तस्वीर में साफ़ देखा जा सकता है कि चुनाव आते ही नेताजी हाथ जोड़कर ग्रामीणों के बीच वोट माँगने पहुँचे हैं, जबकि आम जनता (ग्रामीण) उन्हें आश्चर्य, शंका और सचेत भाव से देख रही है। आपकी बात बिल्कुल सही है— *आज के समय* में *मतदाता* *अधिक जागरूक हो चुके* हैं: *खोखले वादों का दौर*समाप्त:- केवल चुनाव के समय आकर हाथ जोड़ने या बड़े-बड़े वादे करने से अब बात नहीं बनती। *काम और जवाबदेही पर*जोर*-: जनता अब पूछती है कि पिछले कार्यकाल में क्या काम हुआ—सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति क्या है। *वोट की शक्ति का* अहसास:- मतदाता समझ चुके हैं कि उनका वोट केवल एक बटन दबाना नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के विकास और अधिकार का सही इस्तेमाल करना है। जब तक नेता चुनाव जीतने के बाद जनता के बीच रहकर वास्तविक विकास कार्य नहीं करेंगे, तब तक केवल चुनाव के समय हाथ जोड़ने से उन्हें जनता का समर्थन पाना मुश्किल होगा।
तस्वीर में साफ़ देखा जा सकता है कि चुनाव आते ही नेताजी हाथ जोड़कर ग्रामीणों के बीच वोट माँगने पहुँचे हैं, जबकि आम जनता (ग्रामीण) उन्हें आश्चर्य, शंका और सचेत भाव से देख रही है। आपकी बात बिल्कुल सही है— *आज के समय* में *मतदाता* *अधिक जागरूक हो चुके* हैं: *खोखले वादों का दौर*समाप्त:- केवल चुनाव के समय आकर हाथ जोड़ने या बड़े-बड़े वादे करने से अब बात नहीं बनती। *काम और जवाबदेही पर*जोर*-: जनता अब पूछती है कि पिछले कार्यकाल में क्या काम हुआ—सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति क्या है। *वोट की शक्ति का* अहसास:- मतदाता समझ चुके हैं कि उनका वोट केवल एक बटन दबाना नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के विकास और अधिकार का सही इस्तेमाल करना है। जब तक नेता चुनाव जीतने के बाद जनता के बीच रहकर वास्तविक विकास कार्य नहीं करेंगे, तब तक केवल चुनाव के समय हाथ जोड़ने से उन्हें जनता का समर्थन पाना मुश्किल होगा।
- तस्वीर में साफ़ देखा जा सकता है कि चुनाव आते ही नेताजी हाथ जोड़कर ग्रामीणों के बीच वोट माँगने पहुँचे हैं, जबकि आम जनता (ग्रामीण) उन्हें आश्चर्य, शंका और सचेत भाव से देख रही है। आपकी बात बिल्कुल सही है— *आज के समय* में *मतदाता* *अधिक जागरूक हो चुके* हैं: *खोखले वादों का दौर*समाप्त:- केवल चुनाव के समय आकर हाथ जोड़ने या बड़े-बड़े वादे करने से अब बात नहीं बनती। *काम और जवाबदेही पर*जोर*-: जनता अब पूछती है कि पिछले कार्यकाल में क्या काम हुआ—सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति क्या है। *वोट की शक्ति का* अहसास:- मतदाता समझ चुके हैं कि उनका वोट केवल एक बटन दबाना नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के विकास और अधिकार का सही इस्तेमाल करना है। जब तक नेता चुनाव जीतने के बाद जनता के बीच रहकर वास्तविक विकास कार्य नहीं करेंगे, तब तक केवल चुनाव के समय हाथ जोड़ने से उन्हें जनता का समर्थन पाना मुश्किल होगा।1
- रीवा के सोहरवा गांव में सड़क बनी मुसीबत, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा "अजब MP, गजब हाल" रीवा के सोहरवा गांव की सड़क ने खोली विकास की हकीकत रीवा की शर्मनाक तस्वीर! स्कूल जाने वाले बच्चे रोज़ गिर रहे, जिम्मेदार कौन? रीवा: "साहब मेरी रोड बना दीजिए"… ग्रामीणों की कलेक्टर से भावुक गुहार ? त्यौंथर रीवा "रीवा जिले के त्यौंथर विधानसभा क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो विकास के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। ग्राम पंचायत सोहरवा में वर्षों से सड़क बदहाल है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सरपंच, पंचायत सचिव और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद सड़क नहीं बनी। अब सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे?" यह तस्वीर रीवा जिले के त्यौंथर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सोहरवा की है। यहां की मुख्य सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और उखड़ी सड़क ग्रामीणों की परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क के निर्माण को लेकर कई वर्षों से मांग की जा रही है। सरपंच और पंचायत के जिम्मेदारों द्वारा केवल आश्वासन दिए गए, लेकिन आज तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इसी रास्ते से रोज़ाना छोटे-छोटे स्कूली बच्चे शासकीय और निजी विद्यालय पहुंचते हैं। खराब सड़क के कारण बच्चे आए दिन गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बुजुर्गों और महिलाओं को भी इसी रास्ते से गुजरने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) और जिला कलेक्टर से सड़क निर्माण की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि यदि जल्द सड़क नहीं बनाई गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। वीडियो में सड़क की बदहाली साफ देखी जा सकती है। सवाल यह है कि जब ग्रामीण वर्षों से सड़क की मांग कर रहे हैं, जब रोज़ मासूम बच्चे और बुजुर्ग इसी रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं, तब आखिर प्रशासन की नींद कब खुलेगी? क्या जिम्मेदार किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? क्या सिर्फ कागजों में विकास दिखाकर जमीनी हकीकत से मुंह मोड़ा जा रहा है? अब देखना होगा कि रीवा जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के जिम्मेदार इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेते हैं और ग्राम पंचायत सोहरवा के लोगों को कब इस बदहाल सड़क से राहत मिलती है। रीवा के सोहरवा गांव में सड़क बनी मुसीबत, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा "अजब MP, गजब हाल" रीवा के सोहरवा गांव की सड़क ने खोली विकास की हकीकत रीवा की शर्मनाक तस्वीर! स्कूल जाने वाले बच्चे रोज़ गिर रहे, जिम्मेदार कौन? रीवा: "साहब मेरी रोड बना दीजिए"… ग्रामीणों की कलेक्टर से भावुक गुहार ? त्यौंथर रीवा "रीवा जिले के त्यौंथर विधानसभा क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो विकास के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। ग्राम पंचायत सोहरवा में वर्षों से सड़क बदहाल है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सरपंच, पंचायत सचिव और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद सड़क नहीं बनी। अब सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे?" यह तस्वीर रीवा जिले के त्यौंथर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सोहरवा की है। यहां की मुख्य सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और उखड़ी सड़क ग्रामीणों की परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क के निर्माण को लेकर कई वर्षों से मांग की जा रही है। सरपंच और पंचायत के जिम्मेदारों द्वारा केवल आश्वासन दिए गए, लेकिन आज तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इसी रास्ते से रोज़ाना छोटे-छोटे स्कूली बच्चे शासकीय और निजी विद्यालय पहुंचते हैं। खराब सड़क के कारण बच्चे आए दिन गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बुजुर्गों और महिलाओं को भी इसी रास्ते से गुजरने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) और जिला कलेक्टर से सड़क निर्माण की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि यदि जल्द सड़क नहीं बनाई गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। वीडियो में सड़क की बदहाली साफ देखी जा सकती है। सवाल यह है कि जब ग्रामीण वर्षों से सड़क की मांग कर रहे हैं, जब रोज़ मासूम बच्चे और बुजुर्ग इसी रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं, तब आखिर प्रशासन की नींद कब खुलेगी? क्या जिम्मेदार किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? क्या सिर्फ कागजों में विकास दिखाकर जमीनी हकीकत से मुंह मोड़ा जा रहा है? अब देखना होगा कि रीवा जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के जिम्मेदार इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेते हैं और ग्राम पंचायत सोहरवा के लोगों को कब इस बदहाल सड़क से राहत मिलती है।1
- "आधुनिक डिज़ाइन, आकर्षक हरियाली, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सुगम यातायात के साथ रीवा की नई पहचान बनेगा..." "आधुनिक डिज़ाइन, आकर्षक हरियाली, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सुगम यातायात के साथ रीवा की नई पहचान बनेगा..." वाह! बड़े-बड़े सपने दिखाए जा रहे हैं। लेकिन ज़रा मोहल्लों की गलियों में भी नज़र डाल लीजिए। वहाँ आज भी सड़कें ऐसी हैं कि बरसात में सड़क कम, तालाब ज़्यादा दिखाई देता है। लगता है शहर की पहचान बदलने से पहले मोहल्लों की बदहाली बदलना भूल गए। हाल यह है कि इंसान की किस्मत बदल सकती है, सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन कुछ मोहल्लों की सड़कें नहीं बदलतीं। कम से कम बरसात के मौसम में एक ट्रॉली मुरूम ही डलवा दीजिए, ताकि लोगों को रोज़ कीचड़ से जंग न लड़नी पड़े। विकास के दावों की असली परीक्षा चमकदार परियोजनाओं से नहीं, बल्कि आम लोगों के घर तक पहुँचने वाली सड़क से होती है।1
- *मैहर में पटवारियों की हड़ताल से जनसेवाएं प्रभावित*मैहर *मैहर में पटवारियों की हड़ताल से जनसेवाएं प्रभावित* मैहर में पटवारियों की हड़ताल के चलते राजस्व विभाग से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। नामांतरण, सीमांकन, आय-जाति एवं निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य राजस्व संबंधी प्रक्रियाएं ठप होने से आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग जल्द समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं।1
- बैकुंठपुर पुलिस की वाहन चेकिंग, नियम तोड़ने वालों पर कसा शिकंजा1
- पवित्र सावन के महीना में गली गली रोड के किनारे मांस मदिरा के बिक्री पर कौन करेगा कार्रवाई सतना ,क्या यही भारतीय जनता पार्टी विश्व हिंदू परिषद आरएसएस बजरंग दल की सरकार है क्या इसी को हिंदू राष्ट्रवाद रामराज कहा जाएगा कोई भी व्यक्ति सावन जैसे पवित्र माह मे भी स्वच्छता के साथ सफर नहीं कर सकता न पूजा पाठ कर सकता है हर गली हर चौराहे पर मांस मदिरा की दुकानें सजी हैं खा ,खा कर रोड पर हड्डियां फेंकी जा रही है दारू की डिस्पोजल फेकी जा रही है और पुलिसकर्मी सिर्फ अपनी जेब खर्च के लिए चंदा वसूली की व्यवस्था मे व्यस्त है कहने को तो आरएसएस के स्वयंसेवक हैं महापौर योगेश ताम्रकार सिर्फ राजनीतिक फायदा उठाने के लिए हिंदू धर्म को अपनाते हैं पद पाने के बाद स्वयं भी मांस मदिरा के नशे में मस्त हो जाते हैं रेलवे स्टेशन महामाया होटल के सामने सर्किट हाउस दारू दुकान के सामने सेमरिया चौराहा दारू दुकान के सामने सिंधी कैंप दारू दुकान के सामने सिविल लाइन दारू दुकान के सामने संतोषी माता दारू दुकान के सामने गहरा नाला दारू दुकान के सामने इन सभी स्थानों पर कोई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी संज्ञान लेकर कार्यवाही करने की हिम्मत जुटा पाएंगे क्या...?1
- कुशीनगर में महिला से बदसलूकी का आरोप! दो सिपाही गिरफ्तार, निलंबित | Kushinagar News Hashtags: 🎙️ MP NEWS UPDATE FAST | कुशीनगर 🚨 ब्यूटीपार्लर संचालिका से बदसलूकी का आरोप, दो सिपाही गिरफ्तार नमस्कार, आप देख रहे हैं MP NEWS UPDATE FAST। कुशीनगर जिले के कसया क्षेत्र से पुलिस महकमे को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। ब्यूटीपार्लर संचालिका ने कसया थाने में तैनात दो सिपाहियों पर आधी रात घर पहुंचकर जबरन ले जाने, बदसलूकी करने और धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक, शिकायत में महिला ने बताया कि दोनों सिपाही सोमवार रात करीब दो बजे उसके घर पहुंचे और जबरदस्ती दरवाजा खुलवाया। आरोप है कि इसके बाद उसे गोरखपुर स्थित एक ढाबे पर ले जाया गया, जहां उसके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। महिला के मुताबिक, भोर में दोनों उसे वापस कसया लाकर छोड़ गए। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर दोनों सिपाहियों—उमाशंकर यादव और महेंद्र—के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। दोनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही उनकी बर्खास्तगी के लिए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। आप देख रहे थे MP NEWS UPDATE FAST।1