मंडला जिले के विकासखंड बीजाडांडी अंतर्गत ग्राम लावर मुड़िया निवासी श्रीमती गीता तेकाम ने कृषि को सफल व्यवसाय में बदलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। एम.ए. शिक्षित गीता ने नौकरी के पारंपरिक विकल्पों को छोड़ आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि को अपना लक्ष्य बनाया, जिससे वे पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक आदर्श बन गई हैं। उनकी इस सफलता में कृषि विभाग और आत्मा परियोजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सहायक तकनीकी प्रबंधक मोहित गोल्हानी के मार्गदर्शन में गीता तेकाम ने चिया सीड और किनोवा जैसी उच्च मूल्य वाली सुपरफूड फसलों की खेती शुरू की। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों का त्याग कर जीवामृत और घनजीवामृत जैसे जैविक खादों को अपनाया, जिससे खेती की लागत कम हुई और भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ी। सीमित संसाधनों के बावजूद, उनके बेहतर प्रबंधन से कुल सकल आय 4 लाख 6 हजार 850 रुपये रही। इसमें से 1 लाख 4 हजार रुपये की लागत घटाने के बाद उन्हें 3 लाख 2 हजार 850 रुपये का शुद्ध वार्षिक लाभ प्राप्त हुआ। उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए, उन्हें नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत 'कृषि सखी' के रूप में चुना गया है। वर्तमान में, वे क्षेत्र के लगभग 125 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण भी दे रही हैं। अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें जिला स्तरीय प्रगतिशील महिला कृषक सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। गीता तेकाम आज ग्रामीण महिला शक्ति का एक सशक्त प्रतीक हैं, जो आत्मविश्वास के साथ भारतीय कृषि को एक नई दिशा प्रदान कर रही हैं और जिला के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
मंडला जिले के विकासखंड बीजाडांडी अंतर्गत ग्राम लावर मुड़िया निवासी श्रीमती गीता तेकाम ने कृषि को सफल व्यवसाय में बदलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। एम.ए. शिक्षित गीता ने नौकरी के पारंपरिक विकल्पों को छोड़ आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि को अपना लक्ष्य बनाया, जिससे वे पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक आदर्श बन गई हैं। उनकी इस सफलता में कृषि विभाग और आत्मा परियोजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सहायक तकनीकी प्रबंधक मोहित गोल्हानी के मार्गदर्शन में गीता तेकाम ने चिया सीड और किनोवा जैसी उच्च मूल्य वाली सुपरफूड फसलों की खेती शुरू की। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों का त्याग कर जीवामृत और घनजीवामृत जैसे जैविक खादों को अपनाया, जिससे खेती की लागत कम हुई और भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ी। सीमित संसाधनों के बावजूद, उनके बेहतर प्रबंधन से कुल सकल आय 4 लाख 6 हजार 850 रुपये रही। इसमें से 1 लाख 4 हजार रुपये की लागत घटाने के बाद उन्हें 3 लाख 2 हजार 850 रुपये का शुद्ध वार्षिक लाभ प्राप्त हुआ। उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए, उन्हें नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत 'कृषि सखी' के रूप में चुना गया है। वर्तमान में, वे क्षेत्र के लगभग 125 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण भी दे रही हैं। अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें जिला स्तरीय प्रगतिशील महिला कृषक सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। गीता तेकाम आज ग्रामीण महिला शक्ति का एक सशक्त प्रतीक हैं, जो आत्मविश्वास के साथ भारतीय कृषि को एक नई दिशा प्रदान कर रही हैं और जिला के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
- मंडला जिले के विकासखंड बीजाडांडी अंतर्गत ग्राम लावर मुड़िया निवासी श्रीमती गीता तेकाम ने कृषि को सफल व्यवसाय में बदलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। एम.ए. शिक्षित गीता ने नौकरी के पारंपरिक विकल्पों को छोड़ आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि को अपना लक्ष्य बनाया, जिससे वे पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक आदर्श बन गई हैं। उनकी इस सफलता में कृषि विभाग और आत्मा परियोजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सहायक तकनीकी प्रबंधक मोहित गोल्हानी के मार्गदर्शन में गीता तेकाम ने चिया सीड और किनोवा जैसी उच्च मूल्य वाली सुपरफूड फसलों की खेती शुरू की। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों का त्याग कर जीवामृत और घनजीवामृत जैसे जैविक खादों को अपनाया, जिससे खेती की लागत कम हुई और भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ी। सीमित संसाधनों के बावजूद, उनके बेहतर प्रबंधन से कुल सकल आय 4 लाख 6 हजार 850 रुपये रही। इसमें से 1 लाख 4 हजार रुपये की लागत घटाने के बाद उन्हें 3 लाख 2 हजार 850 रुपये का शुद्ध वार्षिक लाभ प्राप्त हुआ। उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए, उन्हें नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत 'कृषि सखी' के रूप में चुना गया है। वर्तमान में, वे क्षेत्र के लगभग 125 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण भी दे रही हैं। अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें जिला स्तरीय प्रगतिशील महिला कृषक सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। गीता तेकाम आज ग्रामीण महिला शक्ति का एक सशक्त प्रतीक हैं, जो आत्मविश्वास के साथ भारतीय कृषि को एक नई दिशा प्रदान कर रही हैं और जिला के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।1
- मंडला जिले की ककैया पंचायत में कथित घटिया निर्माण कार्यों, रेत के अवैध खनन और शासकीय राशि के उपयोग में अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इन्हीं आरोपों की शिकायत लेकर ग्रामीण सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में करवाए गए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने पंचायत के उपसरपंच पर रेत के अवैध खनन में शामिल होने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका यह भी कहना है कि पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च की गई सरकारी राशि का कोई स्पष्ट हिसाब-किताब नहीं दिया जा रहा है, जिससे पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल, ग्रामीणों की इस शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।1
- गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट तुलेश्वर मरकाम ने मंडला प्रवास के दौरान पेपर लीक के मुद्दे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे न देने पर एक बड़ा बयान जारी किया है। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।1
- Nishad Ji P O P Wale gjgbfvjjccccccvvvvvvvvvvvvvvvvbbbj Nishad Ji P O P Wale contact number - 7225009544 address - mandla Dindori madhya pradesh India1
- घंसौर जनपद पंचायत के सभा कक्ष में मंगलवार, 16 जून 2026 को दोपहर 3 बजे जनपद क्षेत्र की सभी 77 ग्राम पंचायतों की एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जनपद पंचायत के समस्त सचिवों और रोजगार सहायकों ने सहभागिता की, जिसकी अध्यक्षता जनपद पंचायत सीईओ ने की। इस दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं, पंचायत स्तर पर संचालित विकास एवं निर्माण कार्यों, और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। सीईओ ने उपस्थित सचिवों एवं रोजगार सहायकों को निर्देश दिए कि वे शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाएं तथा सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करें। बैठक में पंचायतवार कार्यों की स्थिति पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए, और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विकास कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में गति लाना और शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था।1
- मंडला जिले की ककैया पंचायत में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर के पास शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने पंचायत में घटिया निर्माण कार्यों और शासकीय राशि के हिसाब-किताब में कमी को लेकर अपनी आपत्तियाँ उठाई हैं। ग्रामीणों का मुख्य आरोप है कि पंचायत में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने पंचायत के उपसरपंच पर रेत के अवैध खनन में शामिल होने का गंभीर आरोप भी लगाया है। ग्रामीणों ने शिकायत में स्पष्ट किया है कि शासकीय राशि का कोई उचित हिसाब-किताब उपलब्ध नहीं है, जिससे पारदर्शिता की कमी सामने आती है। इन सभी शिकायतों को लेकर ग्रामीण कलेक्टर के पास पहुँचे हैं ताकि इन मुद्दों पर उचित कार्रवाई की जा सके।1
- डिंडोरी में एक बाइक के अनियंत्रित होने से हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई है। इस घटना में दो अन्य लोग घायल भी हुए हैं, जिनका उपचार जिला चिकित्सालय में जारी है।2