मथुरा को स्मार्ट सिटी बनाने का दावा करने वाली सांसद हेमामलिनी जी से मेरा सीधा सवाल है—अगर स्मार्ट सिटी की सड़कों पर बारिश का पानी जमा होकर जनता के घरों और दुकानों में घुस जाए, तो फिर यह स्मार्ट सिटी है या सिर्फ कागजों पर चल रहा विकास? बारिश की कुछ बूंदों ने ही मथुरा की जल निकासी व्यवस्था और विकास के तमाम दावों की पोल खोल दी है। सड़कें तालाब बनी हुई हैं, नालियां उफन रही हैं और आम नागरिक व श्रद्धालु परेशान हैं। करोड़ों रुपये की योजनाओं और बड़े-बड़े उद्घाटनों के बावजूद अगर हर मानसून में वही जलभराव, वही जाम और वही परेशानी सामने आती है, तो जवाबदेही तय करने का समय आ गया है। जनता को स्मार्ट सिटी का बोर्ड नहीं, जलभराव से मुक्ति चाहिए। जनता को भाषण नहीं, जमीन पर काम चाहिए। जनता को आश्वासन नहीं, जवाब चाहिए। मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की नगरी है, देश-दुनिया से श्रद्धालु यहां आते हैं। ऐसी पवित्र नगरी की सड़कों को नालों के पानी में डूबा छोड़ देना मथुरा की जनता और श्रद्धालुओं दोनों का अपमान है। स्मार्ट सिटी के नाम पर सिर्फ तस्वीरें और विज्ञापन नहीं चलेंगे। मथुरा की जनता अब हिसाब भी मांगेगी और जवाब भी।
मथुरा को स्मार्ट सिटी बनाने का दावा करने वाली सांसद हेमामलिनी जी से मेरा सीधा सवाल है—अगर स्मार्ट सिटी की सड़कों पर बारिश का पानी जमा होकर जनता के घरों और दुकानों में घुस जाए, तो फिर यह स्मार्ट सिटी है या सिर्फ कागजों पर चल रहा विकास? बारिश की कुछ बूंदों ने ही मथुरा की जल निकासी व्यवस्था और विकास के तमाम दावों की पोल खोल दी है। सड़कें तालाब बनी हुई हैं, नालियां उफन रही हैं और आम नागरिक व श्रद्धालु परेशान हैं। करोड़ों रुपये की योजनाओं और बड़े-बड़े उद्घाटनों के बावजूद अगर हर मानसून में वही जलभराव, वही जाम और वही परेशानी सामने आती है, तो जवाबदेही तय करने का समय आ गया है। जनता को स्मार्ट सिटी का बोर्ड नहीं, जलभराव से मुक्ति चाहिए। जनता को भाषण नहीं, जमीन पर काम चाहिए। जनता को आश्वासन नहीं, जवाब चाहिए। मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की नगरी है, देश-दुनिया से श्रद्धालु यहां आते हैं। ऐसी पवित्र नगरी की सड़कों को नालों के पानी में डूबा छोड़ देना मथुरा की जनता और श्रद्धालुओं दोनों का अपमान है। स्मार्ट सिटी के नाम पर सिर्फ तस्वीरें और विज्ञापन नहीं चलेंगे। मथुरा की जनता अब हिसाब भी मांगेगी और जवाब भी।
- सीवर का पानी ओवरफ्लो होने से वार्ड नंबर 14 की कॉलोनी जलमग्न, दुर्गंध से राहगीर और श्रद्धालु परेशान मथुरा। यमुना पार क्षेत्र के वार्ड नंबर 14 में सीवर का पानी ओवरफ्लो होने के कारण कॉलोनी में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर गंदा पानी जमा होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के कार्यक्रम को लेकर मथुरा में दूर-दराज के शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और यात्रियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। ऐसे में कॉलोनी में फैला गंदा पानी और उससे उठ रही तेज दुर्गंध श्रद्धालुओं के लिए भी परेशानी का सबब बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या कोई नई बात नहीं है। लंबे समय से कॉलोनी के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन कई बार शिकायतों के बावजूद अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जलभराव के कारण जहां आवागमन प्रभावित हो रहा है, वहीं गंदगी और दुर्गंध से बीमारी फैलने का भी खतरा बना हुआ है। जन्माष्टमी जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी इस अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम मथुरा-वृंदावन से मांग की है कि सीवर की समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर पानी की निकासी कराई जाए और स्थायी समाधान किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी न उठानी पड़े।1
- Agra UGC Protest Turns Violent: Karni Sena Questions Police Lathi Charge | Inspector Under Fire1
- माननीय मुख्यमंत्री जी के संभावित/प्रस्तावित कार्यक्रम के दृष्टिगत वृन्दावन स्थित पवन हंस हेलीपैड का निरीक्षण किया। अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।4
- आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा सीधे बैंक खाते में मानदेय, सेवा सुरक्षा भी होगी मजबूत मथुरा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आउटसोर्स कर्मियों के हित में शुरू किए गए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के पोर्टल, वेबसाइट एवं लोगो के शुभारंभ कार्यक्रम का बुधवार को मथुरा-वृंदावन नगर निगम के सभागार में सजीव प्रसारण किया गया। मथुरा नगर निगम स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण नगर निगम सभागार में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने देखा। यहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के पोर्टल, वेबसाइट और लोगो का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के सजीव प्रसारण के दौरान आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय, सेवा सुरक्षा एवं अन्य सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने बताया कि आउटसोर्स सेवा में पारदर्शिता और सुशासन स्थापित करने के साथ रोजगार के अवसरों को नई दिशा देने के उद्देश्य से यह व्यवस्था शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि अब आउटसोर्स कर्मियों के बैंक खातों में सीधे मानदेय भेजने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे उनके मानदेय में किसी प्रकार की अनावश्यक कटौती की संभावना कम होगी। उन्होंने बताया कि आउटसोर्स कर्मियों की सेवा समाप्त करने से पहले संबंधित आउटसोर्स कंपनी को सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी। मामले की जांच और निर्धारित प्रक्रिया के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही ईएसआई की धनराशि का लाभ बीमा के रूप में कर्मियों को मिलेगा, जिससे उन्हें भविष्य में सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्राप्त हो सके। नगर आयुक्त ने कहा कि आउटसोर्स कर्मियों को नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए भी जागरूक किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशे से दूर रहने के लिए सकारात्मक माहौल और अच्छी संगत का होना बेहद आवश्यक है। सामाजिक दायरा और संगत ऐसी होनी चाहिए, जिससे व्यक्ति नशे से दूरी बनाए रखे। उन्होंने कहा कि कई लोग खुशी और गम के अवसरों पर भी नशे का सहारा लेते हैं और बाद में इससे छुटकारा पाने के लिए दवाओं का सहारा लेते हैं। सरकार का प्रयास है कि ऐसी स्थिति ही पैदा न हो और लोगों को नशे की लत से दूर रखने के लिए पहले से ही जागरूकता का माहौल तैयार किया जाए।2
- रागिनी जब 6 महीने की थी, तब एक्सीडेंट में उसका एक पैर टूट गया था। अब 7 साल की हो गई है। घर से 400 मीटर दूर स्कूल है। वह एक पैर से कूदते हुए स्कूल जाती है। यह बिटिया हार नहीं मानेगी। 📍जिला बलिया, उत्तर प्रदेश इधर, बलिया के DM का बयान आया है। उन्होंने बिटिया के घर दिव्यांगजन अधिकारी और डॉक्टर भेजे हैं। आज जांच रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद उसे ट्राइसाइकिल मिलने की उम्मीद है। #बलिया_न्यूज1
- नगला मोती में विवाद ने लिया मारपीट का रूप, पति-पत्नी पर आरोप नगला मोती में विवाद ने लिया मारपीट का रूप, पति-पत्नी पर आरोप1
- 6 करोड़ की पाइपलाइन भी नहीं दिला सकी जलभराव से राहत, भूतेश्वर पुल ने खोली नगर निगम के दावों की पोल” 6 करोड़ की पाइपलाइन भी नहीं दिला सकी जलभराव से राहत, भूतेश्वर पुल ने खोली नगर निगम के दावों की पोल”1
- रागिनी जब 6 महीने की थी, तब एक्सीडेंट में उसका एक पैर टूट गया था। अब 7 साल की हो गई है। घर से 400 मीटर दूर स्कूल है। वह एक पैर से कूदते हुए स्कूल जाती है। वहीं जिलाधिकारी बलिया से ट्राइसाइकिल दिलाने की अपील की है। 📍जिला बलिया, उत्तर प्रदेश #बलिया_न्यूज1
- जन्मभूमि मंदिर की तैयारीयों का बीड़ा नगर निगम ने उठा लिया है, श्रद्धालुओं की सुविधाओं को देखते हुए हो रही है तैयारी मथुरा आगामी कृष्ण जन्म स्थान पर जन्माष्टमी की तैयारी को लेकर नगर निगम ने बीड़ा उठा लिया है जहां उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की आवश्यकता को देखते हुए सारी सुविधाएं जन्मभूमि परिसर के आसपास लगाई जाएगी ताकि कोई भी बाहर से आने वाला श्रद्धालु और सुविधा का सामना न करना पड़े जबकि जन्मभूमि ट्रस्ट द्वारा कृष्ण जन्म स्थान की तैयारी आप पूर्ण कर ली गई है और धूमधाम से योगीराज श्री कृष्ण का जन्म उत्सव मनाया जाएगा4