मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव का प्रस्तावित दौरा भांडेर तहसील जिला दतिया में है 24 मार्च को *▪️मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव का प्रस्तावित दौरा भांडेर तहसील जिला दतिया में है 24 मार्च को* मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के 24 मार्च को प्रस्तावित कार्यक्रम के दृष्टिगत कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने पुलिस अधीक्षक श्री सूरज वर्मा के साथ आज भाण्डेर पहुंचकर कार्यक्रम स्थल एवं हेलीपैड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत कलेक्टर ने मंडी प्रांगण में संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव का प्रस्तावित दौरा भांडेर तहसील जिला दतिया में है 24 मार्च को *▪️मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव का प्रस्तावित दौरा भांडेर तहसील जिला दतिया में है 24 मार्च को* मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के 24 मार्च को प्रस्तावित कार्यक्रम के दृष्टिगत कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने पुलिस अधीक्षक श्री सूरज वर्मा के साथ आज भाण्डेर पहुंचकर कार्यक्रम स्थल एवं हेलीपैड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत कलेक्टर ने मंडी प्रांगण में संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
- *▪️मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव का प्रस्तावित दौरा भांडेर तहसील जिला दतिया में है 24 मार्च को* मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के 24 मार्च को प्रस्तावित कार्यक्रम के दृष्टिगत कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने पुलिस अधीक्षक श्री सूरज वर्मा के साथ आज भाण्डेर पहुंचकर कार्यक्रम स्थल एवं हेलीपैड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत कलेक्टर ने मंडी प्रांगण में संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।1
- Post by कृष्ण कांत शर्मा1
- संगीतमय भागवत कथा चल रही है आईटीआई स्थित हनुमान मंदिर पर जहां भगवान का जन्मदिन मनाया जाएगा अभी भगवान राम का जन्म हुआ है2
- किशोरों के डूबने की घटना से परिजनों में मचा कोहराम, नहाते समय गहरे पानी मे उतरने के दौरान हुआ हादसा, बलकेश्वर के लाल मस्जिद निवासी हैं दोनों किशोर, सोमवार शाम तकरीबन 6 बजे की बताई जा रही घटना, मौके पर पहुँची पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपेरशन, गोताखोरों की मदद से किशोरों की तलाश में जुटी पुलिस, मौके पर कमला नगर और एत्मादौला और छत्ता थानों का फोर्स मौजूद, एत्मादौला थाना क्षेत्र के जवाहर पुल के नीचे की घटना।2
- अंबाह। आज अंबाह में गैस सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी लाइनें देखने को मिलीं। सुबह से ही गैस एजेंसी के बाहर बड़ी संख्या में लोग सिलेंडर के लिए खड़े रहे, जिससे आम नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई महिलाएं और बुजुर्ग भी घंटों लाइन में खड़े नजर आए। लोगों का कहना है कि समय पर सिलेंडर नहीं मिलने से घर के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। नागरिकों ने गैस एजेंसी और प्रशासन से मांग की है कि सिलेंडर वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके1
- अंबाह/थरा भारतीय स्टेट बैंक शाखा थरा के अधिक कार्य दबाव होने के कारण आए दिन ग्राहकों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं । लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एसबीआई ने थरा के लिए नवीन कियोस्क का शुभारंभ किया है जिसमें ई केवाईसी छोटे-छोटे विड्रॉल ,डिपॉजिट, अन्य की सुविधा ग्राहक सेवा केंद्र से ग्राहकों को मिल सकेगी जिससे शाखा में बड़े स्तर के कार्यों को समुचित समय मिल सकेगा और छोटे-छोटे उपभोक्ताओं को भी सुविधाजनक तरीके से बैंकिंग का लाभ मिल सकेगा कियोस्क संचालक आशीष राजौरिया ने बताया कि कियोस्क पर बैंक से संबंधित सभी कार्य जैसे ई केवाईसी, जमा, निकासी सभी बैंकिंग सेवा उपलब्ध होगी।1
- *सुखदेव थापर* - सुखदेव का जन्म 15 मई 1907 को लुधियाना में हुआ था। - वे हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के सदस्य थे। - उन्होंने लाहौर षड्यंत्र मामले में भाग लिया और 23 मार्च 1931 को फांसी दी गई । *भगत सिंह* - भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को बंगा, पंजाब में हुआ था। - वे एक महान क्रांतिकारी और लेखक थे। - उन्होंने सांडर्स हत्या मामले में भाग लिया और 23 मार्च 1931 को फांसी दी गई । *शिवराम राजगुरु* - राजगुरु का जन्म 24 अगस्त 1908 को खेड़, महाराष्ट्र में हुआ था। - वे एक कुशल निशानेबाज और क्रांतिकारी थे। - उन्होंने सांडर्स हत्या मामले में भाग लिया और 23 मार्च 1931 को फांसी दी गई । *माँओं के अंतिम शब्द* - भगत सिंह की माँ विद्यावती ने कहा, "बेटा, मैं तुम्हें आँखों में आँसू नहीं लाना चाहती। तुमने देश के लिए अपनी जान दी है, मैं तुम पर गर्व करती हूँ"। - सुखदेव की माँ रल्ली देवी ने कहा, "मेरा बेटा देश के लिए शहीद हुआ है, मैं उसकी शहादत पर गर्व करती हूँ"। - राजगुरु की माँ पार्वती बाई ने कहा, "मेरा बेटा देश के लिए लड़ा, मैं उसकी शहादत को सलाम करती हूँ । इन तीन महान क्रांतिकारियों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी शहादत ने देश को एक नई दिशा दी और आज भी वे हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर वर्ष मेले, वतन पर मिटने वालों का बाकी यही निशां होगा। अंबाह। 23 मार्च शहीद दिवस के रूप में मनाया गया । इसी क्रम में शहादत और वीरता के महानायकों को और उनकी शहादत को याद करते हुए, माय युवा भारत के मुरैना केंद्र के भीमसेन तोमर युवा मंडल व अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के सहयोग से अंचल के सपूत रामप्रसाद बिस्मिल जी के स्मारक (नगर पालिका चौराहे) से पदयात्रा पोरसा चौराहे (अमर शहीद सम्मान सेवा संघ कार्यालय) तक निकाली गई ।जिसमें सैंकड़ों की संख्या में युवाओं , समाजसेवियों ने पदयात्रा में भाग लेकर शहादत को नमन किया ।पदयात्रा चौराहे पर समाप्त हुई उसके उपरांत कार्यालय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।जहां पर युवाओं को संबोधित करते हुए और राष्ट्र प्रेम के लिए संदेश देते हुए , हमेशा तत्पर रहना चाहिए, की अपील करते हुए हवलदार धर्मेंद्र सिंह तोमर (सेवानिवृत्ति) प्रदेश अध्यक्ष -अमर शहीद सम्मान सेवा संघ ने युवाओं से कहा कि देश पर मरने व बलिदान करने के लिए युवा ही वह शक्ति पुंज होता जो किसी भी परिस्थिति को मोड़ने की क्षमता रखता है, कार्यक्रम में भीमसेन युवा मंडल के अध्यक्ष समाजसेवी भीमसेन सिंह तोमर थरा व सदस्य गण,अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के सेवक, मां करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विनय सिंह तोमर, समाजसेवी आकाश तोमर अखैपुरा, समाजसेवी रिंकू पटेल, अखिलेश शर्मा, नरेंद्र ओझा, डॉ लाखन राठोर, विकास शर्मा, हरिमोहन शर्मा, सम्राट नारी शक्ति के रूप में,क्षमा कटारे, मानवता, व सैंकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर शहादत को याद किया, समूची पदयात्रा में भारत माता की जय घोषों से व अमर शहीदों का बलिदान याद रखेगा हिंदुस्तान , वातावरण में गुंजायमान रही1
- *संत समिति के प्रतिनिधि मंडल ने सौंपा ज्ञापन।।* *एमपी आरडीसी के अधिकारियों ने तुरंत भेजा उच्च अधिकारियों को* संत समिति के अध्यक्ष कालिदास महाराज जी के आदेश अनुसार आज ग्वालियर में ग्वालियर भिंड इटावा हाईवे पर स्थापित बरेठा टोल प्लाजा और बरही टोल प्लाजा को समाप्त करने के लिए संत समिति के प्रतिनिधि मंडल ने एमपी आरडीसी के अधिकारियों को ज्ञापन सोपा ग्वालियर भिंड इटावा हाईवे जिसे अब क्षेत्र में मौत का हाईवे या खूनी हाइवे कहा जाता है क्योंकि इस हाइवे पर दिन प्रतिदिन अनेकों दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोग मौत के मुंह में जा रहे हैं जिसके लिए संत समाज, भूतपूर्व सैनिक तथा समाज सेवी संस्थाएं और आम जनमानस लगातार इस हाइवे को सिक्स लेन बनाने की मांग कर रहा है इसी क्रम में लगातार जन आंदोलन हो रहे हैं 16 मार्च को हुए रोड नहीं तो टोल नहीं आंदोलन के द्वारा लिखित आश्वासन प्राप्त हुआ है की 31 मार्च तक इस हाईवे की डीपीआर बन कर जमा हो जाएगी तथा 30 अप्रैल 2026 तक टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी इसी क्रम में संत समाज के द्वारा और आम जनमानस के द्वारा लगातार यह मांग की गई कि जब तक रोड नहीं बनती तब तक इस हाइवे पर कोई टोल नहीं लिया जाए जिसकी 16 मार्च के आंदोलन में भी मांग उठी तब मंच से एमपी आरडीसी के अधिकारियों के द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि हम साथ दिवस के अंदर टोल समाप्ति की प्रक्रिया उच्च अधिकारियों तक भेज देंगे विगत दिवस न्यूज़ के माध्यम से ज्ञात हुआ की एमपीआरडीसी के अधिकारियों के द्वारा ऐसा कहा गया है कि संत समाज के द्वारा टोल समाप्ति के लिए लिखित में कोई आवेदन नहीं दिया गया है संत समिति के मीडिया प्रभारी "हेल्प गुरु" प्रमोद राजावत ने बताया इसी बात को ध्यान में रखकर आज संत समिति के प्रतिनिधिमंडल ने लिखित में ज्ञापन सौंप कर एमपी आरडीसी के अधिकारियों से यह मांग की है कि जब तक रोड नहीं बनती तब तक किसी प्रकार का टोल ना लिया जाए एमपी आरडीसी के अधिकारियों ने ज्ञापन उच्च अधिकारियों को भेज कर टोल समाप्ति की उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है । प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से संत, भूतपूर्व सैनिक और समाज सेवी शामिल रहे।1