मैहर | निर्माणाधीन वेलकम गेट | आगजनी की घटना निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल?? *निर्माणाधीन वेलकम गेट में लगी आग, गुंबद जलकर हुआ खाक* *मैहर* में बनाए जा रहे वेलकम गेट में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की सूचना है। आग इतनी तेजी से फैली कि वेलकम गेट का गुंबद पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार सूचना देने के एक घंटे बाद तक भी फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंची। जिसके चलते आग को बुझाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा आग लगने की घटना के बाद ठेकेदार के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और सुरक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं हालांकि आग लगने का वास्तविक कारण और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी मैहर | निर्माणाधीन वेलकम गेट | आगजनी की घटना
मैहर | निर्माणाधीन वेलकम गेट | आगजनी की घटना निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल?? *निर्माणाधीन वेलकम गेट में लगी आग, गुंबद जलकर हुआ खाक* *मैहर* में बनाए जा रहे वेलकम गेट में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की सूचना है। आग इतनी तेजी से फैली कि वेलकम गेट का गुंबद पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार सूचना देने के एक घंटे बाद तक भी फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंची। जिसके चलते आग को बुझाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा आग लगने की घटना के बाद ठेकेदार के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और सुरक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं हालांकि आग लगने का वास्तविक कारण और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी मैहर | निर्माणाधीन वेलकम गेट | आगजनी की घटना
- मैहर | निर्माणाधीन वेलकम गेट | आगजनी की घटना निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल?? *निर्माणाधीन वेलकम गेट में लगी आग, गुंबद जलकर हुआ खाक* *मैहर* में बनाए जा रहे वेलकम गेट में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की सूचना है। आग इतनी तेजी से फैली कि वेलकम गेट का गुंबद पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार सूचना देने के एक घंटे बाद तक भी फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंची। जिसके चलते आग को बुझाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा आग लगने की घटना के बाद ठेकेदार के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और सुरक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं हालांकि आग लगने का वास्तविक कारण और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी मैहर | निर्माणाधीन वेलकम गेट | आगजनी की घटना1
- 💥 *बड़ी खबर*💥 *ट्रेन के आगे दौड़ा तेंदुए का शावक, सतर्क स्टाफ ने बचाई जान* बिलासपुर-कटनी रेलमार्ग की भनवारटंक टनल में पटरी पर तेंदुए का शावक नजर आया। ट्रेन के गार्ड और लोको पायलट ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत रफ्तार कम कर दी। गार्ड ने इस रोमांचक पल का वीडियो बनाया, जिसके बाद शावक सुरक्षित रूप से जंगल में लौट गया। 💥 *बड़ी खबर*💥 *ट्रेन के आगे दौड़ा तेंदुए का शावक, सतर्क स्टाफ ने बचाई जान* बिलासपुर-कटनी रेलमार्ग की भनवारटंक टनल में पटरी पर तेंदुए का शावक नजर आया। ट्रेन के गार्ड और लोको पायलट ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत रफ्तार कम कर दी। गार्ड ने इस रोमांचक पल का वीडियो बनाया, जिसके बाद शावक सुरक्षित रूप से जंगल में लौट गया।1
- नाली का पूरा निर्माण न होने से करौंदी की आदिवासी बस्ती जलमग्न, घरों में घुस रहा गंदा पानी नाली का पूरा निर्माण न होने से करौंदी की आदिवासी बस्ती जलमग्न, घरों में घुस रहा गंदा पानी ग्रामीणों ने सरपंच से लेकर प्रशासन तक लगाई गुहार, बच्चों एवं ग्रामीणों की सुरक्षा पर संकट मैहर । ग्राम पंचायत डिठौरा की करौंदी आदिवासी बस्ती में नाली निर्माण का पूरा कार्य न होने के कारण एवं कुशवाहा बस्ती में ढोला वाली छोटी पुलिया का निर्माण न होने के कारण बरसात का पानी घरों में घुस रहा है। इससे ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में कई बार सरपंच को मौखिक और लिखित सूचना दी गई, लेकिन आज तक नाली निर्माण का कार्य पूरा नहीं कराया गया। आदिवासी बस्ती में नाली निर्माण का काम रोक दिया गया और जितना नाली का निर्माण कराया गया है खुला छोड़ दिया गया जिससे लोग उसमें गिरकर दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं नतीजतन पूरे गांव का पानी एकत्र होकर सीधे बस्ती के घरों में प्रवेश कर जाता है। वहीं दूसरी तरफ करौंदी कुशवाहा बस्ती में कई दिनों से ढोला डारकार छोटी पुलिया निर्माण के लिए रखा है पर आज तक ढोला डालकर छोटी पुलिया का निर्माण नहीं कराया जा रहा जिससे लोगों का आवंगमन बाधित हो रहा है और कई लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं और घरों में पानी इकट्ठा होकर प्रवेश कर जाता है। बस्ती के निवासी छोटे लाल कुशवाहा उपेंद्र कुशवाहा सत्यनारायण कुशवाहा राजभान कुशवाहा रोशन लाल रावत सुशीला देवी शीला देवी, ने कहा कि जलजमाव के कारण न केवल घरों में गंदगी और बीमारियां फैल रही हैं, बल्कि स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। पानी भरे रास्तों में जहरीले जीव-जंतुओं के काटने का डर बना रहता है। ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि डिठौरा पंचायत कुशवाहा बस्ती एवं आदिवासी बस्ती में प्राथमिकता के आधार पर पक्की नाली का निर्माण पूरा कराया जाए, ताकि आम लोगों का आवागमन सुगम हो सके और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।2
- *कोठी थाना क्षेत्र के पुरवा गांव स्थित सेमरावल नदी का रौद्र रूप।* *कोठी थाना क्षेत्र के पुरवा गांव स्थित सेमरावल नदी का रौद्र रूप।*1
- HAAPY RAKHI 🌸💎🌸 HAAPY RAKHI 🌸💎🌸HAAPY RAKHI 🌸💎🌸1
- मैहर में 9 साल के बच्चे को रसेल वाइपर ने डसा, सांप को डिब्बे में बंद कर अस्पताल पहुंचा पिता; सतना रेफर मैहर/अमरपाटन। मैहर जिले के अमरपाटन नगर में बृहस्पतिवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां 9 वर्षीय बच्चे को बेहद जहरीले 'रसेल वाइपर' सांप ने काट लिया। घटना के बाद बच्चे की हालत बिगड़ने पर परिजनों में हड़कंप मच गया। हादसे के बाद बच्चे के पिता ने सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। उन्होंने बच्चे को डसने वाले जहरीले सांप को पकड़कर एक प्लास्टिक के डिब्बे में बंद कर लिया और तुरंत बच्चे के साथ अस्पताल पहुंचे, ताकि डॉक्टरों को सांप की सही प्रजाति की पहचान कर इलाज करने में मदद मिल सके। अमरपाटन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे सतना जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। बच्चे की हालत चिंताजनक बनी हुई है और जिला अस्पताल में उसका इलाज जारी है।1
- *बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे रीवा कमिश्नर और कलेक्टर, ग्रामीणों से सीधे सुनीं समस्याएं,त्योंथर *बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे रीवा कमिश्नर और कलेक्टर, ग्रामीणों से सीधे सुनीं समस्याएं,त्योंथर संवाददाता कुंदन सिंह* मध्य प्रदेश के रीवा जिला के त्योंथर तहसील में बाढ़ से बिगड़े हालात और प्रभावित लोगों की समस्याओं का जायजा लेने के लिए गुरुवार को रीवा कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह एवं कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी प्रशासनिक अमले के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। अधिकारियों ने त्योंथर नगर परिषद के विभिन्न वार्डों, तथा त्योंथर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत राजापुर सहित आसपास के कई प्रभावित गांवों का भ्रमण कर जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया। दौरे के दौरान कमिश्नर और कलेक्टर ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर उनके नुकसान की जानकारी ली। ग्रामीणों ने मकानों, फसलों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान के साथ राहत एवं मुआवजा दिलाने की मांग अधिकारियों के सामने रखी। अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे कराकर नियमानुसार राहत एवं मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद एस०डी०एम० त्योंथर राकेश चौरसिया, तहसीलदार त्योथर पारस नाथ मिश्रा, सीएमओ त्योथर आनंद मिश्रा, टी०ई०सोहागी कमलेश साहू, रीवा सांसद प्रतिनिधि त्योंथर सुशील चंद शुक्ला बच्चा, प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था, क्षति का आकलन, साफ-सफाई तथा आवश्यक सेवाओं को सुचारु रखने के निर्देश दिए। प्रशासनिक अमले के इस दौरे से प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत और क्षतिपूर्ति मिलने की उम्मीद जगी है।1
- अमरपाटन/नाली का पूरा निर्माण न होने से करौंदी की आदिवासी बस्ती जलमग्न, घरों में घुस रहा गंदा पानी। अमरपाटन/नाली का पूरा निर्माण न होने से करौंदी की आदिवासी बस्ती जलमग्न, घरों में घुस रहा गंदा पानी। ग्रामीणों ने सरपंच से लेकर प्रशासन तक लगाई गुहार, बच्चों एवं ग्रामीणों की सुरक्षा पर संकट। मैहर जिले के ग्राम पंचायत डिठौरा करौंदी का है मामला बताते चलें ग्राम पंचायत डिठौरा करौंदी आदिवासी बस्ती में नाली निर्माण का पूरा काम न होने के चलते साथ ही कुशवाहा बस्ती में ढोला वाली छोटी पुलिया का निर्माण न होने के कारण बरसात का पानी घरों में घुस रहा है। इससे ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में कई बार सरपंच को मौखिक और लिखित सूचना दी गई, लेकिन आज तक नाली निर्माण का कार्य पूरा नहीं कराया गया। आदिवासी बस्ती में नाली निर्माण का काम रोक दिया गया और जितना नाली का निर्माण कराया गया है खुला छोड़ दिया गया जिससे लोग उसमें गिरकर दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं नतीजतन पूरे गांव का पानी एकत्र होकर सीधे बस्ती के घरों में प्रवेश कर जाता है। वहीं दूसरी तरफ करौंदी कुशवाहा बस्ती में कई दिनों से ढोला डारकार छोटी पुलिया निर्माण के लिए रखा है पर आज तक ढोला डालकर छोटी पुलिया का निर्माण नहीं कराया जा रहा जिससे लोगों का आवंगमन बाधित हो रहा है और कई लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं और घरों में पानी इकट्ठा होकर प्रवेश कर जाता है। बस्ती के निवासी छोटे लाल कुशवाहा उपेंद्र कुशवाहा सत्यनारायण कुशवाहा राजभान कुशवाहा रोशन लाल रावत सुशीला देवी शीला देवी, ने कहा कि जलजमाव के कारण न केवल घरों में गंदगी और बीमारियां फैल रही हैं, बल्कि स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। पानी भरे रास्तों में जहरीले जीव-जंतुओं के काटने का डर बना रहता है। ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि डिठौरा पंचायत कुशवाहा बस्ती एवं आदिवासी बस्ती में प्राथमिकता के आधार पर पक्की नाली का निर्माण पूरा कराया जाए, ताकि आम लोगों का आवागमन सुगम हो सके और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।1