राहुली जंगल में दिखा ‘वेक्स’ का झुंड, लोगों में उत्सुकता। कृष्ण चंद राणा जिला लाहौल-स्पीति के राहुली जंगल क्षेत्र में हाल ही में जंगली जीव वेक्स (हिमालयन आईबैक्स) का झुंड दिखाई देने से स्थानीय लोगों में उत्सुकता का माहौल बन गया। पहाड़ी ढलानों और चट्टानी क्षेत्र में घूमते इस झुंड को कई लोगों ने दूर से देखा और इसकी तस्वीरें भी अपने कैमरों में कैद कीं। स्थानीय लोगों के अनुसार वेक्स हिमालयी क्षेत्र में पाया जाने वाला दुर्लभ जंगली जीव है, जिसे जंगली बकरा भी कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी पहचान इसके लंबे और पीछे की ओर मुड़े हुए सींग होते हैं। यह प्रजाति सामान्यतः ऊँचे पहाड़ों और बर्फीले इलाकों में रहती है तथा घास और छोटे पौधों को अपना भोजन बनाती है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों या मौसम में बदलाव के दौरान ये जीव भोजन की तलाश में कभी-कभी निचले जंगलों और ढलानों की ओर भी आ जाते हैं, जिसके कारण लोगों को इनका झुंड एक साथ दिखाई देता है। राहुली जंगल में वेक्स के झुंड का दिखना क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का संकेत माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों की मौजूदगी हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की सेहत को दर्शाती है और इनके संरक्षण के लिए जागरूकता जरूरी है।
राहुली जंगल में दिखा ‘वेक्स’ का झुंड, लोगों में उत्सुकता। कृष्ण चंद राणा जिला लाहौल-स्पीति के राहुली जंगल क्षेत्र में हाल ही में जंगली जीव वेक्स (हिमालयन आईबैक्स) का झुंड दिखाई देने से स्थानीय लोगों में उत्सुकता का माहौल बन गया। पहाड़ी ढलानों और चट्टानी क्षेत्र में घूमते इस झुंड को कई लोगों ने दूर से देखा और इसकी तस्वीरें भी अपने कैमरों में कैद कीं। स्थानीय लोगों के अनुसार वेक्स हिमालयी क्षेत्र में पाया जाने वाला दुर्लभ जंगली जीव है, जिसे जंगली बकरा भी कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी पहचान इसके लंबे और पीछे की ओर मुड़े हुए सींग होते हैं। यह प्रजाति सामान्यतः ऊँचे पहाड़ों और बर्फीले इलाकों में रहती है तथा घास और छोटे पौधों को अपना भोजन बनाती है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों या मौसम में बदलाव के दौरान ये जीव भोजन की तलाश में कभी-कभी निचले जंगलों और ढलानों की ओर भी आ जाते हैं, जिसके कारण लोगों को इनका झुंड एक साथ दिखाई देता है। राहुली जंगल में वेक्स के झुंड का दिखना क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का संकेत माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों की मौजूदगी हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की सेहत को दर्शाती है और इनके संरक्षण के लिए जागरूकता जरूरी है।
- Post by Surender Thakur1
- कृष्ण चंद राणा जिला लाहौल-स्पीति के राहुली जंगल क्षेत्र में हाल ही में जंगली जीव वेक्स (हिमालयन आईबैक्स) का झुंड दिखाई देने से स्थानीय लोगों में उत्सुकता का माहौल बन गया। पहाड़ी ढलानों और चट्टानी क्षेत्र में घूमते इस झुंड को कई लोगों ने दूर से देखा और इसकी तस्वीरें भी अपने कैमरों में कैद कीं। स्थानीय लोगों के अनुसार वेक्स हिमालयी क्षेत्र में पाया जाने वाला दुर्लभ जंगली जीव है, जिसे जंगली बकरा भी कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी पहचान इसके लंबे और पीछे की ओर मुड़े हुए सींग होते हैं। यह प्रजाति सामान्यतः ऊँचे पहाड़ों और बर्फीले इलाकों में रहती है तथा घास और छोटे पौधों को अपना भोजन बनाती है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों या मौसम में बदलाव के दौरान ये जीव भोजन की तलाश में कभी-कभी निचले जंगलों और ढलानों की ओर भी आ जाते हैं, जिसके कारण लोगों को इनका झुंड एक साथ दिखाई देता है। राहुली जंगल में वेक्स के झुंड का दिखना क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का संकेत माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों की मौजूदगी हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की सेहत को दर्शाती है और इनके संरक्षण के लिए जागरूकता जरूरी है।1
- चंबा स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में बीती रात मरीजों के मोबाइल फोन चोरी होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार अस्पताल में भर्ती मरीजों के करीब 8 से 10 मोबाइल फोन रात के समय चोरी हो गए। घटना का पता चलते ही मरीजों और उनके परिजनों में चिंता और नाराज़गी का माहौल बन गया। प्रभावित लोगों का कहना है कि वे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं, ऐसे में इस तरह की घटनाएं अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। मरीजों के परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और चोरी की इस घटना की जल्द जांच कर दोषियों को पकड़ा जाए। लोगों को उम्मीद है कि अस्पताल प्रशासन और पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई करेंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और मरीज सुरक्षित माहौल में इलाज करवा सकें। बाइट स्थानीय निवासी। बाइट एम एस मेडिकल कॉलेज चंबा ।1
- Jay Mata di2
- Post by Himachal Update 24 News1
- सुजानपुर सुजानपुर के ऐतिहासिक मैदान में 26 मार्च 2026 को और शो का आयोजन किया जा रहा है सैनिक स्कूल प्रशासन ने इस शो को लेकर तिथि की घोषणा की है पहले यह शो 10 मार्च को होना था लेकिन किन्हीं कर्म के चलते इसे स्थगित किया गया अब इसकी तिथि 26 मार्च पुणे घोषित की गई है सैनिक स्कूल प्राचार्य ग्रुप कैप्टन रचना जोशी ने संबंधित विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के आगमन की पुष्टि हो गई हैं, जिसे "भारतीय वायु सेना के राजदूत" के रूप में जाना जाता है, जो अपनी प्रेसिजन, कौशल और टीमवर्क के लिए प्रसिद्ध है। यह एलीट टीम, लाल और सफेद हॉक Mk-132 जेट उड़ाते हुए, कई आश्चर्यजनक मैन्युवर्स का प्रदर्शन करेगी। सुर्यकिरण एरोबेटिक टीम की इस प्रस्तुति में ग्रेसफुल लूप, थ्रिलिंग बैरल रोल, गुरुत्वाकर्षण को धता बताने वाली इनवर्टेड फ्लाइंग और भीड़ के चहेते डीएनए मैन्युवर्स शामिल होंगे, हर प्रदर्शन पायलटों की बेजोड़ विशेषज्ञता और समन्वय का प्रमाण है।-26 मार्च को सुजानपुर टीरा के ऐतिहासिक चौगान और लैंडमार्क सैनिक स्कूल सुजानपुर टीरा के ऊपर 9 विमानों का एरियल डिस्प्ले करेगी। SKAT की स्थापना 1996 में हुई थी। यह टीम एशिया की एकमात्र नौ-विमान एरोबेटिक टीम होने का खिताब रखती है, और दुनिया की कुछ एलीट एरोबेटिक टीमों में से एक है। इस असामान्य टीम ने भारत में 800 से अधिक प्रदर्शन किए हैं, साथ ही चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाइलैंड, सिंगापुर और यूएई जैसे देशों में अंतरराष्ट्रीय एयर शो में IAF की पेशेवरता का प्रतिनिधित्व किया है। सूर्यकिरण टीम में 9 हॉक Mk-132 विमान शामिल हैं, जो HAL द्वारा भारत में लाइसेंस के तहत निर्मित हैं, जो 5 मीटर से कम की दूरी पर अत्यधिक निकटता में उड़ते हैं। टीम में 14 पायलट हैं प्राचार्य ने कहा कि कार्यक्रम के आयोजन से पहले तमाम तैयारियां पूरी की जाएगी प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु कार्यक्रम में विशेष रूप से आने का निमंत्रण दिया जा रहा है जल्द ही उनसे मुलाकात करके उन्हें कार्यक्रम में आने के लिए कहा जाएगा।2
- Post by Till The End News2
- Jay Mata di1