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Metro Enterprises बना मुरादनगर की पहचान, सबसे सस्ता केमिकल और निर्माण सामान उपलब्ध
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Metro Enterprises बना मुरादनगर की पहचान, सबसे सस्ता केमिकल और निर्माण सामान उपलब्ध
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- गाजियाबाद: बाप बना दरिंदा, अपनी ही ढाई साल की बेटी से दरिंदगी, मां ने रिकॉर्ड कर खोला राज। गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में ढाई साल की मासूम बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के प्रयास का सनसनीखेज मामला सामने आया। मां ने आरोपी पिता को रंगेहाथों पकड़कर वीडियो सबूत के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।1
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- गाजियाबाद विजय नगर के अंतर्गत आने वाले गौतम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, चंद पैसों के लिए बच्चों के पूरे साल का भविष्य खराब डिमांड पूरी न करने पर पेरेंट्स कभी अपमान बच्चों को भी शिक्षा में बैठने ना देने की चेतावनि। संवाददाता पवन सूर्यवंशी एनसीआर एक बार फिर इंसानियत को तार तार करने का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के योगी सरकार के राज में प्राइवेट स्कूल जो की मैडम के कहने से प्राइवेट प्रॉपर्टी पर बना है। शिक्षा विभाग से लेकर सरकार तक को कानून को दर् किनार कर। अपने ही रूल से चलेगा स्कूल गौतम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल सै°11 प्रताप विहार स्कूल की प्रधानाचार्य का कहना बच्चों एवं उनके पेरेंट्स को अपने स्टाफ के द्वारा हटा पाई और अद्भुत भाषा का प्रयोग किया गया यहां तलक की पत्रकारों के साथ भी की गई आवानिय घटना महिला होने के कारण चिल्ला चिल्ला कर एवं अभद्र भाषा का प्रयोग कर गौतम पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य एवं स्टाफ नेकी अभिभावकों के साथ बस सालों की सारी घटना को दैनिक चक्र एवं मीडिया के संवाददाता पवन सूर्यवंशी। द्वारा अभिभावकों ने सूचना दी। यह कल ही हमारे बच्चों के पेपर हैं और मैडम अटेंडेंस के नाम पर अवैध वसूली या फिर एमबीबीएस डॉक्टर के द्वारा बीमारी का सर्टिफिकेट लेकर आओ कुछ अभिभावक जो गरीब दर्जे से हैं। मेहनत मजदूरी कर कर अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उन्होंने फरवरी मास की फीस भर दी है लेकिन मार्च की फीस नहीं जमा की जबकि मार्च अभी अगले महीने हैं बच्चों के माता-पिता ने स्कूल परिषद के स्टाफ से बोला गया कि हम हर मंथली मजदूरी के जो पैसे मिलते हैं डबल नहीं मिल पाए इतनी महंगाई में हम आपको अगले महीने ही फीस को दे पाएंगे। लेकिन स्टाफ ने फटकार लगाते हुए कहा हमें कुछ लेना-देना नहीं है। मार्च की फीस जमा होगी तो कल तुम्हारे बच्चों के पेपर एग्जाम में बैठ पाएंगे वरना नहीं ऐसे ही अनेकों बच्चों के माता-पीताओं से हमने वार्तालाप की और उनसे। कि सारे मामला क्या है सभी के हमारे पास एविडेंस मौजूद है। एक तरफ योगी सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ। कैसे बचाए इन जैसे चंद स्कूलों के प्रधानाचार्य मैडम साहिबा का दिमाग ही इतना गर्म है की बात करने के लिए ही तैयार नहीं , घमंड और चिल्लाकर बस पता नहीं कौन-कौन इन लोगों को ऐसा करने के लिए सपोर्ट करते हैं। मामला जब हुआ तो यह बात इतनी टूल लेने लगी आंखें तरह फैल गई सभी पत्रकारों को अभिभावको द्वारा सूचना मिली पेरेंट्स और पत्रकार महोदय से बोला गया। यहां स्कूल में ऐसे ही काफी दिनों से चल रहा है। लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती जिनकी मनमानी होती रहती है। इसलिए आज जो घटना हुई है। सभी पत्रकार मौके पर इस घटना का जायजा ले रहे थे। यह घटना करीब सुबह 9:30 से 10:30 बजे के बीच की है सभी अभिभावक उनके बच्चे और मीडिया कर्मी स्कूल के बाहर ही इंतजार करते खड़े रहे जब 12:00 गए सब स्टाफ मैनेजर को सूचना दी गई की मैडम प्रिंसिपल मैडम से मुलाकात करनी है।अंदर से ही सीसीटीवी कैमरा में देखकर प्रधानाचार्य ने बोला बोल दो यहां पर है नहीं। जब 12:30 1:00 अभिभावा कौन है बोल कि वह मैडम अंदर ही है लेकिन यह लोग मिलने नहीं दे रहे हैं तब सभी पत्रकार जन एवं बच्चों के पेरेंट्स और बच्चे स्कूल की प्रधानाचार्य से बात करने के लिए अंदर जा ही रहे थे तभी स्टाफ ने की बदतमीजी और जो मैडम वहां पर थी ही नहीं फिर वह भी चिल्लाती हुई सभी पर हाथापाई पर उधर आई सभी पेरेंट्स हो गए फोन एवं उनके स्टाफ द्वारा बदतमीजी की गई। जब प्रधानाचार्य मैडम बदतमीजी पर उतर आई तो 112 पर पत्रकारों द्वारा ही सूचना दी गई। सभी लोग बाहर खड़े रहे पुलिस द्वारा सूचना मिलने पर प्रताप विहार चौकी इंचार्ज उमेश कुमार यादव वहां पर पहुंचे पुणे 1 घंटे तक अंदर क्या बातें हुई कोई सूचना किसी अभिभावक को नहीं दी गई ना ही पत्रकारों को द्वारा पुलिस द्वारा सूचित किया गया। उनके भाव से बस मामले को पुलिस द्वारा भी दबा दिया गया। उनकी बातों से जाहिर हुआ। आखिर कब तक पिसेगे गरीब मजदूर परिवार। पढ़ाई के लिए ही अभिभावक अपने बच्चों की साल खराब ना हो इसलिए गुहार लगाई थी। प्रिंसिपल मैडम साहिबा बोलती है जो करना है कर लो यह प्राइवेट प्रॉपर्टी है इसमें मेरे रूल चलेंगे इसमें किसी के रूल नहीं चलेंगे। सरकार की आड़ में चल रहे इस स्कूल को कृपया संज्ञान में लें लोगों के साथ हो रही जाजति बच्चों का अभिभावकों पर बच्चों के भविष्य को लेकर सरकारी अधिकारी जांच करें चाहे प्राइवेट प्रॉपर्टी पर बना हुआ है स्कूल चॉइस को पब्लिक नाम क्यों दिया गया है। एक बड़ा सवाल यह है अभिभावक अभी तलक इस स्कूल को सरकार की देखरेख में समझ रहे थे। इसलिए माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से लेकर सरकारी अधिकारी गाजियाबाद डीएम महोदय श्रीमान रविंद्र कुमार माॅदंड जी एवं शिक्षा अधिकारी उत्तर प्रदेश एव शिक्षा अधिकारी मेरठ मंडल से लोगों ने गुहार लगाई है कृपया कर कर लोगों की इस सुविधा इस कठिन स्थिति में उनके बच्चों की साल खराब ना हो। जो भी वहां बच्चे पढ़ रहे हैं ज्यादातर मिडिल क्लास एवं लो क्लास के हैं मिडिल क्लास कहीं ना कहीं से इंतजाम कर देते हैं डबल फीस का लेकिन जो लोग क्लास के हैं। उनके माता-पिता का कहना है हम लोग लोगों के घर में खाना बनाने का झाड़ू पोछा का काम करते हैं और कहना है कि हम नहीं पड़े लेकिन हमें चाहते कि हमारा बच्चा पढ़ लिखकर अच्छा इंसान बने यही उम्मीद से अपने पेट काट कर इन लोगों की फीस भरते हैं खाने के बारे में भी सोचते हैं पहले उनकी फीस टाइम से भरते हैं उन्हें हर महीने अपने घर को चलाने के लिए बहुत कुछ सोचना समझना पड़ता है। कितने विभागों को ने बोला भी हम लोगों को डबल तनखा नहीं दे सकता कोई भी हम हर महीने ही आपको पे कर पाएंगे यह बातें पहले से ही क्लियर थी लेकिन जैसे-जैसे बच्चों के फाइनल एग्जाम आए इन लोगों की नियत बदल गई। अब अब उन मां-बाप के आंखें नम थी शासन एवं प्रशासन से सभी लोगों ने गुहार लगाई है। मीडिया के द्वारा सोशल मीडिया के द्वारा ऐसे स्कूल जो लोग पहले झांसा देकर फिर अपनी बातों को मनमानी के रूप में अभिभावकों पर और बच्चों पर लाध देते हैं। ऐसे स्कूलों पर जल्द से जल्द इस स्कूल के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बच्चों के पूरी साल के खराब होने का अभिभावको को खतरा। एक अटेंडेंस के ₹100 _ 10 अटेंडेंस के ₹1000 दो नहीं तो एडमिट कार्ड नहीं देंगे। ऐसे ही अलग-अलग अभिभावकों की अलग-अलग सूची देखने को मिली किसी से जबरन आगामी फीस आगामी महीने की फीस को लेकर बच्चों को एडमिट कार्ड नहीं दिया जाएगा किसी की फीस जमा है लेकिन उसको भी एमबीबीएस डॉक्टर द्वारा सर्टिफिकेट या फिर पैसों के द्वारा भरपाई कर बच्चों को शिक्षा में बैठने दिया जाएगा अभिभावको दोबारा बताया गया फीस के मामले में अच्छे स्कूलों से भी ज्यादा। बच्चों की पढ़ाई की सुविधा। जमीन स्तर पर लो कलास बस पैसा सब कुछ उनकी नजरों में अभिभावक लोगों को न्याय मिलना चाहिए अभिभावकों को सुरक्षा, बच्चों का फोन जब तो हो यह समझ में आता है लेकिन माता-पिता के भी फोन उनके स्टाफ द्वारा अपने कब्जे में रख लिए जाते हैं तब ही कभी साल में या 6 महीने में एक बार मिलने दिया जाता है प्रिंसिपल महोदय से वरना स्टॉप कर देता है मनमानी से मना चार से पांच घंटे इंतजार करते हैं अभिभावक परेशान होकर निरसा खाली हाथ जाना पड़ता है स्कूलपरिसर से। अपने काम की छुट्टी कर कर उनके दफ्तरों में चक्कर लगाकर खाकर उनकी मनमानी को मानने पर मजबूर हो जाते हैं क्योंकि सवाल है पढ़ाई का बच्चों की जिंदगी का। स्कूल द्वारा उनके अभी बाबा के ऊपर होते इस अत्याचार को बच्चे सहन कर रहे हैं आखिर उन पर स्कूल द्वारा ऐसा करने से उनकी मानसिकता हालत कैसी होगी सोचने वाली बात है। सरकार रात दिन शिक्षा को लेकर हजारों प्रकार की सुविधा आम जनमानस के लिए स्कूलों के फोटो प्रोटोकॉल चलाए जाते हैं लेकिन उन पर अमल होते हुए चंद लोग ही अपने स्कूल में सरकार द्वारा रूल फॉलो करते हैं । इंसाफ मिलना चाहिए। यहां तक की पत्रकारों के साथ भी स्कूल के कुछ प्रोटोकॉल होते हैं उनके धजिया उड़ते हुए मिली है स्कूल की प्रिंसिपल मैडम। एक उनका लड़का एंव स्टाफ मेंबर महिला मेंबर्स द्वारा सभी पत्रकार एवं वहां पर अभिभावक को के फोनों को हाथ मार कर दौड़ने की कोशिश की गई। कितनों के फोन की स्क्रीन पर टूटने के निशान पर भी पड़ गए हैं। सवाल यह है आखिर इतनी हिम्मत इन लोगों को कहां से आती है आखिर कौन है इनके पीछे खबरों का दंगल जब तक इन लोगों को इंसाफ नहीं मिल जाता आम जनता के लिए हम रोज अपने खबर में प्रकाशित करेंगे। इतना कुछ होने के बावजूद भी स्कूल परिषद मैडम द्वारा एक मैसेज तक नहीं दिया गया कि आप बेफिक्र रहिए स्कूल आप सभी के साथ है,,,,,? ऐसे स्कूल वाले मां सरस्वती के,साथ-साथ निरादर करते हैं। सभी साक्ष्यप हमारे पास सुरक्षित है। स्कूल के प्रिंसिपल से लेकर स्टाफ तक उनके किरदार से रूबरू हुए हैं आज। हर स्कूल के प्रोटोकॉल होते हैं जो सरकार के मध्य नजर रखते हुए दिए जाते हैं। लेकिन यहां की व्यवस्था अभिभावकों के सम्मान के प्रति देखा है बात करने के लहजे से। दैनिक चक्र मीडिया संवाददाता पवन सूर्यवंशी उत्तर प्रदेश द्वारा एवं खबरों के दंगल दैनिक पत्रिका संवाददाता पवन सूर्यवंशी NCR UP, खबरों चलाने पर धमकी भी मिली है कि आप लोगों पर कार्यवाही होगी। अब देखना यह है की सच्च जीतता है या फिर झूठ का बोलबाला होता है। पत्रकारों के सम्मान की है बात। इस तरह से बच्चों को या अभिभावकों को प्रताड़ित करेंगे। कहीं किसी ने अनुच्छेद कदम उठा लिया तो कौन होगा जिम्मेदार पूछती है जनता। अब देखना यह है बच्चों के अभिभावक जीते हैं या यह रसूखदार प्राइवेट प्रॉपर्टी पर स्कूल खोलकर लोगों के पैसों पर दिखाई अपने बुरे किरदार वालों की जीत।4
- GAZIYABAAD DESK:- कूड़ाघर को हटाने की मांग को लेकर पुलिस व किसानों के बीच हुई झड़प, हुआ पथराव और लाठीचार्ज।1
- साहिबाबाद स्टेशन वाली सड़क पर नाला बनने से रोड पर भरा हुआ है गंदा पानी आने जाने वाले लोग हैं परेशान संवाददाता रेनू पुरी की रिपोर्ट3
- प्रधान यहां का कोई काम नहीं करता है देख क कितनी ग़नदकी है यहा डसना गाजियाबाद उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ जी से निवेदन हैं 🙏🙏1
- Post by पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी1
- फर्जी ई-चालान से अलर्ट! RTO के बाद अब कोर्ट के नाम पर ई-चालान ठगी का जाल, तीन महीनों में बढ़े मामले… अगर आपके मोबाइल पर हाईकोर्ट के नाम से ई-चालान का मैसेज आए तो उस पर क्लिक करने के पहले ऑफिशियल वेबसाइट से इसकी जांच कर लें। हो सके तो आरटीओ के अधिकारी से इसकी जानकारी ले लें। हो सकता है यह साइबर ठगों की ओर से भेजा गया मैसेज हो। दरअसल, आरटीओ के बाद अब साइबर ठग कोर्ट का नाम लेकर फर्जी ई-चालान भेज रहे हैं। राजधानी में बीते तीन महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां लोगों को मैसेज और ङ्क्षलक भेजकर पैसे ऐंठे जा रहे हैं। झांसे में आकर कई लोग लाखों रुपए गंवा चुके हैं। ठग गाड़ी नंबर, आधार से जुड़ी जानकारी, वाहन मालिक का नाम और यहां तक कि चेचिस नंबर का इस्तेमाल कर लोगों को भरोसे में लेते हैं।1