एक लाख के इनामी बदमाश बनारसी यादव की कहानी पूर्वांचल के अपराध जगत की एक काली स्याही से लिखी गई दास्तान है। गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के गौरहट गांव का रहने वाला यह युवक शुरुआत में छोटे-मोटे विवादों और लूटपाट से जुड़ा था, लेकिन जल्द ही सुपारी किलर के रूप में उभरा। बनारसी यादव ने हत्या, लूट, जबरन वसूली जैसे संगीन अपराधों में हाथ आजमाया। वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र समेत कई जिलों में उसके खिलाफ 24 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हो चुके थे। उसका नाम सुनते ही लोग कांप उठते थे, क्योंकि वह बिना झिझक गोली चलाने वाला शार्पशूटर बन चुका था। उसके उदय का असली मोड़ तब आया जब वह सुपारी लेकर काम करने लगा। अपराध की दुनिया में पैसे के लिए जान लेना उसका पेशा बन गया। पुलिस ने उसे एक लाख रुपये का इनामी घोषित कर दिया था। लेकिन बनारसी फरार रहकर अपनी खौफनाक छवि को और मजबूत करता रहा। उसने कई हत्याओं में हाथ काला किया, लेकिन आखिरी वारदात ने उसकी किस्मत बदल दी। 21 अगस्त 2025 की सुबह वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र की अरिहंत नगर कॉलोनी फेज-2 में बाइक सवार तीन बदमाशों ने कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम को निशाना बनाया। महेंद्र गौतम एक सफल व्यवसायी थे, जिनका जमीन और प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद लंबे समय से चल रहे थे। खबरों के मुताबिक, 50 करोड़ रुपये की जमीन विवाद में मुंबई से शूटर हायर किए गए थे, लेकिन मुख्य शूटर बनारसी यादव ही था। उसके साथी अरविंद यादव उर्फ फौजी (कल्लू) और विशाल थे। विशाल बाइक चला रहा था, जबकि बनारसी और अरविंद ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। महेंद्र गौतम मौके पर ही ढेर हो गए। यह हत्या सिर्फ एक कत्ल नहीं थी—यह सुपारी का क्लासिक केस था, जहां पांच लाख रुपये की सुपारी ली गई थी। हत्या के बाद बनारसी यादव लगभग साढ़े पांच महीने तक पुलिस की पकड़ से दूर रहा। वाराणसी पुलिस और एसटीएफ ने उसकी तलाश में कई टीमें लगाईं। आखिरकार 3 फरवरी 2026 की देर रात चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड पर एसटीएफ की टीम ने उसे घेर लिया। बनारसी ने सरेंडर नहीं किया, उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोलियां लगीं। घायल हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए। महेंद्र गौतम की हत्या ही बनारसी यादव के ताबूत में अंतिम कील साबित हुई। यह हत्याकांड उसके अपराधी जीवन का चरम था, जिसने पुलिस को उसकी तलाश में और तेज कर दिया। बनारसी का अंत एक मुठभेड़ में हुआ, जैसा अक्सर ऐसे बदमाशों का होता है—गोली से शुरू हुआ सफर गोली से ही खत्म। पूर्वांचल में अपराध की दुनिया को यह संदेश दे गया कि सुपारी लेकर खून बहाने वाले की गोली आखिरकार खुद पर ही लौट आती है। बनारसी यादव की कहानी अपराध के अंधेरे रास्ते पर चलने वालों के लिए एक चेतावनी है—उदय जितना तेज होता है अंत उतना ही भयानक होता है।
एक लाख के इनामी बदमाश बनारसी यादव की कहानी पूर्वांचल के अपराध जगत की एक काली स्याही से लिखी गई दास्तान है। गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के गौरहट गांव का रहने वाला यह युवक शुरुआत में छोटे-मोटे विवादों और लूटपाट से जुड़ा था, लेकिन जल्द ही सुपारी किलर के रूप में उभरा। बनारसी यादव ने हत्या, लूट, जबरन वसूली जैसे संगीन अपराधों में हाथ आजमाया। वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र समेत कई जिलों में उसके खिलाफ 24 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हो चुके थे। उसका नाम सुनते ही लोग कांप उठते थे, क्योंकि वह बिना झिझक गोली चलाने वाला शार्पशूटर बन चुका था। उसके उदय का असली मोड़ तब आया जब वह सुपारी लेकर काम करने लगा। अपराध की दुनिया में पैसे के लिए जान लेना उसका पेशा बन गया। पुलिस ने उसे एक लाख रुपये का इनामी घोषित कर दिया था। लेकिन बनारसी फरार रहकर अपनी खौफनाक छवि को और मजबूत करता रहा। उसने कई हत्याओं में हाथ काला किया, लेकिन आखिरी वारदात ने उसकी किस्मत बदल दी। 21 अगस्त 2025 की सुबह वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र की अरिहंत नगर कॉलोनी फेज-2 में बाइक सवार तीन बदमाशों ने कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम को निशाना बनाया। महेंद्र गौतम एक सफल व्यवसायी थे, जिनका जमीन और प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद लंबे समय से चल रहे थे। खबरों के मुताबिक, 50 करोड़ रुपये की जमीन विवाद में मुंबई से शूटर हायर किए गए थे, लेकिन मुख्य शूटर बनारसी यादव ही था। उसके साथी अरविंद यादव उर्फ फौजी (कल्लू) और विशाल थे। विशाल बाइक चला रहा था, जबकि बनारसी और अरविंद ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। महेंद्र गौतम मौके पर ही ढेर हो गए। यह हत्या सिर्फ एक कत्ल नहीं थी—यह सुपारी का क्लासिक केस था, जहां पांच लाख रुपये की सुपारी ली गई थी। हत्या के बाद बनारसी यादव लगभग साढ़े पांच महीने तक पुलिस की पकड़ से दूर रहा। वाराणसी पुलिस और एसटीएफ ने उसकी तलाश में कई टीमें लगाईं। आखिरकार 3 फरवरी 2026 की देर रात चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड पर एसटीएफ की टीम ने उसे घेर लिया। बनारसी ने सरेंडर नहीं किया, उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोलियां लगीं। घायल हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए। महेंद्र गौतम की हत्या ही बनारसी यादव के ताबूत में अंतिम कील साबित हुई। यह हत्याकांड उसके अपराधी जीवन का चरम था, जिसने पुलिस को उसकी तलाश में और तेज कर दिया। बनारसी का अंत एक मुठभेड़ में हुआ, जैसा अक्सर ऐसे बदमाशों का होता है—गोली से शुरू हुआ सफर गोली से ही खत्म। पूर्वांचल में अपराध की दुनिया को यह संदेश दे गया कि सुपारी लेकर खून बहाने वाले की गोली आखिरकार खुद पर ही लौट आती है। बनारसी यादव की कहानी अपराध के अंधेरे रास्ते पर चलने वालों के लिए एक चेतावनी है—उदय जितना तेज होता है अंत उतना ही भयानक होता है।
- UGC बिल के समर्थन से जुड़ी BHU घटना पर बढ़ी सुरक्षा, जांच के निर्देश वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में यूजीसी बिल के समर्थन में निकाले गए जुलूस के बाद उत्पन्न विवाद को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। आरोप है कि यूजीसी बिल का समर्थन करने वाले एक दलित छात्र के साथ मारपीट की गई, जिससे विश्वविद्यालय में तनाव की स्थिति बनी। घटना की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सोमवार को कुलपति आवास से लेकर बिरला हॉस्टल तक सुरक्षा कर्मियों द्वारा फ्लैग मार्च किया गया। इसका उद्देश्य परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकना बताया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। संबंधित पक्षों से जानकारी ली जा रही है और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं छात्र संगठनों ने घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन ने छात्रों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।1
- वाराणसी बनारस में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रेस वार्ता कर सरकार पर बोला हमला हर वर्ग के लोग इस समय देश और प्रदेश में सरकार से परेशान है लोगों की आर्थिक स्थिति दिन प्रतिदिन खराब हो रही है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के सामने नतमस्तक हो चुके हैं सरकार पूर्व सेवा प्रमुख जनरल नरवने की किताब के ऊपर कोई जवाब नहीं देना चाह रही है सरकार की पोल दुनिया के सामने ना खुल जाए इसलिए इस बात को वह दबाना चाहती है यही कारण है कि सदन में राहुल गांधी को बोलते नहीं दिया जा रहा है इन्हीं चीजों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस उत्तर प्रदेश में रैलियां कर रही है 8 फरवरी को काशी में भी आयोजित की जाएगी रैली कांग्रेस के कई नेता और सांसद इस रैली में शामिल होंगे यूपी में मदरसे की फंडिंग की जांच पर बोले प्रदेश अध्यक्ष आपकी सरकार है आप जांच कराया आप कुछ भी करवा सकते हैं गोरखनाथ पीठ पर भी सीएम योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद चढ़ावे चढ़ाया जा रहे हैं उसकी भी जांच की जाए अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए जाने वाले टैरिफ को कम किए जाने पर बोले अजय राय ट्रंप ने कहा ही था कि मोदी जी हमें खुश करने की कोशिश कर रहे हैं अब मोदी जी वेनेजुएला से तेल खरीदेंगे क्योंकि वेनेजुएला में अमेरिका समर्थित सरकार है एस आई आर को लेकर सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर बोले अजय राय चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी का एक विंग बन गया है मुख्य चुनाव आयुक्त पूरी तरह से भाजपा के कहने पर काम कर रहे हैं बाइट - अजय राय, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष1
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- *एटा से बड़ी खबर:-सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की उपचार के दौरान हुई मौत देखिए एफएम न्यूज पर हिमांशु तिवारी की पूरी खबर*1
- घटिया निर्माण की शिकायत पर नाली कार्य का निरीक्षण, जांच के निर्देश सुरियावां, भदोही। नगर पंचायत सुरियावां के वार्ड संख्या 9 में करीब 300 मीटर लंबी नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया है। शिकायत मिलते ही नगर पंचायत अध्यक्ष विनय चौरसिया मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। बताया गया कि राजकुमार के घर से बाड़ेतर मोहल्ला तक लगभग 300 मीटर सड़क किनारे नाली का निर्माण कराया जा रहा है। यह कार्य सौरभ कंस्ट्रक्शन को आवंटित है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नाली निर्माण में घटिया स्तर की ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष विनय चौरसिया ने मौजूद लोगों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में घटिया सामग्री के प्रयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मौके पर वार्ड संख्या 9 के सभासद के साथ नगर पंचायत के जेई आलोक सेकेंड भी उपस्थित रहे। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने का भरोसा दिलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे और गुणवत्तापूर्ण निर्माण की मांग की।2
- ब्रेकिंग न्यूज़ बरसठी के आलमगंज में दबंगों का कहर, पूरे परिवार पर जानलेवा हमला जौनपुर। थाना बरसठी क्षेत्र के आलमगंज गांव में दबंगों की दबंगई से इलाके में सनसनी फैल गई है। पीड़ित संजय शर्मा ने आरोप लगाया है कि गांव के ही जटाशंकर यादव, शिवशंकर यादव, मनोज यादव सहित 10–12 लोगों ने एक राय होकर उनके घर पर हमला किया। पीड़ित के अनुसार, हमलावरों ने पहले घर के दरवाजे पर नदचन्नी रखकर गोबर फेंका, फिर जानवर लाकर जबरन दरवाजे पर बांध दिए। जब परिवार ने इसका विरोध किया तो दबंगों ने लाठी-डंडा और फरसा से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में संजय शर्मा, उनकी पत्नी, बेटी और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज कराया गया है। घटना की सूचना थाना बरसठी पुलिस को दे दी गई है। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि एक आरोपी हाथ में फावड़ा लेकर संजय शर्मा के सिर पर वार करता है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ता है। घटना से गांव में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार के मन से भय दूर हो और क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनी रहे।1
- नकली कमला नगर पुलिस चौकी देख चौंकी काशी, कुछ देर को उलझी मडुआडीह पुलिस वाराणसी, 4 फरवरी। चाँदपुर इंडस्ट्रियल एस्टेट में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब पूर्व सांसद डॉ. विजय सोनकर शास्त्री के आवास के पास कमला नगर पुलिस चौकी खुली नजर आई। अचानक चौकी दिखने से आसपास के लोग हैरान रह गए। कुछ देर के लिए तो मडुआडीह पुलिस भी असमंजस में पड़ गई कि बिना सूचना नई पुलिस चौकी कैसे खुल गई। मामला यहीं नहीं रुका—कई जागरूक नागरिकों ने इसकी पुष्टि के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को फोन तक कर डाले। हालांकि, थोड़ी ही देर में स्थिति साफ हो गई। दरअसल, यहां दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक ‘नारी शक्ति’ की शूटिंग चल रही थी। इसी सिलसिले में कमला नगर पुलिस चौकी का हूबहू सेट लगाया गया था, जिसे देखकर लोग भ्रमित हो गए। ‘नारी शक्ति’ एक नारी सशक्तिकरण और देशभक्ति से ओतप्रोत धारावाहिक है, जिसका निर्माण काशी विश्वनाथ धारावाहिक बनाने वाले वाराणसी के मडुआडीह निवासी दिलीप सोनकर कर रहे हैं। सेट इतना वास्तविक था कि पहली नजर में किसी को भी यह असली पुलिस चौकी ही लगी। धारावाहिक में रवि कोठारी, कुणाल सिंह राजपूत, गरिमा अग्रवाल, प्रिया राजपूत, पूर्वी सोनकर, महेश पुजारी, अभिषेक सक्लानी, निरंजन चौबे और सरवंती मुखर्जी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। शूटिंग की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने राहत की सांस ली।1
- वाराणसी चौक थाना क्षेत्र के बाबर शहीद गली स्थित दो मकानों की बिक्री के नाम पर करीब 67.34 लाख रुपये की धोखाधड़ी का केस चौक थाने में दर्ज किया गया है। मकान मालिक किशन सेठ ने राजेश कुमार सेठ और उसके परिवार के छह लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है। नाटी इमली की महेशनगर कॉलोनी के किशन सेठ ने पुलिस को बताया कि उन्होंने बाबर शहीद गली स्थित अपने दो मकान का सौदा राजेश सेठ से किया था। दोनों मकानों की कीमत 1.51 करोड़ तय हुई थी। पहला घर 27 अक्तूबर 2023 और दूसरा 28 नवंबर 2024 को बचा गया। किशन सेठ का कहना है कि सौदे के समय आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि पूरी रकम दे देगा। लेकिन शुरुआत में अलग-अलग तिथियों पर आरटीजीएस, चेक ड्राफ्ट और बैंकर्स चेक के जरिए कई किस्तों में भुगतान किया। आखिरी लेखा-जोखा करने पर पता चला कि तय कीमत और बेनामों में दर्शायी रकम में बड़ा अंतर है। दोनों मकानों की कुल कीमत 1.51 करोड़ रुपये थी, वहीं दोनों बैनामों में कुल 83.66 लाख ही दिए गए 67.34 लाख रुपये बकाया रह गए, तथा बकाया राशि देने का भरोसा दिया किशन ने बताया कि शेष राशि के बदले 73.595 किलोग्राम चांदी छह माह में देने की बात पर सट्टा मेरे द्वारा किया गया था लेकिन राजेश सेठ इससे भी मुकर गया है,1