*महाशिवरात्रि उत्सव 2026 : मातृधाम छिपरी में महामृत्युंजय यज्ञ, भागवत कथा और अहीर नृत्य के साथ महाशिवरात्रि उत्सव का तृतीय दिवस* *टीकमगढ़ जिले में परम पूज्य महाराज श्री रविशंकर जी महाराज "रावतपुरा सरकार'* के मंगल सान्निध्य में मातृधाम छिपरी में आयोजित महाशिवरात्रि उत्सव 2026 का तृतीय दिवस आध्यात्मिक चेतना, आत्मीय संवाद और सांस्कृतिक उल्लास से परिपूर्ण रहा। प्रातःकाल पावन वैदिक अनुष्ठानों के साथ दिवस का शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात परम पूज्य महाराज श्री ने भक्तों से आत्मीय भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना एवं स्नेहपूर्ण आशीर्वाद प्रदान किया। इस आत्मिक संवाद से भक्तों के हृदय भाव-विभोर हो उठे। तत्पश्चात आयोजित महामृत्युंजय यज्ञ में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। यह यज्ञ न केवल रोग, भय और संकट से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है, बल्कि जीवन में स्थिरता, दीर्घायु और मानसिक शांति प्रदान करने वाला महाअनुष्ठान है। वैदिक मंत्रों की गूंज और आहुति की अग्नि ने संपूर्ण वातावरण को ऊर्जा और सकारात्मक चेतना से भर दिया। इसके उपरांत श्रीमद्भागवत कथा के दौरान व्यासपीठ से कथा वाचिका साध्वी पीताम्बरा दीदी ने भागवत का सार बताते हुए कहा— *भागवत हमें भगवान को ढूँढना नहीं सिखाती, बल्कि अपने भीतर झाँकना सिखाती है। जहाँ मन शुद्ध होता है, वहीं प्रभु का वास होता है।* उनके प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन और धर्ममय जीवन की ओर प्रेरित किया। सायंकालीन बेला में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में रवि अहिरवार एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत अहीर नृत्य ने समूचे पंडाल में उत्साह की लहर दौड़ा दी। पारंपरिक वेशभूषा, लयबद्ध ताल और लोकसंस्कृति से ओतप्रोत इस प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को झूमने पर विवश कर दिया। महाशिवरात्रि उत्सव 2026 का तृतीय दिवस साधना, संस्कार और संस्कृति के त्रिवेणी संगम के रूप में स्मरणीय बन गया। *
*महाशिवरात्रि उत्सव 2026 : मातृधाम छिपरी में महामृत्युंजय यज्ञ, भागवत कथा और अहीर नृत्य के साथ महाशिवरात्रि उत्सव का तृतीय दिवस* *टीकमगढ़ जिले में परम पूज्य महाराज श्री रविशंकर जी महाराज "रावतपुरा सरकार'* के मंगल सान्निध्य में मातृधाम छिपरी में आयोजित महाशिवरात्रि उत्सव 2026 का तृतीय दिवस आध्यात्मिक चेतना, आत्मीय संवाद और सांस्कृतिक उल्लास से परिपूर्ण रहा। प्रातःकाल पावन वैदिक अनुष्ठानों के साथ दिवस का शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात परम पूज्य महाराज श्री ने भक्तों से आत्मीय भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना एवं स्नेहपूर्ण आशीर्वाद प्रदान किया। इस आत्मिक संवाद से भक्तों के हृदय भाव-विभोर हो उठे। तत्पश्चात आयोजित महामृत्युंजय यज्ञ में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। यह यज्ञ न केवल रोग, भय और संकट से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है, बल्कि जीवन में स्थिरता, दीर्घायु और मानसिक शांति प्रदान करने वाला महाअनुष्ठान है। वैदिक मंत्रों की गूंज और आहुति की अग्नि ने संपूर्ण वातावरण को ऊर्जा और सकारात्मक चेतना से भर दिया। इसके उपरांत श्रीमद्भागवत कथा के दौरान व्यासपीठ से कथा वाचिका साध्वी पीताम्बरा दीदी ने भागवत का सार बताते हुए कहा— *भागवत हमें भगवान को ढूँढना नहीं सिखाती, बल्कि अपने भीतर झाँकना सिखाती है। जहाँ मन शुद्ध होता है, वहीं प्रभु का वास होता है।* उनके प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन और धर्ममय जीवन की ओर प्रेरित किया। सायंकालीन बेला में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में रवि अहिरवार एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत अहीर नृत्य ने समूचे पंडाल में उत्साह की लहर दौड़ा दी। पारंपरिक वेशभूषा, लयबद्ध ताल और लोकसंस्कृति से ओतप्रोत इस प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को झूमने पर विवश कर दिया। महाशिवरात्रि उत्सव 2026 का तृतीय दिवस साधना, संस्कार और संस्कृति के त्रिवेणी संगम के रूप में स्मरणीय बन गया। *
- Post by ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)1
- *महाशिवरात्रि उत्सव 2026 : मातृधाम छिपरी में महामृत्युंजय यज्ञ, भागवत कथा और अहीर नृत्य के साथ महाशिवरात्रि उत्सव का तृतीय दिवस* *टीकमगढ़ जिले में परम पूज्य महाराज श्री रविशंकर जी महाराज "रावतपुरा सरकार'* के मंगल सान्निध्य में मातृधाम छिपरी में आयोजित महाशिवरात्रि उत्सव 2026 का तृतीय दिवस आध्यात्मिक चेतना, आत्मीय संवाद और सांस्कृतिक उल्लास से परिपूर्ण रहा। प्रातःकाल पावन वैदिक अनुष्ठानों के साथ दिवस का शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात परम पूज्य महाराज श्री ने भक्तों से आत्मीय भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना एवं स्नेहपूर्ण आशीर्वाद प्रदान किया। इस आत्मिक संवाद से भक्तों के हृदय भाव-विभोर हो उठे। तत्पश्चात आयोजित महामृत्युंजय यज्ञ में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। यह यज्ञ न केवल रोग, भय और संकट से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है, बल्कि जीवन में स्थिरता, दीर्घायु और मानसिक शांति प्रदान करने वाला महाअनुष्ठान है। वैदिक मंत्रों की गूंज और आहुति की अग्नि ने संपूर्ण वातावरण को ऊर्जा और सकारात्मक चेतना से भर दिया। इसके उपरांत श्रीमद्भागवत कथा के दौरान व्यासपीठ से कथा वाचिका साध्वी पीताम्बरा दीदी ने भागवत का सार बताते हुए कहा— *भागवत हमें भगवान को ढूँढना नहीं सिखाती, बल्कि अपने भीतर झाँकना सिखाती है। जहाँ मन शुद्ध होता है, वहीं प्रभु का वास होता है।* उनके प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन और धर्ममय जीवन की ओर प्रेरित किया। सायंकालीन बेला में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में रवि अहिरवार एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत अहीर नृत्य ने समूचे पंडाल में उत्साह की लहर दौड़ा दी। पारंपरिक वेशभूषा, लयबद्ध ताल और लोकसंस्कृति से ओतप्रोत इस प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को झूमने पर विवश कर दिया। महाशिवरात्रि उत्सव 2026 का तृतीय दिवस साधना, संस्कार और संस्कृति के त्रिवेणी संगम के रूप में स्मरणीय बन गया। *1
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- Post by Neelesh bhaiya ji1
- जा खलौन ललितपुर कस्बा जाखलौन में आज जाखलौन थाना परिषद में आगामी त्यौहार को देखते हुए शिवरात्रि रमजान ईद होली आदि त्योहारों को देखते हुए रामकृपाल सिंह की अध्यक्षता में फीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई है गण मन नागरिक और पत्रकार बंदू उपस्थित रहे2
- बिहार की शिक्षिका का स्कूल में गीता का श्लोक सुनते हुए सोशल मीडिया में viral1
- आज दिनांक 10/02/2026 को समय 5:00 pm पर माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद की जूनियर अधिवक्ता मुबससरा सिद्दीकी के घर में पड़ोस का एक व्यक्ति ताला तोड़कर घुस गया जिसकी सूचना देने थाना - कोतवाली कमिश्नरेट प्रयागराज पहुंची, जहाँ उनसे और उनके परिवार बालों एवं साथियों के साथ पुलिस द्वारा वत्तमीजी की गयी और FIR लिखने से मना किया गया तथा पुलिस स्टेशन से भगा दिया गया1
- Post by ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)1