दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक समेत छात्रों के विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रख्यात शिक्षक, वैज्ञानिक और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के आमरण अनशन और प्रस्तावित संसद मार्च के समर्थन में आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में पैदल मार्च निकाला। इसी कड़ी में झांसी में जिला अध्यक्ष अरशद खान के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने गांधी उद्यान पर एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार तक जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। इस आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन में आम जनमानस ने भी जुड़कर सक्रिय भागीदारी निभाई और 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो', 'पेपर लीक बंद करो' और 'सोनम वांगचुक संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं' जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष अरशद खान ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मशहूर शिक्षाविद सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन पर थे, ताकि NEET पेपर लीक के कारण मानसिक तनाव झेल रहे छात्रों को न्याय मिल सके और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा दें। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बेशर्मी का लबादा ओढ़ रखा है और अपने नकारा शिक्षा मंत्री को बचाने के लिए सोनम वांगचुक जैसे वैज्ञानिक की जान को भी दांव पर लगा दिया। पिछले 21 दिनों के संघर्ष के बाद भी प्रधानमंत्री ने उनसे बात करना तो दूर, उनके लिए एक ट्वीट तक नहीं किया। प्रांतीय उपाध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने कहा कि 21 दिनों से अनशन के कारण कमजोर हो चुके सोनम वांगचुक को पुलिस ने जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया, ताकि उनके 'संसद मार्च' के आंदोलन को खत्म किया जा सके। वहीं, महानगर अध्यक्ष ग्यादीन कुशवाहा ने 18 जुलाई को लोकतंत्र के लिए काला दिन बताते हुए कहा कि डॉक्टरों के भेष में आई पुलिस ने सोनम वांगचुक को चादर में लपेट कर उठा लिया और शांति से प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन सौंपकर तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। पार्टी ने मांग की है कि देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें, सोनम वांगचुक और युवाओं पर हुए लाठीचार्ज व जबरन कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बने और जंतर-मंतर जैसी जगहों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा की जाए। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रांतीय सचिव पुत्तू सिंह कुशवाहा, सचिन साहू, चौधरी परवेज, अब्दुल रहमान, रविन्द्र रायकवार, तुलसीदास कुशवाहा, सीमा कुशवाहा, भाग्यलक्ष्मी अय्यर, रिजवान खान सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक समेत छात्रों के विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रख्यात शिक्षक, वैज्ञानिक और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के आमरण अनशन और प्रस्तावित संसद मार्च के समर्थन में आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में पैदल मार्च निकाला। इसी कड़ी में झांसी में जिला अध्यक्ष अरशद खान के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने गांधी उद्यान पर एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार तक जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। इस आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन में आम जनमानस ने भी जुड़कर सक्रिय भागीदारी निभाई और 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो', 'पेपर लीक बंद करो' और 'सोनम वांगचुक संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं' जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष अरशद खान ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मशहूर शिक्षाविद सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन पर थे, ताकि NEET पेपर लीक के कारण मानसिक तनाव झेल रहे छात्रों को न्याय मिल सके और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा दें। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बेशर्मी का लबादा ओढ़ रखा है और अपने नकारा शिक्षा मंत्री को बचाने के लिए सोनम वांगचुक जैसे वैज्ञानिक की जान को भी दांव पर लगा दिया। पिछले 21 दिनों के संघर्ष के बाद भी प्रधानमंत्री ने उनसे बात करना तो दूर, उनके लिए एक ट्वीट तक नहीं किया। प्रांतीय उपाध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने कहा कि 21 दिनों से अनशन के कारण कमजोर हो चुके सोनम वांगचुक को पुलिस ने जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया, ताकि उनके 'संसद मार्च' के आंदोलन को खत्म किया जा सके। वहीं, महानगर अध्यक्ष ग्यादीन कुशवाहा ने 18 जुलाई को लोकतंत्र के लिए काला दिन बताते हुए कहा कि डॉक्टरों के भेष में आई पुलिस ने सोनम वांगचुक को चादर में लपेट कर उठा लिया और शांति से प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन सौंपकर तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। पार्टी ने मांग की है कि देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें, सोनम वांगचुक और युवाओं पर हुए लाठीचार्ज व जबरन कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बने और जंतर-मंतर जैसी जगहों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा की जाए। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रांतीय सचिव पुत्तू सिंह कुशवाहा, सचिन साहू, चौधरी परवेज, अब्दुल रहमान, रविन्द्र रायकवार, तुलसीदास कुशवाहा, सीमा कुशवाहा, भाग्यलक्ष्मी अय्यर, रिजवान खान सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- झाँसी में एक लापता छात्र का शव खेत के एक कुएं में मिला है। छात्र का शव मिलने के बाद उसके परिजनों ने पुलिस पर इस मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर में रेलवे पुलिस ने ट्रेनों में जबरन वसूली करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने ट्रेनों में जबरन वसूली करने वाले 9 किन्नरों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक समेत छात्रों के विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रख्यात शिक्षक, वैज्ञानिक और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के आमरण अनशन और प्रस्तावित संसद मार्च के समर्थन में आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में पैदल मार्च निकाला। इसी कड़ी में झांसी में जिला अध्यक्ष अरशद खान के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने गांधी उद्यान पर एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार तक जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। इस आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन में आम जनमानस ने भी जुड़कर सक्रिय भागीदारी निभाई और 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो', 'पेपर लीक बंद करो' और 'सोनम वांगचुक संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं' जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष अरशद खान ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मशहूर शिक्षाविद सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन पर थे, ताकि NEET पेपर लीक के कारण मानसिक तनाव झेल रहे छात्रों को न्याय मिल सके और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा दें। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बेशर्मी का लबादा ओढ़ रखा है और अपने नकारा शिक्षा मंत्री को बचाने के लिए सोनम वांगचुक जैसे वैज्ञानिक की जान को भी दांव पर लगा दिया। पिछले 21 दिनों के संघर्ष के बाद भी प्रधानमंत्री ने उनसे बात करना तो दूर, उनके लिए एक ट्वीट तक नहीं किया। प्रांतीय उपाध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने कहा कि 21 दिनों से अनशन के कारण कमजोर हो चुके सोनम वांगचुक को पुलिस ने जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया, ताकि उनके 'संसद मार्च' के आंदोलन को खत्म किया जा सके। वहीं, महानगर अध्यक्ष ग्यादीन कुशवाहा ने 18 जुलाई को लोकतंत्र के लिए काला दिन बताते हुए कहा कि डॉक्टरों के भेष में आई पुलिस ने सोनम वांगचुक को चादर में लपेट कर उठा लिया और शांति से प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन सौंपकर तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। पार्टी ने मांग की है कि देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें, सोनम वांगचुक और युवाओं पर हुए लाठीचार्ज व जबरन कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बने और जंतर-मंतर जैसी जगहों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा की जाए। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रांतीय सचिव पुत्तू सिंह कुशवाहा, सचिन साहू, चौधरी परवेज, अब्दुल रहमान, रविन्द्र रायकवार, तुलसीदास कुशवाहा, सीमा कुशवाहा, भाग्यलक्ष्मी अय्यर, रिजवान खान सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- क्या आगामी 20 जुलाई को 1.5 लाख लोग संसद का घेराव करने जा रहे हैं? इस बेहद बड़ी तैयारी को लेकर सीधे तौर पर यह चेतावनी दी गई है कि यह रणनीति मोदी सरकार को पूरी तरह से ले डूबेगी। संसद घेरने की इस बड़ी योजना और तैयारी को मोदी सरकार के लिए एक बड़े खतरे के रूप में देखा जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में लक्ष्य न्यूज़ से बातचीत करते हुए भानू ठाकुर ने जीतू पटवारी पर सीधा हमला बोला है। भानू ठाकुर ने कहा कि जीतू पटवारी हमेशा बड़बोले नेता रहे हैं और बीजेपी पार्टी ही जीत दर्ज करेगी।1
- महामंडलेश्वर निखिलेश्वरानंद ने संत रामपाल पर खुलकर अपनी बात रखी है। उनका यह बयान इस समय काफी सुर्खियां बटोर रहा है और चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में कांग्रेस नेता संजू दांगी सिंध्वारी का जन्मदिन मनाया गया। इस खास मौके पर जीतू पटवारी ने उन्हें एक फोन गिफ्ट किया और उनके जन्मदिन की खुशियां मनाईं।1
- जालौन के कालपी में सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने मौके पर अवैध रूप से बनी इमारत को पूरी तरह से तोड़ दिया है।1