डेयरी लोन के नाम पर कागजात पर हस्ताक्षर कराने का आरोप, दो साल बाद पहुंचा बैंक का नोटिस (ग्राम पंचायत लाखनखेड़ा के मजरा निबिया निवासी युवक ने प्रधान पति अरुण कुमार और बैंक प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप, तहसील दिवस व आईजीआरएस में की शिकायत) रिपोर्टर शुभम साहू घाटमपुर घाटमपुर/नर्वल। नर्वल तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत लाखनखेड़ा के मजरा निबिया निवासी एक युवक के सामने उस समय परेशानी खड़ी हो गई, जब उसके घर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, शाखा भीतरगांव की ओर से ऋण भुगतान का नोटिस पहुंचा। युवक का आरोप है कि उसने करीब दो वर्ष पहले मवेशी पालन के लिए ऋण दिलाए जाने के नाम पर कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन उसे ऋण स्वीकृत होने अथवा खाते में रकम आने की कोई जानकारी नहीं दी गई। अब बैंक के नोटिस में उसके नाम से डेयरी ऋण बकाया बताए जाने के बाद वह हैरान है। पीड़ित महेश कुमार पुत्र प्यारे लाल निवासी निबिया, भीतरगांव, कानपुर के अनुसार, ग्राम प्रधान शोभा देवी के पति उसे मवेशी पालने के लिए लोन दिलाने का भरोसा देकर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की भीतरगांव शाखा ले गए थे। वहां उससे विभिन्न कागजातों पर हस्ताक्षर कराए गए। महेश का कहना है कि बैंक प्रबंधक ने खेती और मवेशी नहीं होने का हवाला देते हुए उसका लोन करने से मना कर दिया था। इसके बाद उसने मामले को समाप्त मान लिया और उसे ऋण स्वीकृत होने की कोई जानकारी नहीं मिली। दो साल बाद घर पहुंचा ऋण वसूली का नोटिस महेश के मुताबिक करीब दो वर्ष बीतने के बाद 1 जुलाई 2026 को उसके घर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, भीतरगांव शाखा का ऋण भुगतान संबंधी नोटिस पहुंचा। नोटिस में बैंक की ओर से उल्लेख किया गया है कि 27 मार्च 2024 को ₹1,03,740 का KCC Dairy (AH) ऋण दिया गया था। नोटिस के अनुसार 30 मार्च 2026 तक ₹1,10,379 की बकाया राशि बताई गई है, जिसमें ब्याज एवं अन्य प्रभार भी शामिल होने का उल्लेख है। बैंक के नोटिस में ऋण खाते को नियमित नहीं किए जाने पर उसके एनपीए श्रेणी में जाने की संभावना जताई गई है। साथ ही निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर ऋण वसूली की कार्रवाई किए जाने और भविष्य में संबंधित कृषि भूमि पर कुर्की की कार्रवाई का उल्लेख भी किया गया है। युवक बोला- बिना जानकारी के खुला बैंक खाता महेश का आरोप है कि उसे इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि उसके नाम से ऋण स्वीकृत हो चुका है। उसका कहना है कि उसके नाम से एक नया बैंक खाता भी खोला गया और कथित तौर पर ऋण की रकम उस खाते में आई तथा वहां से निकाल भी ली गई। महेश के अनुसार, उक्त खाते में लंबे समय से लेनदेन होने की बात सामने आ रही है, लेकिन उसके पास न तो उस खाते की पासबुक है और न ही उसने स्वयं इस प्रकार के लेनदेन की जानकारी दी है। नोटिस मिलने के बाद महेश ने पूरे मामले की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। उसका कहना है कि यदि उसके नाम पर वास्तव में ऋण स्वीकृत हुआ और रकम खाते में पहुंची, तो रकम किस खाते में गई और उसे किसने निकाला, इसकी जांच होना जरूरी है। तहसील दिवस और आईजीआरएस में शिकायत मामले को लेकर परेशान युवक ने नर्वल तहसील दिवस में अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा उसने आईजीआरएस के माध्यम से भी शिकायत भेजकर पूरे मामले की जांच कराने और उसे कथित ऋण से संबंधित वास्तविक स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। महेश ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि उसके नाम से खोले गए बैंक खाते, ऋण आवेदन, हस्ताक्षरित दस्तावेज, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया और खाते में भेजी गई रकम की जांच कराई जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि ऋण की धनराशि किस खाते में पहुंची और उसके बाद रकम की निकासी किस माध्यम से हुई। जांच के बाद सामने आएगी वास्तविकता युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मामले में बैंक रिकॉर्ड, ऋण आवेदन, केवाईसी दस्तावेज, संबंधित खाते के लेनदेन और रकम निकासी की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, ग्राम प्रधान पक्ष और बैंक प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद खबर का दूसरा पहलू भी स्पष्ट होगा।
डेयरी लोन के नाम पर कागजात पर हस्ताक्षर कराने का आरोप, दो साल बाद पहुंचा बैंक का नोटिस (ग्राम पंचायत लाखनखेड़ा के मजरा निबिया निवासी युवक ने प्रधान पति अरुण कुमार और बैंक प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप, तहसील दिवस व आईजीआरएस में की शिकायत) रिपोर्टर शुभम साहू घाटमपुर घाटमपुर/नर्वल। नर्वल तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत लाखनखेड़ा के मजरा निबिया निवासी एक युवक के सामने उस समय परेशानी खड़ी हो गई, जब उसके घर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, शाखा भीतरगांव की ओर से ऋण भुगतान का नोटिस पहुंचा। युवक का आरोप है कि उसने करीब दो वर्ष पहले मवेशी पालन के लिए ऋण दिलाए जाने के नाम पर कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन उसे ऋण स्वीकृत होने अथवा खाते में रकम आने की कोई जानकारी नहीं दी गई। अब बैंक के नोटिस में उसके नाम से डेयरी ऋण बकाया बताए जाने के बाद वह हैरान है। पीड़ित महेश कुमार पुत्र प्यारे लाल निवासी निबिया, भीतरगांव, कानपुर के अनुसार, ग्राम प्रधान शोभा देवी के पति उसे मवेशी पालने के लिए लोन दिलाने का भरोसा देकर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की भीतरगांव शाखा ले गए थे। वहां उससे विभिन्न कागजातों पर हस्ताक्षर कराए गए। महेश का कहना है कि बैंक प्रबंधक ने खेती और मवेशी नहीं होने का हवाला देते हुए उसका लोन करने से मना कर दिया था। इसके बाद उसने मामले को समाप्त मान लिया और उसे ऋण स्वीकृत होने की कोई जानकारी नहीं मिली। दो साल बाद घर पहुंचा ऋण वसूली का नोटिस महेश के मुताबिक करीब दो वर्ष बीतने के बाद 1 जुलाई 2026 को उसके घर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, भीतरगांव शाखा का ऋण भुगतान संबंधी नोटिस पहुंचा। नोटिस में बैंक की ओर से उल्लेख किया गया है कि 27 मार्च 2024 को ₹1,03,740 का KCC Dairy (AH) ऋण दिया गया था। नोटिस के अनुसार 30 मार्च 2026 तक ₹1,10,379 की बकाया राशि बताई गई है, जिसमें ब्याज एवं अन्य प्रभार भी शामिल होने का उल्लेख है। बैंक के नोटिस में ऋण खाते को नियमित नहीं किए जाने पर उसके एनपीए श्रेणी में जाने की संभावना जताई गई है। साथ ही निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर ऋण वसूली की कार्रवाई किए जाने और भविष्य में संबंधित कृषि भूमि पर कुर्की की कार्रवाई का उल्लेख भी किया गया है। युवक बोला- बिना जानकारी के खुला बैंक खाता महेश का आरोप है कि उसे इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि उसके नाम से ऋण स्वीकृत हो चुका है। उसका कहना है कि उसके नाम से एक नया बैंक खाता भी खोला गया और कथित तौर पर ऋण की रकम उस खाते में आई तथा वहां से निकाल भी ली गई। महेश के अनुसार, उक्त खाते में लंबे समय से लेनदेन होने की बात सामने आ रही है, लेकिन उसके पास न तो उस खाते की पासबुक है और न ही उसने स्वयं इस प्रकार के लेनदेन की जानकारी दी है। नोटिस मिलने के बाद महेश ने पूरे मामले की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। उसका कहना है कि यदि उसके नाम पर वास्तव में ऋण स्वीकृत हुआ और रकम खाते में पहुंची, तो रकम किस खाते में गई और उसे किसने निकाला, इसकी जांच होना जरूरी है। तहसील दिवस और आईजीआरएस में शिकायत मामले को लेकर परेशान युवक ने नर्वल तहसील दिवस में अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा उसने आईजीआरएस के माध्यम से भी शिकायत भेजकर पूरे मामले की जांच कराने और उसे कथित ऋण से संबंधित वास्तविक स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। महेश ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि उसके नाम से खोले गए बैंक खाते, ऋण आवेदन, हस्ताक्षरित दस्तावेज, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया और खाते में भेजी गई रकम की जांच कराई जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि ऋण की धनराशि किस खाते में पहुंची और उसके बाद रकम की निकासी किस माध्यम से हुई। जांच के बाद सामने आएगी वास्तविकता युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मामले में बैंक रिकॉर्ड, ऋण आवेदन, केवाईसी दस्तावेज, संबंधित खाते के लेनदेन और रकम निकासी की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, ग्राम प्रधान पक्ष और बैंक प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद खबर का दूसरा पहलू भी स्पष्ट होगा।
- डेयरी लोन के नाम पर कागजात पर हस्ताक्षर कराने का आरोप, दो साल बाद पहुंचा बैंक का नोटिस (ग्राम पंचायत लाखनखेड़ा के मजरा निबिया निवासी युवक ने प्रधान पति अरुण कुमार और बैंक प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप, तहसील दिवस व आईजीआरएस में की शिकायत) रिपोर्टर शुभम साहू घाटमपुर घाटमपुर/नर्वल। नर्वल तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत लाखनखेड़ा के मजरा निबिया निवासी एक युवक के सामने उस समय परेशानी खड़ी हो गई, जब उसके घर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, शाखा भीतरगांव की ओर से ऋण भुगतान का नोटिस पहुंचा। युवक का आरोप है कि उसने करीब दो वर्ष पहले मवेशी पालन के लिए ऋण दिलाए जाने के नाम पर कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन उसे ऋण स्वीकृत होने अथवा खाते में रकम आने की कोई जानकारी नहीं दी गई। अब बैंक के नोटिस में उसके नाम से डेयरी ऋण बकाया बताए जाने के बाद वह हैरान है। पीड़ित महेश कुमार पुत्र प्यारे लाल निवासी निबिया, भीतरगांव, कानपुर के अनुसार, ग्राम प्रधान शोभा देवी के पति उसे मवेशी पालने के लिए लोन दिलाने का भरोसा देकर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की भीतरगांव शाखा ले गए थे। वहां उससे विभिन्न कागजातों पर हस्ताक्षर कराए गए। महेश का कहना है कि बैंक प्रबंधक ने खेती और मवेशी नहीं होने का हवाला देते हुए उसका लोन करने से मना कर दिया था। इसके बाद उसने मामले को समाप्त मान लिया और उसे ऋण स्वीकृत होने की कोई जानकारी नहीं मिली। दो साल बाद घर पहुंचा ऋण वसूली का नोटिस महेश के मुताबिक करीब दो वर्ष बीतने के बाद 1 जुलाई 2026 को उसके घर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, भीतरगांव शाखा का ऋण भुगतान संबंधी नोटिस पहुंचा। नोटिस में बैंक की ओर से उल्लेख किया गया है कि 27 मार्च 2024 को ₹1,03,740 का KCC Dairy (AH) ऋण दिया गया था। नोटिस के अनुसार 30 मार्च 2026 तक ₹1,10,379 की बकाया राशि बताई गई है, जिसमें ब्याज एवं अन्य प्रभार भी शामिल होने का उल्लेख है। बैंक के नोटिस में ऋण खाते को नियमित नहीं किए जाने पर उसके एनपीए श्रेणी में जाने की संभावना जताई गई है। साथ ही निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर ऋण वसूली की कार्रवाई किए जाने और भविष्य में संबंधित कृषि भूमि पर कुर्की की कार्रवाई का उल्लेख भी किया गया है। युवक बोला- बिना जानकारी के खुला बैंक खाता महेश का आरोप है कि उसे इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि उसके नाम से ऋण स्वीकृत हो चुका है। उसका कहना है कि उसके नाम से एक नया बैंक खाता भी खोला गया और कथित तौर पर ऋण की रकम उस खाते में आई तथा वहां से निकाल भी ली गई। महेश के अनुसार, उक्त खाते में लंबे समय से लेनदेन होने की बात सामने आ रही है, लेकिन उसके पास न तो उस खाते की पासबुक है और न ही उसने स्वयं इस प्रकार के लेनदेन की जानकारी दी है। नोटिस मिलने के बाद महेश ने पूरे मामले की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। उसका कहना है कि यदि उसके नाम पर वास्तव में ऋण स्वीकृत हुआ और रकम खाते में पहुंची, तो रकम किस खाते में गई और उसे किसने निकाला, इसकी जांच होना जरूरी है। तहसील दिवस और आईजीआरएस में शिकायत मामले को लेकर परेशान युवक ने नर्वल तहसील दिवस में अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा उसने आईजीआरएस के माध्यम से भी शिकायत भेजकर पूरे मामले की जांच कराने और उसे कथित ऋण से संबंधित वास्तविक स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। महेश ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि उसके नाम से खोले गए बैंक खाते, ऋण आवेदन, हस्ताक्षरित दस्तावेज, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया और खाते में भेजी गई रकम की जांच कराई जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि ऋण की धनराशि किस खाते में पहुंची और उसके बाद रकम की निकासी किस माध्यम से हुई। जांच के बाद सामने आएगी वास्तविकता युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मामले में बैंक रिकॉर्ड, ऋण आवेदन, केवाईसी दस्तावेज, संबंधित खाते के लेनदेन और रकम निकासी की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, ग्राम प्रधान पक्ष और बैंक प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद खबर का दूसरा पहलू भी स्पष्ट होगा।1
- 🚨 बड़ी खबर | कानपुर घंटाघर पर वसूली के आरोप कानपुर नगर के घंटाघर चौराहे पर वाहन चालकों से कथित वसूली के आरोप सामने आए हैं। गाड़ी चालक नवनीत केशरवानी ने लगाये 500 रुपए लेने का आरोप है कि गाड़ियां रोककर पहले चालान का डर दिखाया जाता है और इसके बाद उनसे पैसे लिए जाते हैं। घंटाघर जैसे व्यस्त चौराहे पर सामने आए इन आरोपों ने ट्रैफिक व्यवस्था और निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर वाहन चालकों को रोककर चालान के नाम पर क्या हो रहा है—यह जांच का विषय है। क्या जिम्मेदार अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर जांच करेंगे? देखना होगा कि इन आरोपों की सच्चाई क्या है और दोषी पाए जाने पर क्या कार्रवाई होती है।1
- अवैध कब्जे से मुक्त कराकर अनाथ युवा को दिलाई गई उसकी पैतृक भूमि घाटमपुर।तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम लौली में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अनाथ युवक को उसकी पैतृक जमीन वापस दिलाई है। पिछले 16 वर्षों से अवैध कब्जे का दंश झेल रहे 18 वर्षीय अंश तिवारी को आखिरकार न्याय मिल ही गया।अंश तिवारी के माता-पिता की मृत्यु के बाद, उसके सगे चाचा ने उसकी ढाई बीघा जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। माता-पिता की छत्रछाया उठने के बाद अंश लंबे समय से अपनी ही भूमि के लिए संघर्ष कर रहा था। बालिग होने पर पीड़ित अंश तिवारी ने तहसील प्रशासन से इस संबंध में न्याय की गुहार लगाई और शिकायत दर्ज कराई।शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तहसील प्रशासन एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम का गठन किया गया। मंगलवार को राजस्व टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर उक्त ढाई बीघा भूमि को चाचा के अवैध कब्जे से पूरी तरह मुक्त कराया। इसके बाद टीम ने विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए माता-पिता विहीन पुत्र अंश तिवारी को उसकी पैतृक भूमि का शांतिपूर्ण तरीके से सुपुर्दगी दिला दी। प्रशासन की इस त्वरित और मानवीय कार्रवाई की स्थानीय ग्रामीणों ने सराहना की जा रही है।1
- पशुबाजार के द़गल म़े हनुमानगढ़ी के रविदास ने राजस्थान के लालू को किया चित हमीरपुर। सुमेरपुर के तीजा महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को पशु बाजार मेला मैदान में विशाल दंगल का आयोजन हुआ। दंगल में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और नेपाल से आए नामी-गिरामी पहलवानों ने जोरदार कुश्तियां लड़कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। मुकाबले देखने के लिए मेला मैदान में भारी भीड़ उमड़ी। दंगल में हनुमानगढ़ी अयोध्या के बाबा रविदास और राजस्थान के लालू पहलवान के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। करीब दस मिनट तक चले मुकाबले में रविदास ने शानदार दांव लगाते हुए लालू को चित कर दिया। वहीं शनि इटरा ने नीरज आगरा को पराजित किया। उपेंद्र जालौन और हर्ष कानपुर के बीच कुश्ती बराबरी पर छूटी। अंश कानपुर और विजय महुआ के मुकाबले में भी कोई पहलवान जीत दर्ज नहीं कर सका। अंकित इंगोहटा ने अहमद उन्नाव को चित किया। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और नेपाल से आए पहलवानों के बीच भी कई शानदार मुकाबले हुए। दंगल का संचालन सुरेश यादव दपसौरा ने किया। रेफरी की भूमिका पूर्व बुंदेलखंड केसरी बाबूलाल पहलवान और सूरजपाल सिंह ने निभाई। दंगल का शुभारंभ इटरा आश्रम के महंत स्वामी वेदानंद उर्फ बलराम दास महाराज ने किया। इस मौके पर बांकी आश्रम के महंत स्वामी रामदेव महाराज, नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेंद्र शिवहरे, दंगल आयोजक अमर सिंह, जयकरण सिंह, जितेंद्र सिंह तोमर, रामबरन सिंह, अंकित सिंह रानू, देवांश सिंह, देवेंद्र सिंह संतू, प्रदीप सिंह तोमर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।1
- लोटन प्रसाद प्रेस रिपोर्टर क्राइम न्यूज़ चैनल भरुआसुमेरपुर ( हमीरपुर) बुन्देलखण्ड का सुप्रसिद्ध एक सौ तिहत्तर वर्ष ऐतिहासिक तीजा मेला हर्षोल्लास के साथ सम्पन हुआ। नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेन्द्र शिवहरे उर्फ धीरु द्वारा मनमोहक झांकियों की पूजा कर झांकियों को प्रस्थान किया।जिसमें लगभग पैंतीस झांकियों ने अपना अपना मनमोहक प्रस्तुति से सभी हजारों की विशाल जनसमूह को मनमोहित कर दिया। जिसमें द्रोपदी का चीरहरण जीवन चित्रण से अपनी अलग छवि छोड़ रही थी। हजारों की विशाल भीड को कन्ट्रोल करने के लिए कई थानों की पुलिस सुरक्षा में तैनात रही। जिससे बिना किसी अप्रिय घटना के साकुशल सम्पन्न हुआ।जगह जगह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भरमार रही। पशु,बजाय(बैलाहीबजार) में जलपरी, मिक्सर झुला, उड़न खटोला सहित दर्जनों आइटमों विशाल जनसमूह को मनमोहित कर दिया। पशु बजार के प्रबन्धक व कमेटी द्वारा विशाल भीड को कन्ट्रोल करने तथा उनकी सुरक्षा के लिए जगह-जगह सी,सी,टी,वी से निगरानी की जा रही थी। तथा पुलिस कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया था जिससे किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना न घट सके। अपराधियों पर नकेल कसी रहे। पशु बजार प्रबंधन कमेटी द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी दो द्विवसीय झांसी के कलाकारों द्वारा अलग अलग नाटकों द्वारा सुन्दर प्रस्तुति दी जाएगी। तथा दुसरे दिन विशाल दंगल का आयोजन भी किया जाता है जिससे दूर दूर के नामी गिरामी पहलवान आते हैं। तथा नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेन्द्र शिवहरे उर्फ धीरु अधिशाषी अधिकारी दिनेश आर्य द्वारा रामलीला मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम कराये जाते है। लोटन प्रसाद प्रेस रिपोर्टर क्राइम न्यूज़ चैनल भरुआसुमेरपुर ( हमीरपुर) बुन्देलखण्ड का सुप्रसिद्ध एक सौ तिहत्तर वर्ष ऐतिहासिक तीजा मेला हर्षोल्लास के साथ सम्पन हुआ। नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेन्द्र शिवहरे उर्फ धीरु द्वारा मनमोहक झांकियों की पूजा कर झांकियों को प्रस्थान किया।जिसमें लगभग पैंतीस झांकियों ने अपना अपना मनमोहक प्रस्तुति से सभी हजारों की विशाल जनसमूह को मनमोहित कर दिया। जिसमें द्रोपदी का चीरहरण जीवन चित्रण से अपनी अलग छवि छोड़ रही थी। हजारों की विशाल भीड को कन्ट्रोल करने के लिए कई थानों की पुलिस सुरक्षा में तैनात रही। जिससे बिना किसी अप्रिय घटना के साकुशल सम्पन्न हुआ।जगह जगह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भरमार रही। पशु,बजाय(बैलाहीबजार) में जलपरी, मिक्सर झुला, उड़न खटोला सहित दर्जनों आइटमों विशाल जनसमूह को मनमोहित कर दिया। पशु बजार के प्रबन्धक व कमेटी द्वारा विशाल भीड को कन्ट्रोल करने तथा उनकी सुरक्षा के लिए जगह-जगह सी,सी,टी,वी से निगरानी की जा रही थी। तथा पुलिस कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया था जिससे किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना न घट सके। अपराधियों पर नकेल कसी रहे। पशु बजार प्रबंधन कमेटी द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी दो द्विवसीय झांसी के कलाकारों द्वारा अलग अलग नाटकों द्वारा सुन्दर प्रस्तुति दी जाएगी। तथा दुसरे दिन विशाल दंगल का आयोजन भी किया जाता है जिससे दूर दूर के नामी गिरामी पहलवान आते हैं। तथा नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेन्द्र शिवहरे उर्फ धीरु अधिशाषी अधिकारी दिनेश आर्य द्वारा रामलीला मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम कराये जाते है।4
- कानपुर में खाकी की दबंगई: रॉन्ग साइड चलने पर टोकने पर सिपाही ने बैटरी लोडर चालक को सरेराह पीटा, BREAKING NEWS कानपुर में खाकी की दबंगई: रॉन्ग साइड चलने पर टोकने पर सिपाही ने बैटरी लोडर चालक को सरेराह पीटा, सीपी से शिकायत टिकर / स्क्रॉल टैग्स (1-लाइनर्स): * कानपुर: जरीब चौकी चौराहे के पास सिपाही की गुंडई, लोडर चालक से की मारपीट * बिना हेलमेट रॉन्ग साइड बाइक चलाने पर टोकने पर सिपाही ने खोया आपा * सिपाही ने दी धमकी—'दिखता नहीं सामने पुलिस है', थप्पड़ों से पीटा * पीड़ित दीपक सिंह ने पुलिस कमिश्नर को पत्र सौंपकर लगाई न्याय की गुहार * पीड़ित ने की चौराहे के CCTV फुटेज खंगालने और सिपाही पर कड़ी कार्रवाई की मांग * सिपाही पर मोबाइल छीनने और जान से मारने की धमकी देने का भी गंभीर आरोप * मामले पर एसीपी सीसामऊ आनंद कुमार ओझा बोले—जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई सोशल मीडिया / डिजिटल टैग्स: #Kanpur #KanpurPolice #KhakiCrime #UPPolice #BreakingNews #CrimeNews #KanpurNews #CCTV #Sisamau #nonfollowers UP Police1
- *लालू ने तो केवल चारा खाया था ### यहाँ तो गौवंश का सब कुछ खा गये* *दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन मे समाई काहे को ऐसी दुनिया बनाई* *गौवंशो को भी नहीं बक्शा* *काहे बनाये तूने माटी के पुतले ## काहे बनाया तूने दुनिया का खेला ## जिसमे लगाया चारो तरफ भ्रस्टाचार का मेला* *गौवंश का भूसा और चारा कौन कौन खा रहा है* *कैसे मिलाते होंगे नंदी से आँख ### भूल गया गलती माफ़ आप शर्म तो पहले ही बेच चुके हो भ्रस्टाचार के बाजार मे* *भूख प्यास से झूज रहे सड़को पर भूख मिटाने की तलाश मे घूम रहे है* *गुप चुप तमाशा देखे जिम्मेदार* *तू भी तड़पा होगा मन को बना कर भ्रस्टाचार का रावण मन मे छिपाकर* *कोई छवि तो होंगी आँखो मे तेरी ## आंसू भी छलके होंगे पलकों से तेरी ## भूल का सूजी तुझको काहे को जगाईं* *मुख्यमंत्री का है ड्रीम प्रोजेक्ट* *दावा तो बढ़े बढ़े किये जाते है शासन कि प्राथमिकता मेरी है प्राथमिकता* *तुम्हारी पोल पट्टी खोलने लग जाये तो क्या होगा ### अगर मंदिर की मूरत बोलने लग जाये तो क्या हो ## बताओ जहा ब्रहम बेला मे जहा पाप धोते हो ## उस नदी का पानी खौलने लग जाये तो क्या हो1
- ससुराल से घर लौट रहे भैंस व्यापारी अफसर अली को रास्ते में रोककर पीटने और ₹4,500 छीनने का आरोप। 📍 कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश पीड़ित के मुताबिक दबंगों ने कहा “इतना कमाते हो, दारू नहीं पिला सकते?” इसके बाद मारपीट शुरू कर दी और जेब में रखे पैसे छीन लिए। करारी थाना क्षेत्र के जमदुआ के पास का मामला। गरीब-मध्यम तबके का आदमी मेहनत से कमाए और दबंग रास्ते में रोककर लूट लें आखिर कानून का डर कहाँ है?1