logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

"किराए की कोख' के नाम पर कोख का व्यापार— एक सामाजिक कलंक" विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार ​हाल ही में सामने आई रिपोर्टों ने समाज के उस काले चेहरे को उजागर किया है, जहाँ मानवता को चंद रुपयों के लिए नीलाम किया जा रहा है। लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों में सक्रिय 'अवैध सरोगेसी रैकेट' की खबरें न केवल चौंकाने वाली हैं, बल्कि यह हमारे नैतिक पतन की पराकाष्ठा भी है। ​बाजार में बिकती ममता और 'रेट कार्ड' सबसे विचलित करने वाली बात यह है कि इस अवैध धंधे में लड़कियों की उम्र, उनके रंग-रूप और कद-काठी के आधार पर उनकी 'कीमत' तय की जा रही है। 5 लाख से लेकर 15 लाख रुपये तक की बोलियां लग रही हैं। यह किसी सभ्य समाज की तस्वीर नहीं हो सकती, जहाँ एक अजन्मे बच्चे और उसे जन्म देने वाली माँ को एक 'प्रोडक्ट' की तरह ट्रीट किया जा रहा हो। ​कानून की धज्जियां और गिरोह का जाल भारत में 'सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम, 2021' स्पष्ट रूप से 'कमर्शियल सरोगेसी' (व्यावसायिक सरोगेसी) को प्रतिबंधित करता है। केवल 'परोपकारी सरोगेसी' (Altruistic Surrogacy) की अनुमति है, जिसमें कोई आर्थिक लेन-देन नहीं होता। इसके बावजूद, सोशल मीडिया और आईवीएफ सेंटरों के माध्यम से सक्रिय ये गिरोह कानून की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। बिना किसी लिखित एग्रीमेंट के होने वाले ये सौदे न केवल अवैध हैं, बल्कि सरोगेट माँ के स्वास्थ्य और अधिकारों के लिए भी बड़ा खतरा हैं। ​निःसंतानता का फायदा और मजबूरी का शोषण यह रैकेट दो तरफा शोषण पर टिका है। एक तरफ वे निःसंतान दंपति हैं जो अपनी भावनाओं और संतान की चाह में लाखों रुपये लुटाने को तैयार हैं, और दूसरी तरफ वे गरीब लड़कियां और महिलाएं हैं जिनकी मजबूरी का फायदा ये दलाल उठाते हैं। कानून के मुताबिक, व्यावसायिक सरोगेसी में शामिल होने पर 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका खौफ कम नजर आता है। ​निष्कर्ष सिर्फ कानून बना देने से ऐसी कुरीतियां खत्म नहीं होंगी। प्रशासन को उन 'अवैध सेंटरों' और अस्पतालों पर सर्जिकल स्ट्राइक करने की जरूरत है जो इन गिरोहों को शरण देते हैं। साथ ही, समाज को भी यह समझना होगा कि संतान सुख प्राप्त करने के लिए किसी की मजबूरी को खरीदना अनैतिक है। जब तक 'डिमांड' रहेगी, 'सप्लाई' के ये अवैध रास्ते खुले रहेंगे। अब समय आ गया है कि इस 'कोख के व्यापार' को जड़ से उखाड़ फेंका जाए।

1 hr ago
user_Vijay Kumar
Vijay Kumar
Court reporter शेरघाटी, गया, बिहार•
1 hr ago

"किराए की कोख' के नाम पर कोख का व्यापार— एक सामाजिक कलंक" विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार ​हाल ही में सामने आई रिपोर्टों ने समाज के उस काले चेहरे को उजागर किया है, जहाँ मानवता को चंद रुपयों के लिए नीलाम किया जा रहा है। लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों में सक्रिय 'अवैध सरोगेसी रैकेट' की खबरें न केवल चौंकाने वाली हैं, बल्कि यह हमारे नैतिक पतन की पराकाष्ठा भी है। ​बाजार में बिकती ममता और 'रेट कार्ड' सबसे विचलित करने वाली बात यह है कि इस अवैध धंधे में लड़कियों की उम्र, उनके रंग-रूप और कद-काठी के आधार पर उनकी 'कीमत' तय की जा रही है। 5 लाख से लेकर 15 लाख रुपये तक की बोलियां लग रही हैं। यह किसी सभ्य समाज की तस्वीर नहीं हो सकती, जहाँ एक अजन्मे बच्चे और उसे जन्म देने वाली माँ को एक 'प्रोडक्ट' की तरह ट्रीट किया जा रहा हो। ​कानून की धज्जियां और गिरोह का जाल भारत में 'सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम, 2021' स्पष्ट रूप से 'कमर्शियल सरोगेसी' (व्यावसायिक सरोगेसी) को प्रतिबंधित करता है। केवल 'परोपकारी सरोगेसी' (Altruistic Surrogacy) की अनुमति है, जिसमें कोई आर्थिक लेन-देन नहीं होता। इसके बावजूद, सोशल मीडिया और आईवीएफ सेंटरों के माध्यम से सक्रिय ये गिरोह कानून की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। बिना किसी लिखित एग्रीमेंट के होने वाले ये सौदे न केवल अवैध हैं, बल्कि सरोगेट माँ के स्वास्थ्य और अधिकारों के लिए भी बड़ा खतरा हैं। ​निःसंतानता का फायदा और मजबूरी का शोषण यह रैकेट दो तरफा शोषण पर टिका है। एक तरफ वे निःसंतान दंपति हैं जो अपनी भावनाओं और संतान की चाह में लाखों रुपये लुटाने को तैयार हैं, और दूसरी तरफ वे गरीब लड़कियां और महिलाएं हैं जिनकी मजबूरी का फायदा ये दलाल उठाते हैं। कानून के मुताबिक, व्यावसायिक सरोगेसी में शामिल होने पर 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका खौफ कम नजर आता है। ​निष्कर्ष सिर्फ कानून बना देने से ऐसी कुरीतियां खत्म नहीं होंगी। प्रशासन को उन 'अवैध सेंटरों' और अस्पतालों पर सर्जिकल स्ट्राइक करने की जरूरत है जो इन गिरोहों को शरण देते हैं। साथ ही, समाज को भी यह समझना होगा कि संतान सुख प्राप्त करने के लिए किसी की मजबूरी को खरीदना अनैतिक है। जब तक 'डिमांड' रहेगी, 'सप्लाई' के ये अवैध रास्ते खुले रहेंगे। अब समय आ गया है कि इस 'कोख के व्यापार' को जड़ से उखाड़ फेंका जाए।

More news from बिहार and nearby areas
  • Post by Md anear
    1
    Post by Md anear
    user_Md anear
    Md anear
    मदनपुर, औरंगाबाद, बिहार•
    4 hrs ago
  • थाना क्षेत्र के पारामातु स्थित घूरातरी जंगल में एक युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान लावालौंग निवासी उमेश भारती (पिता: प्रकाश भारती) के पुत्र के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक ने जंगल में महुआ के पेड़ से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना पाकर लावालौंग थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और सभी पहलुओं पर छानबीन की जा रही है।
    1
    थाना क्षेत्र के पारामातु स्थित घूरातरी जंगल में एक युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
मृतक की पहचान लावालौंग निवासी उमेश भारती (पिता: प्रकाश भारती) के पुत्र के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक ने जंगल में महुआ के पेड़ से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना पाकर लावालौंग थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और सभी पहलुओं पर छानबीन की जा रही है।
    user_Headline jharkhand
    Headline jharkhand
    Press-Media Pratappur, Chatra•
    10 min ago
  • चतरा जिले के लावालौंग से एक हृदयविदारक खबर सामने आ रही है, जहाँ घूरातरी जंगल में एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम और सनसनी का माहौल है।मामला लावालौंग थाना क्षेत्र के पारामातु स्थित घूरातरी जंगल का है, जहाँ स्थानीय निवासी उमेश भारती का शव महुआ के पेड़ से लटकता हुआ पाया गया। मृतक के पिता का नाम प्रकाश भारती बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही लावालौंग थाना प्रभारी चंदन कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस को जंगल में युवक के फांसी पर लटके होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई की गई। फिलहाल आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है और परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
    1
    चतरा जिले के लावालौंग से एक हृदयविदारक खबर सामने आ रही है, जहाँ घूरातरी जंगल में एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम और सनसनी का माहौल है।मामला लावालौंग थाना क्षेत्र के पारामातु स्थित घूरातरी जंगल का है, जहाँ स्थानीय निवासी उमेश भारती का शव महुआ के पेड़ से लटकता हुआ पाया गया। मृतक के पिता का नाम प्रकाश भारती बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही लावालौंग थाना प्रभारी चंदन कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस को जंगल में युवक के फांसी पर लटके होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई की गई। फिलहाल आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है और परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
    user_Kr Chandan
    Kr Chandan
    Kr Chandan:9199150818 चतरा, चतरा, झारखंड•
    3 hrs ago
  • गया जिले के जिला परिवहन कार्यालय में एक बार फिर अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। आम लोगों का कहना है कि कार्यालय में कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक समय पर उपस्थित नहीं रहते हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, किसी भी कार्य—खासकर वाहन के बैकलॉग एंट्री या कागजात से जुड़े काम—के लिए कर्मचारियों द्वारा खुलेआम पैसे की मांग की जाती है। यदि कोई व्यक्ति पैसा देने से इनकार करता है, तो उसके कागजात को जानबूझकर लंबित रख दिया जाता है या फाइल दबा दी जाती है। लोगों का यह भी आरोप है कि गाड़ी के बैकलॉग से जुड़े मामलों में बिना रिश्वत दिए काम कराना लगभग असंभव हो गया है। इससे आम जनता काफी परेशान है और कई बार बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हो रही है।“हम लोग सुबह से लाइन में लगे रहते हैं, लेकिन कोई कर्मचारी समय पर नहीं आता। जब काम के लिए जाते हैं तो सीधे पैसे की बात की जाती है। अगर पैसा नहीं दें, तो फाइल आगे नहीं बढ़ती। गाड़ी के बैकलॉग के लिए कई बार चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन बिना पैसे काम नहीं हो रहा है।”
    1
    गया जिले के जिला परिवहन कार्यालय में एक बार फिर अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। आम लोगों का कहना है कि कार्यालय में कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक समय पर उपस्थित नहीं रहते हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, किसी भी कार्य—खासकर वाहन के बैकलॉग एंट्री या कागजात से जुड़े काम—के लिए कर्मचारियों द्वारा खुलेआम पैसे की मांग की जाती है। यदि कोई व्यक्ति पैसा देने से इनकार करता है, तो उसके कागजात को जानबूझकर लंबित रख दिया जाता है या फाइल दबा दी जाती है।
लोगों का यह भी आरोप है कि गाड़ी के बैकलॉग से जुड़े मामलों में बिना रिश्वत दिए काम कराना लगभग असंभव हो गया है। इससे आम जनता काफी परेशान है और कई बार बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हो रही है।“हम लोग सुबह से लाइन में लगे रहते हैं, लेकिन कोई कर्मचारी समय पर नहीं आता। जब काम के लिए जाते हैं तो सीधे पैसे की बात की जाती है। अगर पैसा नहीं दें, तो फाइल आगे नहीं बढ़ती। गाड़ी के बैकलॉग के लिए कई बार चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन बिना पैसे काम नहीं हो रहा है।”
    user_Ashutosh kumar
    Ashutosh kumar
    Local News Reporter मानपुर, गया, बिहार•
    4 hrs ago
  • Post by जन सेवक
    1
    Post by जन सेवक
    user_जन सेवक
    जन सेवक
    Doctor Gaya, Bihar•
    8 hrs ago
  • रफीगंज–बराही पथ पर पटोई मोड़ के पास सड़क दुर्घटना में पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों एवं परिजनों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहाँ ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ए.के. केसरी ने प्राथमिक उपचार करने के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए गया के मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। घायलों की पहचान पौथू थाना क्षेत्र के कुष्मी फेसरा गांव निवासी चंदन कुमार और उनकी पत्नी पुष्पा देवी के रूप में हुई है। घायल की बहन रेणु देवी ने बताया कि दोनों मोटरसाइकिल से रफीगंज बैंक में लोन लेने आए थे और वापस अपने गांव लौट रहे थे, इसी दौरान पटोई मोड़ के पास यह दुर्घटना हो गई।
    1
    रफीगंज–बराही पथ पर पटोई मोड़ के पास सड़क दुर्घटना में पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों एवं परिजनों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।
वहाँ ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ए.के. केसरी ने प्राथमिक उपचार करने के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए गया के मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
घायलों की पहचान पौथू थाना क्षेत्र के कुष्मी फेसरा गांव निवासी चंदन कुमार और उनकी पत्नी पुष्पा देवी के रूप में हुई है।
घायल की बहन रेणु देवी ने बताया कि दोनों मोटरसाइकिल से रफीगंज बैंक में लोन लेने आए थे और वापस अपने गांव लौट रहे थे, इसी दौरान पटोई मोड़ के पास यह दुर्घटना हो गई।
    user_Pappu Kumar
    Pappu Kumar
    पत्रकार रफीगंज, औरंगाबाद, बिहार•
    20 hrs ago
  • क्या शराबबंदी बिहार में खत्म होने वाला है, बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार का बड़ा बयान! ##BiharNews #BiharPolitics #LiquorBan #SharabBandi #BreakingNews #HindiNews #PoliticalNews #ViralVideo #TrendingNow #ViralReels #InstaReelsIndia #ReelsIndia #TrendAlert #SocialMediaBuzz
    1
    क्या शराबबंदी बिहार में खत्म होने वाला है, बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार का बड़ा बयान! ##BiharNews
#BiharPolitics
#LiquorBan
#SharabBandi
#BreakingNews
#HindiNews
#PoliticalNews #ViralVideo
#TrendingNow
#ViralReels
#InstaReelsIndia
#ReelsIndia
#TrendAlert
#SocialMediaBuzz
    user_SATISH KUMAR (पत्रकार)
    SATISH KUMAR (पत्रकार)
    स्थानीय समाचार रिपोर्टर Gaya Town C.D.Block, Bihar•
    21 hrs ago
  • एक पिकअप वाहन से गिरकर रोजगार सेवक राजेश कुमार शर्मा की मौत हो गई। CCTV फुटेज में दिख रहा है कि राजेश शादी समारोह से लौटते समय पिकअप गाड़ी पर लटककर आ रहे थे, तभी पुराना पेट्रोल पंप फेमस मेडिकल के समीप गिर गए और सिर में गंभीर चोट आई। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन पुलिस जांच में मामला दुर्घटना निकला। थाना प्रभारी अवधेश सिंह ने बताया कि CCTV फुटेज में मृतक पिकअप वाहन से उतरने के दौरान लड़खड़ाकर सड़क पर गिर गए थे। पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। इस घटना से इलाके में शोक की लभा है। राजेश के परिवार में उनकी पत्नी, दो बच्चे और माता-पिता हैं। उनकी मौत से परिवार को बड़ा झटका लगा है।
    1
    एक पिकअप वाहन से गिरकर रोजगार सेवक राजेश कुमार शर्मा की मौत हो गई। CCTV फुटेज में दिख रहा है कि राजेश शादी समारोह से लौटते समय पिकअप गाड़ी पर लटककर आ रहे थे, तभी पुराना पेट्रोल पंप फेमस मेडिकल के समीप गिर गए और सिर में गंभीर चोट आई।
परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन पुलिस जांच में मामला दुर्घटना निकला। थाना प्रभारी अवधेश सिंह ने बताया कि CCTV फुटेज में मृतक पिकअप वाहन से उतरने के दौरान लड़खड़ाकर सड़क पर गिर गए थे। पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
इस घटना से इलाके में शोक की लभा है। राजेश के परिवार में उनकी पत्नी, दो बच्चे और माता-पिता हैं। उनकी मौत से परिवार को बड़ा झटका लगा है।
    user_Headline jharkhand
    Headline jharkhand
    Press-Media Pratappur, Chatra•
    14 min ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.