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असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए जोरदार हुंकार भरी है, जिससे उत्तर प्रदेश की सरकार 'हिल गई' है। इस प्रदर्शन के साथ यह दावा किया गया है कि 'अबकी बार असदुद्दीन ओवैसी की सरकार' बनेगी, जो योगी आदित्यनाथ की सरकार को सीधे चुनौती देती है।
Vinod Rastogi
असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए जोरदार हुंकार भरी है, जिससे उत्तर प्रदेश की सरकार 'हिल गई' है। इस प्रदर्शन के साथ यह दावा किया गया है कि 'अबकी बार असदुद्दीन ओवैसी की सरकार' बनेगी, जो योगी आदित्यनाथ की सरकार को सीधे चुनौती देती है।
More news from दिल्ली and nearby areas
- श्री अकाल तख्त साहब ने एक महत्वपूर्ण ऐलान किया है, जिससे पंजाब की राजनीति और धार्मिक गलियारों में भारी भूचाल आ गया है। इस ऐलान के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'गुरु द्रोही' और 'पथ द्रोही' करार दिया गया है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के दौरान विदेश में 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे गूंजे। इस घटना ने विदेश में भारतीय राष्ट्रीय भावना को प्रतिध्वनित किया।1
- राहुल गांधी ने दिल्ली में एक बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने देश के लिए 'भयंकर आर्थिक सुनामी' आने की आशंका जताई है। उनके अनुसार, 'मोदी जी' इस आसन्न आर्थिक सुनामी के बारे में न तो कोई कार्रवाई कर रहे हैं और न ही कुछ कर पाने में सक्षम हैं।1
- दिल्ली के सिविल लाइन क्षेत्र में आप नेता धामू ने एक सफाई अभियान चलाया। इस अभियान में आप नेता धामू के साथ स्थानीय लोग और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर भी शामिल रहे। आप नेता धामू काफी समय से ही सिविल लाइन क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय हैं।1
- दिल्ली की जनता अब रेखा गुप्ता जी की 'कैमरे वाली राजनीति' और यमुना सफाई के नाम पर की जा रही 'नौटंकी' को अच्छी तरह से समझ चुकी है। मूल पाठ में पिछली घटना का उल्लेख है, जहाँ रेखा गुप्ता पर 'नकली यमुना' बनाकर नदी को साफ घोषित करने का आरोप लगा था। मौजूदा स्थिति में, उन्हें एक बार फिर अपनी कैमरा टीम के साथ यमुना में सफाई का नाटक करते हुए देखा गया है। यह आरोप लगाया गया है कि जब रेखा गुप्ता दिल्ली की समस्याओं को संभालने में असमर्थ होती हैं, तब वे यमुना के नाम पर इस तरह की नौटंकी करने लगती हैं।1
- Post by Bharatiya Jan KRANTI SENA1
- बंगोमुंडा में 15 जून को जिला आदिवासी कल्याण संघ ने कंटाबांजी के विधायक लक्ष्मण बाग के खिलाफ बंगोमुंडा थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत विधायक द्वारा आदिवासियों के लिए कथित तौर पर अपमानजनक और कटु शब्दों का प्रयोग करने के मामले में की गई है। संघ के ब्लॉक अध्यक्ष मनरंजन भोई द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, विधायक लक्ष्मण बाग ने 'OTV' पर आदिवासियों को 'दूषित', 'कलुषित', 'कुत्सित' और 'घृणित' जैसे शब्दों से संबोधित किया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से आदिवासियों को 'आदिवासी दूषित' कहकर जातिगत टिप्पणी की, जिसे पूरे ओडिशा में देखा गया। संघ का आरोप है कि श्री बाग ने विधायक के पद पर रहते हुए आदिवासियों को अपमानित करने के उद्देश्य से यह जातिगत टिप्पणी की है, जिससे पूरे आदिवासी समाज, समुदाय की इज्जत, मान-सम्मान और मर्यादा को गंभीर ठेस पहुंची है। संघ ने उनके इस बयान को आदिवासियों को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा और बदनाम करने वाला एक असंवैधानिक और निम्न टिप्पणी बताया है। शिकायत में श्री भोई ने यह भी उल्लेख किया है कि श्री बाग विधायक बनने से पहले भी आदिवासी समाज के लोगों को गाली-गलौज करते थे, उनके साथ मारपीट करते थे और जातिगत टिप्पणी करते थे। इस पृष्ठभूमि को देखते हुए, आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर आदिवासी जाति को अत्यधिक निंदा, बदनामी और अपमानित करने के इरादे से असभ्य भाषा का प्रयोग किया है, जिससे आदिवासी समाज को विशेष सामाजिक और सांस्कृतिक क्षति हुई है। जिला आदिवासी कल्याण संघ ने मांग की है कि कंटाबांजी के विधायक श्री बाग को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 (संशोधन 2015, 2018) और भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत गिरफ्तार कर कानून के अनुसार दंडित किया जाए।1
- आईकॉप जर्नलिस्ट जनता की आवाज हरियाणा के अध्यक्ष विशाल शर्मा पत्रकार ने डोनाल्ड ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शर्मा ने ट्रंप को भारतीय जिंदगियों के नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें 'कायर' और 'ठंडे खून का हत्यारा' बताया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि डोनाल्ड ट्रंप को उनके कुकर्मों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस बीच, विशाल शर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, साथ ही यह भी कहा कि जल्द ही भारत में एक ऐसा मजबूत प्रधानमंत्री होगा जो ट्रंप को उनके गलत कामों का भुगतान करवाएगा।1
- यूके में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने सोमवार, 15 जून को इसकी घोषणा करते हुए इसे देश के लिए एक बड़ा क्षण और बच्चों के भविष्य के लिए एक आवश्यक बदलाव बताया। प्रधानमंत्री और छोटे बच्चों के पिता के रूप में, उन्होंने इस फैसले को सही ठहराया, हालांकि यह भी माना कि दुनिया की कुछ सबसे शक्तिशाली तकनीकी कंपनियों पर ऐसा प्रतिबंध लगाना आसान नहीं होगा। उनके अनुसार, बच्चों की खुशी और स्वास्थ्य सबसे ऊपर है। लंदन के 10 डाउनिंग स्ट्रीट से अपने संबोधन में पीएम स्टारमर ने स्पष्ट किया कि यह फैसला वे हल्के में नहीं ले रहे हैं, और न ही वे यह कहना चाहते हैं कि सोशल मीडिया से युवाओं को कोई लाभ नहीं हुआ है। हालांकि, उनके लिए यह स्पष्ट है कि पूर्ण प्रतिबंध ही सही विकल्प है, क्योंकि सरकार हमेशा विकल्पों के बारे में होती है। यह ऐलान लंबे विचार-विमर्श के बाद किया गया है, जिसमें उन माता-पिता से भी चर्चा हुई जिनके बच्चे टिकटॉक, स्नैपचैट, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया ऐप्स के हानिकारक प्रभावों से प्रभावित हुए हैं। हालांकि, व्हाट्सएप जैसे मैसेजिंग ऐप इस प्रतिबंध में शामिल नहीं होंगे। वहीं, गेमिंग सेवाओं और लाइव स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म, जहाँ अजनबी बिना किसी रोक-टोक के बच्चों से संपर्क कर सकते हैं, उन्हें एक आयु सत्यापन प्रणाली के माध्यम से प्रतिबंधित किया जाएगा, जिसे अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। ब्रिटेन अब ऑस्ट्रेलिया और स्पेन जैसे देशों की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने 16 साल से छोटे बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया है।1