वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र में कादीपुर स्टेशन से सटे कौवापुर गांव में गंभीर पेयजल संकट गहरा गया है, जहाँ करीब 40 घरों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, और सरकार की 'हर घर जल योजना' यहाँ दम तोड़ती दिख रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा बिछाई गई मात्र तीन इंच की पाइपलाइन भारी वाहनों की आवाजाही के कारण जगह-जगह दब गई है और ब्लॉक हो गई है, जिसके चलते बस्ती तक पानी नहीं पहुँच पा रहा है। इस समस्या से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएँ सबसे अधिक प्रभावित हैं। न्यूज टू इंडिया ने मौके पर पहुँचकर पड़ताल की और पाया कि दर्जनों घरों में वाकई एक बूंद भी पानी नहीं पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। इस संबंध में चोलापुर के बीडीओ ने बताया कि मामले में पत्र भेजा जा चुका है और जाँच कराई जा रही है, साथ ही जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत गाँव-गाँव पानी पहुँचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। न्यूज टू इंडिया ने स्वयं जल निगम के पास पहुँचकर देखा कि पानी की टंकी का कार्य अभी तक अधूरा पड़ा है; न तो परिसर की बाउंड्री बनी है और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था है। मौके पर ऑपरेटर भी मौजूद नहीं रहता। जल निगम के पास एक बुजुर्ग ने बताया कि पानी की आपूर्ति चालू या बंद करने के लिए भी कोई जिम्मेदार व्यक्ति समय पर नहीं पहुँचता। इसके अलावा, टंकी परिसर में फर्श निर्माण, सौर ऊर्जा सुरक्षा व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएँ भी अधूरी हैं। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई कब होगी, क्योंकि ठेकेदार लापता हैं और अधिकारी मौन हैं।
वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र में कादीपुर स्टेशन से सटे कौवापुर गांव में गंभीर पेयजल संकट गहरा गया है, जहाँ करीब 40 घरों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, और सरकार की 'हर घर जल योजना' यहाँ दम तोड़ती दिख रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा बिछाई गई मात्र तीन इंच की पाइपलाइन भारी वाहनों की आवाजाही के कारण जगह-जगह दब गई है और ब्लॉक हो गई है, जिसके चलते बस्ती तक पानी नहीं पहुँच पा रहा है। इस समस्या से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएँ सबसे अधिक प्रभावित हैं। न्यूज टू इंडिया ने मौके पर पहुँचकर पड़ताल की और पाया कि दर्जनों घरों में वाकई एक बूंद भी पानी नहीं पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। इस संबंध में चोलापुर के बीडीओ ने बताया कि मामले में पत्र भेजा जा चुका है और जाँच कराई जा रही है, साथ ही जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत गाँव-गाँव पानी पहुँचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। न्यूज टू इंडिया ने स्वयं जल निगम के पास पहुँचकर देखा कि पानी की टंकी का कार्य अभी तक अधूरा पड़ा है; न तो परिसर की बाउंड्री बनी है और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था है। मौके पर ऑपरेटर भी मौजूद नहीं रहता। जल निगम के पास एक बुजुर्ग ने बताया कि पानी की आपूर्ति चालू या बंद करने के लिए भी कोई जिम्मेदार व्यक्ति समय पर नहीं पहुँचता। इसके अलावा, टंकी परिसर में फर्श निर्माण, सौर ऊर्जा सुरक्षा व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएँ भी अधूरी हैं। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई कब होगी, क्योंकि ठेकेदार लापता हैं और अधिकारी मौन हैं।
- वाराणसी में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर नमामि गंगे ने दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया और आरती उतारकर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस आयोजन का उद्देश्य 'अविरल गंगा-निर्मल गंगा' की कामना करना था, जो भारत के 50 करोड़ से अधिक लोगों की आजीविका का आधार हैं। सनातनी संस्कृति के प्रवाह के प्रतीक के तौर पर मां गंगा की आरती उतारी गई और जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए शपथ दिलाई गई। इस दौरान गंगा जयघोष के बीच राष्ट्र ध्वज भी लहराया गया, राष्ट्रीय नदी गंगा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। नमामि गंगे टीम के सदस्यों ने गंगा तलहटी की सफाई की और लोगों से गंदगी न फैलाने की अपील की। लाउडस्पीकर और स्वच्छता स्लोगन लिखी तख्तियों के माध्यम से घाटों पर हजारों लोगों को जागरूक किया गया, जिन्होंने गंगा दशहरा स्नान के लिए उपस्थिति दर्ज कराई थी। इन श्रद्धालुओं को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जन-भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प भी दिलाया गया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने बताया कि गंगा दशहरा देवी गंगा के पृथ्वी पर अवतरण के सम्मान में धार्मिक आस्था के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि राजा सगर के साठ हजार पुत्रों का उद्धार करने के लिए धरती पर अवतरित हुई गंगा तब से आज तक पृथ्वीवासियों को मुक्ति, शांति, आजीविका और आनंद प्रदान कर रही हैं। राजेश शुक्ला ने इस बात पर जोर दिया कि गंगा का दर्शन, स्पर्श, पूजन और स्नान ही मानव मात्र के लिए पर्याप्त है और गंगा का शुद्ध होना हमारे पर्यावरण की स्वच्छता का एक महत्वपूर्ण मापदंड है। उन्होंने सरकार के साथ-साथ सभी लोगों से गंगा के प्रति अपने सरोकारों को समझने और ईमानदारी से निभाने का आह्वान किया। इस आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला, महानगर सहसंयोजक सारिका गुप्ता, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, महानगर सहसंयोजक बीना गुप्ता, पंकज अग्रहरि, अवधेश वर्मा, पूनम वर्मा और अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- दर्जनों इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान कमिश्नरेट पहुंचे। इस दौरान आईटीबीपी के अधिकारी भी वहां मौजूद रहे।1
- आजमगढ़ जनपद में 20 मई 2026 की रात एक हत्या का मामला सामने आया, जिसकी शिकायत 21 मई 2026 को थाना मुबारकपुर में सुनील कुमार पुत्र संतराज ने दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उनके भाई सुशील अपने साथी उमाशंकर उर्फ पिंटू यादव के साथ एक निमंत्रण में गए थे। रात करीब 12 बजे उमाशंकर यादव ने सुनील को सूचित किया कि रानीपुर गाँव जाने वाले मुख्य मार्ग पर हनुमान मंदिर के पास पंकज सिंह उर्फ सोनू सिंह, अवनीश यादव उर्फ बबलू यादव और एक अज्ञात व्यक्ति ने सुशील की गोली मारकर हत्या कर दी है। इस संबंध में थाना मुबारकपुर में मु0अ0सं0- 197/2026 धारा 103(1) BNS व 3(2), 5, SC/ST ACT के तहत पंकज सिंह, अवनीश यादव और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल द्वारा शुरू की गई। विवेचना के दौरान, सीडीआर, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीन रिक्रिएशन जैसे तथ्यों के आधार पर, यह खुलासा हुआ कि अभियुक्त उमाशंकर उर्फ पिंटू यादव पुत्र प्रेमचंद्र यादव (जो शुरुआती जानकारी देने वाला व्यक्ति था) और वीरेंद्र उर्फ बिंदू यादव पुत्र स्वर्गीय सत्यदेव यादव का नाम घटना में सामने आया। जांच से पता चला कि यह हत्या जमीन की खरीद-फरोख्त और पैसों के लेन-देन को लेकर साथियों द्वारा ही षड़यंत्र रचकर की गई थी।1
- वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र में कादीपुर स्टेशन से सटे कौवापुर गांव में गंभीर पेयजल संकट गहरा गया है, जहाँ करीब 40 घरों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, और सरकार की 'हर घर जल योजना' यहाँ दम तोड़ती दिख रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा बिछाई गई मात्र तीन इंच की पाइपलाइन भारी वाहनों की आवाजाही के कारण जगह-जगह दब गई है और ब्लॉक हो गई है, जिसके चलते बस्ती तक पानी नहीं पहुँच पा रहा है। इस समस्या से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएँ सबसे अधिक प्रभावित हैं। न्यूज टू इंडिया ने मौके पर पहुँचकर पड़ताल की और पाया कि दर्जनों घरों में वाकई एक बूंद भी पानी नहीं पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। इस संबंध में चोलापुर के बीडीओ ने बताया कि मामले में पत्र भेजा जा चुका है और जाँच कराई जा रही है, साथ ही जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत गाँव-गाँव पानी पहुँचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। न्यूज टू इंडिया ने स्वयं जल निगम के पास पहुँचकर देखा कि पानी की टंकी का कार्य अभी तक अधूरा पड़ा है; न तो परिसर की बाउंड्री बनी है और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था है। मौके पर ऑपरेटर भी मौजूद नहीं रहता। जल निगम के पास एक बुजुर्ग ने बताया कि पानी की आपूर्ति चालू या बंद करने के लिए भी कोई जिम्मेदार व्यक्ति समय पर नहीं पहुँचता। इसके अलावा, टंकी परिसर में फर्श निर्माण, सौर ऊर्जा सुरक्षा व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएँ भी अधूरी हैं। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई कब होगी, क्योंकि ठेकेदार लापता हैं और अधिकारी मौन हैं।1
- नागरिकों ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा है कि उन्हें 5 किलो राशन की आवश्यकता नहीं है। उनकी मुख्य माँगें बुनियादी सुविधाओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी को लेकर हैं, जिस पर उनका विशेष जोर है।1
- छत्तीसगढ़ के भिलाई में नेहरू नगर स्थित मारुति सुजुकी शोरूम में एक महिला कर्मचारी अमृता सिंह ने शोरूम के महाप्रबंधक अंकित आनंद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अमृता सिंह का आरोप है कि अंकित आनंद ने उनके साथ छेड़छाड़ की, अश्लील संदेश भेजे और अभद्र व्यवहार किया। यह शिकायत दर्ज होने के बाद जब पुलिस महाप्रबंधक अंकित आनंद को लेकर शोरूम पहुंची, तो महिला कर्मचारी ने उनके चेहरे और कपड़ों पर स्याही फेंक दी। इसके साथ ही, उन्होंने अंकित आनंद को थप्पड़ और लात भी मारी। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद, शोरूम की कई अन्य महिला कर्मचारियों ने भी अंकित आनंद पर इसी तरह के आरोप लगाए हैं। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- प्रदेश में इन दिनों काले कोट पहनकर जमीन पर अवैध कब्जा दिलवाने की घटनाओं में भारी वृद्धि देखी जा रही है। इसी कड़ी में लखनऊ के काकोरी स्थित शिवरी गांव में जमीन कब्जाने को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। यहाँ वकीलों के भेष में आए लोगों ने एक जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया, जिसका विरोध करने पर पीड़ित के साथ मारपीट भी की गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन काले कोट पहने इन लोगों ने अपना कब्जा जारी रखा। पीड़ित का आरोप है कि जमीन से जुड़ा मामला पहले से ही कोर्ट में विचाराधीन है, इसके बावजूद दबंग लोग अवैध तरीके से वकीलों की वेशभूषा में आकर जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। यह घटना प्रदेश भर में 'काला कोट पहनो, जमीन पर कब्जा दिलाओ' जैसी बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है, जहाँ आए दिन विभिन्न शहरों में काले कोट पहने लोगों के झुंड आकर मकानों, दुकानों और जमीनों पर कब्जा करवा रहे हैं।1
- महोबा में एक दलित छात्रा के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य घटना के विरोध में, कांग्रेस पार्टी ने वाराणसी के जिला मुख्यालय पर माननीय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पोस्टर जलाकर अपना रोष व्यक्त किया। इस दौरान, कांग्रेस ने जिलाधिकारी वाराणसी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि नीट की तैयारी कर रही दलित छात्रा का कोचिंग से लौटते समय अपहरण कर लिया गया था और उसे 16 दिनों तक प्रयागराज में बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनाया गया। पीड़िता को सिगरेट से जलाकर अमानवीय यातनाएं दी गईं और उसकी जबरन शादी कराने का भी प्रयास किया गया। कांग्रेस ने इस शर्मनाक घटना को प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला बताया है। इस घटना की जानकारी मिलने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय महोबा पहुंचे और उन्होंने पीड़िता व उसके परिवार से मुलाकात कर कांग्रेस पार्टी की ओर से छात्रा को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता दोहराई। कांग्रेस ने राज्यपाल से मांग की है कि घटना में शामिल सभी दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर उन पर कठोरतम कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, पीड़िता और उसके परिवार को समुचित सुरक्षा प्रदान करने तथा आर्थिक सहायता देने की भी मांग की गई है।1