे में उनके साथ हुई घटना और उसके बाद मिल रही कथित धमकियों को गंभीरता से लिया जाना जरूरी है। उन्होंने प्रभारी मंत्री से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर पुलिस प्रशासन को तत्काल आवश्यक निर्देश देने की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रभारी मंत्री के समक्ष शिकायत पहुंचने के बाद पुलिस इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित पत्रकार की सुरक्षा को लेकर क्या कार्रवाई करती है?1
- मसोरा में अनियंत्रित ट्रैक्टर घर में घुसा, चालक और परिजनों के दावे आमने-सामने ललितपुर। जिले के मसोरा गांव में गुरुवार को एक ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर एक मकान में जा घुसा। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर बजररा गांव से खेतवास की ओर जा रहा था। घटना में बड़ा हादसा टल गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि मकान को नुकसान पहुंचा है। ट्रैक्टर चालक का कहना है कि ट्रैक्टर का स्टीयरिंग फेल हो जाने के कारण वह वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिससे ट्रैक्टर सीधे मकान में जा घुसा। वहीं, मकान मालिक के परिजनों ने चालक के दावे को खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि चालक ने जानबूझकर ट्रैक्टर को घर की ओर मोड़ा। उनका कहना है कि ट्रैक्टर का स्टीयरिंग और ब्रेक दोनों सही हालत में थे, इसलिए तकनीकी खराबी की बात सही नहीं है। फिलहाल घटना को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। मामले की जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।1
- खेत में कीटनाशक डालने के विवाद में हत्या के प्रयास के चार आरोपी गिरफ्तार इमलिया गांव में दो पक्षों के बीच हुई थी खूनी मारपीट, थाना बार पुलिस ने कार्रवाई कर न्यायालय भेजा खेत में कीटनाशक डालने के विवाद में हत्या के प्रयास के चार आरोपी गिरफ्तार इमलिया गांव में दो पक्षों के बीच हुई थी खूनी मारपीट, थाना बार पुलिस ने कार्रवाई कर न्यायालय भेजा ललितपुर। जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बार पुलिस ने हत्या के प्रयास के दो मामलों में वांछित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह तथा क्षेत्राधिकारी तालबेहट आशीष मिश्रा के निकट पर्यवेक्षण में की गई। 25 जुलाई 2026 को थाना बार क्षेत्र के ग्राम इमलिया में खेत में कीटनाशक दवा डालने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना के संबंध में दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर थाना बार में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने दोनों मुकदमों में फरार चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मनमोहन तिवारी (21 वर्ष) एवं भोले तिवारी (19 वर्ष), पुत्रगण रामकंकन तिवारी तथा राघवेन्द्र लोधी (37 वर्ष) एवं बृजकिशोर लोधी (39 वर्ष), पुत्रगण देशराज लोधी, सभी निवासी ग्राम इमलिया, थाना बार, जनपद ललितपुर शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी 5 अगस्त 2026 को की गई। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक ज्ञान सिंह, कांस्टेबल आलोक, पुष्पेन्द्र सिंह भदौरिया, रिक्रूट कांस्टेबल अमित बोक्सा, नवीन कुमार तथा महिला रिक्रूट कांस्टेबल ज्योति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि जनपद में अपराधियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1