पाली जिले के डुठारिया गांव के मेघवाल मोहल्ला (कुम्हारिया नाड़ा) क्षेत्र में एक साथ लगभग 4-5 साँप देखे जाने की सूचना मिली। यह जानकारी प्राप्त होते ही, सामाजिक कार्यकर्ता विजयपाल जी और उनके साथी तुरंत सक्रिय हुए और उन्होंने पाली स्नेक रेस्क्यू टीम के साथ-साथ नारलाई की हनी सिंह स्नेक रेस्क्यू टीम से संपर्क साधा। सूचना मिलने के बाद, हनी सिंह स्नेक रेस्क्यू टीम, नारलाई बिना किसी विलंब के मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी एवं सुरक्षा के साथ साँपों को पकड़ने का रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम द्वारा एक-एक कर सभी साँपों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने का कार्य किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना को रोकना है। इस दौरान, स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे रेस्क्यू कार्य में सहयोग करें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और अनावश्यक भीड़ इकट्ठा न करें। सभी ग्रामवासियों से यह भी अनुरोध किया गया है कि यदि उन्हें कहीं भी साँप दिखाई दे तो वे बिल्कुल भी घबराएं नहीं और न ही उसे मारने का प्रयास करें। इसके बजाय, तुरंत स्नेक रेस्क्यू टीम या स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं को सूचित करें, और बच्चों, बुजुर्गों एवं पशुओं को उस स्थान से दूर रखें।
पाली जिले के डुठारिया गांव के मेघवाल मोहल्ला (कुम्हारिया नाड़ा) क्षेत्र में एक साथ लगभग 4-5 साँप देखे जाने की सूचना मिली। यह जानकारी प्राप्त होते ही, सामाजिक कार्यकर्ता विजयपाल जी और उनके साथी तुरंत सक्रिय हुए और उन्होंने पाली स्नेक रेस्क्यू टीम के साथ-साथ नारलाई की हनी सिंह स्नेक रेस्क्यू टीम से संपर्क साधा। सूचना मिलने के बाद, हनी सिंह स्नेक रेस्क्यू टीम, नारलाई बिना किसी विलंब के मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी एवं सुरक्षा के साथ साँपों को पकड़ने का रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम द्वारा एक-एक कर सभी साँपों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने का कार्य किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना को रोकना है। इस दौरान, स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे रेस्क्यू कार्य में सहयोग करें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और अनावश्यक भीड़ इकट्ठा न करें। सभी ग्रामवासियों से यह भी अनुरोध किया गया है कि यदि उन्हें कहीं भी साँप दिखाई दे तो वे बिल्कुल भी घबराएं नहीं और न ही उसे मारने का प्रयास करें। इसके बजाय, तुरंत स्नेक रेस्क्यू टीम या स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं को सूचित करें, और बच्चों, बुजुर्गों एवं पशुओं को उस स्थान से दूर रखें।
- पाली जिले के डुठारिया गांव के मेघवाल मोहल्ला (कुम्हारिया नाड़ा) क्षेत्र में एक साथ लगभग 4-5 साँप देखे जाने की सूचना मिली। यह जानकारी प्राप्त होते ही, सामाजिक कार्यकर्ता विजयपाल जी और उनके साथी तुरंत सक्रिय हुए और उन्होंने पाली स्नेक रेस्क्यू टीम के साथ-साथ नारलाई की हनी सिंह स्नेक रेस्क्यू टीम से संपर्क साधा। सूचना मिलने के बाद, हनी सिंह स्नेक रेस्क्यू टीम, नारलाई बिना किसी विलंब के मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी एवं सुरक्षा के साथ साँपों को पकड़ने का रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम द्वारा एक-एक कर सभी साँपों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने का कार्य किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना को रोकना है। इस दौरान, स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे रेस्क्यू कार्य में सहयोग करें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और अनावश्यक भीड़ इकट्ठा न करें। सभी ग्रामवासियों से यह भी अनुरोध किया गया है कि यदि उन्हें कहीं भी साँप दिखाई दे तो वे बिल्कुल भी घबराएं नहीं और न ही उसे मारने का प्रयास करें। इसके बजाय, तुरंत स्नेक रेस्क्यू टीम या स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं को सूचित करें, और बच्चों, बुजुर्गों एवं पशुओं को उस स्थान से दूर रखें।1
- सुमेरपुर और तखतगढ़ क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा 12 जून से 15 जुलाई तक आयोजित शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर प्रदान किया जा रहा है। इन शिविरों का आयोजन सुमेरपुर नगर पालिका के 35 वार्डों, तखतगढ़ नगर पालिका के 25 वार्डों और सुमेरपुर पंचायत समिति की 30 ग्राम पंचायतों में किया जा रहा है, जहाँ लगभग 22 विभागों के अधिकारी मौके पर ही विभिन्न कार्यों का त्वरित निस्तारण कर रहे हैं। बुधवार को शिविर प्रभारी एवं प्रशासक कालूराम कुम्हार ने तखतगढ़ नगर पालिका में शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्वर्तमान उपाध्यक्ष मनोज नामा और सहायक प्रशासनिक अधिकारी रतन सांखला ने लाभार्थियों को पट्टे, पीएम स्वनिधि योजना के तहत ₹15 हजार की किस्त के चेक और प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृतियां वितरित कीं। शिविर में पट्टा वितरण, नामांतरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन स्वीकृति, पीएम आवास योजना 2.0, भू-उपयोग परिवर्तन, लीज, स्ट्रीट लाइट, सफाई, नाली मरम्मत, फायर एनओसी और ट्रेड लाइसेंस सहित अनेक महत्त्वपूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष नेपाल सिंह पावा ने आरोप लगाया कि कई विभागों के अधिकारी नियमित रूप से मौजूद नहीं रहते, जिससे लोगों को अपेक्षित राहत नहीं मिल पा रही है। इसके जवाब में, भाजपा के पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष एवं निर्वर्तमान उपाध्यक्ष मनोज नामा ने इन आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि शिविरों में जनता के कार्य तेजी से संपन्न हो रहे हैं और विपक्ष केवल राजनीति कर रहा है। इस अवसर पर राजेश कुमावत, देवाराम चौधरी, आकाश त्रिवेदी, राजेंद्र कुमार, गोपाल चौहान, सुरेश कुमार, जितेंद्र कुमार और रमेश नाथ सहित सभी विभागों के अधिकारी एवं नगर पालिका कर्मचारी उपस्थित रहे।4
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- पाली में वाहन पंजीयन प्रमाण-पत्र के नवीनीकरण में विलंब से आवेदन करने पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क में विशेष राहत प्रदान की गई है। यह विशेष व्यवस्था 30 सितंबर, 2026 तक प्रभावी रहेगी। जारी अधिसूचना के अनुसार, कृषि ट्रैक्टर के लिए विलंब होने पर ₹500 प्रति माह अतिरिक्त शुल्क देय होगा। इसमें अधिकतम शुल्क एक वर्ष तक के विलंब पर ₹2,500 और एक वर्ष से अधिक के विलंब पर ₹5,000 निर्धारित किया गया है। वहीं, गैर-परिवहन दोपहिया वाहनों के लिए विलंब होने पर ₹300 प्रति माह अतिरिक्त शुल्क देय होगा, जिसमें अधिकतम ₹1,000 तक अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। यह अधिसूचना केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 81 के अंतर्गत जारी की गई है, जिसका उद्देश्य वाहन स्वामियों को पंजीयन प्रमाण-पत्र का समय पर नवीनीकरण करने के लिए प्रोत्साहित करना और विलंब से होने वाले आर्थिक भार में राहत प्रदान करना है। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, पाली ने सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि जिन वाहनों के पंजीयन प्रमाण-पत्र के नवीनीकरण की अवधि समाप्त हो चुकी है, वे इस विशेष व्यवस्था का लाभ उठाते हुए 30 सितंबर, 2026 तक शीघ्र नवीनीकरण कराएं।1
- राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक 13 साल की नाबालिग बेटी के साथ कथित तौर पर 32 दरिंदों द्वारा की गई हैवानियत के खिलाफ पूरे प्रदेश में फैले आक्रोश के बीच, पाली में शिव सेना (शिंदे गुट) ने एक विशाल और उग्र विरोध मार्च निकाला। यह मार्च बुधवार, 8 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पीड़िता को न्याय दिलाना और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करना था। बुधवार सुबह करीब 10 बजे, बड़ी संख्या में शिव सेना के कार्यकर्ता, पदाधिकारी और स्थानीय महिलाएं पाली के शिवाजी सर्किल पर एकत्रित हुईं। हाथों में भगवा झंडे और “न्याय दो! इंसाफ दो!!” जैसे नारों वाली बैनर-पट्टी लिए प्रदर्शनकारी जिला कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़े। मार्च के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर जमकर नारेबाजी की। उनके बैनरों पर “गंगानगर में 13 साल की बेटी के साथ 32 दरिंदों ने की हैवानियत, सभी आरोपियों के खिलाफ हो कड़ी कार्रवाई,” “आरोपियों को तुरंत फांसी की सजा दो!” और “निर्भया नहीं, हर बेटी सुरक्षित बनाओ!” जैसे नारे और मांगें लिखी हुई थीं। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही महिला विंग और शिवसेना नेताओं ने स्पष्ट किया कि देश और राज्य में बेटियों के साथ ऐसी हैवानियत कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि इस मामले के सभी 32 नामजद आरोपियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जाए। प्रदर्शन के समापन पर, संगठन की ओर से मुख्यमंत्री और महामहिम राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से अपराधियों को फांसी की सजा देने की जोरदार मांग की गई है। श्रीगंगानगर में हुई इस शर्मनाक घटना के बाद पुलिस और प्रशासन द्वारा आरोपियों के ठिकानों और अवैध रूप से संलिप्त होटलों पर बुलडोजर चलाकर कड़ा एक्शन लिया जा रहा है। हालांकि, जनता का स्पष्ट कहना है कि जब तक सभी दरिंदों को फांसी नहीं मिल जाती, न्याय के लिए यह जंग जारी रहेगी।3
- पाली जिले के डुठारिया गांव के मेघवाल मोहल्ला (कुम्हारिया नाड़ा) क्षेत्र में एक साथ लगभग 4-5 सांप दिखाई देने की सूचना प्राप्त हुई। जानकारी मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता विजयपाल जी और उनके साथियों ने तुरंत पाली स्नेक रेस्क्यू टीम तथा नारलाई की हनी सिंह स्नेक रेस्क्यू टीम से संपर्क साधा। सूचना पर नारलाई की हनी सिंह स्नेक रेस्क्यू टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी तथा सुरक्षा के साथ सांपों को पकड़ने का रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम द्वारा एक-एक कर सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने का कार्य किया गया, जिसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना से बचना था। इस अभियान के तहत, रानी डुठारिया गांव में दिखे एक 10 फीट लंबे सांप को भी सफलतापूर्वक पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। रेस्क्यू कार्य के दौरान, स्थानीय लोगों से सहयोग करने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अनावश्यक भीड़ न लगाने की अपील की गई। सभी ग्रामवासियों से यह भी अनुरोध किया गया है कि यदि कहीं भी सांप दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे मारने का प्रयास करें। ऐसी स्थिति में तुरंत स्नेक रेस्क्यू टीम या स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं को सूचित करें और बच्चों, बुजुर्गों व पशुओं को उस स्थान से दूर रखें। यह संदेश 'सतर्क रहें, सुरक्षित रहें' की अपील के साथ समाप्त हुआ।2
- रोहट निंबली पेटेलान से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में वन्यजीवों को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। बताया गया है कि जब वन्यजीवों से जुड़ी सहायता या संबंधित लोग समय पर नहीं पहुँचते, तो ये जीव वहाँ नहीं रह पाते हैं।4