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अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए विकास निधि कानून की उठाई मांग, ऊना पहुंची संगठन की सामाजिक न्याय यात्रा, संतोषगढ़ में होगा समापन।  हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून बनाने की मांग को लेकर आंदोलन अब संगठित रूप लेता जा रहा है। वीरवार को जिला मुख्यालय ऊना के विश्राम गृह में आयोजित पत्रकारवार्ता में “स्टेट कोलेशन फॉर लेजिस्लेशन ऑफ शेड्यूल कास्ट्स, शेड्यूल ट्राइब्स सब प्लान हिमाचल प्रदेश” के बैनर तले जुड़े सामाजिक नेताओं ने अपनी रणनीति स्पष्ट की। गठबंधन से जुड़े बीपी चंद्रा और सुखदेव विश्वप्रेमी इस मौके पर स्थानीय नेताओं के साथ पहुंचे। कार्यक्रम में सुखदेव विश्वप्रेमी ने कहा कि प्रदेश सरकार को चुनावी वादों के अनुरूप जल्द से जल्द इस कानून को लागू करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई, तो आगामी विधानसभा सत्र के दौरान राज्य भर में रोष प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि देश के पांच राज्यों में इस तरह के कानून पहले ही लागू किए जा चुके हैं, जिससे अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विकास को गति मिली है। हिमाचल में भी इसी तरह के कानून की लंबे समय से मांग की जा रही है। गठबंधन के अनुसार, 3 सितंबर 2024 से लेकर जनवरी 2026 तक इस मुद्दे पर विभिन्न स्तरों पर कई बैठकें और संवाद आयोजित किए जा चुके हैं। करीब 30 संस्थाओं और संगठनों को साथ लेकर यह अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है। सामाजिक न्याय यात्रा चंबा जिला के डलहौजी क्षेत्र के तेलका और चुराह से शुरू होकर कांगड़ा, ज्वाली, नूरपुर, नगरोटा, कुल्लू, सोलन होते हुए ऊना पहुंची है, और आगे भी जारी रहेगी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और वंचित वर्गों को एकजुट करना है। गठबंधन के प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर इस कानून को लागू करने की मांग उठाई है। दिसंबर 2024 के शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। इसके अलावा वर्ष 2025 में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय नेताओं से भी इस विषय पर चर्चा की गई। अगस्त 2025 में दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर हिमाचल में विशेष कानून बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। नवंबर 2025 में बिलासपुर में विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ राज्य स्तरीय परामर्श बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सभी दलों ने इस कानून के समर्थन में सहमति जताई। उन्होंने कहा कि हाल ही में 18 जनवरी 2026 को शिमला के राजीव भवन में आयोजित बैठक में भी इस मुद्दे को लेकर रणनीति बनाई गई। बैठक में तय किया गया कि आगामी बजट सत्र के दौरान सरकार पर दबाव बनाते हुए इस कानून की प्रक्रिया शुरू करवाने की मांग को और तेज किया जाएगा। गठबंधन ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय नेतृत्व से आग्रह किया है कि चुनावी घोषणा पत्र के अनुरूप इस कानून को शीघ्र लागू किया जाए, ताकि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के सामाजिक और आर्थिक विकास को सुनिश्चित किया जा सके।

2 hrs ago
user_ऊना की खबर
ऊना की खबर
Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
2 hrs ago

अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए विकास निधि कानून की उठाई मांग, ऊना पहुंची संगठन की सामाजिक न्याय यात्रा, संतोषगढ़ में होगा समापन।  हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून बनाने की मांग को लेकर आंदोलन अब संगठित रूप लेता जा रहा है। वीरवार को जिला मुख्यालय ऊना के विश्राम गृह में आयोजित पत्रकारवार्ता में “स्टेट कोलेशन फॉर लेजिस्लेशन ऑफ शेड्यूल कास्ट्स, शेड्यूल ट्राइब्स सब प्लान हिमाचल प्रदेश” के बैनर तले जुड़े सामाजिक नेताओं ने अपनी रणनीति स्पष्ट की। गठबंधन से जुड़े बीपी चंद्रा और सुखदेव विश्वप्रेमी इस मौके पर स्थानीय नेताओं के साथ पहुंचे। कार्यक्रम में सुखदेव विश्वप्रेमी ने कहा कि प्रदेश सरकार को चुनावी वादों के अनुरूप जल्द से जल्द इस कानून को लागू करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई, तो आगामी विधानसभा सत्र के दौरान राज्य भर में रोष प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि देश के पांच राज्यों में इस तरह के कानून पहले ही लागू किए जा चुके हैं, जिससे अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विकास को गति मिली है। हिमाचल में भी इसी तरह के कानून की लंबे समय से मांग की जा रही है। गठबंधन के अनुसार, 3 सितंबर 2024 से लेकर जनवरी 2026 तक इस मुद्दे पर विभिन्न स्तरों पर कई बैठकें और संवाद आयोजित किए जा चुके हैं। करीब 30 संस्थाओं और संगठनों को साथ लेकर यह अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है। सामाजिक न्याय यात्रा चंबा जिला के डलहौजी क्षेत्र के तेलका और चुराह से शुरू होकर कांगड़ा, ज्वाली, नूरपुर, नगरोटा, कुल्लू, सोलन होते हुए ऊना पहुंची है, और आगे भी जारी रहेगी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और वंचित वर्गों को एकजुट करना है। गठबंधन के प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर इस कानून को लागू करने की मांग उठाई है। दिसंबर 2024 के शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। इसके अलावा वर्ष 2025 में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय नेताओं से भी इस विषय पर चर्चा की गई। अगस्त 2025 में दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर हिमाचल में विशेष कानून बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। नवंबर 2025 में बिलासपुर में विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ राज्य स्तरीय परामर्श बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सभी दलों ने इस कानून के समर्थन में सहमति जताई। उन्होंने कहा कि हाल ही में 18 जनवरी 2026 को शिमला के राजीव भवन में आयोजित बैठक में भी इस मुद्दे को लेकर रणनीति बनाई गई। बैठक में तय किया गया कि आगामी बजट सत्र के दौरान सरकार पर दबाव बनाते हुए इस कानून की प्रक्रिया शुरू करवाने की मांग को और तेज किया जाएगा। गठबंधन ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय नेतृत्व से आग्रह किया है कि चुनावी घोषणा पत्र के अनुरूप इस कानून को शीघ्र लागू किया जाए, ताकि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के सामाजिक और आर्थिक विकास को सुनिश्चित किया जा सके।

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  • हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून बनाने की मांग को लेकर आंदोलन अब संगठित रूप लेता जा रहा है। वीरवार को जिला मुख्यालय ऊना के विश्राम गृह में आयोजित पत्रकारवार्ता में “स्टेट कोलेशन फॉर लेजिस्लेशन ऑफ शेड्यूल कास्ट्स, शेड्यूल ट्राइब्स सब प्लान हिमाचल प्रदेश” के बैनर तले जुड़े सामाजिक नेताओं ने अपनी रणनीति स्पष्ट की। गठबंधन से जुड़े बीपी चंद्रा और सुखदेव विश्वप्रेमी इस मौके पर स्थानीय नेताओं के साथ पहुंचे। कार्यक्रम में सुखदेव विश्वप्रेमी ने कहा कि प्रदेश सरकार को चुनावी वादों के अनुरूप जल्द से जल्द इस कानून को लागू करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई, तो आगामी विधानसभा सत्र के दौरान राज्य भर में रोष प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि देश के पांच राज्यों में इस तरह के कानून पहले ही लागू किए जा चुके हैं, जिससे अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विकास को गति मिली है। हिमाचल में भी इसी तरह के कानून की लंबे समय से मांग की जा रही है। गठबंधन के अनुसार, 3 सितंबर 2024 से लेकर जनवरी 2026 तक इस मुद्दे पर विभिन्न स्तरों पर कई बैठकें और संवाद आयोजित किए जा चुके हैं। करीब 30 संस्थाओं और संगठनों को साथ लेकर यह अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है। सामाजिक न्याय यात्रा चंबा जिला के डलहौजी क्षेत्र के तेलका और चुराह से शुरू होकर कांगड़ा, ज्वाली, नूरपुर, नगरोटा, कुल्लू, सोलन होते हुए ऊना पहुंची है, और आगे भी जारी रहेगी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और वंचित वर्गों को एकजुट करना है। गठबंधन के प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर इस कानून को लागू करने की मांग उठाई है। दिसंबर 2024 के शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। इसके अलावा वर्ष 2025 में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय नेताओं से भी इस विषय पर चर्चा की गई। अगस्त 2025 में दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर हिमाचल में विशेष कानून बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। नवंबर 2025 में बिलासपुर में विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ राज्य स्तरीय परामर्श बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सभी दलों ने इस कानून के समर्थन में सहमति जताई। उन्होंने कहा कि हाल ही में 18 जनवरी 2026 को शिमला के राजीव भवन में आयोजित बैठक में भी इस मुद्दे को लेकर रणनीति बनाई गई। बैठक में तय किया गया कि आगामी बजट सत्र के दौरान सरकार पर दबाव बनाते हुए इस कानून की प्रक्रिया शुरू करवाने की मांग को और तेज किया जाएगा। गठबंधन ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय नेतृत्व से आग्रह किया है कि चुनावी घोषणा पत्र के अनुरूप इस कानून को शीघ्र लागू किया जाए, ताकि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के सामाजिक और आर्थिक विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
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    हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून बनाने की मांग को लेकर आंदोलन अब संगठित रूप लेता जा रहा है। वीरवार को जिला मुख्यालय ऊना के विश्राम गृह में आयोजित पत्रकारवार्ता में “स्टेट कोलेशन फॉर लेजिस्लेशन ऑफ शेड्यूल कास्ट्स, शेड्यूल ट्राइब्स सब प्लान हिमाचल प्रदेश” के बैनर तले जुड़े सामाजिक नेताओं ने अपनी रणनीति स्पष्ट की। गठबंधन से जुड़े बीपी चंद्रा और सुखदेव विश्वप्रेमी इस मौके पर स्थानीय नेताओं के साथ पहुंचे। कार्यक्रम में सुखदेव विश्वप्रेमी ने कहा कि प्रदेश सरकार को चुनावी वादों के अनुरूप जल्द से जल्द इस कानून को लागू करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई, तो आगामी विधानसभा सत्र के दौरान राज्य भर में रोष प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि देश के पांच राज्यों में इस तरह के कानून पहले ही लागू किए जा चुके हैं, जिससे अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विकास को गति मिली है। हिमाचल में भी इसी तरह के कानून की लंबे समय से मांग की जा रही है। गठबंधन के अनुसार, 3 सितंबर 2024 से लेकर जनवरी 2026 तक इस मुद्दे पर विभिन्न स्तरों पर कई बैठकें और संवाद आयोजित किए जा चुके हैं। करीब 30 संस्थाओं और संगठनों को साथ लेकर यह अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है। सामाजिक न्याय यात्रा चंबा जिला के डलहौजी क्षेत्र के तेलका और चुराह से शुरू होकर कांगड़ा, ज्वाली, नूरपुर, नगरोटा, कुल्लू, सोलन होते हुए ऊना पहुंची है, और आगे भी जारी रहेगी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और वंचित वर्गों को एकजुट करना है। गठबंधन के प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर इस कानून को लागू करने की मांग उठाई है। दिसंबर 2024 के शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। इसके अलावा वर्ष 2025 में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय नेताओं से भी इस विषय पर चर्चा की गई। अगस्त 2025 में दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर हिमाचल में विशेष कानून बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। नवंबर 2025 में बिलासपुर में विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ राज्य स्तरीय परामर्श बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सभी दलों ने इस कानून के समर्थन में सहमति जताई। उन्होंने कहा कि हाल ही में 18 जनवरी 2026 को शिमला के राजीव भवन में आयोजित बैठक में भी इस मुद्दे को लेकर रणनीति बनाई गई। बैठक में तय किया गया कि आगामी बजट सत्र के दौरान सरकार पर दबाव बनाते हुए इस कानून की प्रक्रिया शुरू करवाने की मांग को और तेज किया जाएगा। गठबंधन ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय नेतृत्व से आग्रह किया है कि चुनावी घोषणा पत्र के अनुरूप इस कानून को शीघ्र लागू किया जाए, ताकि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के सामाजिक और आर्थिक विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • 🌹🌹🙏🙏Jay Shiv Shankar, 🌹🌹🙏🙏
    1
    🌹🌹🙏🙏Jay Shiv Shankar, 🌹🌹🙏🙏
    user_Dinesh Kumar
    Dinesh Kumar
    Farmer भोटा, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
  • सुजानपुर उप मंडल सुजानपुर में इन दोनों गैस की किल्लत चल रही है जिसके चलते सुजानपुर गैस एजेंसी के कर्मचारी गैस एजेंसी के बाहर ताला लगाकर अंदर कार्य कर रहे थे जिसके चलते लोगों ने इसका विरोध जताया है। लोगों ने बताया कि फरवरी माह से उनके यहां पर गाड़ी नहीं पहुंची है जिसके चलते आज मैं सुजानपुर गैस एजेंसी पहुंचे थे लेकिन गैस एजेंसी के बाहर ताला लगाकर कर्मचारी अंदर कार्य कर रहे हैं लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं जिसके चलते उन्होंने गैस एजेंसी में कार्यरत कर्मचारियों के कार्य पर विरोध जिताया है
    1
    सुजानपुर
उप मंडल सुजानपुर में इन दोनों गैस की किल्लत चल रही है जिसके चलते सुजानपुर गैस एजेंसी के कर्मचारी गैस एजेंसी के बाहर ताला लगाकर अंदर कार्य कर रहे थे जिसके चलते लोगों ने इसका विरोध जताया है। लोगों ने बताया कि फरवरी माह से उनके यहां पर गाड़ी नहीं पहुंची है जिसके चलते आज मैं सुजानपुर गैस एजेंसी पहुंचे थे लेकिन गैस एजेंसी के बाहर ताला लगाकर कर्मचारी अंदर कार्य कर रहे हैं लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं जिसके चलते उन्होंने गैस एजेंसी में कार्यरत कर्मचारियों के कार्य पर विरोध जिताया है
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
  • मिशन 2026 विकास के भविष्य पर दाव ना लगाये, सही उम्मीदवार को हमेशा चुनाव जिताये। ग्राम प्रधान पद हेतु हेतु कर्मठ, सुयोग्य, एवं लोकप्रिय उम्मीदवार मनजीत कौर पत्नी श्री राज कुमार गांव रामपुर को अपना मत एवं समर्थन देकर विजयी बनाए ग्राम सभा- पंचायत घोलोवाल
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    मिशन 2026
विकास के भविष्य पर दाव ना लगाये, सही उम्मीदवार को हमेशा चुनाव जिताये।
ग्राम प्रधान
पद हेतु
हेतु कर्मठ, सुयोग्य, एवं लोकप्रिय उम्मीदवार
मनजीत कौर पत्नी श्री
राज कुमार
गांव रामपुर
को अपना मत एवं समर्थन देकर विजयी बनाए
ग्राम सभा-
पंचायत घोलोवाल
    user_Jyoti BHALLA
    Jyoti BHALLA
    नैना देवी, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बिलासपुर का जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के प्रांगण में धूमधाम से मनाया गया। इस समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की तथा राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने पुलिस, होमगार्ड, वनमित्र तथा एनसीसी की टुकडियों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली। इस अवसर पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों के बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। समारोह स्थल पर पंहुचने से पहले स्वास्थ्य मंत्री ने शहीद स्मारक पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने हिमाचल दिवस की बधाई देते हुए कहा कि 15 अप्रैल, 1948 को हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ। यह दिन हम सभी के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। देश की आज़ादी के 8 महीनों के बाद सन् 1948 को आज ही के दिन हमारा प्रदेश 30 छोटी-बड़ी पहाड़ी रियासतों के विलय से चीफ कमीश्नर प्रोविंस के रूप में गठित हुआ। उन्होंने कहा कि हिमाचल को एक अलग राज्य के रूप में स्थापित करने में उस समय के नेतृत्व, प्रजामंडल आंदोलन के नायकों, आंदोलनकारियों और हिमाचल वासियों ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने हिमाचल दिवस के पावन अवसर पर उन सभी महान विभूतियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया जिन्होंने हिमाचल के गठन में बहुमूल्य योगदान दिया। उन्होंने जिला बिलासपुर के औहर निवासी विक्टोरिया क्रॉस विजेता भण्डारी राम का भी विशेष जिक्र करते हुए उनकी बहुमूल्य सेवाओं को याद किया। उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर के वीर योद्धाओं ने स्वतंत्रता के पश्चात् 01 परमवीर चक्र, 03 कीर्ति चक्र, 03 वीर चक्र, 05 शौर्य चक्र, 36 सेना व नौसेना मैडल तथा 15 अन्य वीरता पुरस्कार प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने सैन्य अभियानों में शहीद होने वाले सैनिकों तथा अर्द्धसैनिकों के परिवारजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 20 लाख रूपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये की है। जबकि गतवर्ष जिला के 59 वीरता पुरस्कार विजेताओं को लगभग 18 लाख रुपये की वार्षिक राशि वितरित की है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है तथा 15 से 20 वर्ष पुरानी मशीनों और उपकरणों को बदलने पर 3 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत एक क्रांतिकारी पहल है। शिमला के चमियाणा, आईजीएमसी, टांडा और नेरचैक चिकित्सा महाविद्यालय में यह सुविधा उपलब्ध करवाई जा चुकी है जबकि हमीरपुर को जल्दी ही प्रदान की जाएगी। उन्होंने जिला बिलासपुर का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में अब तक विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत 26 हजार पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करते हुए लगभग 37 करोड़ रुपये की राशि व्यय की है। श्री शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत सरकार 6 हजार अनाथ बच्चों को सहारा प्रदान करते हुए उनकी शिक्षा, स्टार्ट-अप आरंभ करने, घर बनाने के लिए भूमि एवं धनराशि, जेब खर्च सहित अन्य सुविधाएं प्रदान करने की जिम्मेदारी उठा रही है। जिला बिलासपुर में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत अब तक 184 पात्रों को लाभान्वित करते हुए लगभग 2 करोड़ 40 लाख रुपये की राशि व्यय की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले तीन वर्षों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 99 हजार 799 मामलों को मंजूर किया है, जिनमें जिला बिलासपुर के 49 हजार 166 मामले भी शामिल है। डाॅ. कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के तहत पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाह 1500 रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोज़गार स्टार्ट-अप योजना शुरू है। इसके अंतर्गत पहले चरण में ई-टैक्सी खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी और निश्चित आय का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने मिशन 32 प्रतिशत शुरू करने का निर्णय लिया है जिसके तहत वर्ष 2030 तक वन आवरण को बढ़ाकर 32 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना है जहां प्राकृतिक खेती पद्धति से उत्पन्न गेहूं, मक्की और हल्दी के लिये समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। जिसमें गेहूं पर 80 रुपये, मक्का पर 50 रुपये और हल्दी पर 150 रुपये प्रति किलोग्राम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य में पहली बार अदरक की खरीद पर 30 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य करने का निर्णय लिया है। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हमारी सरकार ने हिमाचल प्रदेश राज्य किसान आयोग के गठन का भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमन्त्री मछुआरा सहायता योजना आरम्भ की है, जिसके अंतर्गत जलाशयों से पकड़ी गई मछलियों पर राॅयल्टी दर को 7.5 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार ने जन समस्याओं के समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित बनाने के लिए सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम की शुरूआत की है जिसके तहत दूर-दराज इलाकों के लोगों को घर-द्वार पर राहत प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त विशेष राजस्व अदालतों का नियमित आयोजन किया जा रहा है जिससे वर्षों से लंबित राजस्व मामलों का समयबद्ध निपटारा संभव हुआ है। जिला बिलासपुर में राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से दिसम्बर 2025 तक 18 हजार 684 इंतकाल, 1235 तकसीम, 2190 निशानदेही तथा 478 राजस्व दुरुस्ती मामलों का निपटारा किया जा चुका है। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों को चरणबद्ध माध्यम से सीबीएसई से संबद्ध करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाओं वाले राजीव गांधी राजकीय आदर्श डे-बोर्डिंग विद्यालय स्थापित कर रहे हैं। इस वित्त वर्ष 49 ऐसे विद्यालयों के नए भवनों के निर्माण और क्रियाशील भवनों को अपग्रेड करने के लिए 99 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश में चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान आरम्भ किया है जिसमें युवाओं सहित समस्त प्रदेशवासियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी मिलकर इस बुराई को समाज से जड़ सहित उखाड़ फेंकने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार शीघ्र ही ‘खेलो इंडिया-चिट्टा मुक्त अभियान’ शुरू करने जा रही है, जिसके तहत युवाओं को नशे की लत, विशेषकर चिट्टे से दूर कर खेलों के माध्यम से अनुशासन, प्रतिस्पर्धा और सकारात्मक जीवनशैली की ओर अग्रसर किया जाएगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी भाग सिंह, स्वतंत्रता सेनानियों की धर्मपत्नियां प्रेमी देवी, ब्यासां देवी, वीर नारी हाक्मी देवी, रामदेई सहित, प्रशासनिक एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया। सम्मानित व्यक्तियों में एसडीएम सदर डाॅ. राजदीप सिंह, सहायक आयुक्त राजकुमार, डीएसपी मनीष चैधरी, तहसीलदार बबीता धीमान, डीएफएसई बृजेन्द्र पठानिया, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग रंजन गुप्ता, अनुसंधान अधिकारी ललित कुमार सहित लगभग पच्चास से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डीएवी स्कूल बिलासपुर ने समूह गान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर ने पहाड़ी नाटी, पीएम श्री मुख्यमंत्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर ने भांगड़ा तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रघुनाथपुरा ने पहाड़ी गिद्दा प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर विधायक त्रिलोक जमवाल, पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर, पूर्व विधायक बंबर ठाकुर, तिलक राज शर्मा, वीरू राम किशोर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल वर्धन, हिमुडा निदेशक जितेंद्र चंदेल, निदेशक सहकारी बैंक सुनील शर्मा, सदस्य जिला बाल कल्याण समिति तृप्ता ठाकुर, संदीप संख्यान, स्वतंत्रता सेनानी संगठन की अध्यक्ष प्रेमी देवी, उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल, अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, एसडीएम डाॅ. राजदीप सिंह, सहायक आयुक्त राज कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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    बिलासपुर का जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के प्रांगण में धूमधाम से मनाया गया। इस समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की तथा राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने पुलिस, होमगार्ड, वनमित्र तथा एनसीसी की टुकडियों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली। इस अवसर पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों के बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। समारोह स्थल पर पंहुचने से पहले स्वास्थ्य मंत्री ने शहीद स्मारक पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने हिमाचल दिवस की बधाई देते हुए कहा कि 15 अप्रैल, 1948 को हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ। यह दिन हम सभी के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। देश की आज़ादी के 8 महीनों के बाद सन् 1948 को आज ही के दिन हमारा प्रदेश 30 छोटी-बड़ी पहाड़ी रियासतों के विलय से चीफ कमीश्नर प्रोविंस के रूप में गठित हुआ। उन्होंने कहा कि हिमाचल को एक अलग राज्य के रूप में स्थापित करने में उस समय के नेतृत्व, प्रजामंडल आंदोलन के नायकों, आंदोलनकारियों और हिमाचल वासियों ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने हिमाचल दिवस के पावन अवसर पर उन सभी महान विभूतियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया जिन्होंने हिमाचल के गठन में बहुमूल्य योगदान दिया।
उन्होंने जिला बिलासपुर के औहर निवासी विक्टोरिया क्रॉस विजेता भण्डारी राम का भी विशेष जिक्र करते हुए उनकी बहुमूल्य सेवाओं को याद किया। उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर के वीर योद्धाओं ने स्वतंत्रता के पश्चात् 01 परमवीर चक्र, 03 कीर्ति चक्र, 03 वीर चक्र, 05 शौर्य चक्र, 36 सेना व नौसेना मैडल तथा 15 अन्य वीरता पुरस्कार प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने सैन्य अभियानों में शहीद होने वाले सैनिकों तथा अर्द्धसैनिकों के परिवारजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 20 लाख रूपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये की है। जबकि गतवर्ष जिला के 59 वीरता पुरस्कार विजेताओं को लगभग 18 लाख रुपये की वार्षिक राशि वितरित की है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है तथा 15 से 20 वर्ष पुरानी मशीनों और उपकरणों को बदलने पर 3 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत एक क्रांतिकारी पहल है। शिमला के चमियाणा, आईजीएमसी, टांडा और नेरचैक चिकित्सा महाविद्यालय में यह सुविधा उपलब्ध करवाई जा चुकी है जबकि हमीरपुर को जल्दी ही प्रदान की जाएगी।
उन्होंने जिला बिलासपुर का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में अब तक विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत 26 हजार पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करते हुए लगभग 37 करोड़ रुपये की राशि व्यय की है।
श्री शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत सरकार 6 हजार अनाथ बच्चों को सहारा प्रदान करते हुए उनकी शिक्षा, स्टार्ट-अप आरंभ करने, घर बनाने के लिए भूमि एवं धनराशि, जेब खर्च सहित अन्य सुविधाएं प्रदान करने की जिम्मेदारी उठा रही है। जिला बिलासपुर में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत अब तक 184 पात्रों को लाभान्वित करते हुए लगभग 2 करोड़ 40 लाख रुपये की राशि व्यय की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले तीन वर्षों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 99 हजार 799 मामलों को मंजूर किया है, जिनमें जिला बिलासपुर के 49 हजार 166 मामले भी शामिल है।
डाॅ. कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के तहत पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाह 1500 रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोज़गार स्टार्ट-अप योजना शुरू है। इसके अंतर्गत पहले चरण में ई-टैक्सी खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी और निश्चित आय का प्रावधान किया है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने मिशन 32 प्रतिशत शुरू करने का निर्णय लिया है जिसके तहत वर्ष 2030 तक वन आवरण को बढ़ाकर 32 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना है जहां प्राकृतिक खेती पद्धति से उत्पन्न गेहूं, मक्की और हल्दी के लिये समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। जिसमें गेहूं पर 80 रुपये, मक्का पर 50 रुपये और हल्दी पर 150 रुपये प्रति किलोग्राम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य में पहली बार अदरक की खरीद पर 30 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य करने का निर्णय लिया है। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हमारी सरकार ने हिमाचल प्रदेश राज्य किसान आयोग के गठन का भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमन्त्री मछुआरा सहायता योजना आरम्भ की है, जिसके अंतर्गत जलाशयों से पकड़ी गई मछलियों पर राॅयल्टी दर को 7.5 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार ने जन समस्याओं के समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित बनाने के लिए सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम की शुरूआत की है जिसके तहत दूर-दराज इलाकों के लोगों को घर-द्वार पर राहत प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त विशेष राजस्व अदालतों का नियमित आयोजन किया जा रहा है जिससे वर्षों से लंबित राजस्व मामलों का समयबद्ध निपटारा संभव हुआ है। जिला बिलासपुर में राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से दिसम्बर 2025 तक 18 हजार 684 इंतकाल, 1235 तकसीम, 2190 निशानदेही तथा 478 राजस्व दुरुस्ती मामलों का निपटारा किया जा चुका है।
उन्होंने शिक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों को चरणबद्ध माध्यम से सीबीएसई से संबद्ध करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाओं वाले राजीव गांधी राजकीय आदर्श डे-बोर्डिंग विद्यालय स्थापित कर रहे हैं। इस वित्त वर्ष 49 ऐसे विद्यालयों के नए भवनों के निर्माण और क्रियाशील भवनों को अपग्रेड करने के लिए 99 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश में चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान आरम्भ किया है जिसमें युवाओं सहित समस्त प्रदेशवासियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी मिलकर इस बुराई को समाज से जड़ सहित उखाड़ फेंकने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार शीघ्र ही ‘खेलो इंडिया-चिट्टा मुक्त अभियान’ शुरू करने जा रही है, जिसके तहत युवाओं को नशे की लत, विशेषकर चिट्टे से दूर कर खेलों के माध्यम से अनुशासन, प्रतिस्पर्धा और सकारात्मक जीवनशैली की ओर अग्रसर किया जाएगा।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी भाग सिंह, स्वतंत्रता सेनानियों की धर्मपत्नियां प्रेमी देवी, ब्यासां देवी, वीर नारी हाक्मी देवी, रामदेई सहित, प्रशासनिक एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया।
सम्मानित व्यक्तियों में एसडीएम सदर डाॅ. राजदीप सिंह, सहायक आयुक्त राजकुमार, डीएसपी मनीष चैधरी, तहसीलदार बबीता धीमान, डीएफएसई बृजेन्द्र पठानिया, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग रंजन गुप्ता, अनुसंधान अधिकारी ललित कुमार सहित लगभग पच्चास से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में डीएवी स्कूल बिलासपुर ने समूह गान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर ने पहाड़ी नाटी, पीएम श्री मुख्यमंत्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर ने भांगड़ा तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रघुनाथपुरा ने पहाड़ी गिद्दा प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर विधायक त्रिलोक जमवाल, पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर, पूर्व विधायक बंबर ठाकुर, तिलक राज शर्मा, वीरू राम किशोर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल वर्धन, हिमुडा निदेशक जितेंद्र चंदेल, निदेशक सहकारी बैंक सुनील शर्मा, सदस्य जिला बाल कल्याण समिति तृप्ता ठाकुर, संदीप संख्यान, स्वतंत्रता सेनानी संगठन की अध्यक्ष प्रेमी देवी, उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल, अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, एसडीएम डाॅ. राजदीप सिंह, सहायक आयुक्त राज कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
    user_Sanjeev ranout
    Sanjeev ranout
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    22 hrs ago
  • 📿 कुठेड़ा में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन 🙏 घुमारवीं (बिलासपुर) के श्री नाहर सिंह मंदिर प्रांगण में 15 से 21 अप्रैल 2026 तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। 🕐 कथा समय: दोपहर 1:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक 📖 कथा वाचन: पं. सुरेश भारद्वाज धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल में डूबने का यह सुनहरा अवसर है। सभी श्रद्धालु सपरिवार पधारें और कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त करें। ✨ आइए, धर्म और संस्कृति से जुड़ें…
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    📿 कुठेड़ा में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन 🙏
घुमारवीं (बिलासपुर) के श्री नाहर सिंह मंदिर प्रांगण में 15 से 21 अप्रैल 2026 तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
🕐 कथा समय: दोपहर 1:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक
📖 कथा वाचन: पं. सुरेश भारद्वाज
धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल में डूबने का यह सुनहरा अवसर है। सभी श्रद्धालु सपरिवार पधारें और कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त करें।
✨ आइए, धर्म और संस्कृति से जुड़ें…
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    BHK News Himachal
    Local News Reporter बल्ह, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Post by Himachal Update 24 News
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    Himachal Update 24 News
    Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • सुजानपुर होली मेला संपन्न होने के बाद मेला ग्राउंड को साफ नहीं किया गया जिसके चलते प्रशासन ने संबंधित ठेकेदार के ऊपर कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया है इसके साथ-साथ मैदान के भीतर गंदगी फैलाने इसकी सुंदरता को नष्ट करने को लेकर भी एक व्यक्ति पर कार्रवाई की गई है यह जानकारी मेला एवं उपमंडल अधिकारी विकास शुक्ला ने गुरुवार को कार्यालय में मेला ग्राउंड की सफाई को लेकर उनसे मिलने आए विशेष प्रतिनिधि मंडल के सामने दी है अधिकारी ने बताया कि मेला संपन्न होने के बाद मेला ग्राउंड की सफाई हो जानी चाहिए थी लेकिन ऐसा क्यों नहीं किया किया इसको लेकर नोटिस जारी किया गया है इसके साथ-साथ 19 अप्रैल तक मेला ग्राउंड पूरी तरह साफ होगा उसके बाद में गड्ढा भरपाई का कार्य शुरू किया जाएगा अधिकारी से मिलने आए विशेष प्रतिनिधिमंडल की ओर से कविंदर गुप्ता ने जानकारी देते हैं बताएं कि हम तमाम लोगों से सुजानपुर शहर के रहने वाले हैं और मैदान की दुर्दशा को लेकर बेहद चिंतित है मैदान जो सुजानपुर और उसके साथ-साथ पूरे प्रदेश का आकर्षण का केंद्र था आज पूरी तरह खून के आंसू हो रहा है मैदान की सफाई हो गड्ढा भरपाई का कार्य हो मैदान के भीतर फिर से मखमली खास लहराती नजर आए तमाम बातों को लेकर उप मंडल अधिकारी से बातचीत की है जिस पर उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल तक मेला ग्राउंड को साफ कर दिया जाएगा लेकिन हम लोगों ने प्रशासन को 2 दिन और दिए हैं कि 19 अप्रैल तक मेला ग्राउंड साफ कर दिया जाए इसके बाद अगर ऐसा नहीं होता है तो सुजानपुर के लोग संबंधित विषय पर आक्रोशित होकर प्रशासन का घेराव करेगे,
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    सुजानपुर
होली मेला संपन्न होने के बाद मेला ग्राउंड को साफ नहीं किया गया जिसके चलते प्रशासन ने संबंधित ठेकेदार के ऊपर कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया है इसके साथ-साथ मैदान के भीतर गंदगी फैलाने इसकी सुंदरता को नष्ट करने को लेकर भी एक व्यक्ति पर कार्रवाई की गई है यह जानकारी मेला एवं उपमंडल अधिकारी विकास शुक्ला ने गुरुवार को कार्यालय में मेला ग्राउंड की सफाई को लेकर उनसे मिलने आए विशेष प्रतिनिधि मंडल के सामने दी है अधिकारी ने बताया कि मेला संपन्न होने के बाद मेला ग्राउंड की सफाई हो जानी चाहिए थी लेकिन ऐसा क्यों नहीं किया किया इसको लेकर नोटिस जारी किया गया है इसके साथ-साथ 19 अप्रैल तक मेला ग्राउंड पूरी तरह साफ होगा उसके बाद में गड्ढा भरपाई का कार्य शुरू किया जाएगा अधिकारी से मिलने आए विशेष प्रतिनिधिमंडल की ओर से कविंदर गुप्ता ने जानकारी देते हैं बताएं कि हम तमाम लोगों से सुजानपुर शहर के रहने वाले हैं और मैदान की दुर्दशा को लेकर बेहद चिंतित है मैदान जो सुजानपुर और उसके साथ-साथ पूरे प्रदेश का आकर्षण का केंद्र था आज पूरी तरह खून के आंसू हो रहा है मैदान की सफाई हो गड्ढा भरपाई का कार्य हो मैदान के भीतर फिर से मखमली खास लहराती नजर आए तमाम बातों को लेकर उप मंडल अधिकारी से बातचीत की है जिस पर उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल तक मेला ग्राउंड को साफ कर दिया जाएगा लेकिन हम लोगों ने प्रशासन को 2 दिन और दिए हैं कि 19 अप्रैल तक मेला ग्राउंड साफ कर दिया जाए इसके बाद अगर ऐसा नहीं होता है तो सुजानपुर के लोग संबंधित विषय पर आक्रोशित होकर प्रशासन का घेराव करेगे,
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
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