राजस्थान पुलिस महानिदेशक, जयपुर के निर्देशानुसार, राज्य स्तरीय "महिला सुरक्षा संकल्प – Safety and Dignity for Every Woman" अभियान के तहत चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय स्थित इंदिरा प्रियदर्शिनी ऑडिटोरियम में बुधवार को एक संवाद एवं महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला सुरक्षा और सम्मान के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना, साथ ही महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं और राजस्थान पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था। समारोह में सुरक्षा सखी, महिला सीएलजी सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, राजीविका से जुड़ी महिलाएं, साथिन, एनएसएस व एनसीसी स्वयंसेवक, महिला अधिवक्ता, आशा सहयोगिनी, शिक्षिकाएं तथा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़ी महिला वॉलंटियर्स सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। इस अवसर पर महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 25 महिला वॉलंटियर्स एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने इन सभी सम्मानित महिलाओं को प्रशस्ति पत्र सौंपे और उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, आत्मरक्षा, महिला अधिकारों, हेल्पलाइन सेवाओं एवं पुलिस द्वारा संचालित जनजागरूकता अभियानों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद आयोजित किया गया। अधिकारियों ने महिला वॉलंटियर्स की अहम भूमिका की सराहना करते हुए जोर दिया कि पुलिस और समाज की साझेदारी से ही महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है, और भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता अभियान निरंतर जारी रहेंगे। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, डीवाईएसपी मुख्यालय बृजेश सिंह, डीवाईएसपी कपासन हरिश भारती, डीवाईएसपी बेगूं अंजली सिंह, एएचटीयू प्रभारी सुनीता गुर्जर, साइबर थाना प्रभारी मधु कंवर, महिला थाना प्रभारी शीतल गुर्जर सहित जिले के अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
राजस्थान पुलिस महानिदेशक, जयपुर के निर्देशानुसार, राज्य स्तरीय "महिला सुरक्षा संकल्प – Safety and Dignity for Every Woman" अभियान के तहत चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय स्थित इंदिरा प्रियदर्शिनी ऑडिटोरियम में बुधवार को एक संवाद एवं महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला सुरक्षा और सम्मान के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना, साथ ही महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं और राजस्थान पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था। समारोह में सुरक्षा सखी, महिला सीएलजी सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, राजीविका से जुड़ी महिलाएं, साथिन, एनएसएस व एनसीसी स्वयंसेवक, महिला अधिवक्ता, आशा सहयोगिनी, शिक्षिकाएं तथा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़ी महिला वॉलंटियर्स सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। इस अवसर पर महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 25 महिला वॉलंटियर्स एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने इन सभी सम्मानित महिलाओं को प्रशस्ति पत्र सौंपे और उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, आत्मरक्षा, महिला अधिकारों, हेल्पलाइन सेवाओं एवं पुलिस द्वारा संचालित जनजागरूकता अभियानों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद आयोजित किया गया। अधिकारियों ने महिला वॉलंटियर्स की अहम भूमिका की सराहना करते हुए जोर दिया कि पुलिस और समाज की साझेदारी से ही महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है, और भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता अभियान निरंतर जारी रहेंगे। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, डीवाईएसपी मुख्यालय बृजेश सिंह, डीवाईएसपी कपासन हरिश भारती, डीवाईएसपी बेगूं अंजली सिंह, एएचटीयू प्रभारी सुनीता गुर्जर, साइबर थाना प्रभारी मधु कंवर, महिला थाना प्रभारी शीतल गुर्जर सहित जिले के अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
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- राजस्थान पुलिस महानिदेशक, जयपुर के निर्देशानुसार, राज्य स्तरीय "महिला सुरक्षा संकल्प – Safety and Dignity for Every Woman" अभियान के तहत चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय स्थित इंदिरा प्रियदर्शिनी ऑडिटोरियम में बुधवार को एक संवाद एवं महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला सुरक्षा और सम्मान के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना, साथ ही महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं और राजस्थान पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था। समारोह में सुरक्षा सखी, महिला सीएलजी सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, राजीविका से जुड़ी महिलाएं, साथिन, एनएसएस व एनसीसी स्वयंसेवक, महिला अधिवक्ता, आशा सहयोगिनी, शिक्षिकाएं तथा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़ी महिला वॉलंटियर्स सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। इस अवसर पर महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 25 महिला वॉलंटियर्स एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने इन सभी सम्मानित महिलाओं को प्रशस्ति पत्र सौंपे और उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, आत्मरक्षा, महिला अधिकारों, हेल्पलाइन सेवाओं एवं पुलिस द्वारा संचालित जनजागरूकता अभियानों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद आयोजित किया गया। अधिकारियों ने महिला वॉलंटियर्स की अहम भूमिका की सराहना करते हुए जोर दिया कि पुलिस और समाज की साझेदारी से ही महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है, और भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता अभियान निरंतर जारी रहेंगे। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, डीवाईएसपी मुख्यालय बृजेश सिंह, डीवाईएसपी कपासन हरिश भारती, डीवाईएसपी बेगूं अंजली सिंह, एएचटीयू प्रभारी सुनीता गुर्जर, साइबर थाना प्रभारी मधु कंवर, महिला थाना प्रभारी शीतल गुर्जर सहित जिले के अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।1
- श्रीगंगानगर में हुए नाबालिग बालिका दुष्कर्म प्रकरण से संबंधित सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और बालिका की मृत्यु संबंधी खबरें पूरी तरह से भ्रामक, असत्य और अफवाह हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और उन्हें साझा न करें। पुलिस नियंत्रण कक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में पुलिस कंट्रोल रूम के संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं।1
- यह प्रश्न उठाया गया है कि आखिर कितने पति अपनी पत्नियों द्वारा मारे जाएंगे। इसी संदर्भ में यह जानकारी भी सामने आई है कि हर साल 82000 हजार लोग आत्महत्या कर रहे हैं।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 80 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक के बैंक खाते से ऑनलाइन बैंकिंग और सिम कार्ड के दुरुपयोग के जरिए 9 लाख 90 हजार 832 रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी को सीकर जिले से पकड़ा गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस को इस मामले में एक सक्रिय साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्यों के शामिल होने के भी संकेत मिले हैं। इस संबंध में, कपासन थाना क्षेत्र के ताराखेड़ी निवासी और सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त 80 वर्षीय रामचन्द्र शर्मा ने 25 जून 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की कपासन शाखा में उनके बचत खाते की जांच करने पर 9 लाख 90 हजार 832 रुपये की कमी पाई गई। बैंक से जानकारी मिलने पर पता चला कि उनके नाम से एक नया एटीएम कार्ड जारी किया गया था, और इस एटीएम तथा ऑनलाइन बैंकिंग सुविधा का उपयोग कर उनके खाते से राशि निकालकर अन्य खातों में स्थानांतरित कर दी गई थी। परिवादी ने अपनी रिपोर्ट में बैंक प्रबंधन और डाक विभाग के पोस्टमैन की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि बिना आवेदन के ही ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम सुविधा सक्रिय कर दी गई थी, और एटीएम कार्ड उन्हें देने के बजाय किसी अज्ञात व्यक्ति को पहुंचा दिया गया। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस महानिरीक्षक, उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा एवं पुलिस उपाधीक्षक (कपासन) हरीश भारती के सुपरविजन में थानाधिकारी सुनील शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर यह कार्रवाई की गई। प्रकरण दर्ज होने के बाद थानाधिकारी सुनील शर्मा ने तत्काल विशेष जांच टीम का गठन कर तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच करते हुए सिम कार्ड धारक रितेश सैनी पुत्र राजेन्द्र प्रसाद सैनी निवासी गोवर्धनपुरा, थाना सदर खाटूश्यामजी, जिला सीकर की पहचान की। आरोपी को 7 जुलाई 2026 को सीकर से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में इस साइबर ठगी में एक संगठित गिरोह की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। मामले की गहन जांच जारी है और शीघ्र ही गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही, बैंक प्रबंधक और पोस्टमैन की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की जा रही है।1
- विप्र सेना संगठन का विस्तार हुआ है, जिसके तहत उदयपुर देहात में नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। इस कार्यकारिणी में भूपेश चौबीसा को जिला उपाध्यक्ष और कीर्तन पंड्या को मीडिया प्रभारी बनाया गया है। इनके अलावा भी कई अन्य पदाधिकारियों का मनोनयन किया गया है।1
- राजस्थान के गंगानगर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 13 साल की एक बच्ची 'मानसिक नपुंसक मर्दों' यानी दरिंदों के हाथ लग गई। हंसने-खेलने की उम्र में, जब उसे किताबें-कलम मिलनी चाहिए थीं, उसे अस्पताल की दीवारें मिलीं। बच्ची को 4 दिन तक 4 होटलों में दरिंदों की हवस का शिकार बनाया गया, जिसके बाद वह 5 दिनों तक ICU में जिंदगी और मौत से जूझती रही। दुर्भाग्यवश, माँ की दुआएँ भी काम न आ सकीं और 'अभी तो कली थी, फूल भी ना बन पाई' वह 'नन्ही सी चिरैया' अपनी जिंदगी की जंग हार गई। उसकी अर्थी के साथ 'सवालों का जनाज़ा' भी जा रहा है। इस घटना से गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है कि सरकारों के पास ऐसे दरिंदों के लिए कोई 'इलाज' नहीं है और वर्तमान 'तंत्र' केवल अपनी प्रक्रिया कर रहा है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि 'विदेशी रद्दी' से बनी इस व्यवस्था की बजाय यदि 'वैदिक दंडविधान' या मनुस्मृति का पालन होता, तो ऐसे कृत्य का एक ही दंड होता: अधर्मी का सार्वजनिक वध, जिसे दूसरी भाषा में 'सर तन से जुदा' कहा गया है। यह घटना हमें इस बात पर विचार करने के लिए मजबूर करती है कि क्या हम इंसान कहलाने के लायक भी रह गए हैं।1