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भोपाल के कोलार में आज जगन्नाथ रथ यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। कोलार कांग्रेस के अध्यक्ष और माता रानी के भक्त राहुल सिंह राठौड़ ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर इस यात्रा का भव्य स्वागत किया। इस दौरान वे स्वयं भी जगन्नाथ यात्रा में सम्मिलित हुए और वहां विधि-विधान से पूजन किया। इस पावन अवसर पर राहुल सिंह राठौड़ ने सभी सनातन धर्मवलियों को शुभकामनाएं और बधाइयां दीं।
कोलार की धड़कन
भोपाल के कोलार में आज जगन्नाथ रथ यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। कोलार कांग्रेस के अध्यक्ष और माता रानी के भक्त राहुल सिंह राठौड़ ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर इस यात्रा का भव्य स्वागत किया। इस दौरान वे स्वयं भी जगन्नाथ यात्रा में सम्मिलित हुए और वहां विधि-विधान से पूजन किया। इस पावन अवसर पर राहुल सिंह राठौड़ ने सभी सनातन धर्मवलियों को शुभकामनाएं और बधाइयां दीं।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- भोपाल नगर निगम में आई इलेक्ट्रॉनिक ई-बस का निरीक्षण किया गया है। इस दौरान नगर निगम के महापौर, कमिश्नर, सभी पार्षदों और अधिकारियों ने उपस्थित होकर इस बस का अवलोकन किया।4
- मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक जगदीशपुर स्थित चमन महल में माननीय मुख्यमंत्री महोदय श्री मोहन यादव जी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान एक विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। इस प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश पुलिस के 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' जनजागरूकता अभियान के तहत भोपाल (देहात) पुलिस द्वारा एक हस्ताक्षर अभियान भी आयोजित किया गया था। इस विशेष अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री महोदय और माननीय मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों ने 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के हस्ताक्षर बैनर पर अपने हस्ताक्षर किए। मंत्रिपरिषद के इस कदम ने नशामुक्त मध्य प्रदेश के निर्माण के संकल्प को अपना पूर्ण नेतृत्व प्रदान किया है, जो पूरे प्रदेश में नशामुक्ति के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायी संदेश है।1
- मध्य प्रदेश के विधायक आरिफ मसूद ने यूसीसी बिल को लेकर एक बयान दिया है। अपने इस बयान में विधायक आरिफ मसूद ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि यूसीसी बिल के अंदर ही चोरी की गई है। उन्होंने इस बिल पर खुद बिल के भीतर ही चोरी होने का गंभीर आरोप मढ़ा है।1
- भोपाल नगर निगम में नई इलेक्ट्रिक (ई) बस का निरीक्षण किया गया है। इस दौरान महापौर, नगर निगम कमिश्नर, सभी पार्षदों और अधिकारियों ने नई ई-बस का निरीक्षण कर उसकी सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया। भोपाल में आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की दिशा में इस पहल को एक बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।2
- भोपाल में आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर एक विशाल धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा अपनी मांगों के संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा गया।4
- भोपाल के हुजूर से शायर गंगाधर मलाजपुरे ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए एक बेहद खूबसूरत और दर्दभरी शायरी साझा की है। उन्होंने लिखा है, 'तेरे प्यार की तमन्ना गम जिंदगी कैसा है, बड़ी तेज आंधी आए चिराग बुझ न जाए, मोहब्बत रास न आए।' इस शायरी के माध्यम से उन्होंने प्यार की चाहत, जिंदगी के गमों और तेज आंधी के बीच चिराग के बुझ जाने के डर के साथ ही मोहब्बत रास न आने के गहरे दर्द को बयां किया है।1
- हज-2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। पूर्व में आवेदन करने की आखिरी तिथि 20 जुलाई निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 24 जुलाई-2026 कर दिया गया है।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ओबीसी महासभा द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किए गए विधानसभा घेराव के दौरान भारी हंगामा हुआ। प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रंगमहल चौराहे पर एकत्रित हुए और वहां जनसभा करने के बाद जब उन्होंने विधानसभा की ओर कूच करने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर पानी की बौछारें छोड़ीं। भारी पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच भी प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे और अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। इस प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस विधायक ओंकार सिंह मरकाम, सचिन यादव, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव और ओबीसी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र कुशवाहा भी मौके पर पहुंचे। इन नेताओं ने एक सुर में सरकार को घेरते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग की आबादी 52 फीसदी है, इसके बावजूद सरकार उन्हें 27 प्रतिशत आरक्षण का पूरा लाभ नहीं दे रही है। ओबीसी महासभा ने यह मांग भी उठाई कि होल्ड किए गए 13 फीसदी पदों को तत्काल बहाल किया जाए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस गंभीर मुद्दे को मध्य प्रदेश विधानसभा में भी उठाने का ऐलान किया है। ओबीसी महासभा की प्रमुख मांगों में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत उप-वर्गीकरण लागू करना और देश में जातिगत जनगणना कराना शामिल है। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में ओबीसी की भागीदारी सुनिश्चित करने, ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने और ओबीसी उद्यमियों, युवाओं व महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं व वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। इस प्रदर्शन के चलते विधानसभा क्षेत्र के आसपास का यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ और संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें जल्द पूरी न होने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।2