लखनऊ ब्रेकिंग न्यूज़ थाना वजीरगंज क्षेत्र में *36 लाख रुपये की ठगी और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर इमरान जाफरी का गंभीर-पत्र* पत्रकार रिंकू लखनऊ। हाल ही में सामने आए एक हस्तलिखित पत्र के अनुसार, इमरान जाफरी नामक व्यक्ति ने अपने भाई फरहान और परिवार को संबोधित करते हुए गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का खुलासा किया है। पत्र में इमरान ने आरोप लगाया है कि उन्हें सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया और उनके बैंक खातों एवं रुपयों को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है। पत्र में इमरान जाफरी ने लिखा है कि औन रज़ा के पास उनके 36 लाख रुपये हैं। आरोप है कि यह पैसा आलम आरा, सना जैदी, कुलसुम जैदी और औन रज़ा द्वारा दिलवाया गया था। जब बैंक अकाउंट फ्रीज हुआ, तो औन रज़ा ने यह कहकर गुमराह किया कि फ्रॉडुलेंट अमाउंट की वजह से सारा पैसा ब्लैक मनी से कन्वर्ट हो गया है, इसलिए इसे फर्म अकाउंट में ट्रांसफर करना होगा। पत्र में कहा गया है कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी सना जैदी, आलम आरा और कुलसुम जैदी को भी थी। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि औन रज़ा और अन्य लोगों ने पार्टनर बनाने का झांसा दिया और बाद में साल खत्म होने पर आलम आरा और सना जैदी के माध्यम से जबरन उनकी जमीन बिकवा दी। इमरान के मुताबिक, इस पूरी बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है जिसमें आलम आरा और औन रज़ा यह कहते सुने जा सकते हैं कि या तो जमीन बेच दो, वरना तुम्हारा पैसा और बैंक अकाउंट फिर से फ्रीज करवा देंगे। पत्र के अंत में इमरान ने अपने भाई फरहान और अपने पिता को संबोधित करते हुए लिखा है कि थाने में एप्लीकेशन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और मामले को पेंडिंग रखा गया। उन्होंने अपने परिवार से अम्मा का ख्याल रखने की अपील की है और कहा है कि वे इस मानसिक तनाव और धोखे से बेहद परेशान हो चुके हैं। लखनऊ ब्रेकिंग न्यूज़ थाना वजीरगंज क्षेत्र में *36 लाख रुपये की ठगी और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर इमरान जाफरी का गंभीर-पत्र* पत्रकार रिंकू लखनऊ। हाल ही में सामने आए एक हस्तलिखित पत्र के अनुसार, इमरान जाफरी नामक व्यक्ति ने अपने भाई फरहान और परिवार को संबोधित करते हुए गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का खुलासा किया है। पत्र में इमरान ने आरोप लगाया है कि उन्हें सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया और उनके बैंक खातों एवं रुपयों को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है। पत्र में इमरान जाफरी ने लिखा है कि औन रज़ा के पास उनके 36 लाख रुपये हैं। आरोप है कि यह पैसा आलम आरा, सना जैदी, कुलसुम जैदी और औन रज़ा द्वारा दिलवाया गया था। जब बैंक अकाउंट फ्रीज हुआ, तो औन रज़ा ने यह कहकर गुमराह किया कि फ्रॉडुलेंट अमाउंट की वजह से सारा पैसा ब्लैक मनी से कन्वर्ट हो गया है, इसलिए इसे फर्म अकाउंट में ट्रांसफर करना होगा। पत्र में कहा गया है कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी सना जैदी, आलम आरा और कुलसुम जैदी को भी थी। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि औन रज़ा और अन्य लोगों ने पार्टनर बनाने का झांसा दिया और बाद में साल खत्म होने पर आलम आरा और सना जैदी के माध्यम से जबरन उनकी जमीन बिकवा दी। इमरान के मुताबिक, इस पूरी बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है जिसमें आलम आरा और औन रज़ा यह कहते सुने जा सकते हैं कि या तो जमीन बेच दो, वरना तुम्हारा पैसा और बैंक अकाउंट फिर से फ्रीज करवा देंगे। पत्र के अंत में इमरान ने अपने भाई फरहान और अपने पिता को संबोधित करते हुए लिखा है कि थाने में एप्लीकेशन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और मामले को पेंडिंग रखा गया। उन्होंने अपने परिवार से अम्मा का ख्याल रखने की अपील की है और कहा है कि वे इस मानसिक तनाव और धोखे से बेहद परेशान हो चुके हैं।
लखनऊ ब्रेकिंग न्यूज़ थाना वजीरगंज क्षेत्र में *36 लाख रुपये की ठगी और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर इमरान जाफरी का गंभीर-पत्र* पत्रकार रिंकू लखनऊ। हाल ही में सामने आए एक हस्तलिखित पत्र के अनुसार, इमरान जाफरी नामक व्यक्ति ने अपने भाई फरहान और परिवार को संबोधित करते हुए गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का खुलासा किया है। पत्र में इमरान ने आरोप लगाया है कि उन्हें सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया और उनके बैंक खातों एवं रुपयों को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है। पत्र में इमरान जाफरी ने लिखा है कि औन रज़ा के पास उनके 36 लाख रुपये हैं। आरोप है कि यह पैसा आलम आरा, सना जैदी, कुलसुम जैदी और औन रज़ा द्वारा दिलवाया गया था। जब बैंक अकाउंट फ्रीज हुआ, तो औन रज़ा ने यह कहकर गुमराह किया कि फ्रॉडुलेंट अमाउंट की वजह से सारा पैसा ब्लैक मनी से कन्वर्ट हो गया है, इसलिए इसे फर्म अकाउंट में ट्रांसफर करना होगा। पत्र में कहा गया है कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी सना जैदी, आलम आरा और कुलसुम जैदी को भी थी। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि औन रज़ा और अन्य लोगों ने पार्टनर बनाने का झांसा दिया और बाद में साल खत्म होने पर आलम आरा और सना जैदी के माध्यम से जबरन उनकी जमीन बिकवा दी। इमरान के मुताबिक, इस पूरी बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है जिसमें आलम आरा और औन रज़ा यह कहते सुने जा सकते हैं कि या तो जमीन बेच दो, वरना तुम्हारा पैसा और बैंक अकाउंट फिर से फ्रीज करवा देंगे। पत्र के अंत में इमरान ने अपने भाई फरहान और अपने पिता को संबोधित करते हुए लिखा है कि थाने में एप्लीकेशन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और मामले को पेंडिंग रखा गया। उन्होंने अपने परिवार से अम्मा का ख्याल रखने की अपील की है और कहा है कि वे इस मानसिक तनाव और धोखे से बेहद परेशान हो चुके हैं। लखनऊ ब्रेकिंग न्यूज़ थाना वजीरगंज क्षेत्र में *36 लाख रुपये की ठगी और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर इमरान जाफरी का गंभीर-पत्र* पत्रकार रिंकू लखनऊ। हाल ही में सामने आए एक हस्तलिखित पत्र के अनुसार, इमरान जाफरी नामक व्यक्ति ने अपने भाई फरहान और परिवार को संबोधित करते हुए गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का खुलासा किया है। पत्र में इमरान ने आरोप लगाया है कि उन्हें सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया और उनके बैंक खातों एवं रुपयों को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है। पत्र में इमरान जाफरी ने लिखा है कि औन रज़ा के पास उनके 36 लाख रुपये हैं। आरोप है कि यह पैसा आलम आरा, सना जैदी, कुलसुम जैदी और औन रज़ा द्वारा दिलवाया गया था। जब बैंक अकाउंट फ्रीज हुआ, तो औन रज़ा ने यह कहकर गुमराह किया कि फ्रॉडुलेंट अमाउंट की वजह से सारा पैसा ब्लैक मनी से कन्वर्ट हो गया है, इसलिए इसे फर्म अकाउंट में ट्रांसफर करना होगा। पत्र में कहा गया है कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी सना जैदी, आलम आरा और कुलसुम जैदी को भी थी। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि औन रज़ा और अन्य लोगों ने पार्टनर बनाने का झांसा दिया और बाद में साल खत्म होने पर आलम आरा और सना जैदी के माध्यम से जबरन उनकी जमीन बिकवा दी। इमरान के मुताबिक, इस पूरी बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है जिसमें आलम आरा और औन रज़ा यह कहते सुने जा सकते हैं कि या तो जमीन बेच दो, वरना तुम्हारा पैसा और बैंक अकाउंट फिर से फ्रीज करवा देंगे। पत्र के अंत में इमरान ने अपने भाई फरहान और अपने पिता को संबोधित करते हुए लिखा है कि थाने में एप्लीकेशन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और मामले को पेंडिंग रखा गया। उन्होंने अपने परिवार से अम्मा का ख्याल रखने की अपील की है और कहा है कि वे इस मानसिक तनाव और धोखे से बेहद परेशान हो चुके हैं।
- प्रयागराज महिला अधिवक्ता से मारपीट का आरोप विरोध में अधिवक्ताओं ने घेरा थाना महिला अधिवक्ता से मारपीट का आरोप, विरोध में अधिवक्ताओं ने घेरा थाना मऊआइमा, प्रयागराज। मऊआइमा थाना क्षेत्र में महिला अधिवक्ता के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि घटना के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचीं प्रिया तिवारी के साथ भी आरोपियों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला किया। घटना के बाद अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया। देर रात बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने मऊआइमा थाने पहुंचकर घेराव किया और चक्का जाम कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ताओं ने मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग रखी। वहीं, पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो सकेगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।3
- डेलौहा में पुश्तैनी रास्ता बंद करने पर महिला से मारपीट: पति को भी पीटा, पुलिस ने 2 दिन बाद भी नहीं की कार्रवाई मेजा, प्रयागराज। मेजा थाना क्षेत्र के डेलौहा गांव में पुश्तैनी रास्ते को बंद करने का विरोध करने पर एक महिला और उसके पति के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों ने पत्थर गिराकर रास्ता बंद करने की कोशिश की, जिस पर महिला ने आपत्ति जताई थी। ललिता पटेल पत्नी बबलू पटेल के घर के सामने गाटा संख्या 650 व 651पूर्व कागजात में सुरक्षित आबादी है बस्ती बसी हुई जिसमें रास्ता पूर्वजों के समय से चला आ रहा है। गांव के शीतला प्रसाद, कमला प्रसाद (पुत्रगण लक्ष्मी नारायण), राजेंद्र प्रसाद (पुत्र शीतला प्रसाद) और विक्की पटेल (पुत्र विजय शंकर पटेल) इस रास्ते पर पत्थर गिराकर इसे बंद कर रहे थे। ललिता पटेल ने जब उन्हें रोका, तो आरोपियों ने उनके घर में घुसकर उन्हें और उनके पति को घर से निकालने की कोशिश की। उन्होंने लात-घूसों, डंडों और धारदार हथियारों से मारपीट की। साथ ही, भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए गांव से निकालने की धमकी दी। विक्की पटेल ने छत पर चढ़कर पत्थर भी फेंके। जब ललिता के पति बबलू अपनी दुकान बंद करने जा रहे थे, तो राजेंद्र प्रसाद और विक्की पटेल ने उन्हें सड़क पर रोककर लोहे की रॉड से पीटा।ललिता ने मेजा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि उनके पति को गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने मेडिकल जांच कराकर मुकदमा दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कहा कि शिकायत के दो दिन बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। डेलौहा में पुश्तैनी रास्ता बंद करने पर महिला से मारपीट: पति को भी पीटा, पुलिस ने 2 दिन बाद भी नहीं की कार्रवाई मेजा, प्रयागराज। मेजा थाना क्षेत्र के डेलौहा गांव में पुश्तैनी रास्ते को बंद करने का विरोध करने पर एक महिला और उसके पति के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों ने पत्थर गिराकर रास्ता बंद करने की कोशिश की, जिस पर महिला ने आपत्ति जताई थी। ललिता पटेल पत्नी बबलू पटेल के घर के सामने गाटा संख्या 650 व 651पूर्व कागजात में सुरक्षित आबादी है बस्ती बसी हुई जिसमें रास्ता पूर्वजों के समय से चला आ रहा है। गांव के शीतला प्रसाद, कमला प्रसाद (पुत्रगण लक्ष्मी नारायण), राजेंद्र प्रसाद (पुत्र शीतला प्रसाद) और विक्की पटेल (पुत्र विजय शंकर पटेल) इस रास्ते पर पत्थर गिराकर इसे बंद कर रहे थे। ललिता पटेल ने जब उन्हें रोका, तो आरोपियों ने उनके घर में घुसकर उन्हें और उनके पति को घर से निकालने की कोशिश की। उन्होंने लात-घूसों, डंडों और धारदार हथियारों से मारपीट की। साथ ही, भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए गांव से निकालने की धमकी दी। विक्की पटेल ने छत पर चढ़कर पत्थर भी फेंके। जब ललिता के पति बबलू अपनी दुकान बंद करने जा रहे थे, तो राजेंद्र प्रसाद और विक्की पटेल ने उन्हें सड़क पर रोककर लोहे की रॉड से पीटा।ललिता ने मेजा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि उनके पति को गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने मेडिकल जांच कराकर मुकदमा दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कहा कि शिकायत के दो दिन बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।2
- नवरात्र और दशहरा को लेकर नैनी थाने में पीस कमेटी की बैठक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश, आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील नैनी, प्रयागराज। आगामी नवरात्र, दशहरा सहित अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर नैनी थाने में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक थाना अध्यक्ष अविनाश कुमार सिंह के नेतृत्व में हुई। इसमें क्षेत्र के पार्षदों, व्यापारियों, सामाजिक लोगों और गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, जुलूस के मार्ग, यातायात व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी को लेकर चर्चा की। पुलिस ने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस टीमों को सतर्क रखा जाएगा। थाना अध्यक्ष ने लोगों से अपील की कि त्योहारों को आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं। किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट को प्रसारित करने से बचें। किसी संदिग्ध गतिविधि या विवाद की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई। पुलिस की ओर से यह भी कहा गया कि जुलूस और धार्मिक कार्यक्रम निर्धारित मार्ग एवं नियमों के अनुसार ही आयोजित किए जाएं। आयोजकों से अपील की गई कि कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे। बैठक में क्षेत्रीय लोगों ने त्योहारों के दौरान आने वाली समस्याओं और व्यवस्थाओं को लेकर अपने सुझाव भी रखे। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क रहेगी। बैठक में भोले पाल, निजामुद्दीन, राकेश जायसवाल, डब्बू उर्फ जहांगीराबाद पार्षद, सुभाष केसरवानी, राकेश श्रीवास्तव, नईम कुशवाहा और घनश्याम जायसवाल समेत क्षेत्र के व्यापारी, पार्षद एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। पुलिस और क्षेत्रीय नागरिकों ने मिलकर नवरात्र एवं दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने पर जोर दिया। नवरात्र और दशहरा को लेकर नैनी थाने में पीस कमेटी की बैठक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश, आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील नैनी, प्रयागराज। आगामी नवरात्र, दशहरा सहित अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर नैनी थाने में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक थाना अध्यक्ष अविनाश कुमार सिंह के नेतृत्व में हुई। इसमें क्षेत्र के पार्षदों, व्यापारियों, सामाजिक लोगों और गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, जुलूस के मार्ग, यातायात व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी को लेकर चर्चा की। पुलिस ने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस टीमों को सतर्क रखा जाएगा। थाना अध्यक्ष ने लोगों से अपील की कि त्योहारों को आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं। किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट को प्रसारित करने से बचें। किसी संदिग्ध गतिविधि या विवाद की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई। पुलिस की ओर से यह भी कहा गया कि जुलूस और धार्मिक कार्यक्रम निर्धारित मार्ग एवं नियमों के अनुसार ही आयोजित किए जाएं। आयोजकों से अपील की गई कि कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे। बैठक में क्षेत्रीय लोगों ने त्योहारों के दौरान आने वाली समस्याओं और व्यवस्थाओं को लेकर अपने सुझाव भी रखे। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क रहेगी। बैठक में भोले पाल, निजामुद्दीन, राकेश जायसवाल, डब्बू उर्फ जहांगीराबाद पार्षद, सुभाष केसरवानी, राकेश श्रीवास्तव, नईम कुशवाहा और घनश्याम जायसवाल समेत क्षेत्र के व्यापारी, पार्षद एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। पुलिस और क्षेत्रीय नागरिकों ने मिलकर नवरात्र एवं दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने पर जोर दिया।1
- *एटा में सरकारी दवाइयों पर आग का खेल?* *रात के अंधेरे में सीएचसी परिसर में धधकती आग, दवाइयों के कार्टून जलाने का वीडियो वायरल; स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप* *सवालों के घेरे में अलीगंज सीएचसी: आखिर क्या जलाया जा रहा था? सीएमओ रात 10 बजे पहुंचे, अधीक्षक बोले- ‘खाली डिब्बे थे’* अलीगंज। जनपद में मरीजों के इलाज के लिए आने वाली सरकारी दवाइयों को आग के हवाले किए जाने की आशंका ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अलीगंज सीएचसी में मंगलवार देर रात आग में जलते कार्टून और डिब्बों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे जनपद में हड़कंप मच गया। वीडियो में बड़ी संख्या में डिब्बे और कार्टून आग की लपटों में घिरे नजर आ रहे हैं। अब सवाल यह है कि इन कार्टूनों में क्या था और इन्हें रात में क्यों जलाया गया? वीडियो वायरल होते ही स्वास्थ्य विभाग के अफसर हरकत में आए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एटा के सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद रात करीब 10 बजे अलीगंज सीएचसी पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया और कर्मचारियों से घटना की जानकारी ली। हालांकि सीएमओ से घटना के संबंध में बताया की दवाइयां के खाली डिब्बे चलाए जा रहे थे लेकिन वह भी गलत है *अधीक्षक बोले- दवा नहीं, खाली डिब्बे जले* सीएचसी अधीक्षक सर्वेश कुमार ने सरकारी दवाइयां जलाए जाने से इनकार किया है। उनका कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रहे कार्टून और डिब्बे खाली थे, इनमें कोई दवा नहीं थी। उन्होंने वायरल वीडियो को निराधार बताया। लेकिन इस दावे के बाद भी कई सवाल खड़े हैं—यदि डिब्बे खाली थे तो उन्हें अस्पताल परिसर में देर रात जलाने की जरूरत क्यों पड़ी? किसके निर्देश पर आग लगाई गई? क्या सामग्री नष्ट करने की कोई निर्धारित प्रक्रिया अपनाई गई? और सबसे अहम—क्या जलाए गए कार्टूनों का अस्पताल के दवा स्टॉक से मिलान किया गया? *‘दवा नहीं जली’ तो स्टॉक का हिसाब सामने आए* सरकारी दवाइयों का रिकॉर्ड स्टॉक रजिस्टर में दर्ज होता है। ऐसे में वायरल वीडियो के बाद स्टॉक रजिस्टर, दवा वितरण रिकॉर्ड, एक्सपायरी दवाइयों और मौके पर मौजूद सामग्री का मिलान ही पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकता है। *वीडियो ने व्यवस्था पर उठाई उंगली* मामला सिर्फ आग में कुछ डिब्बे जलने का नहीं है। सरकारी अस्पताल में रात के समय सामग्री जलाने की नौबत क्यों आई, इसकी जिम्मेदारी किसकी है और निगरानी तंत्र कहां था? यदि सब कुछ नियमानुसार हुआ तो स्वास्थ्य विभाग को इसकी पूरी प्रक्रिया और रिकॉर्ड सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वायरल वीडियो ने एक ऐसा सवाल खड़ा कर दिया है, जिसका जवाब पूरे जनपद को चाहिए—आखिर सरकारी अस्पताल की आग में क्या जल रहा था?1
- , प्रयागराज। मेजा तहसील परिसर में मंगलवार को जूनियर अधिवक्ताओं के चैंबर को लेकर विवाद ने गंभीर रूप ले लिया मेजा तहसील परिसर में जूनियर अधिवक्ताओं के चैंबर में दिनदहाड़े तोड़फोड़ दस्तावेज फाड़ने और चैंबर में बैठे मुवक्किलों से मारपीट का भी आरोप, पुलिस जांच में जुटी मेजा, प्रयागराज। मेजा तहसील परिसर में मंगलवार को जूनियर अधिवक्ताओं के चैंबर को लेकर विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि कुछ अधिवक्ता सैकड़ों लोगों के साथ तहसील परिसर पहुंचे और जूनियर अधिवक्ताओं द्वारा बनाए गए चैंबर को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान चैंबर में रखे बैग से जरूरी दस्तावेज निकालकर फाड़ने और फेंकने तथा चैंबर में बैठे मुवक्किलों के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेजा तहसील परिसर में पिछड़े एवं दलित वर्ग के जूनियर अधिवक्ताओं द्वारा विधि व्यवसाय करने के लिए चैंबर बनाया गया था। इस चैंबर को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि वर्तमान अध्यक्ष एवं मंत्री की ओर से चैंबर को अवैध बताते हुए उसे हटाने के लिए नोटिस दिया गया था। बताया गया कि जूनियर अधिवक्ताओं ने पूर्व में समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले से अवगत कराया था। प्रार्थना पत्र में कथित तौर पर आशंका जताई गई थी कि उनके चैंबर को क्षतिग्रस्त करने की धमकी दी जा रही है। जूनियर अधिवक्ताओं का आरोप है कि शिकायत के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। मंगलवार को चैंबर क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना के बाद तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना को लेकर अधिवक्ताओं के बीच तनाव की स्थिति बताई जा रही है। जूनियर अधिवक्ताओं का आरोप है कि यदि उनकी पूर्व शिकायत पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की गई होती तो शायद विवाद को इस स्तर तक पहुंचने से रोका जा सकता था। हालांकि, इस संबंध में अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है फिलहाल घटना की सूचना पुलिस को दी गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। चैंबर किस परिस्थिति में क्षतिग्रस्त हुआ, दस्तावेज फाड़े जाने तथा मारपीट के लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।1
- जनसत्ता दल लोकतांत्रिक की यमुनापार इकाई की मासिक बैठक संपन्न, संगठन विस्तार पर हुई चर्चा घूरपुर, प्रयागराज आज जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के यमुनापार इकाई की मासिक बैठक जिला कार्यालय घूरपुर में संपन्न हुई। बैठक में संगठन विस्तार,आगामी चुनाव की तैयारियों और सामाजिक विषयों पर पार्टी की नीति को लेकर चर्चा की गई।बैठक में कई नई नियुक्तियां भी की गईं।नवनियुक्त पदाधिकारी की सूची इस प्रकार है - विनय प्रताप सिंह - कोरांव ब्लॉक अध्यक्ष - अजय कुमार - शंकरगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष - शाहिद जी - मांडा ब्लॉक अध्यक्ष - विद्या कांत जी - जिला सचिव - अमन पांडे - जिला उप सचिव बने और बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष विनीतपति त्रिपाठी ने की। इस अवसर पर युवा मोर्चा अध्यक्ष प्रिंस सिंह परिहार, सैनिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष रमाकांत त्रिपाठी, जिला महासचिव दुर्गेश पाल, विवेकानंद त्रिपाठी, शुभम सिंह, शिवांश मिश्रा, अमन प्रताप सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- स्कूल की मॉर्निंग प्रेयर में गूंजा ' हनुमान अंश मूवी का भजन '1
- लखनऊ ब्रेकिंग न्यूज़ थाना वजीरगंज क्षेत्र में *36 लाख रुपये की ठगी और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर इमरान जाफरी का गंभीर-पत्र* पत्रकार रिंकू लखनऊ। हाल ही में सामने आए एक हस्तलिखित पत्र के अनुसार, इमरान जाफरी नामक व्यक्ति ने अपने भाई फरहान और परिवार को संबोधित करते हुए गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का खुलासा किया है। पत्र में इमरान ने आरोप लगाया है कि उन्हें सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया और उनके बैंक खातों एवं रुपयों को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है। पत्र में इमरान जाफरी ने लिखा है कि औन रज़ा के पास उनके 36 लाख रुपये हैं। आरोप है कि यह पैसा आलम आरा, सना जैदी, कुलसुम जैदी और औन रज़ा द्वारा दिलवाया गया था। जब बैंक अकाउंट फ्रीज हुआ, तो औन रज़ा ने यह कहकर गुमराह किया कि फ्रॉडुलेंट अमाउंट की वजह से सारा पैसा ब्लैक मनी से कन्वर्ट हो गया है, इसलिए इसे फर्म अकाउंट में ट्रांसफर करना होगा। पत्र में कहा गया है कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी सना जैदी, आलम आरा और कुलसुम जैदी को भी थी। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि औन रज़ा और अन्य लोगों ने पार्टनर बनाने का झांसा दिया और बाद में साल खत्म होने पर आलम आरा और सना जैदी के माध्यम से जबरन उनकी जमीन बिकवा दी। इमरान के मुताबिक, इस पूरी बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है जिसमें आलम आरा और औन रज़ा यह कहते सुने जा सकते हैं कि या तो जमीन बेच दो, वरना तुम्हारा पैसा और बैंक अकाउंट फिर से फ्रीज करवा देंगे। पत्र के अंत में इमरान ने अपने भाई फरहान और अपने पिता को संबोधित करते हुए लिखा है कि थाने में एप्लीकेशन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और मामले को पेंडिंग रखा गया। उन्होंने अपने परिवार से अम्मा का ख्याल रखने की अपील की है और कहा है कि वे इस मानसिक तनाव और धोखे से बेहद परेशान हो चुके हैं। लखनऊ ब्रेकिंग न्यूज़ थाना वजीरगंज क्षेत्र में *36 लाख रुपये की ठगी और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर इमरान जाफरी का गंभीर-पत्र* पत्रकार रिंकू लखनऊ। हाल ही में सामने आए एक हस्तलिखित पत्र के अनुसार, इमरान जाफरी नामक व्यक्ति ने अपने भाई फरहान और परिवार को संबोधित करते हुए गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का खुलासा किया है। पत्र में इमरान ने आरोप लगाया है कि उन्हें सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया और उनके बैंक खातों एवं रुपयों को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है। पत्र में इमरान जाफरी ने लिखा है कि औन रज़ा के पास उनके 36 लाख रुपये हैं। आरोप है कि यह पैसा आलम आरा, सना जैदी, कुलसुम जैदी और औन रज़ा द्वारा दिलवाया गया था। जब बैंक अकाउंट फ्रीज हुआ, तो औन रज़ा ने यह कहकर गुमराह किया कि फ्रॉडुलेंट अमाउंट की वजह से सारा पैसा ब्लैक मनी से कन्वर्ट हो गया है, इसलिए इसे फर्म अकाउंट में ट्रांसफर करना होगा। पत्र में कहा गया है कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी सना जैदी, आलम आरा और कुलसुम जैदी को भी थी। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि औन रज़ा और अन्य लोगों ने पार्टनर बनाने का झांसा दिया और बाद में साल खत्म होने पर आलम आरा और सना जैदी के माध्यम से जबरन उनकी जमीन बिकवा दी। इमरान के मुताबिक, इस पूरी बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है जिसमें आलम आरा और औन रज़ा यह कहते सुने जा सकते हैं कि या तो जमीन बेच दो, वरना तुम्हारा पैसा और बैंक अकाउंट फिर से फ्रीज करवा देंगे। पत्र के अंत में इमरान ने अपने भाई फरहान और अपने पिता को संबोधित करते हुए लिखा है कि थाने में एप्लीकेशन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और मामले को पेंडिंग रखा गया। उन्होंने अपने परिवार से अम्मा का ख्याल रखने की अपील की है और कहा है कि वे इस मानसिक तनाव और धोखे से बेहद परेशान हो चुके हैं।1