लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र स्थित बांसीगढ़ी गाँव के पास जेहटा माल रोड पर अवैध खनन और मिट्टी डालने का काम बेरोकटोक जारी है। सुबह से लेकर रात तक चल रही खुदाई के कारण राहगीरों का आवागमन दूभर हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-रात चलने वाले इस खनन कार्य से सड़क पर धूल का भारी गुबार उड़ता रहता है। उड़ती हुई यह मिट्टी राहगीरों की आँखों में पड़ती है, जिससे उन्हें अत्यधिक परेशानी होती है। रात के समय कम विजिबिलिटी के कारण दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है। स्थानीय लोगों में इसे लेकर गहरा आक्रोश है और उनका कहना है कि सरकार को ग्रामीणों की समस्याओं की कोई चिंता नहीं है। ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि वे 2027 के चुनावों में इसका जवाब देंगे। राहगीरों ने अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जहाँ तहसील मलिहाबाद और डीएम कार्यालय से खनन की अनुमति तो आसानी से मिल जाती है, वहीं आम जनता की परेशानियों पर कोई ध्यान नहीं देता। उनका आरोप है कि "अधिकारी AC कमरों में बैठे हैं और ग्रामीण सड़क पर मिट्टी झेलने को मजबूर हैं।" कानून के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अवैध खनन पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और खनन विभाग दोनों ही सख्त हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना पर्यावरण अनुमति के मिट्टी का खनन पूरी तरह गैरकानूनी है। यदि धूल से जनस्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी इस मामले में कार्रवाई कर सकता है। पीड़ित राहगीरों और ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जाँच कराने और अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई करने की माँग की है, ताकि उन्हें इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके।
लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र स्थित बांसीगढ़ी गाँव के पास जेहटा माल रोड पर अवैध खनन और मिट्टी डालने का काम बेरोकटोक जारी है। सुबह से लेकर रात तक चल रही खुदाई के कारण राहगीरों का आवागमन दूभर हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-रात चलने वाले इस खनन कार्य से सड़क पर धूल का भारी गुबार उड़ता रहता है। उड़ती हुई यह मिट्टी राहगीरों की आँखों में पड़ती है, जिससे उन्हें अत्यधिक परेशानी होती है। रात के समय कम विजिबिलिटी के कारण दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है। स्थानीय लोगों में इसे लेकर गहरा आक्रोश है और उनका कहना है कि सरकार को ग्रामीणों की समस्याओं की कोई चिंता नहीं है। ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि वे 2027 के चुनावों में इसका जवाब देंगे। राहगीरों ने अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जहाँ तहसील मलिहाबाद और डीएम कार्यालय से खनन की अनुमति तो आसानी से मिल जाती है, वहीं आम जनता की परेशानियों पर कोई ध्यान नहीं देता। उनका आरोप है कि "अधिकारी AC कमरों में बैठे हैं और ग्रामीण सड़क पर मिट्टी झेलने को मजबूर हैं।" कानून के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अवैध खनन पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और खनन विभाग दोनों ही सख्त हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना पर्यावरण अनुमति के मिट्टी का खनन पूरी तरह गैरकानूनी है। यदि धूल से जनस्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी इस मामले में कार्रवाई कर सकता है। पीड़ित राहगीरों और ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जाँच कराने और अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई करने की माँग की है, ताकि उन्हें इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके।
- लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र स्थित बांसीगढ़ी गाँव के पास जेहटा माल रोड पर अवैध खनन और मिट्टी डालने का काम बेरोकटोक जारी है। सुबह से लेकर रात तक चल रही खुदाई के कारण राहगीरों का आवागमन दूभर हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-रात चलने वाले इस खनन कार्य से सड़क पर धूल का भारी गुबार उड़ता रहता है। उड़ती हुई यह मिट्टी राहगीरों की आँखों में पड़ती है, जिससे उन्हें अत्यधिक परेशानी होती है। रात के समय कम विजिबिलिटी के कारण दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है। स्थानीय लोगों में इसे लेकर गहरा आक्रोश है और उनका कहना है कि सरकार को ग्रामीणों की समस्याओं की कोई चिंता नहीं है। ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि वे 2027 के चुनावों में इसका जवाब देंगे। राहगीरों ने अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जहाँ तहसील मलिहाबाद और डीएम कार्यालय से खनन की अनुमति तो आसानी से मिल जाती है, वहीं आम जनता की परेशानियों पर कोई ध्यान नहीं देता। उनका आरोप है कि "अधिकारी AC कमरों में बैठे हैं और ग्रामीण सड़क पर मिट्टी झेलने को मजबूर हैं।" कानून के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अवैध खनन पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और खनन विभाग दोनों ही सख्त हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना पर्यावरण अनुमति के मिट्टी का खनन पूरी तरह गैरकानूनी है। यदि धूल से जनस्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी इस मामले में कार्रवाई कर सकता है। पीड़ित राहगीरों और ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जाँच कराने और अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई करने की माँग की है, ताकि उन्हें इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके।1
- लखनऊ में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का रोड शो आयोजित किया गया, जहाँ उनका जोरदार स्वागत किया जा रहा है। इस रोड शो के रथ पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी सवार हैं। 18 किलोमीटर लंबे रोड शो मार्ग पर कार्यकर्ताओं द्वारा जगह-जगह फूल-माला पहनाकर भव्य स्वागत किया जा रहा है, जिससे पूरे मार्ग पर फूलों की बारिश हो रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष पर फूलों की वर्षा की जा रही है और रोड शो के रथ के आगे कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और राष्ट्रीय अध्यक्ष का जोरदार स्वागत लगातार जारी है।1
- जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय लोगों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि इस वजह से घरों में छोटे बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हैं, जिसका सीधा संबंध नाली की खस्ताहालत से है।1
- सूरज वर्मा ने आरोप लगाया है कि उन्हें और उनके परिवार को अय्या उर्फ जगदीश, उसके भाई बउआ उर्फ अयोध्या प्रसाद और अय्या की पत्नी सोनम द्वारा आए दिन जान से मारने की धमकियाँ दी जाती हैं। वर्मा के अनुसार, आज इन लोगों ने उन पर जानलेवा हमला भी किया, जिसमें अपनी छत से ईंट से वार किया गया। जब उन्होंने इस हमले का विरोध किया, तो हमलावरों ने उन्हें भद्दी गालियाँ दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद सूरज वर्मा ने 112 पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद आरोपी अपने घर से फरार हो गए। वर्मा ने बताया कि हमलावर खुलेआम दावा करते हैं कि वे किसी पुलिस से नहीं डरते, चाहे एसपी हो या डीएसपी, और कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। यह मामला गोमती नगर थाना क्षेत्र के लोधपुरवा उजरियांव विजय खंड 2 का है। आरोपियों पर पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं, और एफआईआर नंबर 1274/2019 के संबंध में उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी हो चुका है।1
- सांसद अफ़ज़ाल अंसारी और बाहुबली बृजेश सिंह के बीच पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है, जिसमें दोनों ओर से तीखी बयानबाजियां की जा रही हैं। यह विवाद पूर्वांचल की राजनीति और अपराध जगत के दशकों पुराने बाहुबल और वर्चस्व की जंग का हिस्सा है, जो मुख्तार अंसारी की मृत्यु के बाद राजनीतिक बयानबाजियों के जरिए फिर से चर्चा में है। हाल ही में एक साक्षात्कार में बृजेश सिंह ने दावा किया था कि अफ़ज़ाल अंसारी ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने और अपनी 'राजनीतिक रोटी सेंकने' के लिए मुख्तार अंसारी को अपराध की दुनिया में धकेला, जिसके कारण उन्हें अपना पूरा जीवन जेल में बिताना पड़ा। इस पर पलटवार करते हुए, अफ़ज़ाल अंसारी ने बिना नाम लिए बृजेश सिंह को 'पेशेवर हत्यारा' बताया और तंज कसा कि जिन लोगों ने उन्हें पनाह दी, उन्होंने उन्हीं का नामोनिशान मिटा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि 'अभी तो उन्होंने शुरुआत की है, उन्हें आने दीजिए और खुलने दीजिए'। उल्लेखनीय है कि मुख्तार अंसारी और बृजेश सिंह के बीच की अदावत दशकों पुरानी है। अफ़ज़ाल अंसारी ने पहले भी आरोप लगाया था कि 'उसरी कांड' में बृजेश सिंह के खिलाफ गवाही देने से रोकने के लिए मुख्तार अंसारी को जेल में जहर देने की साजिश रची गई थी। विश्लेषकों का मानना है कि मुख्तार अंसारी की मृत्यु के बाद उपजी सहानुभूति का लाभ उठाने और पूर्वांचल में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए, दोनों ही पक्ष अब एक-दूसरे पर निशाना साधते हुए अपनी सियासी जमीन तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।1
- रहीमाबाद में एक युवक को इंस्पेक्टर द्वारा पीटे जाने के मामले पर बजरंग दल ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। बजरंग दल के विभाग मंत्री ने पीड़ित युवक से मिलकर घटना की जानकारी ली और उच्च अधिकारियों से रहीमाबाद इंस्पेक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। बजरंग दल ने साफ चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित युवक पर भविष्य में कोई भी हमला होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी रहीमाबाद पुलिस की होगी।1
- लखनऊ के थाना चौक क्षेत्र के अंतर्गत मेडिकल कॉलेज चौकी के पास शमीना शाह रोड पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ है, जिसमें एक मोटरसाइकिल चपेट में आ गई। यह घटना क्षेत्र में लगातार बिगड़ रही यातायात व्यवस्था को उजागर करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शमीना शाह रोड के किनारे मौजूद मैगी और बर्गर की दुकानों पर लगने वाली भारी भीड़, साथ ही सड़क पर कारों और बाइकों की अवैध पार्किंग, राहगीरों और वाहन चालकों के लिए आए दिन बड़ी परेशानी का सबब बनती है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से इन समस्याओं पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई करने और समग्र यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के दुखद हादसों को रोका जा सके।1