भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के तत्वावधान में 21 जुलाई 2026 को प्रयागराज कमिश्नरी परिसर में किसानों की समस्याओं को लेकर एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में प्रतापगढ़ सहित मंडल के अन्य जिलों से भारी संख्या में पदाधिकारियों और किसान कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष बब्लू दुबे, युवा किसान नेता अंकित सिंह चौहान, प्रयागराज जिलाध्यक्ष शनी शुक्ला, प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश पटेल, कौशांबी जिलाध्यक्ष नुरुल इस्लाम, जौनपुर जिलाध्यक्ष संतोष तिवारी, युवा मंडल अध्यक्ष अजय सिंह पटेल, युवा जिलाध्यक्ष कमलेश राव और महिला जिलाध्यक्ष रामादेवी सहित दर्जनों प्रमुख नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। महापंचायत के दौरान किसान नेताओं ने क्षेत्र के किसानों को आ रही विभिन्न समस्याओं, प्रशासनिक उपेक्षा और कृषि से जुड़ी स्थानीय मांगों को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि संगठन सदैव किसानों के हक और अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण एवं अराजनैतिक रूप से संघर्ष करता रहेगा। इसके बाद पदाधिकारियों ने एकजुट होकर प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा और समस्याओं का जल्द निस्तारण करने की मांग की। इस आयोजन और आंदोलन से जुड़ी जानकारी जिला मीडिया प्रभारी अजीत मिश्रा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर साझा की।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के तत्वावधान में 21 जुलाई 2026 को प्रयागराज कमिश्नरी परिसर में किसानों की समस्याओं को लेकर एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में प्रतापगढ़ सहित मंडल के अन्य जिलों से भारी संख्या में पदाधिकारियों और किसान कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष बब्लू दुबे, युवा किसान नेता अंकित सिंह चौहान, प्रयागराज जिलाध्यक्ष शनी शुक्ला, प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश पटेल, कौशांबी जिलाध्यक्ष नुरुल इस्लाम, जौनपुर जिलाध्यक्ष संतोष तिवारी, युवा मंडल अध्यक्ष अजय सिंह पटेल, युवा जिलाध्यक्ष कमलेश राव और महिला जिलाध्यक्ष रामादेवी सहित दर्जनों प्रमुख नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। महापंचायत के दौरान किसान नेताओं ने क्षेत्र के किसानों को आ रही विभिन्न समस्याओं, प्रशासनिक उपेक्षा और कृषि से जुड़ी स्थानीय मांगों को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि संगठन सदैव किसानों के हक और अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण एवं अराजनैतिक रूप से संघर्ष करता रहेगा। इसके बाद पदाधिकारियों ने एकजुट होकर प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा और समस्याओं का जल्द निस्तारण करने की मांग की। इस आयोजन और आंदोलन से जुड़ी जानकारी जिला मीडिया प्रभारी अजीत मिश्रा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर साझा की।
- भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के तत्वावधान में 21 जुलाई 2026 को प्रयागराज कमिश्नरी परिसर में किसानों की समस्याओं को लेकर एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में प्रतापगढ़ सहित मंडल के अन्य जिलों से भारी संख्या में पदाधिकारियों और किसान कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष बब्लू दुबे, युवा किसान नेता अंकित सिंह चौहान, प्रयागराज जिलाध्यक्ष शनी शुक्ला, प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश पटेल, कौशांबी जिलाध्यक्ष नुरुल इस्लाम, जौनपुर जिलाध्यक्ष संतोष तिवारी, युवा मंडल अध्यक्ष अजय सिंह पटेल, युवा जिलाध्यक्ष कमलेश राव और महिला जिलाध्यक्ष रामादेवी सहित दर्जनों प्रमुख नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। महापंचायत के दौरान किसान नेताओं ने क्षेत्र के किसानों को आ रही विभिन्न समस्याओं, प्रशासनिक उपेक्षा और कृषि से जुड़ी स्थानीय मांगों को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि संगठन सदैव किसानों के हक और अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण एवं अराजनैतिक रूप से संघर्ष करता रहेगा। इसके बाद पदाधिकारियों ने एकजुट होकर प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा और समस्याओं का जल्द निस्तारण करने की मांग की। इस आयोजन और आंदोलन से जुड़ी जानकारी जिला मीडिया प्रभारी अजीत मिश्रा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर साझा की।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि किन्नर समुदाय का एक समूह दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचा है। वीडियो में लोगों को प्रदर्शन स्थल पर मौजूद देखा जा सकता है। हालांकि, इस वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह वीडियो कब का है या उसमें दिखाई दे रहे लोग किस उद्देश्य से वहां पहुंचे थे। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय स्रोतों से पुष्टि करना आवश्यक है।1
- कौशांबी के मोहब्बतपुर जीता गांव में मुख्य संपर्क मार्ग पर जलभराव की समस्या से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर लगातार पानी भरा रहता है, जिससे कई गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क प्रभावित हो रहा है। इस जलभराव के कारण रोजाना स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों को भारी दिक्कतों के बीच से गुजरना पड़ रहा है। बरसात के समय स्थिति और भी विकराल हो जाती है, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले की शिकायत बार-बार अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी अमित सिंह पर ध्यान न देने का आरोप लगाते हुए गहरी नाराजगी जताई है। ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराकर आवागमन को सुचारु बनाया जाए, ताकि लोगों को इस समस्या से मुक्ति मिल सके।1
- एक छोटे से स्कूली बच्चे की आवाज में जबरदस्त दम देखने को मिल रहा है। यह छोटा सा बच्चा बहुत ही अच्छी बातें कर रहा है और उसकी आवाज का जज्बा लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक बड़े एक्शन के दौरान कार से 100 किलो गांजा बरामद किया गया है। 50 लाख रुपये की भारी कीमत वाले इस गांजे की खेप के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।1
- कौशांबी के जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने मंगलवार को संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए कुबरी घाट और कालेश्वर घाट का दौरा किया। इस भ्रमण के दौरान उन्होंने आम जनता की सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सिराथू प्रमेश श्रीवास्तव और दारानगर के अधिशासी अधिकारी को घाटों पर जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग और जेटी की व्यवस्था तुरंत कराने के लिए निर्देशित किया। नावों के संचालन को लेकर उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाया जाए और सभी के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किया जाए। बिना लाइफ जैकेट के किसी भी व्यक्ति को नाव यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही, घाटों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता बनाए रखने और संवेदनशील जगहों पर लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए उप जिलाधिकारी, थाना प्रभारी और अधिशासी अधिकारी को पब्लिक एड्रेस (पी.ए.) सिस्टम के माध्यम से लोगों को गहरे पानी में न जाने के प्रति लगातार जागरूक करने को कहा गया है। इसके अलावा, घाटों पर सुव्यवस्थित पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, रोशनी और चेतावनी संकेतक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि डूबने जैसी किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को पूरी तरह से रोका जा सके।1
- कौशांबी के माधवामई गांव में लगातार हुई बारिश के बाद मुख्य कच्ची सड़क पूरी तरह कीचड़ और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। गांव के निवासी संजय कुमार और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क पिछले 30 से 35 सालों से बदहाल पड़ी हुई है। सड़क अधूरी होने की वजह से बारिश के दिनों में स्कूली बच्चों, किसानों और आम नागरिकों का रास्ते से निकलना बेहद दूभर हो गया है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि गांव में कोई भी वाहन या आपातकालीन एम्बुलेंस तक नहीं आ पाती। किसी के बीमार पड़ने पर मरीज को कई किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग तक उठाकर ले जाना पड़ता है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई। यहां तक कि गांव के लगभग 8-10 लोगों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1076) पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि अब गांव की सुध नहीं ले रहे हैं। परेशान ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।1