मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान और मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, प्रदेशव्यापी "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" जनजागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया है। विदिशा के बरईपुरा स्थित सांदीपनी स्कूल में 15 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी द्वारा इस अभियान की शुरुआत की गई। यह 15 दिवसीय अभियान 15 से 30 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम जनता को नशे के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर जनभागीदारी के माध्यम से मध्यप्रदेश को नशा मुक्त बनाना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को खोखला और बर्बाद कर देता है। उन्होंने अवैध नशीले पदार्थों के सेवन से शारीरिक, मानसिक, शैक्षणिक, आर्थिक और पारिवारिक जीवन पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के बारे में बताया। संवादात्मक सत्र के दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि तनाव, अकेलापन, जिज्ञासा या गलत संगति के कारण लोग नशे की लत में पड़ जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि कहीं भी अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार या सेवन दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। कार्यक्रम के समापन पर ब्रह्माकुमारी संस्था की आदरणीय सपना दीदी ने मेडिटेशन के माध्यम से सकारात्मक सोच और तनावमुक्त जीवन का संदेश दिया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अधिकारी-कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई और सभी ने हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया। आगामी 15 दिनों तक जिले भर के स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर रैलियों, नुक्कड़ नाटकों, खेल प्रतियोगिताओं और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए जागरूकता फैलाई जाएगी। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष राय, सूबेदार मेघा शर्मा, जूली दीदी, स्कूल के प्राचार्य और शिक्षक मौजूद रहे। विदिशा पुलिस ने सभी नागरिकों से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान और मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, प्रदेशव्यापी "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" जनजागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया है। विदिशा के बरईपुरा स्थित सांदीपनी स्कूल में 15 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी द्वारा इस अभियान की शुरुआत की गई। यह 15 दिवसीय अभियान 15 से 30 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम जनता को नशे के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर जनभागीदारी के
माध्यम से मध्यप्रदेश को नशा मुक्त बनाना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को खोखला और बर्बाद कर देता है। उन्होंने अवैध नशीले पदार्थों के सेवन से शारीरिक, मानसिक, शैक्षणिक, आर्थिक और पारिवारिक जीवन पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के बारे में बताया। संवादात्मक सत्र के दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि तनाव, अकेलापन, जिज्ञासा
या गलत संगति के कारण लोग नशे की लत में पड़ जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि कहीं भी अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार या सेवन दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। कार्यक्रम के समापन पर ब्रह्माकुमारी संस्था की आदरणीय सपना दीदी ने मेडिटेशन के माध्यम से सकारात्मक सोच और तनावमुक्त जीवन का संदेश दिया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अधिकारी-कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई और सभी
ने हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया। आगामी 15 दिनों तक जिले भर के स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर रैलियों, नुक्कड़ नाटकों, खेल प्रतियोगिताओं और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए जागरूकता फैलाई जाएगी। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष राय, सूबेदार मेघा शर्मा, जूली दीदी, स्कूल के प्राचार्य और शिक्षक मौजूद रहे। विदिशा पुलिस ने सभी नागरिकों से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की है।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान और मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, प्रदेशव्यापी "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" जनजागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया है। विदिशा के बरईपुरा स्थित सांदीपनी स्कूल में 15 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी द्वारा इस अभियान की शुरुआत की गई। यह 15 दिवसीय अभियान 15 से 30 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम जनता को नशे के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर जनभागीदारी के माध्यम से मध्यप्रदेश को नशा मुक्त बनाना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को खोखला और बर्बाद कर देता है। उन्होंने अवैध नशीले पदार्थों के सेवन से शारीरिक, मानसिक, शैक्षणिक, आर्थिक और पारिवारिक जीवन पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के बारे में बताया। संवादात्मक सत्र के दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि तनाव, अकेलापन, जिज्ञासा या गलत संगति के कारण लोग नशे की लत में पड़ जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि कहीं भी अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार या सेवन दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। कार्यक्रम के समापन पर ब्रह्माकुमारी संस्था की आदरणीय सपना दीदी ने मेडिटेशन के माध्यम से सकारात्मक सोच और तनावमुक्त जीवन का संदेश दिया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अधिकारी-कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई और सभी ने हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया। आगामी 15 दिनों तक जिले भर के स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर रैलियों, नुक्कड़ नाटकों, खेल प्रतियोगिताओं और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए जागरूकता फैलाई जाएगी। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष राय, सूबेदार मेघा शर्मा, जूली दीदी, स्कूल के प्राचार्य और शिक्षक मौजूद रहे। विदिशा पुलिस ने सभी नागरिकों से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की है।4
- विदिशा जिले के मानौरा में रथ दोज के अवसर पर भगवान जगन्नाथ स्वामी की प्रसिद्ध रथ यात्रा का भव्य आयोजन हुआ। इस पावन अवसर पर भगवान के दर्शनों की अभिलाषा लेकर आसपास के जिलों सहित दूर-दराज के श्रद्धालु रात से ही वहां जमा होने लगे थे। लोग पैदल, गाड़ियों से और दण्डवत होकर मानौरा पहुंचे। सुबह के समय भगवान रथ पर सवार होकर लोगों को दर्शन देने के लिए निकले। इस जगह की भारी मान्यता है और लोग इसे 'मिनी जगन्नाथ पुरी' भी कहते हैं।2
- विदिशा के समाजसेवी और भगवान जगन्नाथ जी के भक्त दीपक तिवारी अपने साथियों के साथ कल जगदीश स्वामी मनोरा के लिए पैदल यात्रा पर रवाना हुए। वे पिछले 13 वर्षों से लगातार इस पैदल यात्रा को कर रहे हैं।4
- रायसेन शहर को जल्द ही एक शानदार कम्युनिटी हॉल की नई सौगात मिलने जा रही है। सांची विधायक डॉक्टर प्रभुराम चौधरी के प्रयासों से यह शानदार कम्युनिटी हॉल पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुका है। कैमरामैन आयुष सेन के साथ राकेश जैन की खास रिपोर्ट के अनुसार, इस नए कम्युनिटी हॉल के निर्माण के बाद अब केवल इसके उद्घाटन का इंतजार किया जा रहा है।1
- सागर जिले के बीना के नई बस्ती से जगन्नाथ पुरी यात्रा पूरे धूमधाम के साथ निकाली गई।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले की बीना कृषि उपज मंडी में सरकारी टीन शेड से कथित अवैध कब्जा हटाने को लेकर विवाद सामने आया है। मंडी सचिव और एक कर्मचारी ने दो लाइसेंसी व्यापारियों पर गाली-गलौज, अभद्रता और मारपीट करने का आरोप लगाते हुए बीना थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मंडी कर्मचारी वीरेंद्र राजपूत के अनुसार, लाइसेंसी व्यापारी अशोक कुमार जैन और शिखरचंद जैन की फर्म की व्यापार आईडी पहले नियमों के विरुद्ध कवर्ड शेड में अनाज रखने के कारण निलंबित कर दी गई थी, जिसे बाद में 11 जुलाई को दोबारा चालू किया गया था। आरोप है कि सोमवार को दोनों व्यापारी मंडी कार्यालय पहुंचे, जहां सरकारी टीन शेड खाली कराने की बात को लेकर विवाद हो गया। शिकायत में कहा गया है कि इस दौरान मंडी सचिव और कर्मचारी के साथ अभद्रता व मारपीट की गई, जिससे सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। इस मामले में मंडी प्रबंधन की ओर से शिकायत मिलने के बाद बीना थाना प्रभारी अनूप यादव ने बताया कि पुलिस को शिकायत प्राप्त हो चुकी है और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उधर, मंडी से जुड़े लोगों का आरोप है कि किसानों की उपज सुरक्षित रखने के लिए बने इन टीन शेडों पर वर्षों से कुछ व्यापारियों ने कब्जा जमाया हुआ है, जिसके कारण किसानों को अपनी उपज खुले में रखने के लिए मजबूर होना पड़ता है और विशेषकर बारिश के मौसम में फसल खराब होने का खतरा बना रहता है।1
- मध्यप्रदेश की सियासत में एक बड़ा झटका लगा है, जहां पशुपालन एवं डेयरी विभाग की अहम जिम्मेदारी अब सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास आ गई है। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल से यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। इस बदलाव को लेकर राजपत्र की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। राजपत्र की इस आधिकारिक अधिसूचना के सामने आने के बाद से ही राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर बेहद तेज हो गया है।1
- विदिशा के मनोरा में स्थित जगदीश मंदिर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस दौरान मंदिर के रास्ते में जगह-जगह और हर कदम पर भगवान जगन्नाथ स्वामी के भक्तों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी और जलपान की व्यवस्था कराई गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भक्तों द्वारा इस मार्ग पर लगातार भोजन प्रसादी और जलपान का वितरण किया जा रहा है।4