मंदसौर जिले की सीतामऊ तहसील के रणायरा गांव में स्थित खेड़ापति बालाजी मंदिर पर पिछले लगभग 20 वर्षों से लगातार पांच कुण्डीय यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। गांव के भक्तों और श्रद्धालुओं का मानना है कि इस धार्मिक अनुष्ठान से गांव में सुख-शांति बनी रहती है, वहीं आंधी, तूफान और बीमारियों जैसी प्राकृतिक आपदाओं से भी रक्षा होती है। श्रद्धालुओं के अनुसार, बालाजी महाराज के दरबार में सच्चे मन से जो भी मनोकामना लेकर आता है, उसकी इच्छा अवश्य पूर्ण होती है। इस वार्षिक आयोजन को रणायरा गांव की बालाजी महाराज समिति द्वारा हर वर्ष बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव से संपन्न कराया जाता है। यज्ञ और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में भक्त शामिल होने पहुँचते हैं, जिससे पूरे गांव में एक धार्मिक माहौल बना हुआ है और भक्तजन सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
मंदसौर जिले की सीतामऊ तहसील के रणायरा गांव में स्थित खेड़ापति बालाजी मंदिर पर पिछले लगभग 20 वर्षों से लगातार पांच कुण्डीय यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। गांव के भक्तों और श्रद्धालुओं का मानना है कि इस धार्मिक अनुष्ठान से गांव में सुख-शांति बनी रहती है, वहीं आंधी, तूफान और बीमारियों जैसी प्राकृतिक आपदाओं से भी रक्षा होती है। श्रद्धालुओं के अनुसार, बालाजी महाराज के दरबार में सच्चे मन से जो भी मनोकामना लेकर आता है, उसकी इच्छा अवश्य पूर्ण होती है। इस वार्षिक आयोजन को रणायरा गांव की बालाजी महाराज समिति द्वारा हर वर्ष बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव से संपन्न कराया जाता है। यज्ञ और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में भक्त शामिल होने पहुँचते हैं, जिससे पूरे गांव में एक धार्मिक माहौल बना हुआ है और भक्तजन सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
- मंदसौर जिले की सीतामऊ तहसील के रणायरा गांव में स्थित खेड़ापति बालाजी मंदिर पर पिछले लगभग 20 वर्षों से लगातार पांच कुण्डीय यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। गांव के भक्तों और श्रद्धालुओं का मानना है कि इस धार्मिक अनुष्ठान से गांव में सुख-शांति बनी रहती है, वहीं आंधी, तूफान और बीमारियों जैसी प्राकृतिक आपदाओं से भी रक्षा होती है। श्रद्धालुओं के अनुसार, बालाजी महाराज के दरबार में सच्चे मन से जो भी मनोकामना लेकर आता है, उसकी इच्छा अवश्य पूर्ण होती है। इस वार्षिक आयोजन को रणायरा गांव की बालाजी महाराज समिति द्वारा हर वर्ष बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव से संपन्न कराया जाता है। यज्ञ और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में भक्त शामिल होने पहुँचते हैं, जिससे पूरे गांव में एक धार्मिक माहौल बना हुआ है और भक्तजन सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।4
- आलोट मंडी में दिनांक 30 मई 2026 को सोयाबीन और गेहूं के बाजार भाव खुल गए हैं।1
- ग्राम पंचायत पंथ पिपलोदा के तहत वार्ड नंबर 6 में पिछले लगभग दो महीने से लगातार पानी व्यर्थ बह रहा है। इस समस्या की जड़ वार्ड नंबर 6 में पानी के लिए लगाए गए वॉल का खराब होना बताया जा रहा है। इतनी अवधि से पानी बर्बाद होने के बावजूद, सरपंच और मंत्री साहब की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। शिकायतकर्ता ने बताया कि पंचायत में जाकर भी इन अधिकारियों को इस समस्या के बारे में अवगत कराया गया था, लेकिन फिर भी वे इस गंभीर मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।2
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- रामप्रसाद धनगर गुर्जर तोलाखेड़ी चंदवासा ने एक मजेदार और दिल को छू लेने वाला संदेश साझा किया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा है कि भले ही रिश्तों में बोलचाल बंद हो जाए, लेकिन प्यार कभी कम नहीं होना चाहिए। इस विचार को उन्होंने हास्यपूर्ण अंदाज में बार-बार दोहराया है, जिसका आशय है कि छोटी-मोटी दूरियों के बावजूद प्रेम का रिश्ता हमेशा बना रहना चाहिए।1
- मध्य प्रदेश ने कृषि कल्याण वर्ष के दौरान गेहूं खरीदी में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य ने कुल एक करोड़ चार लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी कर एक रिकॉर्ड दर्ज किया है, जिसके परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश गेहूं खरीदी में देश का पहला राज्य बन गया है। इस उपलब्धि में मुख्यमंत्री मोहन यादव का योगदान रहा है।1
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति के अनोखे नवाचार को उजागर किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जहां लोग एयर कंडीशनर (AC) पर 30 से 50 हजार रुपये तक खर्च करते हैं, वहीं इन भाईसाहब ने अपनी छत पर कुछ ऐसा किया है, जिससे उन्हें मुफ्त में 15 डिग्री तक की अतिरिक्त ठंडक मिल रही है। यह पहल बिना किसी खर्च के घर को ठंडा रखने का एक प्रभावी और सराहनीय तरीका प्रस्तुत करती है।1
- मध्य प्रदेश के बड़ी बेटीखेड़ी गांव में राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार का एक मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार, एक युवक को मोर का शिकार करते हुए पाया गया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मृत मोर दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने आरोपी की पहचान करण पिता कैलाश, निवासी छोटी बेटीखेड़ी के रूप में की है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए और उन्होंने युवक को पकड़ लिया। इसके बाद, ग्रामीणों ने पुलिस को इस घटना की सूचना दी।1