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NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा में हुई अनियमितताओं को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए और इस विवाद को आगे न बढ़ाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है। इस्तीफे के बाद से ही धर्मेंद्र प्रधान का संदेश और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जनता की आवाज
NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा में हुई अनियमितताओं को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए और इस विवाद को आगे न बढ़ाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है। इस्तीफे के बाद से ही धर्मेंद्र प्रधान का संदेश और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर श्री राहुल गांधी जी की आवाज देश की जनता और नौजवानों के लिए एक बड़ा संदेश बनकर सामने आई है। यह देश के आम जनमानस और युवाओं के हक की बात को प्रमुखता से रेखांकित करता है।1
- NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा में हुई अनियमितताओं को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए और इस विवाद को आगे न बढ़ाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है। इस्तीफे के बाद से ही धर्मेंद्र प्रधान का संदेश और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- नीट पेपर लीक मामले को लेकर भाकपा माले, आइसा और आरवाईए (एनौस) द्वारा बुलाए गए बिहार बंद का भोजपुर जिले में व्यापक असर देखने को मिल रहा है। सुबह से ही इलाके में दुकानें बंद हैं और सड़कों पर वाहनों का परिचालन भी सामान्य दिनों की तुलना में कम है। बंद के दौरान भोजपुर जिले के विभिन्न इलाकों से आक्रोश मार्च निकाला गया है, जिसमें काफी संख्या में छात्र और छात्राएं शामिल हैं। इस मार्च में आरवाईए के राज्य सचिव शिव प्रकाश रंजन, निरंजन केसरी, विशाल कुमार, विकास कुमार, अमित कुमार, बंटी, संगीता सिंह और क्यामुद्दीन अंसारी सहित कई लोग शामिल हैं। बंद को देखते हुए आरा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मौके पर आरपीएफ, जीआरपी, स्थानीय थाना पुलिस और महिला पुलिस बल की मुस्तैदी से तैनाती की गई है, जिसके चलते रेलवे स्टेशन पर रोज की तुलना में भीड़ कम देखी जा रही है।4
- बिहार बंद का असर छपरा में देखने को मिला है, जहाँ छात्र-छात्राओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।1
- बिहार में प्रशांत किशोर को अपना वोट देने के लिए एक महिला विशेष रूप से अमेरिका से यहाँ पहुँची है।1
- NEET सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और धांधली के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद का असर भोजपुर जिले में भी देखने को मिला। छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। बंद के मद्देनजर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई।1
- NEET पेपर लीक मामले और दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद का असर भोजपुर जिले में भी देखने को मिला। आइसा समेत कई छात्र संगठनों से जुड़े सैकड़ों छात्र और युवा सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और NEET पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच की मांग की। विरोध के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर प्रदर्शन और जुलूस निकाला गया। बिहार बंद को देखते हुए भोजपुर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और जिले के प्रमुख चौक-चौराहों तथा संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं, आरा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी के जवान सुरक्षा व्यवस्था संभाले रहे। इस दौरान आइसा के छात्र नेता रोशन कुशवाहा और विकास कुमार समेत अन्य छात्र प्रतिनिधियों ने अपनी मांगें रखीं। फिलहाल बिहार के कई जिलों में इस बंद का असर देखा जा रहा है और आंदोलन को लेकर राजनीतिक व प्रशासनिक गतिविधियों पर नजर बनी हुई है।1
- बिहार बंद के दौरान छपरा में नीट पेपर लीक और शिक्षा संकट को लेकर छात्रों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया है। छात्र सड़कों पर उतरकर पेपर लीक के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं और लगातार न्याय की माँग कर रहे हैं। छात्रों के इस उग्र प्रदर्शन के बीच भाजपा के समर्थकों ने भी अपनी ही पार्टी का साथ छोड़ दिया है। छात्र हितों और शिक्षा संकट के मुद्दे पर समर्थकों का भाजपा से किनारा कर लेना इस आंदोलन में एक बड़ा मोड़ बनकर सामने आया है।1
- छपरा में 24 जून को आयोजित धरना प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं का भारी आक्रोश देखने को मिला। इस दौरान युवाओं ने जमकर हंगामा किया और उनका गुस्सा अब भी बरकरार है। छपरा में प्रदर्शन के दौरान युवा और छात्र-छात्राएं काफी गुस्से में दिखाई दिए और पूरा विरोध प्रदर्शन हंगामे के साथ किया गया।1