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कमला नगर पुलिस चौकी देख चौंकी काशी नकली कमला नगर पुलिस चौकी देख चौंकी काशी, कुछ देर को उलझी मडुआडीह पुलिस वाराणसी, 4 फरवरी। चाँदपुर इंडस्ट्रियल एस्टेट में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब पूर्व सांसद डॉ. विजय सोनकर शास्त्री के आवास के पास कमला नगर पुलिस चौकी खुली नजर आई। अचानक चौकी दिखने से आसपास के लोग हैरान रह गए। कुछ देर के लिए तो मडुआडीह पुलिस भी असमंजस में पड़ गई कि बिना सूचना नई पुलिस चौकी कैसे खुल गई। मामला यहीं नहीं रुका—कई जागरूक नागरिकों ने इसकी पुष्टि के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को फोन तक कर डाले। हालांकि, थोड़ी ही देर में स्थिति साफ हो गई। दरअसल, यहां दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक ‘नारी शक्ति’ की शूटिंग चल रही थी। इसी सिलसिले में कमला नगर पुलिस चौकी का हूबहू सेट लगाया गया था, जिसे देखकर लोग भ्रमित हो गए। ‘नारी शक्ति’ एक नारी सशक्तिकरण और देशभक्ति से ओतप्रोत धारावाहिक है, जिसका निर्माण काशी विश्वनाथ धारावाहिक बनाने वाले वाराणसी के मडुआडीह निवासी दिलीप सोनकर कर रहे हैं। सेट इतना वास्तविक था कि पहली नजर में किसी को भी यह असली पुलिस चौकी ही लगी। धारावाहिक में रवि कोठारी, कुणाल सिंह राजपूत, गरिमा अग्रवाल, प्रिया राजपूत, पूर्वी सोनकर, महेश पुजारी, अभिषेक सक्लानी, निरंजन चौबे और सरवंती मुखर्जी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। शूटिंग की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने राहत की सांस ली।

3 hrs ago
user_गजेन्द्र कुमार सिंह
गजेन्द्र कुमार सिंह
Pindra, Varanasi•
3 hrs ago

कमला नगर पुलिस चौकी देख चौंकी काशी नकली कमला नगर पुलिस चौकी देख चौंकी काशी, कुछ देर को उलझी मडुआडीह पुलिस वाराणसी, 4 फरवरी। चाँदपुर इंडस्ट्रियल एस्टेट में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब पूर्व सांसद डॉ. विजय सोनकर शास्त्री के आवास के पास कमला नगर पुलिस चौकी खुली नजर आई। अचानक चौकी दिखने से आसपास के लोग हैरान रह गए। कुछ देर के लिए तो मडुआडीह पुलिस भी असमंजस में पड़ गई कि बिना सूचना नई पुलिस चौकी कैसे खुल गई। मामला यहीं नहीं रुका—कई जागरूक नागरिकों ने इसकी पुष्टि के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को फोन तक कर डाले। हालांकि, थोड़ी ही देर में स्थिति साफ हो गई। दरअसल, यहां दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक ‘नारी शक्ति’ की शूटिंग चल रही थी। इसी सिलसिले में कमला नगर पुलिस चौकी का हूबहू सेट लगाया गया था, जिसे देखकर लोग भ्रमित हो गए। ‘नारी शक्ति’ एक नारी सशक्तिकरण और देशभक्ति से ओतप्रोत धारावाहिक है, जिसका निर्माण काशी विश्वनाथ धारावाहिक बनाने वाले वाराणसी के मडुआडीह निवासी दिलीप सोनकर कर रहे हैं। सेट इतना वास्तविक था कि पहली नजर में किसी को भी यह असली पुलिस चौकी ही लगी। धारावाहिक में रवि कोठारी, कुणाल सिंह राजपूत, गरिमा अग्रवाल, प्रिया राजपूत, पूर्वी सोनकर, महेश पुजारी, अभिषेक सक्लानी, निरंजन चौबे और सरवंती मुखर्जी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। शूटिंग की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने राहत की सांस ली।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • एक लाख के इनामी बदमाश बनारसी यादव की कहानी पूर्वांचल के अपराध जगत की एक काली स्याही से लिखी गई दास्तान है। गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के गौरहट गांव का रहने वाला यह युवक शुरुआत में छोटे-मोटे विवादों और लूटपाट से जुड़ा था, लेकिन जल्द ही सुपारी किलर के रूप में उभरा। बनारसी यादव ने हत्या, लूट, जबरन वसूली जैसे संगीन अपराधों में हाथ आजमाया। वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र समेत कई जिलों में उसके खिलाफ 24 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हो चुके थे। उसका नाम सुनते ही लोग कांप उठते थे, क्योंकि वह बिना झिझक गोली चलाने वाला शार्पशूटर बन चुका था। उसके उदय का असली मोड़ तब आया जब वह सुपारी लेकर काम करने लगा। अपराध की दुनिया में पैसे के लिए जान लेना उसका पेशा बन गया। पुलिस ने उसे एक लाख रुपये का इनामी घोषित कर दिया था। लेकिन बनारसी फरार रहकर अपनी खौफनाक छवि को और मजबूत करता रहा। उसने कई हत्याओं में हाथ काला किया, लेकिन आखिरी वारदात ने उसकी किस्मत बदल दी। 21 अगस्त 2025 की सुबह वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र की अरिहंत नगर कॉलोनी फेज-2 में बाइक सवार तीन बदमाशों ने कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम को निशाना बनाया। महेंद्र गौतम एक सफल व्यवसायी थे, जिनका जमीन और प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद लंबे समय से चल रहे थे। खबरों के मुताबिक, 50 करोड़ रुपये की जमीन विवाद में मुंबई से शूटर हायर किए गए थे, लेकिन मुख्य शूटर बनारसी यादव ही था। उसके साथी अरविंद यादव उर्फ फौजी (कल्लू) और विशाल थे। विशाल बाइक चला रहा था, जबकि बनारसी और अरविंद ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। महेंद्र गौतम मौके पर ही ढेर हो गए। यह हत्या सिर्फ एक कत्ल नहीं थी—यह सुपारी का क्लासिक केस था, जहां पांच लाख रुपये की सुपारी ली गई थी। हत्या के बाद बनारसी यादव लगभग साढ़े पांच महीने तक पुलिस की पकड़ से दूर रहा। वाराणसी पुलिस और एसटीएफ ने उसकी तलाश में कई टीमें लगाईं। आखिरकार 3 फरवरी 2026 की देर रात चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड पर एसटीएफ की टीम ने उसे घेर लिया। बनारसी ने सरेंडर नहीं किया, उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोलियां लगीं। घायल हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए। महेंद्र गौतम की हत्या ही बनारसी यादव के ताबूत में अंतिम कील साबित हुई। यह हत्याकांड उसके अपराधी जीवन का चरम था, जिसने पुलिस को उसकी तलाश में और तेज कर दिया। बनारसी का अंत एक मुठभेड़ में हुआ, जैसा अक्सर ऐसे बदमाशों का होता है—गोली से शुरू हुआ सफर गोली से ही खत्म। पूर्वांचल में अपराध की दुनिया को यह संदेश दे गया कि सुपारी लेकर खून बहाने वाले की गोली आखिरकार खुद पर ही लौट आती है। बनारसी यादव की कहानी अपराध के अंधेरे रास्ते पर चलने वालों के लिए एक चेतावनी है—उदय जितना तेज होता है अंत उतना ही भयानक होता है।
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    एक लाख के इनामी बदमाश बनारसी यादव की कहानी पूर्वांचल के अपराध जगत की एक काली स्याही से लिखी गई दास्तान है।
गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के गौरहट गांव का रहने वाला यह युवक शुरुआत में छोटे-मोटे विवादों और लूटपाट से जुड़ा था, लेकिन जल्द ही सुपारी किलर के रूप में उभरा। बनारसी यादव ने हत्या, लूट, जबरन वसूली जैसे संगीन अपराधों में हाथ आजमाया। वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र समेत कई जिलों में उसके खिलाफ 24 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हो चुके थे। उसका नाम सुनते ही लोग कांप उठते थे, क्योंकि वह बिना झिझक गोली चलाने वाला शार्पशूटर बन चुका था।
उसके उदय का असली मोड़ तब आया जब वह सुपारी लेकर काम करने लगा। अपराध की दुनिया में पैसे के लिए जान लेना उसका पेशा बन गया। पुलिस ने उसे एक लाख रुपये का इनामी घोषित कर दिया था। लेकिन बनारसी फरार रहकर अपनी खौफनाक छवि को और मजबूत करता रहा। उसने कई हत्याओं में हाथ काला किया, लेकिन आखिरी वारदात ने उसकी किस्मत बदल दी।
21 अगस्त 2025 की सुबह वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र की अरिहंत नगर कॉलोनी फेज-2 में बाइक सवार तीन बदमाशों ने कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम को निशाना बनाया। महेंद्र गौतम एक सफल व्यवसायी थे, जिनका जमीन और प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद लंबे समय से चल रहे थे। खबरों के मुताबिक, 50 करोड़ रुपये की जमीन विवाद में मुंबई से शूटर हायर किए गए थे, लेकिन मुख्य शूटर बनारसी यादव ही था। उसके साथी अरविंद यादव उर्फ फौजी (कल्लू) और विशाल थे। विशाल बाइक चला रहा था, जबकि बनारसी और अरविंद ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। महेंद्र गौतम मौके पर ही ढेर हो गए। यह हत्या सिर्फ एक कत्ल नहीं थी—यह सुपारी का क्लासिक केस था, जहां पांच लाख रुपये की सुपारी ली गई थी।
हत्या के बाद बनारसी यादव लगभग साढ़े पांच महीने तक पुलिस की पकड़ से दूर रहा। 
वाराणसी पुलिस और एसटीएफ ने उसकी तलाश में कई टीमें लगाईं। आखिरकार 3 फरवरी 2026 की देर रात चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड पर एसटीएफ की टीम ने उसे घेर लिया।
बनारसी ने सरेंडर नहीं किया, उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोलियां लगीं। घायल हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए।
महेंद्र गौतम की हत्या ही बनारसी यादव के ताबूत में अंतिम कील साबित हुई। यह हत्याकांड उसके अपराधी जीवन का चरम था, जिसने पुलिस को उसकी तलाश में और तेज कर दिया। 
बनारसी का अंत एक मुठभेड़ में हुआ, जैसा अक्सर ऐसे बदमाशों का होता है—गोली से शुरू हुआ सफर गोली से ही खत्म। पूर्वांचल में अपराध की दुनिया को यह संदेश दे गया कि सुपारी लेकर खून बहाने वाले की गोली आखिरकार खुद पर ही लौट आती है। 
बनारसी यादव की कहानी अपराध के अंधेरे रास्ते पर चलने वालों के लिए एक चेतावनी है—उदय जितना तेज होता है अंत उतना ही भयानक होता है।
    user_Jitendra Dubey
    Jitendra Dubey
    केराकत, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • वाराणसी चौक थाना क्षेत्र के बाबर शहीद गली स्थित दो मकानों की बिक्री के नाम पर करीब 67.34 लाख रुपये की धोखाधड़ी का केस चौक थाने में दर्ज किया गया है। मकान मालिक किशन सेठ ने राजेश कुमार सेठ और उसके परिवार के छह लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है। नाटी इमली की महेशनगर कॉलोनी के किशन सेठ ने पुलिस को बताया कि उन्होंने बाबर शहीद गली स्थित अपने दो मकान का सौदा राजेश सेठ से किया था। दोनों मकानों की कीमत 1.51 करोड़ तय हुई थी। पहला घर 27 अक्तूबर 2023 और दूसरा 28 नवंबर 2024 को बचा गया। किशन सेठ का कहना है कि सौदे के समय आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि पूरी रकम दे देगा। लेकिन शुरुआत में अलग-अलग तिथियों पर आरटीजीएस, चेक ड्राफ्ट और बैंकर्स चेक के जरिए कई किस्तों में भुगतान किया। आखिरी लेखा-जोखा करने पर पता चला कि तय कीमत और बेनामों में दर्शायी रकम में बड़ा अंतर है। दोनों मकानों की कुल कीमत 1.51 करोड़ रुपये थी, वहीं दोनों बैनामों में कुल 83.66 लाख ही दिए गए 67.34 लाख रुपये बकाया रह गए, तथा बकाया राशि देने का भरोसा दिया किशन ने बताया कि शेष राशि के बदले 73.595 किलोग्राम चांदी छह माह में देने की बात पर सट्टा मेरे द्वारा किया गया था लेकिन राजेश सेठ इससे भी मुकर गया है,
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    वाराणसी चौक थाना क्षेत्र के बाबर शहीद गली स्थित दो मकानों की बिक्री के नाम पर करीब 67.34 लाख रुपये की धोखाधड़ी का केस चौक थाने में दर्ज किया गया है। मकान मालिक किशन सेठ ने राजेश कुमार सेठ और उसके परिवार के छह लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है।
नाटी इमली की महेशनगर कॉलोनी के किशन सेठ ने पुलिस को बताया कि उन्होंने बाबर शहीद गली स्थित अपने दो मकान का सौदा राजेश सेठ से किया था। दोनों मकानों की कीमत 1.51 करोड़ तय हुई थी। पहला घर 27 अक्तूबर 2023 और दूसरा 28 नवंबर 2024 को बचा गया। किशन सेठ का कहना है कि सौदे के समय आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि पूरी रकम दे देगा।
लेकिन शुरुआत में अलग-अलग तिथियों पर आरटीजीएस, चेक ड्राफ्ट और बैंकर्स चेक के जरिए कई किस्तों में भुगतान किया। आखिरी लेखा-जोखा करने पर पता चला कि तय कीमत और बेनामों में दर्शायी रकम में बड़ा अंतर है। दोनों मकानों की कुल कीमत 1.51 करोड़ रुपये थी, वहीं दोनों बैनामों में कुल 83.66 लाख ही दिए गए 67.34 लाख रुपये बकाया रह गए,
तथा बकाया राशि देने का भरोसा दिया किशन ने बताया कि शेष राशि के बदले 73.595 किलोग्राम चांदी छह माह में देने की बात पर सट्टा मेरे द्वारा किया गया था लेकिन राजेश सेठ इससे भी मुकर गया है,
    user_Rishu Pathak
    Rishu Pathak
    सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Post by Priyanshu
    1
    Post by Priyanshu
    user_Priyanshu
    Priyanshu
    Court reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • वाराणसी। बीएचयू में आज मंगलवार को प्रदर्शन UGC विनियम को लेकर
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    वाराणसी। बीएचयू में आज मंगलवार को प्रदर्शन UGC विनियम को लेकर
    user_राजेन्द्र प्रसाद जायसवाल, वरिष्ठ पत्रकार
    राजेन्द्र प्रसाद जायसवाल, वरिष्ठ पत्रकार
    Journalist सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • singer rony roy Varanasi nice voice song
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    singer rony roy Varanasi nice voice song
    user_Rony Roy singer Varanasi
    Rony Roy singer Varanasi
    Singer सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • Post by Chotelal Chotrlal
    1
    Post by Chotelal Chotrlal
    user_Chotelal Chotrlal
    Chotelal Chotrlal
    जौनपुर, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    26 min ago
  • नकली कमला नगर पुलिस चौकी देख चौंकी काशी, कुछ देर को उलझी मडुआडीह पुलिस वाराणसी, 4 फरवरी। चाँदपुर इंडस्ट्रियल एस्टेट में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब पूर्व सांसद डॉ. विजय सोनकर शास्त्री के आवास के पास कमला नगर पुलिस चौकी खुली नजर आई। अचानक चौकी दिखने से आसपास के लोग हैरान रह गए। कुछ देर के लिए तो मडुआडीह पुलिस भी असमंजस में पड़ गई कि बिना सूचना नई पुलिस चौकी कैसे खुल गई। मामला यहीं नहीं रुका—कई जागरूक नागरिकों ने इसकी पुष्टि के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को फोन तक कर डाले। हालांकि, थोड़ी ही देर में स्थिति साफ हो गई। दरअसल, यहां दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक ‘नारी शक्ति’ की शूटिंग चल रही थी। इसी सिलसिले में कमला नगर पुलिस चौकी का हूबहू सेट लगाया गया था, जिसे देखकर लोग भ्रमित हो गए। ‘नारी शक्ति’ एक नारी सशक्तिकरण और देशभक्ति से ओतप्रोत धारावाहिक है, जिसका निर्माण काशी विश्वनाथ धारावाहिक बनाने वाले वाराणसी के मडुआडीह निवासी दिलीप सोनकर कर रहे हैं। सेट इतना वास्तविक था कि पहली नजर में किसी को भी यह असली पुलिस चौकी ही लगी। धारावाहिक में रवि कोठारी, कुणाल सिंह राजपूत, गरिमा अग्रवाल, प्रिया राजपूत, पूर्वी सोनकर, महेश पुजारी, अभिषेक सक्लानी, निरंजन चौबे और सरवंती मुखर्जी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। शूटिंग की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने राहत की सांस ली।
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    नकली कमला नगर पुलिस चौकी देख चौंकी काशी, कुछ देर को उलझी मडुआडीह पुलिस
वाराणसी, 4 फरवरी।
चाँदपुर इंडस्ट्रियल एस्टेट में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब पूर्व सांसद डॉ. विजय सोनकर शास्त्री के आवास के पास कमला नगर पुलिस चौकी खुली नजर आई। अचानक चौकी दिखने से आसपास के लोग हैरान रह गए। कुछ देर के लिए तो मडुआडीह पुलिस भी असमंजस में पड़ गई कि बिना सूचना नई पुलिस चौकी कैसे खुल गई।
मामला यहीं नहीं रुका—कई जागरूक नागरिकों ने इसकी पुष्टि के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को फोन तक कर डाले।
हालांकि, थोड़ी ही देर में स्थिति साफ हो गई।
दरअसल, यहां दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक ‘नारी शक्ति’ की शूटिंग चल रही थी। इसी सिलसिले में कमला नगर पुलिस चौकी का हूबहू सेट लगाया गया था, जिसे देखकर लोग भ्रमित हो गए।
‘नारी शक्ति’ एक नारी सशक्तिकरण और देशभक्ति से ओतप्रोत धारावाहिक है, जिसका निर्माण काशी विश्वनाथ धारावाहिक बनाने वाले वाराणसी के मडुआडीह निवासी दिलीप सोनकर कर रहे हैं। सेट इतना वास्तविक था कि पहली नजर में किसी को भी यह असली पुलिस चौकी ही लगी।
धारावाहिक में रवि कोठारी, कुणाल सिंह राजपूत, गरिमा अग्रवाल, प्रिया राजपूत, पूर्वी सोनकर, महेश पुजारी, अभिषेक सक्लानी, निरंजन चौबे और सरवंती मुखर्जी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
शूटिंग की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने राहत की सांस ली।
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Pindra, Varanasi•
    3 hrs ago
  • जरायम जगत में अदृश्य शूटर था बनारसी यादव. पूर्वांचल के आपराधिक इतिहास में बनारसी यादव का नाम लंबे समय तक एक रहस्य बना रहा। सुपारी लेकर हत्याएं करने वाले इस शूटर को पुलिस नाम से तो जानती थी, लेकिन उसका चेहरा और तस्वीर किसी के पास नहीं थी। यही वजह रही कि कई घटनाओं को अंजाम देने के बाद भी बनारसी वर्षों तक कानून की पकड़ से दूर रहा। सारनाथ में कॉलोनाइजर महेंद्र की हत्या के बाद जब बनारसी यादव का नाम सामने आया, तब पुलिस को उसकी मौजूदगी का ठोस सुराग मिला। सूत्रों के अनुसार बनारसी यादव कभी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था और न ही एक जगह टिककर रहता था। ठिकाने बदलते रहना और संपर्क के पारंपरिक तरीकों से दूरी बनाए रखना उसकी पहचान थी। सूत्रों के मुताबिक गाजीपुर जिले के करंडा का रहने वाला बनारसी पूर्वांचल के कई माफियाओं के इशारे पर सुपारी किलिंग को अंजाम दे चुका था।
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    जरायम जगत में अदृश्य शूटर था बनारसी यादव.
पूर्वांचल के आपराधिक इतिहास में बनारसी यादव का नाम लंबे समय तक एक रहस्य बना रहा। सुपारी लेकर हत्याएं करने वाले इस शूटर को पुलिस नाम से तो जानती थी, लेकिन उसका चेहरा और तस्वीर किसी के पास नहीं थी। यही वजह रही कि कई घटनाओं को अंजाम देने के बाद भी बनारसी वर्षों तक कानून की पकड़ से दूर रहा।
सारनाथ में कॉलोनाइजर महेंद्र की हत्या के बाद जब बनारसी यादव का नाम सामने आया, तब पुलिस को उसकी मौजूदगी का ठोस सुराग मिला।
सूत्रों के अनुसार बनारसी यादव कभी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था और न ही एक जगह टिककर रहता था। ठिकाने बदलते रहना और संपर्क के पारंपरिक तरीकों से दूरी बनाए रखना उसकी पहचान थी। सूत्रों के मुताबिक गाजीपुर जिले के करंडा का रहने वाला बनारसी पूर्वांचल के कई माफियाओं के इशारे पर सुपारी किलिंग को अंजाम दे चुका था।
    user_Jitendra Dubey
    Jitendra Dubey
    केराकत, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • जहाँ ख़बर हैं, वहाँ नज़र हैं..... मंदसौर जिले सहित मालवा क्षेत्र और देश- दुनिया की ताजा खबरें पाने के लिए तुरंत फॉलो करें.
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    जहाँ ख़बर हैं, वहाँ नज़र हैं..... मंदसौर जिले सहित मालवा क्षेत्र और देश- दुनिया की ताजा खबरें पाने के लिए तुरंत फॉलो करें.
    user_Priyanshu
    Priyanshu
    Court reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
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