जनता से सीधा संवाद एवं समस्याओं का शत-प्रतिशत निराकरण करने चलेगा मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 जनता से सीधा संवाद एवं समस्याओं का शत-प्रतिशत निराकरण करने चलेगा मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 7 अगस्त से शुरू होकर 8 जनवरी 2027 तक चलेगा अभियान मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेस में दिये निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रदेश की जनता से सीधा संवाद एवं जुड़ाव स्थापित करने और समस्याओं का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 आगामी 7 अगस्त से प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान आगामी 8 जनवरी 2027 तक संचालित होगा। इस अभियान को लेकर मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णवाल ने 29 जुलाई को वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से सभी कलेक्टर्स एवं कमिश्नर्स की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस बैठक में कलेक्टर श्री मृणाल मीना, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ एवं अपर कलेक्टर श्री जी एस धुर्वे उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि यह अभियान सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की पहल है। अभियान का उद्देश्य केवल शिकायतों का निराकरण करना नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास एवं सहभागिता को मजबूत करते हुए सुशासन की अवधारणा को व्यवहार में उतारना है। प्रत्येक शुक्रवार जनता के बीच रहेगा प्रशासन अभियान के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह शुक्रवार को प्रदेश भर में विशेष फील्ड भ्रमण किया जाएगा। इस दिन अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित नहीं होंगी तथा पूरा दिन केवल मैदानी भ्रमण, जनसंवाद एवं समस्याओं के निराकरण के लिए समर्पित रहेगा। भोपाल से लेकर संभाग एवं जिला स्तर तक सभी वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करेंगे। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों से सीधा संवाद करेंगे और शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगे। जिला कलेक्टर प्रत्येक भ्रमण क्षेत्र का चयन एक सप्ताह पूर्व करेंगे तथा इसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों को देंगे। अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार मीडिया के माध्यम से किया जाएगा, जिससे अधिकाधिक नागरिक अभियान से जुड़ सकें। भ्रमण से पहले होगी लंबित प्रकरणों की समीक्षा भ्रमण से पूर्व संबंधित क्षेत्र में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जनसुनवाई तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा कर उनके शत-प्रतिशत निराकरण का प्रयास किया जाएगा। भ्रमण के दौरान प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का भी यथासंभव मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। भ्रमण से पूर्व एवं भ्रमण के बाद लंबित प्रकरणों की तुलना कर जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा तथा अभियान की नियमित समीक्षा मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव स्तर पर की जाएगी। जन संवाद और उद्योग संवाद पर रहेगा विशेष फोकस प्रत्येक शुक्रवार जिला कलेक्टर अपने जिले के अधिकारियों के साथ फील्ड भ्रमण करेंगे। इस दौरान जन संवाद एवं उद्योग संवाद आयोजित किए जाएंगे। उद्योग संवाद में वृहद, एमएसएमई तथा कुटीर उद्योगों से जुड़े उद्यमियों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न जिलों का भ्रमण करेंगे। मुख्यमंत्री के भ्रमण वाले जिले में समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। अभियान के प्रथम चरण में अगस्त माह के लिए बड़वानी, सीधी, श्योपुर तथा पांढुर्ना जिले निर्धारित किए गए हैं। प्रमुख विषयों पर होगी व्यापक समीक्षा अभियान के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई की लंबित शिकायतों, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रकरणों, अविवादित नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारे, न्यायालयीन आदेशों के पालन, किसान फार्मर आईडी निर्माण, आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी की ई-केवाईसी, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आंगनवाड़ी सेवाओं, स्वास्थ्य संस्थानों, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों, खाद-बीज उपलब्धता, सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की व्यापक समीक्षा कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। शासकीय संस्थानों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों का होगा निरीक्षण इसके साथ ही सड़कों, तालाबों, अमृत सरोवरों, बांधों, जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित संरचनाओं, शासकीय भवनों तथा अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निरीक्षण किया जाएगा। आईटीआई, मेडिकल कॉलेज, प्राथमिक सहकारी समितियों, तहसीलों, कृषि उपज मंडियों, मदिरा दुकानों, पुलिस थानों, लोक सेवा केन्द्रों, शासकीय देवस्थानों एवं औद्योगिक क्षेत्रों सहित विभिन्न शासकीय संस्थानों का निरीक्षण किया जाएगा। खाद-बीज विक्रेताओं, गैस गोदामों, पेट्रोल पम्पों, विस्फोटक एवं पटाखा लाइसेंसधारियों, अधिकृत शस्त्र विक्रेताओं तथा निजी विद्यालयों का भी निरीक्षण किया जाएगा। कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी विशेष नजर अभियान के अंतर्गत क्षेत्र में कानून-व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दिव्यांग पेंशन सहित विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंच रहा है अथवा नहीं, इसका भी आकलन किया जाएगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर चिन्हित प्रमुख समस्याओं, शिकायतों एवं चुनौतियों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा। सादगी और मितव्ययिता होगी अभियान की विशेषता मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान सादगी एवं मितव्ययिता के सिद्धांतों पर संचालित होगा। अभियान के दौरान अनावश्यक साज-सज्जा एवं गैर-जरूरी व्यय से परहेज किया जाएगा। वाहनों की पूलिंग व्यवस्था अपनाई जाएगी तथा संवाद कार्यक्रम शासकीय संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग करते हुए आयोजित किए जाएंगे।
जनता से सीधा संवाद एवं समस्याओं का शत-प्रतिशत निराकरण करने चलेगा मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 जनता से सीधा संवाद एवं समस्याओं का शत-प्रतिशत निराकरण करने चलेगा मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 7 अगस्त से शुरू होकर 8 जनवरी 2027 तक चलेगा अभियान मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेस में दिये निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रदेश की जनता से सीधा संवाद एवं जुड़ाव स्थापित करने और समस्याओं का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 आगामी 7 अगस्त से प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान आगामी 8 जनवरी 2027 तक संचालित होगा। इस अभियान को लेकर मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णवाल ने 29 जुलाई को वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से सभी कलेक्टर्स एवं कमिश्नर्स की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस बैठक में कलेक्टर श्री मृणाल मीना, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ एवं अपर कलेक्टर श्री जी एस धुर्वे उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि यह अभियान सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की पहल है। अभियान का उद्देश्य केवल शिकायतों का निराकरण करना नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास एवं सहभागिता को मजबूत करते हुए सुशासन की अवधारणा को व्यवहार में उतारना है। प्रत्येक शुक्रवार जनता के बीच रहेगा प्रशासन अभियान के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह शुक्रवार को प्रदेश भर में विशेष फील्ड भ्रमण किया जाएगा। इस दिन अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित नहीं होंगी तथा पूरा दिन केवल मैदानी भ्रमण, जनसंवाद एवं समस्याओं के निराकरण के लिए समर्पित रहेगा। भोपाल से लेकर संभाग एवं जिला स्तर तक सभी वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करेंगे। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों से सीधा संवाद करेंगे और शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगे। जिला कलेक्टर प्रत्येक भ्रमण क्षेत्र का चयन एक सप्ताह पूर्व करेंगे तथा इसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों को देंगे। अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार मीडिया के माध्यम से किया जाएगा, जिससे अधिकाधिक नागरिक अभियान से जुड़ सकें। भ्रमण से पहले होगी लंबित प्रकरणों की समीक्षा भ्रमण से पूर्व संबंधित क्षेत्र में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जनसुनवाई तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा कर उनके शत-प्रतिशत निराकरण का प्रयास किया जाएगा। भ्रमण के दौरान प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का भी यथासंभव मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। भ्रमण से पूर्व एवं भ्रमण के बाद लंबित प्रकरणों की तुलना कर जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा तथा अभियान की नियमित समीक्षा मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव स्तर पर की जाएगी। जन संवाद और उद्योग संवाद पर रहेगा विशेष फोकस प्रत्येक शुक्रवार जिला कलेक्टर अपने जिले के अधिकारियों के साथ फील्ड भ्रमण करेंगे। इस दौरान जन संवाद एवं उद्योग संवाद आयोजित किए जाएंगे। उद्योग संवाद में वृहद, एमएसएमई तथा कुटीर उद्योगों से जुड़े उद्यमियों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न जिलों का भ्रमण करेंगे। मुख्यमंत्री के भ्रमण वाले जिले में समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। अभियान के प्रथम चरण में अगस्त माह के लिए बड़वानी, सीधी, श्योपुर तथा पांढुर्ना जिले निर्धारित किए गए हैं। प्रमुख विषयों पर होगी व्यापक समीक्षा अभियान के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई की लंबित शिकायतों, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रकरणों, अविवादित नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारे, न्यायालयीन आदेशों के पालन, किसान फार्मर आईडी निर्माण, आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी की ई-केवाईसी, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आंगनवाड़ी सेवाओं, स्वास्थ्य संस्थानों, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों, खाद-बीज उपलब्धता, सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की व्यापक समीक्षा कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। शासकीय संस्थानों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों का होगा निरीक्षण इसके साथ ही सड़कों, तालाबों, अमृत सरोवरों, बांधों, जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित संरचनाओं, शासकीय भवनों तथा अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निरीक्षण किया जाएगा। आईटीआई, मेडिकल कॉलेज, प्राथमिक सहकारी समितियों, तहसीलों, कृषि उपज मंडियों, मदिरा दुकानों, पुलिस थानों, लोक सेवा केन्द्रों, शासकीय देवस्थानों एवं औद्योगिक क्षेत्रों सहित विभिन्न शासकीय संस्थानों का निरीक्षण किया जाएगा। खाद-बीज विक्रेताओं, गैस गोदामों, पेट्रोल पम्पों, विस्फोटक एवं पटाखा लाइसेंसधारियों, अधिकृत शस्त्र विक्रेताओं तथा निजी विद्यालयों का भी निरीक्षण किया जाएगा। कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी विशेष नजर अभियान के अंतर्गत क्षेत्र में कानून-व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दिव्यांग पेंशन सहित विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंच रहा है अथवा नहीं, इसका भी आकलन किया जाएगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर चिन्हित प्रमुख समस्याओं, शिकायतों एवं चुनौतियों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा। सादगी और मितव्ययिता होगी अभियान की विशेषता मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान सादगी एवं मितव्ययिता के सिद्धांतों पर संचालित होगा। अभियान के दौरान अनावश्यक साज-सज्जा एवं गैर-जरूरी व्यय से परहेज किया जाएगा। वाहनों की पूलिंग व्यवस्था अपनाई जाएगी तथा संवाद कार्यक्रम शासकीय संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग करते हुए आयोजित किए जाएंगे।
- जनता से सीधा संवाद एवं समस्याओं का शत-प्रतिशत निराकरण करने चलेगा मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 जनता से सीधा संवाद एवं समस्याओं का शत-प्रतिशत निराकरण करने चलेगा मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 7 अगस्त से शुरू होकर 8 जनवरी 2027 तक चलेगा अभियान मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेस में दिये निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रदेश की जनता से सीधा संवाद एवं जुड़ाव स्थापित करने और समस्याओं का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 आगामी 7 अगस्त से प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान आगामी 8 जनवरी 2027 तक संचालित होगा। इस अभियान को लेकर मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णवाल ने 29 जुलाई को वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से सभी कलेक्टर्स एवं कमिश्नर्स की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस बैठक में कलेक्टर श्री मृणाल मीना, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ एवं अपर कलेक्टर श्री जी एस धुर्वे उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि यह अभियान सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की पहल है। अभियान का उद्देश्य केवल शिकायतों का निराकरण करना नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास एवं सहभागिता को मजबूत करते हुए सुशासन की अवधारणा को व्यवहार में उतारना है। प्रत्येक शुक्रवार जनता के बीच रहेगा प्रशासन अभियान के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह शुक्रवार को प्रदेश भर में विशेष फील्ड भ्रमण किया जाएगा। इस दिन अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित नहीं होंगी तथा पूरा दिन केवल मैदानी भ्रमण, जनसंवाद एवं समस्याओं के निराकरण के लिए समर्पित रहेगा। भोपाल से लेकर संभाग एवं जिला स्तर तक सभी वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करेंगे। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों से सीधा संवाद करेंगे और शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगे। जिला कलेक्टर प्रत्येक भ्रमण क्षेत्र का चयन एक सप्ताह पूर्व करेंगे तथा इसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों को देंगे। अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार मीडिया के माध्यम से किया जाएगा, जिससे अधिकाधिक नागरिक अभियान से जुड़ सकें। भ्रमण से पहले होगी लंबित प्रकरणों की समीक्षा भ्रमण से पूर्व संबंधित क्षेत्र में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जनसुनवाई तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा कर उनके शत-प्रतिशत निराकरण का प्रयास किया जाएगा। भ्रमण के दौरान प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का भी यथासंभव मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। भ्रमण से पूर्व एवं भ्रमण के बाद लंबित प्रकरणों की तुलना कर जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा तथा अभियान की नियमित समीक्षा मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव स्तर पर की जाएगी। जन संवाद और उद्योग संवाद पर रहेगा विशेष फोकस प्रत्येक शुक्रवार जिला कलेक्टर अपने जिले के अधिकारियों के साथ फील्ड भ्रमण करेंगे। इस दौरान जन संवाद एवं उद्योग संवाद आयोजित किए जाएंगे। उद्योग संवाद में वृहद, एमएसएमई तथा कुटीर उद्योगों से जुड़े उद्यमियों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न जिलों का भ्रमण करेंगे। मुख्यमंत्री के भ्रमण वाले जिले में समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। अभियान के प्रथम चरण में अगस्त माह के लिए बड़वानी, सीधी, श्योपुर तथा पांढुर्ना जिले निर्धारित किए गए हैं। प्रमुख विषयों पर होगी व्यापक समीक्षा अभियान के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई की लंबित शिकायतों, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रकरणों, अविवादित नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारे, न्यायालयीन आदेशों के पालन, किसान फार्मर आईडी निर्माण, आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी की ई-केवाईसी, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आंगनवाड़ी सेवाओं, स्वास्थ्य संस्थानों, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों, खाद-बीज उपलब्धता, सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की व्यापक समीक्षा कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। शासकीय संस्थानों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों का होगा निरीक्षण इसके साथ ही सड़कों, तालाबों, अमृत सरोवरों, बांधों, जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित संरचनाओं, शासकीय भवनों तथा अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निरीक्षण किया जाएगा। आईटीआई, मेडिकल कॉलेज, प्राथमिक सहकारी समितियों, तहसीलों, कृषि उपज मंडियों, मदिरा दुकानों, पुलिस थानों, लोक सेवा केन्द्रों, शासकीय देवस्थानों एवं औद्योगिक क्षेत्रों सहित विभिन्न शासकीय संस्थानों का निरीक्षण किया जाएगा। खाद-बीज विक्रेताओं, गैस गोदामों, पेट्रोल पम्पों, विस्फोटक एवं पटाखा लाइसेंसधारियों, अधिकृत शस्त्र विक्रेताओं तथा निजी विद्यालयों का भी निरीक्षण किया जाएगा। कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी विशेष नजर अभियान के अंतर्गत क्षेत्र में कानून-व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दिव्यांग पेंशन सहित विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंच रहा है अथवा नहीं, इसका भी आकलन किया जाएगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर चिन्हित प्रमुख समस्याओं, शिकायतों एवं चुनौतियों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा। सादगी और मितव्ययिता होगी अभियान की विशेषता मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान सादगी एवं मितव्ययिता के सिद्धांतों पर संचालित होगा। अभियान के दौरान अनावश्यक साज-सज्जा एवं गैर-जरूरी व्यय से परहेज किया जाएगा। वाहनों की पूलिंग व्यवस्था अपनाई जाएगी तथा संवाद कार्यक्रम शासकीय संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग करते हुए आयोजित किए जाएंगे।1
- साखा में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, साखा स्कूल परिसर में हुआ वृहद वृक्षारोपण अभियान, साखा में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, साखा स्कूल परिसर में हुआ वृहद वृक्षारोपण अभियान, 29 जुलाई को ग्राम पंचायत साखा में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरपंच कपीनाथ महोबिया की पहल पर शासकीय स्कूल परिसर में वृहद वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया। अभियान में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मिलकर नीम, पीपल, बरगद, गुलमोहर सहित विभिन्न फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम के दौरान सरपंच कपीनाथ महोबिया ने कहा कि वृक्ष केवल छाया और फल ही नहीं देते, बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा नैतिक दायित्व है। यदि आज अधिक से अधिक पौधे नहीं लगाए गए तो भविष्य में स्वच्छ हवा और पानी के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। उन्होंने स्कूल परिसर में पौधरोपण का उद्देश्य बच्चों में बचपन से ही पर्यावरण के प्रति जागरूकता और प्रेम विकसित करना बताया। सरपंच ने कोरोना काल का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑक्सीजन की कमी ने पूरे देश को यह एहसास कराया कि पेड़-पौधों का महत्व कितना बड़ा है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण से आने वाली पीढ़ियां स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जी सकेंगी। कार्यक्रम में जनपद सदस्य, पंचायत के पंच, शिक्षक, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल का संकल्प लिया। पंचायत की ओर से पौधों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का भी भरोसा दिलाया गया। अंत में सरपंच कपीनाथ महोबिया ने कहा कि ग्राम पंचायत साखा को हरित एवं स्वच्छ पंचायत बनाने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार के पर्यावरण संरक्षण अभियान लगातार चलाए जाएंगे।1
- "याद है... यही वो जर्जर आंगनवाड़ी भवन था, जो कभी भी मासूम बच्चों की जान ले सकता था।" "याद है... यही वो जर्जर आंगनवाड़ी भवन था, जो कभी भी मासूम बच्चों की जान ले सकता था।"1
- *खबर के बाद जागा प्रशासन, जर्जर आंगनवाड़ी भवन को किया डिस्मेंट मोहगांव सड़क -, 29 जुलाई। लगातार उठाई जा रही जनहित की मांग, समाचारों में प्रमुखता से प्रकाशित खबरों तथा स्थानीय ग्रामीणों की चिंता के बाद आखिरकार प्रशासन हरकत में आया। ग्राम पंचायत मोहगांव सड़क, जनपद पंचायत कुरई, जिला सिवनी स्थित अत्यंत जर्जर एवं दुर्घटनाग्रस्त आंगनवाड़ी भवन को बुधवार को प्रशासन की निगरानी में सुरक्षित तरीके से डिस्मेंटल (ध्वस्तीकरण) किया गया। इस कार्रवाई के दौरान महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी, कुरई, जनपद पंचायत कुरई से सब इंजीनियर श्री योगेंद्र कुमरे, ग्राम पंचायत के सचिव, सरपंच, पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। जेसीबी मशीन एवं ट्रैक्टर-ट्रॉली की सहायता से भवन को सावधानीपूर्वक हटाया गया ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। लंबे समय से जर्जर था भवन ग्राम मोहगांव सड़क का यह आंगनवाड़ी भवन कई वर्षों से अत्यंत जर्जर अवस्था में था। भवन की छत कमजोर हो चुकी थी, दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई थीं तथा बरसात के दौरान भवन की स्थिति और भी खतरनाक हो गई थी। कुछ समय पूर्व लगातार हुई बारिश के कारण भवन की बाउंड्री वॉल भी गिर गई थी, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई थी। ग्रामीणों के अनुसार छोटे-छोटे बच्चे भवन के आसपास खेलते रहते थे। यदि समय रहते प्रशासन कार्रवाई नहीं करता तो किसी भी दिन गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। समाचार प्रकाशित होने के बाद जागा प्रशासन जर्जर आंगनवाड़ी भवन की बदहाल स्थिति को लेकर समाचार माध्यमों में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जनपद पंचायत कुरई के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और भवन को असुरक्षित घोषित करते हुए तत्काल डिस्मेंटल करने का निर्णय लिया। बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीन द्वारा भवन को सुरक्षित तरीके से तोड़ा गया तथा मलबे को ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई डिस्मेंटल कार्य के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जनपद पंचायत के अधिकारियों ने पूरे कार्य की निगरानी की। इस दौरान विशेष रूप से सब इंजीनियर श्री योगेंद्र कुमरे उपस्थित रहे। ग्राम पंचायत के सचिव, सरपंच एवं पंचों ने भी सहयोग किया तथा ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। कार्रवाई के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि आसपास मौजूद पेड़ों, विद्युत लाइन एवं अन्य संरचनाओं को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। ग्रामीणों ने ली राहत की सांस भवन हटाए जाने के बाद ग्रामवासियों ने राहत व्यक्त करते हुए कहा कि अब बच्चों एवं आम नागरिकों के सिर पर मंडरा रहा खतरा टल गया है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से वे नए आंगनवाड़ी भवन की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों ने प्रशासन से अनुरोध किया कि पुराने भवन को हटाने के साथ-साथ शीघ्र ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए, ताकि बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। नई इमारत की मांग हुई तेज ग्रामीणों का कहना है कि आंगनवाड़ी केवल बच्चों के पोषण का केंद्र नहीं है, बल्कि यह गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, टीकाकरण एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के संचालन का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। इसलिए नए भवन का निर्माण जल्द कराया जाना अत्यंत आवश्यक है। ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि नए भवन की स्वीकृति में विलंब न किया जाए। जिम्मेदार प्रशासनिक पहल की सराहना ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा समय पर की गई कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यदि समाचार प्रकाशित नहीं होता और लगातार मांग नहीं उठाई जाती, तो शायद यह कार्रवाई इतनी जल्दी संभव नहीं हो पाती। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी जनहित से जुड़े मामलों पर प्रशासन इसी प्रकार संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगा। फोटो कैप्शन फोटो: ग्राम पंचायत मोहगांव सड़क स्थित जर्जर आंगनवाड़ी भवन को महिला एवं बाल विकास विभाग एवं जनपद पंचायत कुरई के अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से डिस्मेंटल करते हुए। मौके पर सब इंजीनियर श्री योगेंद्र कुमरे, ग्राम पंचायत सचिव, सरपंच एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। समापन: मोहगांव सड़क में जर्जर आंगनवाड़ी भवन का सुरक्षित डिस्मेंटल होना न केवल संभावित दुर्घटना को टालने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जनहित से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाए जाने पर प्रशासन सकारात्मक कार्रवाई करता है। अब ग्रामीणों की निगाहें नए, सुरक्षित एवं आधुनिक आंगनवाड़ी भवन के शीघ्र निर्माण पर टिकी हैं।2
- दुग्ध प्रतिष्ठानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने ➖➖ #सिवनी/ कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद से संबंधित प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेने एवं निरीक्षण की कार्यवाही सतत जारी है। इसी क्रम में मंगलवार 28 जुलाई को सिवनी शहर भ्रमण हेतु चलित खाद्य प्रयोगशाला MFTL की सहायता से स्थित कृष्णा दूध डेयरी से दूध पनीर दही का नमूना, मदर डेरी से फुल क्रीम दूध ,दूध एवं दही का नमूना, मरावी दूध डेरी से गाय भैंस का मिश्रित दूध गाय का दूध भैंस का दूध एवं माही का नमूना, केवलारी स्थित ठाकुर खोया भंडार घी, खोया, अंबिका किराना स्टोर से मिर्च पाउडर वनस्पति एवं घी का नमूना, छपारा स्थित अनुष्का डेयरी से भैंस का दूध ,गुरु कृपा ट्रेडर्स से घी,अजय किराना से घी तथा श्री राम मिल्क डेयरी से दही और पनीर का नमूना गुणवत्ता जांच के लिए गए तथा शुद्ध गुणवत्तायुक्त दुग्ध एवं अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण विक्रय करने की समझाइस दी गई।1
- नहर पुलिया के पिलर से टकराई मोटरसाइकिल, 28 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने आया था युवक, रिश्तेदार को लेने जाते समय हुआ हादसा1