बृज नगर में स्थानीय प्रशासन की कथित लापरवाही का नजारा उस समय देखने को मिला जब मुख्य बाजार रोड पर नाले के पास बने एक गहरे गड्ढे में एक इको कार बुरी तरह फंस गई। गड्ढे में पानी और कीचड़ भरा होने के कारण कार का पहिया धंस गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने काफी मशक्कत कर कार को बाहर निकाला। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन की अनदेखी के चलते कस्बे की सड़कें जानलेवा बन गई हैं। खुले नालों के पास गहरे गड्ढे मौजूद हैं, जिन पर न तो कोई संकेतक लगाया गया है और न ही उन पर उचित फेरो कवर डाले गए हैं। यहां तक कि अगर फेरो कवर बने भी हैं, तो वे खुले नालों और गड्ढों के पास केवल ‘शो पीस’ बनकर पड़े रहते हैं। इसके परिणामस्वरूप, आए दिन दुपहिया और चौपहिया वाहन चालक इन गड्ढों में फंसकर चोटिल हो रहे हैं। लोगों का सवाल है कि आखिर नगर पालिका प्रशासन कब तक इसी तरह आंखें मूंदे बैठा रहेगा और क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? नगर पालिका में लाखों-करोड़ों का बजट होने और प्रशासनिक कर्मचारियों की संख्या अधिक होने के बावजूद भी इन गड्ढों पर नियमित रूप से फेरो कवर क्यों नहीं लगाए जाते। एक गड्ढे के बगल में फेरो कवर पड़ा होने के बावजूद गड्ढा खुला रहना प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने मांग की है कि नगर पालिका प्रशासन को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और सभी खुले नालों व गड्ढों पर नियमित रूप से फेरो कवर लगवाकर उनकी देखरेख सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि आमजन और राहगीरों को किसी प्रकार की परेशानी या हादसे का सामना न करना पड़े।
बृज नगर में स्थानीय प्रशासन की कथित लापरवाही का नजारा उस समय देखने को मिला जब मुख्य बाजार रोड पर नाले के पास बने एक गहरे गड्ढे में एक इको कार बुरी तरह फंस गई। गड्ढे में पानी और कीचड़ भरा होने के कारण कार का पहिया धंस गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने काफी मशक्कत कर कार को बाहर निकाला। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन की अनदेखी के चलते कस्बे की सड़कें जानलेवा बन गई हैं। खुले नालों के पास गहरे गड्ढे मौजूद हैं, जिन पर न तो कोई संकेतक लगाया गया है और न ही उन पर उचित फेरो कवर डाले गए हैं। यहां तक कि अगर फेरो कवर बने भी हैं, तो वे खुले नालों और गड्ढों के पास केवल ‘शो पीस’ बनकर पड़े रहते हैं। इसके परिणामस्वरूप, आए दिन दुपहिया और चौपहिया वाहन चालक इन गड्ढों में फंसकर चोटिल हो रहे हैं। लोगों का सवाल है कि आखिर नगर पालिका प्रशासन कब तक इसी तरह आंखें मूंदे बैठा रहेगा और क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? नगर पालिका में लाखों-करोड़ों का बजट होने और प्रशासनिक कर्मचारियों की संख्या अधिक होने के बावजूद भी इन गड्ढों पर नियमित रूप से फेरो कवर क्यों नहीं लगाए जाते। एक गड्ढे के बगल में फेरो कवर पड़ा होने के बावजूद गड्ढा खुला रहना प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने मांग की है कि नगर पालिका प्रशासन को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और सभी खुले नालों व गड्ढों पर नियमित रूप से फेरो कवर लगवाकर उनकी देखरेख सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि आमजन और राहगीरों को किसी प्रकार की परेशानी या हादसे का सामना न करना पड़े।
- बृज नगर में स्थानीय प्रशासन की कथित लापरवाही का नजारा उस समय देखने को मिला जब मुख्य बाजार रोड पर नाले के पास बने एक गहरे गड्ढे में एक इको कार बुरी तरह फंस गई। गड्ढे में पानी और कीचड़ भरा होने के कारण कार का पहिया धंस गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने काफी मशक्कत कर कार को बाहर निकाला। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन की अनदेखी के चलते कस्बे की सड़कें जानलेवा बन गई हैं। खुले नालों के पास गहरे गड्ढे मौजूद हैं, जिन पर न तो कोई संकेतक लगाया गया है और न ही उन पर उचित फेरो कवर डाले गए हैं। यहां तक कि अगर फेरो कवर बने भी हैं, तो वे खुले नालों और गड्ढों के पास केवल ‘शो पीस’ बनकर पड़े रहते हैं। इसके परिणामस्वरूप, आए दिन दुपहिया और चौपहिया वाहन चालक इन गड्ढों में फंसकर चोटिल हो रहे हैं। लोगों का सवाल है कि आखिर नगर पालिका प्रशासन कब तक इसी तरह आंखें मूंदे बैठा रहेगा और क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? नगर पालिका में लाखों-करोड़ों का बजट होने और प्रशासनिक कर्मचारियों की संख्या अधिक होने के बावजूद भी इन गड्ढों पर नियमित रूप से फेरो कवर क्यों नहीं लगाए जाते। एक गड्ढे के बगल में फेरो कवर पड़ा होने के बावजूद गड्ढा खुला रहना प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने मांग की है कि नगर पालिका प्रशासन को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और सभी खुले नालों व गड्ढों पर नियमित रूप से फेरो कवर लगवाकर उनकी देखरेख सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि आमजन और राहगीरों को किसी प्रकार की परेशानी या हादसे का सामना न करना पड़े।1
- सौंख नगर पंचायत में काजल चौधरी का भव्य स्वागत किया गया, जिन्होंने ब्रज चौरासी परिक्रमा के दौरान श्रवण कुमार की भूमिका निभाई।1
- भरतपुर के कुम्हेर क्षेत्र में जनता की प्यास बुझाने वाला एक हैंडपंप रातों-रात रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। इस मामले को लेकर एक महिला ने न्याय की गुहार लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय का रुख किया। महिला ने अधिकारियों से इस घटना की जांच कर हैंडपंप को पुनः स्थापित करने की मांग की।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की गोवर्धन तहसील के कमई गांव के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ग्राम प्रधान पद के एक उम्मीदवार श्री जगदीश जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से पेयजल संकट व्याप्त है और इसी बीच प्रधान पद के उम्मीदवार जगदीश जी द्वारा चलाए जा रहे पानी के टैंकर से कथित तौर पर भेदभावपूर्ण तरीके से पानी का वितरण किया जा रहा है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि पानी का वितरण सभी ग्रामीणों को समान रूप से नहीं किया जा रहा, बल्कि कुछ चुनिंदा लोगों, खासकर अपने समर्थकों को प्राथमिकता दी जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, जिन घरों को उम्मीदवार का समर्थक माना जाता है, वहां टैंकर भेजा जाता है, जबकि अन्य जरूरतमंद लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। यह भी बताया गया है कि कुछ घरों में पाइप लगाकर टैंकर का पानी लंबे समय तक भरवाया जाता है और कई बार बंद गेट खुलवाकर विशेष घरों में पानी पहुंचाया जाता है, जिससे गांव में भेदभाव और असंतोष की स्थिति पैदा हो गई है। ग्रामीणों का मानना है कि पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता का उपयोग किसी भी प्रकार के चुनावी लाभ, समर्थन प्राप्त करने अथवा मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नहीं होना चाहिए, बल्कि जनसेवा के रूप में इसका लाभ बिना किसी भेदभाव के सभी को समान रूप से मिलना चाहिए। इस संबंध में ग्रामीणों के पास वीडियो और अन्य साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिन्हें जांच के दौरान प्रस्तुत किया जा सकता है। अतः ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री महोदय से विनम्र निवेदन किया है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए और साथ ही गांव में पानी का वितरण सभी नागरिकों को समान रूप से सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीणों ने जनहित में आवश्यक कार्यवाही करने की अपील की है।4
- बुलंदशहर के श्री सिद्ध धाम रामघाट से शनिवार को निकली मोटरसाइकिल यात्रा मथुरा पहुँचकर केडीएस इंटरनेशनल स्कूल, सलेमपुर रोड पर एक विशाल सभा में बदल गई। इस सभा में संतों ने मूल गर्भगृह स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर निर्माण का संकल्प दोहराया और हिंदू समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। इसी अवसर पर छावा म्यूजिक कंपनी ने आंदोलन को समर्पित गीत "श्री कृष्ण जन्मभूमि मेरी शान" भी जारी किया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने सभा का संचालन करते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को बार-बार तोड़े जाने के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ओडिशा, झारखंड, बंगाल, बिहार तथा बुलंदशहर के जरगंवा, लोहागढ़ सहित कई गांवों से आए सैकड़ों कृष्ण भक्तों का उत्साह संकेत देता है कि मूल गर्भगृह स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर अवश्य बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आगरा की जामा मस्जिद में लगे भगवान श्रीकृष्ण के विग्रहों को मथुरा वापस लाने के लिए भी न्यायालय में कानूनी लड़ाई चल रही है। एडवोकेट सिंह ने दृढ़ता से कहा कि इतनी भीषण गर्मी में श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस संघर्ष को और मजबूत करेगी और सभी के सहयोग से मंदिर का निर्माण होकर रहेगा, जिसे दुनिया की कोई भी ताकत नहीं रोक पाएगी। सिद्ध बाबा धाम के महंत संत स्वामी कांताचार्य महाराज ने घोषणा की कि वे श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने के लिए चल रहे आंदोलन को समर्थन देने आए हैं और वर्ष 2027 में इससे भी बड़ी यात्रा मथुरा लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सनातन की इस आंधी को अब कोई नहीं रोक सकता। महामंडलेश्वर अध्यात्म गुरु स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने जोर दिया कि सभी सनातनियों की एक ही मांग है कि मूल गर्भगृह स्थल पर भगवान का मंदिर बने और यह लक्ष्य तभी पूरा होगा जब सभी सनातनी महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट का साथ देंगे, क्योंकि सनातन भारत के प्राण हैं। डॉ. आदित्यानंद जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान के संबंध में अब किसी अतिरिक्त प्रमाण की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने विश्वभर से साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में प्रस्तुत किए हैं। विष्णुकांत ब्रजवासी ने भी हिंदू समाज से एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि महेंद्र प्रताप सिंह द्वारा शुरू की गई इस लड़ाई के जल्द ही सुखद परिणाम सामने आएंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवा मंगलम के पीठाधीश्वर संत गोविंददानंद तीर्थ महाराज ने हिंदुओं से लोकतंत्र की मजबूती तथा धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए संगठित होने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि हर ताले को खोलने के लिए चाबी की आवश्यकता होती है, हथौड़े की नहीं, और यदि सभी लोग अपनी तालियों को ताकत में बदल लें तो मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़कर मूल गर्भगृह स्थल पर मस्जिद बनाए जाने के पर्याप्त प्रमाण आज उपलब्ध हैं। हनुमान टेकरी के संत दशरथ दास जी महाराज, ब्रज सेवक संत श्री श्यामानंद जी महाराज तथा आर.बी. चौधरी ने भी सभा को संबोधित किया। इससे पूर्व, छावा म्यूजिक कंपनी के डायरेक्टर दशरथ सिंह राठौड़ और प्रोड्यूसर मनीषा राठौड़ ने आंदोलन को समर्पित गीत "श्री कृष्ण जन्मभूमि मेरी शान है... महेंद्र प्रताप हमें जीत दिलाएंगे" यात्रा को समर्पित किया। कलाकारों रिमझिम सिंह, सोनल सिंह, विशाल और रोहित उपर्व ने भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया, और फिल्म प्रोड्यूसर मोनू राजावत ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। यात्रा का स्वागत कृष्णापुरी, होली गेट, कालीचरण, केला देवी मंदिर, कंकाली और भूतेश्वर पर कालीचरण, आर.बी. चौधरी, राजन सिंह तथा समाजसेवी सुभाष चौधरी द्वारा किया गया। इस अवसर पर बुलंदशहर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यवीर सिंह, नरवेश भारद्वाज, विनोद चंद्र शर्मा, अशोक प्रताप सिंह एडवोकेट, राकेश बाबा, वीरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र यादव, कुंवर जितेंद्र सिंह, दिनेश प्रताप सिंह, वंदना शर्मा, सच्ची सिंह, दीपाली सिंह, जितेंद्र सिंह, अजय शर्मा, सन्नी ठाकुर, रमाकांत मिश्रा, ठाकुर लीला सिंह सहित बड़ी संख्या में कृष्ण भक्त महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे।4
- जौनपुर के बदलापुर तहसील से एक वीडियो सामने आया है, जिसने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वायरल वीडियो में SDM न्यायालय के पेशकार आशीष श्रीवास्तव अपनी टेबल पर पैर फैलाकर सोते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। बताया गया है कि यह वीडियो एक फरियादी ने तब बनाया, जब वह अपनी शिकायत लेकर न्यायालय पहुंचा था। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- मथुरा के सौंख कस्बे में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग पर एक आवारा सांड के बेकाबू होकर परिक्रमार्थियों के बीच घुस जाने से भारी अफरा-तफरी मच गई। मुख्य बाजार के इस मामले में, अपनी जान बचाने के लिए परिक्रमार्थी दौड़ते हुए सांड से छिपकर भागे। इस घटना को नगर पंचायत की घोर लापरवाही का सीधा नतीजा बताया जा रहा है, जो किसी भी परिक्रमार्थी की जान ले सकती थी। इस हादसे के बाद सौंख वासियों में गहरा आक्रोश है, जबकि नगर अध्यक्ष इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। आरोप है कि नगर पंचायत सौंख की कोई न कोई गैर-जिम्मेदाराना हकीकत आए दिन सामने आती रहती है। नगर अध्यक्ष द्वारा साइन बोर्डों पर आदर्श नगर पंचायत लिखवाने के दावों की पोल ये घटनाएं खोल रही हैं, और अब आवारा सांडों का हमला एक और बड़ी चिंता का विषय बन गया है।1
- जय गुरुदेव मंदिर के सामने स्थित फ्लाईओवर पर एक बहुत बड़ा हादसा हो गया। इस दुखद घटना में एक व्यक्ति ने अपनी जान गंवा दी।1