इन दिनों NEET पेपर लीक आंदोलन के दौरान सामान्य वर्ग के युवा हर्ष दुबे को मीडिया में आरक्षण के मुद्दे पर अपनी बात रखने का अवसर मिला है। NEET की विसंगतियों पर उनके तार्किक बयानों के आगे राजनीतिक पार्टियों के प्रवक्ताओं के मुंह सूख रहे हैं। हर्ष दुबे का स्पष्ट कहना है कि लोकतंत्र में सभी पक्षों की बात सुनी जानी चाहिए और किसी के साथ भी भेदभाव किए बिना सबको समान काउंसलिंग दी जानी चाहिए। भावुक होकर अपनी बात रखने वाले हर्ष दुबे का मुख्य सवाल यह है कि सामान्य वर्ग के मेधावी छात्रों के साथ अवसरों को लेकर जो असमानता महसूस की जाती है, उस पर खुली और गंभीर बहस क्यों नहीं होती? अक्सर जब उनकी बातों का कोई ठोस जवाब नहीं दिया जाता, तो बहस को मूल मुद्दे से भटकाकर "5000 साल" जैसे तर्कों की तरफ मोड़ दिया जाता है। उनका कहना है कि यदि लक्ष्य सामाजिक न्याय और समान अवसर प्रदान करना है, तो शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, सभी युवाओं को बेहतर व सुलभ शिक्षा देने और भर्ती प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष बनाने पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए। आरक्षण नीति पर अलग-अलग मत हो सकते हैं, लेकिन इस विषय पर तथ्यों और तर्कों के आधार पर खुली चर्चा होना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
इन दिनों NEET पेपर लीक आंदोलन के दौरान सामान्य वर्ग के युवा हर्ष दुबे को मीडिया में आरक्षण के मुद्दे पर अपनी बात रखने का अवसर मिला है। NEET की विसंगतियों पर उनके तार्किक बयानों के आगे राजनीतिक पार्टियों के प्रवक्ताओं के मुंह सूख रहे हैं। हर्ष दुबे का स्पष्ट कहना है कि लोकतंत्र में सभी पक्षों की बात सुनी जानी चाहिए और किसी के साथ भी भेदभाव किए बिना सबको समान काउंसलिंग दी जानी चाहिए। भावुक होकर अपनी बात रखने वाले हर्ष दुबे का मुख्य सवाल यह है कि सामान्य वर्ग के मेधावी छात्रों के साथ अवसरों को लेकर जो असमानता महसूस की जाती है, उस पर खुली और गंभीर बहस क्यों नहीं होती? अक्सर जब उनकी बातों का कोई ठोस जवाब नहीं दिया जाता, तो बहस को मूल मुद्दे से भटकाकर "5000 साल" जैसे तर्कों की तरफ मोड़ दिया जाता है। उनका कहना है कि यदि लक्ष्य सामाजिक न्याय और समान अवसर प्रदान करना है, तो शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, सभी युवाओं को बेहतर व सुलभ शिक्षा देने और भर्ती प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष बनाने पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए। आरक्षण नीति पर अलग-अलग मत हो सकते हैं, लेकिन इस विषय पर तथ्यों और तर्कों के आधार पर खुली चर्चा होना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
- इन दिनों NEET पेपर लीक आंदोलन के दौरान सामान्य वर्ग के युवा हर्ष दुबे को मीडिया में आरक्षण के मुद्दे पर अपनी बात रखने का अवसर मिला है। NEET की विसंगतियों पर उनके तार्किक बयानों के आगे राजनीतिक पार्टियों के प्रवक्ताओं के मुंह सूख रहे हैं। हर्ष दुबे का स्पष्ट कहना है कि लोकतंत्र में सभी पक्षों की बात सुनी जानी चाहिए और किसी के साथ भी भेदभाव किए बिना सबको समान काउंसलिंग दी जानी चाहिए। भावुक होकर अपनी बात रखने वाले हर्ष दुबे का मुख्य सवाल यह है कि सामान्य वर्ग के मेधावी छात्रों के साथ अवसरों को लेकर जो असमानता महसूस की जाती है, उस पर खुली और गंभीर बहस क्यों नहीं होती? अक्सर जब उनकी बातों का कोई ठोस जवाब नहीं दिया जाता, तो बहस को मूल मुद्दे से भटकाकर "5000 साल" जैसे तर्कों की तरफ मोड़ दिया जाता है। उनका कहना है कि यदि लक्ष्य सामाजिक न्याय और समान अवसर प्रदान करना है, तो शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, सभी युवाओं को बेहतर व सुलभ शिक्षा देने और भर्ती प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष बनाने पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए। आरक्षण नीति पर अलग-अलग मत हो सकते हैं, लेकिन इस विषय पर तथ्यों और तर्कों के आधार पर खुली चर्चा होना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।1
- सोशल मीडिया पर कुछ युवाओं के व्यवहार और भाषा पर सवाल उठाते हुए सोच-समझकर कमेंट करने की बात कही गई है। इसमें साफ कहा गया है कि इंसान के शब्द उसकी सोच और संस्कारों को दर्शाते हैं, इसलिए गैर-जरूरी आक्रामकता या गलत भाषा सही नहीं है। किसी भी मुद्दे पर असहमति होने के बावजूद अपनी बात को हमेशा मर्यादित और सभ्य तरीके से ही व्यक्त किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया मंचों पर अभद्र या अश्लील भाषा का पूरी तरह से विरोध करते हुए महिलाओं के सम्मान को हर व्यक्ति का अनिवार्य कर्तव्य बताया गया है। इस बात पर जोर दिया गया है कि दूसरों को सम्मान देकर ही सम्मान पाया जा सकता है, इसलिए सोशल मीडिया पर शालीनता और मर्यादा बनी रहनी चाहिए।2
- जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट में खाड़ी के देशों से ऑनलाइन खाना भेजे जाने के मामले में कई तरह के दावे किए गए हैं। इस पर जब विदेश मंत्रालय से सवाल किया गया, तो मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि किसने और कैसे खाना ऑर्डर किया है। हालांकि, अधिकारी ने यह भी जोड़ा कि सब यह जानते हैं कि तमाम भारतीय खाड़ी के देशों में रहते हैं।1
- Post by Ravi jatav1
- शिवपुरी जिले के नरवर स्थित नल-दमयंती खेल परिसर में आज सुबह 7:00 बजे पुलिस और आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने अभ्यास के दौरान आ रही समस्याओं को लेकर भाजपा नेता एवं नगर परिषद अध्यक्ष पति संदीप माहेश्वरी से मुलाकात की। खेल परिसर में उपस्थित युवाओं ने अपने अभ्यास के दौरान आ रही विभिन्न परेशानियों को उनके समक्ष रखा। संदीप माहेश्वरी ने युवाओं की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं से अवगत कराते हुए इनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया कि खेल परिसर में आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।1
- भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के खजाने में चोरी होने का मामला सामने आया है, जिसे लेकर बेहद हैरान करने वाली स्थिति बनी हुई है। पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि आरबीआई जैसा सुरक्षित माना जाने वाला खजाना भी चोरी हो गया है। इस घटना को लेकर तीखा तंज कसते हुए कहा गया है कि आज जाकर यह पूरा यकीन हो गया है कि सच में देश 'सुरक्षित हाथों' में है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया स्थित चुनाव कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बसपा के सेवढ़ा से पूर्व प्रत्याशी लाखन सिंह यादव, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व प्रत्याशी नरेश कठेरिया सहित कांग्रेस और बसपा के सैकड़ों जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने नवागत नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी का अंगवस्त्र पहनाकर एवं मुंह मीठा कराकर भाजपा परिवार में स्वागत किया। पार्टी में शामिल हुए नेताओं का स्वागत करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि दतिया की जनता अपने क्षेत्र का निरंतर विकास, समाज का सम्मान और नागरिक सुरक्षा चाहती है, जिसे पूरा करने का सामर्थ्य केवल भाजपा के पास है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं, जिसे दतिया में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी आगे बढ़ाएंगे। खण्डेलवाल ने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाने और भाजपा प्रत्याशी को ऐतिहासिक मतों से विजयी बनाने का आह्वान किया। भाजपा की सदस्यता लेने वालों में डॉ. अमित यादव, बलवीर यादव, राघवेन्द्र सिंह यादव, सोनू पटैल, सरपंच उपेन्द्र यादव, जगमोहन रावत, यादव महासभा के जिला उपाध्यक्ष सूर्यकांत यादव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता शत्रुघ्न यादव, जनपद सदस्य विवेक बघेल, बसपा से मोहित मावई, सरपंच मोनू यादव, कांग्रेस जनपद सदस्य मिथलैश उचारिया और जगमोहन दुबे समेत सैकड़ों नेता शामिल हैं। इस दौरान मंच पर संभाग प्रभारी अभय सिंह यादव, पूर्व मंत्री इमरती देवी, अपेक्स बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव, जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह, पूर्व सांसद अशोक अर्गल, पूर्व मंडी अध्यक्ष राम यादव और पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश यादव मौजूद रहे।2
- शिवपुरी जिले में चलाए जा रहे "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराएगा तथा युवाओं और नागरिकों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेगा। अभियान का उद्देश्य समाज में नशा मुक्ति के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण का निर्माण करना है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए हानिकारक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें। पुलिस इस अभियान के माध्यम से लगातार लोगों तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचा रही है।2