शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने ऊना में फहराया तिरंगा, जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह में ली मार्च पास्ट की सलामी, बच्चो ने पेश किये सांस्कृतिक कार्यक्रम जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह का आयोजन बुधवार को ऊना शहर के रामलीला मैदान में किया गया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए तिरंगा झंडा फहराया। कार्यक्रम के दौरान गगरेट के विधायक राकेश कालिया, कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार, पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा, उपायुक्त जतिन लाल सहित तमाम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस, महिला पुलिस, पुरुष एवं महिला होमगार्ड, एनसीसी, स्काउटस एंड गाइडस, आपदा मित्र और होमगार्ड बैंड की टुकड़ियों ने परेड में हिस्सा लिया। इससे पूर्व जिला स्तरीय समारोह में आते हुए शिक्षा मंत्री ने एमसी पार्क में स्थित शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धा सुमन भी अर्पित किए। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा सरकारी योजनाओं दर्शाती प्रदर्शनियां भी लगाई गई साथ ही प्रदेश सरकार की विकासात्मक योजनाओं को लेकर झांकियां भी निकाली गई। जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह में स्कूली बच्चो ने एक के बाद एक बेहतरीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर खूब तालियां बटोरी। शिक्षा मंत्री ने जिला भर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया। इस मौके पर मुख्यातिथि ने समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए हिमाचल दिवस की बधाई दी। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने हिमाचल प्रदेश के गठन में अहम भूमिका निभाने वाली विभूतियों को याद किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल वीरो की भूमि है हिमाचल के वीर जवानों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुतियां दी है। रोहित ठाकुर ने कहा कि 2022 में सत्ता संभालने के बाद से कांग्रेस की सरकार प्रदेश के हर वर्ग के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता संभालते हुए उन्हें प्रदेश की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था मिली थी लेकिन बाबजूद इसके कांग्रेस सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने ऊना में फहराया तिरंगा, जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह में ली मार्च पास्ट की सलामी, बच्चो ने पेश किये सांस्कृतिक कार्यक्रम जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह का आयोजन बुधवार को ऊना शहर के रामलीला मैदान में किया गया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए तिरंगा झंडा फहराया। कार्यक्रम के दौरान गगरेट के विधायक राकेश कालिया, कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार, पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा, उपायुक्त जतिन लाल सहित तमाम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस, महिला पुलिस, पुरुष एवं महिला होमगार्ड, एनसीसी, स्काउटस एंड गाइडस, आपदा मित्र और होमगार्ड बैंड की टुकड़ियों ने परेड में हिस्सा लिया। इससे पूर्व जिला स्तरीय समारोह में आते हुए शिक्षा मंत्री ने एमसी पार्क में स्थित शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धा सुमन भी अर्पित किए। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा सरकारी योजनाओं दर्शाती प्रदर्शनियां भी लगाई गई साथ ही
प्रदेश सरकार की विकासात्मक योजनाओं को लेकर झांकियां भी निकाली गई। जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह में स्कूली बच्चो ने एक के बाद एक बेहतरीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर खूब तालियां बटोरी। शिक्षा मंत्री ने जिला भर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया। इस मौके पर मुख्यातिथि ने समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए हिमाचल दिवस की बधाई दी। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने हिमाचल प्रदेश के गठन में अहम भूमिका निभाने वाली विभूतियों को याद किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल वीरो की भूमि है हिमाचल के वीर जवानों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुतियां दी है। रोहित ठाकुर ने कहा कि 2022 में सत्ता संभालने के बाद से कांग्रेस की सरकार प्रदेश के हर वर्ग के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता संभालते हुए उन्हें प्रदेश की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था मिली थी लेकिन बाबजूद इसके कांग्रेस सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
- जिला मुख्यालय के हमीरपुर रोड स्थित एक कैफे में शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे अचानक आग भड़क उठी। जानकारी के अनुसार आग कैफे के रसोई घर में लगी, जिसने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान शॉर्ट सर्किट या गैस लीक की ओर इशारा कर रहे हैं। घटना के समय कैफे के साथ ही परिसर में स्थित जिम में कई युवा प्रशिक्षण के लिए पहुंचे हुए थे। जैसे ही आग की लपटें और धुआं दिखाई दिया, वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण प्रयास सफल नहीं हो सके। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। अतिरिक्त दमकल अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि विभाग को सुबह करीब 6:40 बजे सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। उन्होंने बताया कि कैफे की रसोई पूरी तरह से जलकर राख हो गई, जबकि बाकी हिस्से को सुरक्षित बचा लिया गया। इस आगजनी की घटना में करीब 4 से 5 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। राहत की बात यह रही कि किसी भी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ। फिलहाल दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच में जुटे हुए हैं।2
- सुजानपुर हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए प्रदेश में “द्वेष और बदले की राजनीति” चरम पर होने का आरोप लगाया है। हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा के भाई और चाचा की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए राणा ने कहा कि यह कार्रवाई कानून के तहत नहीं, बल्कि राजनीतिक दुर्भावना के तहत की गई है। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने सत्ता को “निजी हथियार” बना लिया है और पुलिस तंत्र का उपयोग केवल राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र के नाम पर तानाशाही चलाई जा रही है, जहां सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को झूठे मामलों में फंसाकर प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आशीष शर्मा के परिवार के खिलाफ की गई कार्रवाई साफ तौर पर बदले की भावना से प्रेरित है और यह संदेश देने की कोशिश है कि जो भी मुख्यमंत्री के खिलाफ बोलेगा, उसे इसी तरह निशाना बनाया जाएगा। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार अपराधियों और माफियाओं के प्रति नरम रवैया अपनाए हुए है, जबकि विपक्षी नेताओं पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इसे “दोहरी नीति” करार देते हुए कहा कि इससे प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। राणा ने कहा कि विधानसभा में उठाए गए सवालों से बौखलाकर मुख्यमंत्री इस तरह के कदम उठा रहे हैं और अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए सत्ता का खुला दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का भी आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पत्नी के चुनाव के दौरान सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया गया। राणा के अनुसार, आचार संहिता के समय 66 महिला मंडलों को सरकारी बैंक के माध्यम से 50-50 हजार रुपये वितरित किए गए, जो चुनावी नियमों का खुला उल्लंघन है। कड़े शब्दों में हमला जारी रखते हुए राजेंद्र राणा ने कहा कि ऐसा मुख्यमंत्री प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है, जो व्यक्तिगत द्वेष से ग्रसित होकर केवल अपने और अपने परिवार के हितों तक सीमित रह गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता इस तरह की राजनीति से त्रस्त है और बदलाव की प्रतीक्षा कर रही है। राजेंद्र राणा ने चेतावनी दी कि सत्ता के बल पर लोगों को डराने और दबाने की कोशिश ज्यादा दिन नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका करारा जवाब देगी।1
- जिला बिलासपुर से संबंध रखने वाले युवा कांग्रेस नेता आशीष ठाकुर को हिमकोफेड का निदेशक नियुक्त किए जाने पर शुक्रवार को शहर में भव्य आभार रैली निकाली गई। रैली का शुभारंभ गुरुद्वारा मार्केट से हुआ, जो श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर तक पहुंची। इस दौरान पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। रैली में बड़ी संख्या में समर्थक, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। जगह-जगह लोगों ने फूल-मालाओं से आशीष ठाकुर का स्वागत किया और उनके समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। ढोल-नगाड़ों और जयघोष के बीच निकली इस रैली ने पूरे शहर का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर आशीष ठाकुर ने बिलासपुर की जनता और प्रदेश सरकार का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के विकास और सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने के लिए वे निरंतर प्रयास करेंगे। आशीष ठाकुर ने कहा कि जिले में करीब 237 सहकारी सोसाइटी कार्य कर रही हैं। वे सभी सोसाइटी के पदाधिकारियों से मिलकर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करेंगे। साथ ही जो भी समस्याएं सरकार स्तर पर होंगी, उन्हें मुख्यमंत्री के समक्ष उठाकर उनका समाधान करवाने की दिशा में काम किया जाएगा।2
- *अपराधियों पर नरमी, विपक्ष पर सख्ती? राजेंद्र राणा का CM सुक्खू पर बड़ा हमला | Himachal Politics*1
- Post by Munishkoundal1
- Post by Himachal Update 24 News1
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- हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून बनाने की मांग को लेकर आंदोलन अब संगठित रूप लेता जा रहा है। वीरवार को जिला मुख्यालय ऊना के विश्राम गृह में आयोजित पत्रकारवार्ता में “स्टेट कोलेशन फॉर लेजिस्लेशन ऑफ शेड्यूल कास्ट्स, शेड्यूल ट्राइब्स सब प्लान हिमाचल प्रदेश” के बैनर तले जुड़े सामाजिक नेताओं ने अपनी रणनीति स्पष्ट की। गठबंधन से जुड़े बीपी चंद्रा और सुखदेव विश्वप्रेमी इस मौके पर स्थानीय नेताओं के साथ पहुंचे। कार्यक्रम में सुखदेव विश्वप्रेमी ने कहा कि प्रदेश सरकार को चुनावी वादों के अनुरूप जल्द से जल्द इस कानून को लागू करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई, तो आगामी विधानसभा सत्र के दौरान राज्य भर में रोष प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि देश के पांच राज्यों में इस तरह के कानून पहले ही लागू किए जा चुके हैं, जिससे अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विकास को गति मिली है। हिमाचल में भी इसी तरह के कानून की लंबे समय से मांग की जा रही है। गठबंधन के अनुसार, 3 सितंबर 2024 से लेकर जनवरी 2026 तक इस मुद्दे पर विभिन्न स्तरों पर कई बैठकें और संवाद आयोजित किए जा चुके हैं। करीब 30 संस्थाओं और संगठनों को साथ लेकर यह अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है। सामाजिक न्याय यात्रा चंबा जिला के डलहौजी क्षेत्र के तेलका और चुराह से शुरू होकर कांगड़ा, ज्वाली, नूरपुर, नगरोटा, कुल्लू, सोलन होते हुए ऊना पहुंची है, और आगे भी जारी रहेगी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और वंचित वर्गों को एकजुट करना है। गठबंधन के प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर इस कानून को लागू करने की मांग उठाई है। दिसंबर 2024 के शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। इसके अलावा वर्ष 2025 में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय नेताओं से भी इस विषय पर चर्चा की गई। अगस्त 2025 में दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर हिमाचल में विशेष कानून बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। नवंबर 2025 में बिलासपुर में विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ राज्य स्तरीय परामर्श बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सभी दलों ने इस कानून के समर्थन में सहमति जताई। उन्होंने कहा कि हाल ही में 18 जनवरी 2026 को शिमला के राजीव भवन में आयोजित बैठक में भी इस मुद्दे को लेकर रणनीति बनाई गई। बैठक में तय किया गया कि आगामी बजट सत्र के दौरान सरकार पर दबाव बनाते हुए इस कानून की प्रक्रिया शुरू करवाने की मांग को और तेज किया जाएगा। गठबंधन ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय नेतृत्व से आग्रह किया है कि चुनावी घोषणा पत्र के अनुरूप इस कानून को शीघ्र लागू किया जाए, ताकि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के सामाजिक और आर्थिक विकास को सुनिश्चित किया जा सके।1