फतेहाबाद में धूमधाम से मनाई गई राष्ट्ररक्षक सम्राट मिहिर भोज की जयंती फतेहाबाद। स्थानीय गुर्जर समाज एवं सर्व समाज के सहयोग से श्री देवनारायण भगवान मंदिर परिसर में गुर्जर-प्रतिहार वंश के महान सम्राट मिहिर भोज की जयंती हर्षोल्लास एवं गौरव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक, सामाजिक एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री देवनारायण जी की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री श्री 1008 विष्णु महाराज जी ने सम्राट मिहिर भोज के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने महान सम्राट को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान मंदिर परिसर “सम्राट मिहिर भोज अमर रहें” एवं “भगवान देवनारायण की जय” के जयघोष से गूंज उठा। युवाओं से शिक्षा, एकता और सामाजिक जागरूकता का आह्वान कार्यक्रम के दौरान आयोजित विचार गोष्ठी में महताब सिंह गुर्जर ने सम्राट मिहिर भोज के जीवन एवं उनके गौरवशाली इतिहास पर संक्षिप्त रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 9वीं शताब्दी में सम्राट मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार साम्राज्य के सबसे शक्तिशाली शासकों में शामिल थे। उन्होंने कन्नौज को केंद्र बनाकर प्रतिहार सत्ता को मजबूत किया तथा अपने समय की प्रमुख राजनीतिक शक्तियों के बीच साम्राज्य की प्रभावशाली स्थिति बनाए रखी। वक्ताओं ने कहा कि सम्राट मिहिर भोज केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि कुशल रणनीतिकार और दूरदर्शी शासक भी थे। उनकी सैन्य शक्ति, विशेषकर घुड़सवार सेना, का उल्लेख समकालीन अरब यात्रियों के विवरणों में भी मिलता है। उन्होंने अपने शासनकाल में प्रतिहार साम्राज्य को सुदृढ़ करने के साथ पश्चिमोत्तर दिशा से आने वाली अरब शक्ति के विस्तार के विरुद्ध भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सम्राट मिहिर भोज की प्रसिद्ध उपाधि ‘आदिवराह’ थी। उनके अभिलेखों एवं सिक्कों से उनके शासन और राजकीय पहचान के संबंध में महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त होती है। विष्णु महाराज जी ने अपने आशीर्वचन में युवाओं से महापुरुषों के इतिहास को पढ़ने, शिक्षा को प्राथमिकता देने, समाज में आपसी भाईचारा एवं एकता बनाए रखने तथा राष्ट्रहित में सदैव सक्रिय रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती तभी सार्थक है, जब हम उनके जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दें। समाज के गणमान्य लोगों एवं युवाओं की रही सहभागिता कार्यक्रम में गुर्जर समाज के गणमान्य लोगों, समाजसेवियों एवं युवाओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। कार्यक्रम को सफल बनाने एवं व्यवस्थाओं में विशेष सहयोग करने वालों में महताब सिंह गुर्जर, धारा सिंह गुर्जर, टुल्ली उर्फ कोमल सिंह गुर्जर (प्रधान जी), राम हरी सिंह गुर्जर, प्रदीप कुमार गुर्जर, जोगेंद्र सिंह गुर्जर, राजवान सिंह (मास्टर साहब), जय भान सिंह गुर्जर, राघवेंद्र सिंह, गगन गुर्जर, उमेश गुर्जर, परवेश गुर्जर, माधव गुर्जर, रमेश गुर्जर, भोला गुर्जर, सुरजीत गुर्जर, तिलकेश गुर्जर, देवेंद्र सिंह गुर्जर, बीरभान गुर्जर, विजय गुर्जर, रामू गुर्जर एवं हरीश सिंह गुर्जर सहित समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने समाज में शिक्षा, एकता, भाईचारे और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया तथा सम्राट मिहिर भोज के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया। सम्राट मिहिर भोज महाराज अमर रहें। भगवान श्री देवनारायण जी की जय।
फतेहाबाद में धूमधाम से मनाई गई राष्ट्ररक्षक सम्राट मिहिर भोज की जयंती फतेहाबाद। स्थानीय गुर्जर समाज एवं सर्व समाज के सहयोग से श्री देवनारायण भगवान मंदिर परिसर में गुर्जर-प्रतिहार वंश के महान सम्राट मिहिर भोज की जयंती हर्षोल्लास एवं गौरव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक, सामाजिक एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री देवनारायण जी की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री श्री 1008 विष्णु महाराज जी ने सम्राट मिहिर भोज के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने महान सम्राट को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान मंदिर परिसर “सम्राट मिहिर भोज अमर रहें” एवं “भगवान देवनारायण की जय” के जयघोष से गूंज उठा। युवाओं से शिक्षा, एकता और सामाजिक जागरूकता का आह्वान कार्यक्रम के दौरान आयोजित विचार गोष्ठी में महताब सिंह गुर्जर ने सम्राट मिहिर भोज के जीवन एवं उनके गौरवशाली इतिहास पर संक्षिप्त रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 9वीं शताब्दी में सम्राट मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार साम्राज्य के सबसे शक्तिशाली शासकों में शामिल थे। उन्होंने कन्नौज को केंद्र बनाकर प्रतिहार सत्ता को मजबूत किया तथा अपने समय की प्रमुख राजनीतिक शक्तियों के बीच साम्राज्य की प्रभावशाली स्थिति बनाए रखी। वक्ताओं ने कहा कि सम्राट मिहिर भोज केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि कुशल रणनीतिकार और दूरदर्शी शासक भी थे। उनकी सैन्य शक्ति, विशेषकर घुड़सवार सेना, का उल्लेख समकालीन अरब यात्रियों के विवरणों में भी मिलता है। उन्होंने अपने शासनकाल में प्रतिहार साम्राज्य को सुदृढ़ करने के साथ पश्चिमोत्तर दिशा से आने वाली अरब शक्ति के विस्तार के विरुद्ध भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सम्राट मिहिर भोज की प्रसिद्ध उपाधि ‘आदिवराह’ थी। उनके अभिलेखों एवं सिक्कों से उनके शासन और राजकीय पहचान के संबंध में महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त होती है। विष्णु महाराज जी ने अपने आशीर्वचन में युवाओं से महापुरुषों के इतिहास को पढ़ने, शिक्षा को प्राथमिकता देने, समाज में आपसी भाईचारा एवं एकता बनाए रखने तथा राष्ट्रहित में सदैव सक्रिय रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती तभी सार्थक है, जब हम उनके जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दें। समाज के गणमान्य लोगों एवं युवाओं की रही सहभागिता कार्यक्रम में गुर्जर समाज के गणमान्य लोगों, समाजसेवियों एवं युवाओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। कार्यक्रम को सफल बनाने एवं व्यवस्थाओं में विशेष सहयोग करने वालों में महताब सिंह गुर्जर, धारा सिंह गुर्जर, टुल्ली उर्फ कोमल सिंह गुर्जर (प्रधान जी), राम हरी सिंह गुर्जर, प्रदीप कुमार गुर्जर, जोगेंद्र सिंह गुर्जर, राजवान सिंह (मास्टर साहब), जय भान सिंह गुर्जर, राघवेंद्र सिंह, गगन गुर्जर, उमेश गुर्जर, परवेश गुर्जर, माधव गुर्जर, रमेश गुर्जर, भोला गुर्जर, सुरजीत गुर्जर, तिलकेश गुर्जर, देवेंद्र सिंह गुर्जर, बीरभान गुर्जर, विजय गुर्जर, रामू गुर्जर एवं हरीश सिंह गुर्जर सहित समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने समाज में शिक्षा, एकता, भाईचारे और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया तथा सम्राट मिहिर भोज के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया। सम्राट मिहिर भोज महाराज अमर रहें। भगवान श्री देवनारायण जी की जय।
- फतेहाबाद में धूमधाम से मनाई गई राष्ट्ररक्षक सम्राट मिहिर भोज की जयंती फतेहाबाद। स्थानीय गुर्जर समाज एवं सर्व समाज के सहयोग से श्री देवनारायण भगवान मंदिर परिसर में गुर्जर-प्रतिहार वंश के महान सम्राट मिहिर भोज की जयंती हर्षोल्लास एवं गौरव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक, सामाजिक एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री देवनारायण जी की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री श्री 1008 विष्णु महाराज जी ने सम्राट मिहिर भोज के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने महान सम्राट को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान मंदिर परिसर “सम्राट मिहिर भोज अमर रहें” एवं “भगवान देवनारायण की जय” के जयघोष से गूंज उठा। युवाओं से शिक्षा, एकता और सामाजिक जागरूकता का आह्वान कार्यक्रम के दौरान आयोजित विचार गोष्ठी में महताब सिंह गुर्जर ने सम्राट मिहिर भोज के जीवन एवं उनके गौरवशाली इतिहास पर संक्षिप्त रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 9वीं शताब्दी में सम्राट मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार साम्राज्य के सबसे शक्तिशाली शासकों में शामिल थे। उन्होंने कन्नौज को केंद्र बनाकर प्रतिहार सत्ता को मजबूत किया तथा अपने समय की प्रमुख राजनीतिक शक्तियों के बीच साम्राज्य की प्रभावशाली स्थिति बनाए रखी। वक्ताओं ने कहा कि सम्राट मिहिर भोज केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि कुशल रणनीतिकार और दूरदर्शी शासक भी थे। उनकी सैन्य शक्ति, विशेषकर घुड़सवार सेना, का उल्लेख समकालीन अरब यात्रियों के विवरणों में भी मिलता है। उन्होंने अपने शासनकाल में प्रतिहार साम्राज्य को सुदृढ़ करने के साथ पश्चिमोत्तर दिशा से आने वाली अरब शक्ति के विस्तार के विरुद्ध भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सम्राट मिहिर भोज की प्रसिद्ध उपाधि ‘आदिवराह’ थी। उनके अभिलेखों एवं सिक्कों से उनके शासन और राजकीय पहचान के संबंध में महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त होती है। विष्णु महाराज जी ने अपने आशीर्वचन में युवाओं से महापुरुषों के इतिहास को पढ़ने, शिक्षा को प्राथमिकता देने, समाज में आपसी भाईचारा एवं एकता बनाए रखने तथा राष्ट्रहित में सदैव सक्रिय रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती तभी सार्थक है, जब हम उनके जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दें। समाज के गणमान्य लोगों एवं युवाओं की रही सहभागिता कार्यक्रम में गुर्जर समाज के गणमान्य लोगों, समाजसेवियों एवं युवाओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। कार्यक्रम को सफल बनाने एवं व्यवस्थाओं में विशेष सहयोग करने वालों में महताब सिंह गुर्जर, धारा सिंह गुर्जर, टुल्ली उर्फ कोमल सिंह गुर्जर (प्रधान जी), राम हरी सिंह गुर्जर, प्रदीप कुमार गुर्जर, जोगेंद्र सिंह गुर्जर, राजवान सिंह (मास्टर साहब), जय भान सिंह गुर्जर, राघवेंद्र सिंह, गगन गुर्जर, उमेश गुर्जर, परवेश गुर्जर, माधव गुर्जर, रमेश गुर्जर, भोला गुर्जर, सुरजीत गुर्जर, तिलकेश गुर्जर, देवेंद्र सिंह गुर्जर, बीरभान गुर्जर, विजय गुर्जर, रामू गुर्जर एवं हरीश सिंह गुर्जर सहित समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने समाज में शिक्षा, एकता, भाईचारे और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया तथा सम्राट मिहिर भोज के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया। सम्राट मिहिर भोज महाराज अमर रहें। भगवान श्री देवनारायण जी की जय।1
- धौलाना थाने में सिपाही ने की आत्महत्या 15 दिन के अवकाश के बाद दो दिन पहले ही लौटा था ड्यूटी पर, आगरा के हीरापुरा गांव का था निवासी फतेहाबाद : धौलाना थाने में रविवार सुबह पहरा ड्यूटी पर तैनात 2025 बैच के सिपाही आशीष वर्मा ने अपनी सरकारी राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली चलने की आवाज से थाना परिसर में हड़कंप मच गया। साथी पुलिसकर्मी उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। आशीष वर्मा आगरा की फतेहाबाद तहसील के निबोहरा थाना क्षेत्र के गांव हीरापुरा का रहने वाला था। वह 27 अप्रैल से धौलाना थाने में तैनात था। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से वह मानसिक तनाव में चल रहा था। करीब 15 दिन का अवकाश लेकर वह दो दिन पहले ही ड्यूटी पर वापस लौटा था। रविवार सुबह आशीष थाने में पहरा ड्यूटी पर तैनात था। इसी दौरान उसने यह कदम उठा लिया। गोली की आवाज सुनकर थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। पुलिस ने आशीष के स्वजन को घटना की जानकारी दी। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कराने के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार, घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। सिपाही के मानसिक तनाव में होने की बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है और घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।1
- पिनाहट में निषाद समाज के लोगों ने समाजसेवी विनोद साहनी की हत्या के विरोध में शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला। ब्रेकिंग न्यूज़ | पिनाहट गोंडा में विनोद साहनी की हत्या से आक्रोशित निषाद समाज ने पिनाहट में निकाला पैदल मार्च भदरौली तिराहे से शुरू होकर नदगवां तिराहा अम्बेडकर चौराहा सदर बाजार होते हुए थाना पिनाहट पहुंचे पिनाहट में निषाद समाज के लोगों ने समाजसेवी विनोद साहनी की हत्या के विरोध में शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने हत्यारोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। प्रमुख मांगें: 🔴 हत्यारोपियों का एनकाउंटर किया जाए। 🔴 आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाया जाए। 🔴 मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। 🔴 परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। मार्च के बाद निषाद समाज के प्रतिनिधिमंडल ओर कांग्रेस नेता बाह विधानसभा प्रत्याशी महेंदसिंह निषाद ने थाना पिनाहट में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। पत्रकार कृष्णकांत निषाद | समाचार नेशन1
- राजाखेड़ा में बाबू महाराज की दोज पर उमड़े श्रद्धालु,जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर धौलपुर जिले के राजाखेड़ा कस्बे में रविवार को लोक देवता बाबू महाराज की दोज बड़े श्रद्धाभाव और भक्ति के माहौल में मनाई गई। कस्बे के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के पीछे स्थित बाबू महाराज के प्राचीन थान पर सुबह से ही सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचने लगे। मंदिर परिसर भक्तों से गूंज उठा और पूरे इलाके में धार्मिक उत्साह छाया रहा। श्रद्धालुओं ने बाबू महाराज को बूरा और शक्कर का पारंपरिक भोग लगाया। कई परिवारों ने अपनी मनोकामनाएं पूरी होने और घर-परिवार की खुशहाली के लिए मनौती मांगी। मंदिर प्रांगण में प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे भक्तों ने बड़े चाव से ग्रहण किया। महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। वातावरण में भक्ति के गीत और जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी। श्री बाबू महाराज मंदिर कमेटी अध्यक्ष रामसेवक ठाकुर ने बताया कि भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की दोज को हर वर्ष बाबू महाराज का मेला लगता है। यह परंपरा पिछले कई दशकों से चली आ रही है। इस अवसर पर श्रद्धालु चीनी और बूरे का भोग लगाकर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। महंत ने कहा कि बाबू महाराज क्षेत्र के लोक देवता हैं और उनकी कृपा से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार बाबू महाराज की दोज राजाखेड़ा और आसपास के गांवों में विशेष महत्व रखती है। हर वर्ष इस अवसर पर दूर-दूर से भक्त पहुंचते हैं और थान पर श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। राजाखेड़ा में बाबू महाराज की दोज पर उमड़े श्रद्धालु,जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर धौलपुर जिले के राजाखेड़ा कस्बे में रविवार को लोक देवता बाबू महाराज की दोज बड़े श्रद्धाभाव और भक्ति के माहौल में मनाई गई। कस्बे के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के पीछे स्थित बाबू महाराज के प्राचीन थान पर सुबह से ही सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचने लगे। मंदिर परिसर भक्तों से गूंज उठा और पूरे इलाके में धार्मिक उत्साह छाया रहा। श्रद्धालुओं ने बाबू महाराज को बूरा और शक्कर का पारंपरिक भोग लगाया। कई परिवारों ने अपनी मनोकामनाएं पूरी होने और घर-परिवार की खुशहाली के लिए मनौती मांगी। मंदिर प्रांगण में प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे भक्तों ने बड़े चाव से ग्रहण किया। महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। वातावरण में भक्ति के गीत और जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी। श्री बाबू महाराज मंदिर कमेटी अध्यक्ष रामसेवक ठाकुर ने बताया कि भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की दोज को हर वर्ष बाबू महाराज का मेला लगता है। यह परंपरा पिछले कई दशकों से चली आ रही है। इस अवसर पर श्रद्धालु चीनी और बूरे का भोग लगाकर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। महंत ने कहा कि बाबू महाराज क्षेत्र के लोक देवता हैं और उनकी कृपा से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार बाबू महाराज की दोज राजाखेड़ा और आसपास के गांवों में विशेष महत्व रखती है। हर वर्ष इस अवसर पर दूर-दूर से भक्त पहुंचते हैं और थान पर श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करते हैं।1
- please comeon 20 Sitember Firozabad Gandhi park peaceful protest1
- सलामी है ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के जांबाज सिपाहियों को! 👑🦁 हमारी पार्टी के सभी सम्मानित पदाधिकारियों और कर्मठ कार्यकर्ताओं की जितनी भी तारीफ की जाए, वो कम है। आप लोगों की दिन-रात की कड़ी मेहनत, अटूट लगन और कौम व मजलूमों के हक के लिए जमीनी स्तर पर संघर्ष करने का जज्बा वाकई बेमिसाल है। 🤝✨ नेतृत्व के फैसले और नीतियों को जनता तक पहुँचाने के लिए आप सभी ने जो पसीना बहाया है, उसी का नतीजा है कि आज मजलिस हर दिल की आवाज बन रही है। आप सिर्फ कार्यकर्ता नहीं, बल्कि हमारी पार्टी की असली ताकत और रीढ़ की हड्डी हैं। 💪🔴🟢 अल्लाह ताला आप सभी की इस मुखलिस (सच्ची) मेहनत को कुबूल फरमाए, आपके हौसलों को और बुलंद करे और हमें कामयाबी अता फरमाए। आमीन! 🤲 यूं ही एकजुट होकर, बिना थके, हक और इंसाफ की इस लड़ाई को आगे बढ़ाते रहिए। मजलिस जिंदाबाद! ✌️ असदुद्दीन ओवैसी साहब जिंदाबाद! 👑🚩 पैगाम-ए-मोहब्बत: मोहम्मद जावेद अली (पूर्व महानगर महासचिव, AIMIM, फ़िरोज़ाबाद) #AIMIM #AIMIMWorkers #Majlis #AsaduddinOwaisi #MohammadJavedAli #AIMIMFirozabad #FirozabadMajlis #ProudAIMIMWorker #TeamAIMIM सलामी है ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन AIMIM के जांबाज सिपाहियों को1
- आगरा ब्रेकिंग हर बार पत्रकार को दबाने का मामला आया सामने बाइक वाले पुलिस वाले पर हल्की सी बाइक टच होने पर पुलिस वाले ने मोबाइल छीना और पत्रकार पर किया हमला हर बार पत्रकार पर जुल्म होने पर नहीं करती कार्रवाई स्थानी पुलिस पुलिस चौकी पर पत्रकार को बिठाया और बदतमीजी गाली गलोज और मारपीट के लगे आरोप जब पत्रकार ने अपने सीनियर पत्रकार से बात करने की कई तो नहीं की बात आगरा में पुलिस कमिश्नर होने के बावजूद भी नहीं होती कोई कार्रवाई पूरा मामला थाना रकाबगंज के पुलिस चौकी आगरा फोर्ट का1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | फतेहाबाद आगरा निबोहरा थाना क्षेत्र में सिपाही की मौत से मचा हड़कंप हीरापुरा गांव निवासी सिपाही आशीष की हापुड़ के धौलाना थाने में मौत की सूचना से गांव में मातम छा गया। आशीष 2025 बैच का सिपाही था। बताया जा रहा है कि थाने में सरकारी राइफल से उसने आत्महत्या कर ली। बेटे को मजदूरी कर पढ़ाकर पुलिस में भर्ती कराने वाले पिता और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही हीरापुरा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। फतेहाबाद आगरा 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | फतेहाबाद आगरा निबोहरा थाना क्षेत्र में सिपाही की मौत से मचा हड़कंप हीरापुरा गांव निवासी सिपाही आशीष की हापुड़ के धौलाना थाने में मौत की सूचना से गांव में मातम छा गया। आशीष 2025 बैच का सिपाही था। बताया जा रहा है कि थाने में सरकारी राइफल से उसने आत्महत्या कर ली। बेटे को मजदूरी कर पढ़ाकर पुलिस में भर्ती कराने वाले पिता और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही हीरापुरा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। फतेहाबाद आगरा1