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तहसील सिमरिया के ग्राम कोनी में जेके सीमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। किसान अर्पित पटेल ने आरोप लगाया है तहसील सिमरिया के ग्राम कोनी में जेके सीमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। किसान अर्पित पटेल ने आरोप लगाया है
Sitaram ray
तहसील सिमरिया के ग्राम कोनी में जेके सीमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। किसान अर्पित पटेल ने आरोप लगाया है तहसील सिमरिया के ग्राम कोनी में जेके सीमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। किसान अर्पित पटेल ने आरोप लगाया है
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- तहसील सिमरिया के ग्राम कोनी में जेके सीमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। किसान अर्पित पटेल ने आरोप लगाया है तहसील सिमरिया के ग्राम कोनी में जेके सीमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। किसान अर्पित पटेल ने आरोप लगाया है1
- देश में गैस संकट पर हमारी भारत सरकार चुनावों में मस्त है मोदी जी कहते है संकट का डट कर सामना करो सरकार कोई मदद नहीं कर सकती मोदी जी बताएं टैक्स का बोझ जनता पर क्यों बार बार लादते हो आपदा में हाथ खड़े कर लेते हो। आप लोग बताए इस समय संकट में क्या चुनाव जरूरी थे।।1
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- दिल्ली में जातिगत जनगणना को लेकर बड़ी बैठक में शामिल होकर बैठक को संबोधित करते हुए। #ओबीसी_महासभा #देश_मागे_जाती_जनगणना1
- युवती की संदिग्ध मौत पर ससुर ने उठाए सवाल, हत्या की आशंका जताई पन्ना/सतना। जिले से जुड़े एक संवेदनशील मामले में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर नया मोड़ सामने आया है। मृतका के ससुर ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने की मांग की है। आवेदन के अनुसार, रामहजार विश्वकर्मा निवासी ग्राम शिवराजपुर, तहसील नागौद, जिला सतना ने बताया कि उनकी बहू भारती विश्वकर्मा 12 दिसंबर 2025 को घर से निकली थी। उसी दिन शाम के समय उसकी फोन पर बातचीत हुई, जिसमें उसने खुद के घर पर न होने की बात कही। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया और संपर्क टूट गया। आवेदनकर्ता के अनुसार, अगले दिन 13 दिसंबर 2025 को युवती का शव देवेंद्रनगर क्षेत्र के पास एक तालाब में मिला। इस घटना को लेकर परिवार ने हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर शव मिला, वह घर से काफी दूरी पर है, जिससे घटना संदिग्ध प्रतीत होती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि यदि युवती के साथ घर में घटना हुई थी, तो शव को जंगल के रास्ते तालाब तक कैसे ले जाया गया। साथ ही, मामले में कुछ लोगों की भूमिका को लेकर भी संदेह व्यक्त किया गया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पूरे घटनाक्रम में सच्चाई को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।4
- लोकेशन देवेंद्रनगर रिपोर्टर अशोक विश्वकर्मा स्लग/करीबन 55 लाख की उप स्वास्थ्य केंद्र बिल्डिंग में भ्रष्टाचार का खेल! देवरी गढ़ी में घटिया निर्माण पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, एक हफ्ते में जांच नहीं तो चक्का जाम एंकर / जनपद पंचायत पन्ना अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरी गढ़ी में लगभग 55 लाख रुपए की लागत से बन रही उप स्वास्थ्य केंद्र भवन अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार, घटिया सामग्री के उपयोग और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भवन निर्माण का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक जांच के नाम पर कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उच्च स्तरीय जांच नहीं हुई, तो चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ग्राम पंचायत देवरी गढ़ी में पुलिस हाउसिंग बोर्ड की ओर से उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 55 लाख रुपए की इस सरकारी परियोजना को लेकर अब गांव में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और खुला भ्रष्टाचार किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, भवन निर्माण का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब है कि भवन को देखकर ही उसकी मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दीवारों की चुनाई डस्ट से की गई है, वहीं पेपर ब्लॉक ईंटों जैसी घटिया क्वालिटी की ईंटें लगाई गई हैं। इतना ही नहीं, भवन के पीछे नाले की रेत और मिट्टी युक्त सामग्री का इस्तेमाल किए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में जिस तरह की सामग्री लगाई गई है, उससे यह भवन कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते इसकी जांच नहीं हुई, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे हैं, वीडियो सामने आ रहे हैं, निर्माण कार्य लगभग पूरा होने की कगार पर है, तब भी जिम्मेदार अधिकारी आखिर किस बात का इंतजार कर रहे हैं? *ग्रामीणों का आरोप है कि जांच के नाम पर आज तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे साफ जाहिर होता है कि जिम्मेदार विभाग या तो मामले को दबाने में लगा है या फिर ठेकेदारों को खुली छूट दे रखी है।* गांव में इस मुद्दे को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई और भवन को दोबारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से नहीं बनवाया गया, तो गांववासी चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है या फिर भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने में जुटा रहता है। बाइट ग्राम वासियों की4
- एक ओर किसानों की फसले पकी खड़ी हुई है और कुदरत अपना कहर किसानों पर बरपा रहा है जहां किसान अपनी फसलों को लगातार चार महीना से खून पसीना एक करके फसलों को तैयार करता है और भगवान किसानों के लिए बे मौसम बरसात करके किसानों की मेहनत को बेकार करने में लगा हुआ है करीब 10 दिनों से आसमान में बादल छाए रहते हैं और कहीं कहां खुला मौसम हो जाता है लेकिन आज दिनांक शाम से फिर से मौसम में बदलाव हुआ है जिसमें आसमान में बादल छाए हुए हैं बिजली की चमक और गड़गड़ाहट से किसानों की धक-धक हो रही है अगर वे मौसम बरसात होती है तो किसानों को अपनी फसल से हाथ धोना पड़ेगा।1
- सिमरिया1