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जीतू पटवारी ने एक वीडियो संदेश के जरिए पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है, "मेरा नाम जीतू पटवारी है... याद रख लेना!" इसके साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए इस वीडियो के माध्यम से उनकी बात सुनने के लिए कहा है।
Narendra lodhi pichhore
जीतू पटवारी ने एक वीडियो संदेश के जरिए पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है, "मेरा नाम जीतू पटवारी है... याद रख लेना!" इसके साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए इस वीडियो के माध्यम से उनकी बात सुनने के लिए कहा है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट में खाड़ी के देशों से ऑनलाइन खाना भेजे जाने के मामले में कई तरह के दावे किए गए हैं। इस पर जब विदेश मंत्रालय से सवाल किया गया, तो मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि किसने और कैसे खाना ऑर्डर किया है। हालांकि, अधिकारी ने यह भी जोड़ा कि सब यह जानते हैं कि तमाम भारतीय खाड़ी के देशों में रहते हैं।1
- दतिया उपचुनाव के माहौल के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो संदेश के माध्यम से उन्होंने सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है।1
- शिवपुरी के खनियाधाना क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत पीपलखेड़ा में हेड पंप की समस्या का समाधान मात्र 2 दिन के भीतर कर दिया गया है। अगर आपके गाँव में भी इसी तरह की कोई जन समस्या बनी हुई है, तो आप भी अपनी समस्या साझा कर सकते हैं।1
- इन दिनों NEET पेपर लीक आंदोलन के दौरान सामान्य वर्ग के युवा हर्ष दुबे को मीडिया में आरक्षण के मुद्दे पर अपनी बात रखने का अवसर मिला है। NEET की विसंगतियों पर उनके तार्किक बयानों के आगे राजनीतिक पार्टियों के प्रवक्ताओं के मुंह सूख रहे हैं। हर्ष दुबे का स्पष्ट कहना है कि लोकतंत्र में सभी पक्षों की बात सुनी जानी चाहिए और किसी के साथ भी भेदभाव किए बिना सबको समान काउंसलिंग दी जानी चाहिए। भावुक होकर अपनी बात रखने वाले हर्ष दुबे का मुख्य सवाल यह है कि सामान्य वर्ग के मेधावी छात्रों के साथ अवसरों को लेकर जो असमानता महसूस की जाती है, उस पर खुली और गंभीर बहस क्यों नहीं होती? अक्सर जब उनकी बातों का कोई ठोस जवाब नहीं दिया जाता, तो बहस को मूल मुद्दे से भटकाकर "5000 साल" जैसे तर्कों की तरफ मोड़ दिया जाता है। उनका कहना है कि यदि लक्ष्य सामाजिक न्याय और समान अवसर प्रदान करना है, तो शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, सभी युवाओं को बेहतर व सुलभ शिक्षा देने और भर्ती प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष बनाने पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए। आरक्षण नीति पर अलग-अलग मत हो सकते हैं, लेकिन इस विषय पर तथ्यों और तर्कों के आधार पर खुली चर्चा होना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।1
- सोशल मीडिया पर कुछ युवाओं के व्यवहार और भाषा पर सवाल उठाते हुए सोच-समझकर कमेंट करने की बात कही गई है। इसमें साफ कहा गया है कि इंसान के शब्द उसकी सोच और संस्कारों को दर्शाते हैं, इसलिए गैर-जरूरी आक्रामकता या गलत भाषा सही नहीं है। किसी भी मुद्दे पर असहमति होने के बावजूद अपनी बात को हमेशा मर्यादित और सभ्य तरीके से ही व्यक्त किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया मंचों पर अभद्र या अश्लील भाषा का पूरी तरह से विरोध करते हुए महिलाओं के सम्मान को हर व्यक्ति का अनिवार्य कर्तव्य बताया गया है। इस बात पर जोर दिया गया है कि दूसरों को सम्मान देकर ही सम्मान पाया जा सकता है, इसलिए सोशल मीडिया पर शालीनता और मर्यादा बनी रहनी चाहिए।2
- उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने झांसी के रामनगर रोड, गुरसराय में 83.24 करोड़ रुपये की लागत से तैयार गरौठा-गुरसराय पेयजल पुनर्गठन योजना का लोकार्पण किया। इस महत्वाकांक्षी योजना के शुरू होने से गरौठा और गुरसराय नगर क्षेत्र के हजारों परिवारों को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल की सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। इस अवसर पर "वृक्षारोपण महाअभियान-2026" के तहत "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत मंत्री ए.के. शर्मा ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी सही देखभाल करने की अपील की। आयोजन स्थल पर व्यापक तैयारियां की गई थीं, जहाँ स्वागत के लिए मंच और होर्डिंग लगाए गए थे। इस दौरान स्थानीय विधायक जवाहर लाल राजपूत, शिक्षक विधायक डॉ. बाबूलाल तिवारी, बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा समेत भाजपा पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।3
- झांसी के गरौठा और गुरसराय नगर के निवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की बड़ी सौगात मिली है। उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने 83.24 करोड़ रुपये की लागत से तैयार गरौठा एवं गुरसराय पेयजल पुनर्गठन योजना का लोकार्पण किया। इस योजना के शुरू होने से क्षेत्र के हजारों परिवारों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति होगी। गरौठा में आयोजित एक भव्य समारोह में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ मंत्री ए.के. शर्मा ने पूजन-अर्चन कर योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक जवाहर लाल राजपूत, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप पटेल, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। करीब साढ़े सात हजार की आबादी को स्वच्छ, सुरक्षित और नियमित पेयजल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनी इस योजना से लोगों को लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।3
- अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि सरकार आज रात उन्हें हिरासत में लेने या गिरफ़्तार करने की कोशिश कर सकती है। उन्होंने आज रात ही इस प्रकार की संभावित कार्रवाई किए जाने की आशंका व्यक्त की है।1