मथुरा के बरसाना देहात स्थित श्याम विहार कॉलोनी के निवासी वर्षों से सड़क, नाली और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। कॉलोनी की सड़कों पर लगातार जलभराव और कीचड़ बने रहने के कारण लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। इस बदहाली का सबसे अधिक खामियाजा स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को उठाना पड़ रहा है, जिन्हें हर दिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे वे अक्सर फिसलकर घायल हो जाते हैं। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उनके अनुसार, बरसाना देहात के विकास कार्य नगर पंचायत और ग्राम पंचायत के बीच अटक गए हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। इसी के चलते लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल श्याम विहार कॉलोनी का निरीक्षण कर सड़क, नाली और जल निकासी की समस्याओं का स्थायी हल निकालने की मांग की है। कॉलोनी के निवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं पर शीघ्र कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराने को मजबूर होंगे।
मथुरा के बरसाना देहात स्थित श्याम विहार कॉलोनी के निवासी वर्षों से सड़क, नाली और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। कॉलोनी की सड़कों पर लगातार जलभराव और कीचड़ बने रहने के कारण लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। इस बदहाली का सबसे अधिक खामियाजा स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को उठाना पड़ रहा है, जिन्हें हर दिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे वे अक्सर फिसलकर घायल हो जाते हैं। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उनके अनुसार, बरसाना देहात के विकास कार्य नगर पंचायत और ग्राम पंचायत के बीच अटक गए हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। इसी के चलते लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल श्याम विहार कॉलोनी का निरीक्षण कर सड़क, नाली और जल निकासी की समस्याओं का स्थायी हल निकालने की मांग की है। कॉलोनी के निवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं पर शीघ्र कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराने को मजबूर होंगे।
- मथुरा के बरसाना देहात स्थित श्याम विहार कॉलोनी के निवासी वर्षों से सड़क, नाली और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। कॉलोनी की सड़कों पर लगातार जलभराव और कीचड़ बने रहने के कारण लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। इस बदहाली का सबसे अधिक खामियाजा स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को उठाना पड़ रहा है, जिन्हें हर दिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे वे अक्सर फिसलकर घायल हो जाते हैं। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उनके अनुसार, बरसाना देहात के विकास कार्य नगर पंचायत और ग्राम पंचायत के बीच अटक गए हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। इसी के चलते लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल श्याम विहार कॉलोनी का निरीक्षण कर सड़क, नाली और जल निकासी की समस्याओं का स्थायी हल निकालने की मांग की है। कॉलोनी के निवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं पर शीघ्र कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराने को मजबूर होंगे।1
- मथुरा से सामने आई एक बड़ी खबर के अनुसार, कोसी के व्यापारी नेता जगदीश सुपानिया ने छाता तहसीलदार पर उनकी जमीन का दाखिला खारिज या निरस्त कराने का गंभीर आरोप लगाया है। यह आरोप लगाया गया है कि सुपानिया की जमीन का दाखिला खारिज नहीं होने दिया गया। इस आरोप पर गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने अपनी प्रतिक्रिया दी। मंत्री ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सुपानिया 'तो जन्म से हमारे खिलाफ हैं', जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनके बीच पुरानी प्रतिद्वंद्विता है।1
- डीग पुलिस लाइन में एडीजीपी दिनेश एम.एन. का आगमन हुआ, जहाँ उन्होंने एसपी कांबले शरण गोपीनाथ के नेतृत्व में आयोजित परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस दौरान, एडीजीपी ने गो तस्करों को पकड़ने के लिए किए गए मॉक ड्रिल का प्रदर्शन देखा और साइबर क्राइम की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने आरआई कार्यालय, विविध स्टोर, शस्त्रागार, बैरक, मैस और लाइब्रेरी सहित विभिन्न स्थानों का निरीक्षण भी किया। एडीजीपी ने कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का फीता काटकर उद्घाटन किया, और उन्होंने एसपी के साथ संयुक्त रूप से वृक्षारोपण भी किया। एडीजीपी ने पुलिसकर्मियों के साथ एक संपर्क सभा आयोजित की, जिसमें उन्होंने उनके सुझावों और समस्याओं को सुना। इस अवसर पर एडीजीपी दिनेश एम.एन. ने डीग पुलिस द्वारा सीमित संसाधनों के बावजूद कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनसेवा के क्षेत्र में किए गए सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से बारिश के मौसम में पुलिस जवानों के अनुशासन, जोश और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। इस कार्यक्रम में एसपी कांबले शरण गोपीनाथ, एएसपी, सीओ, एसएचओ सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।4
- बरसात के दिनों में मथुरा के कृष्णा नगर में जहरीला जानवर देखे जाने से निवासियों के बीच दहशत का माहौल है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में भय पैदा कर दिया है।1
- मथुरा में गन्ना मिल परिसर के भीतर कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी पत्रकारों से बातचीत किए बिना ही आगे बढ़ गए। पत्रकारों ने उनसे बात करने की कोशिश की थी, लेकिन मंत्री ने मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया और बिना रुके वहां से निकल गए। इस घटना के बाद से लगातार यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मंत्री ने पत्रकारों के सवालों का जवाब क्यों नहीं दिया। क्या समय की कमी के कारण वे बात नहीं कर पाए, या उनकी चुप्पी के पीछे कोई अन्य वजह थी? इसका कोई भी आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। इस घटना पर अब जनता अपनी प्रतिक्रिया दे रही है और मंत्री के सवालों के जवाब न देने की वजह जानना चाहती है।1
- बलदेव विकासखंड की नरहोली ग्राम पंचायत में स्थित खरेरा गांव के निवासी इन दिनों नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव में भूमाफियाओं द्वारा पोखर पर अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिसके कारण यह तालाब ओवरफ्लो होकर गांव के घरों में पानी घुसने का कारण बन रहा है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या के संबंध में खंड विकास अधिकारी बलदेव और एसडीएम भवन से कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है। इसके अतिरिक्त, विभाग के स्कूल पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इन सब परिस्थितियों के चलते गांव के ग्रामीण अब पलायन करने पर विवश महसूस कर रहे हैं और उनका कहना है कि उनके लिए यहां से पलायन कर जाना ही बेहतर होगा।1
- आज 09 जुलाई 2026 को सुप्रभात और राधे-राधे के पावन संदेश के साथ श्रीधाम वृंदावन का एक अद्भुत और मनमोहक सुबह का दृश्य साझा किया गया। इस पवित्र बेला में सभी पर राधा रानी और बाँके बिहारी जी की कृपा बनी रहने की कामना व्यक्त की गई है, साथ ही 'जय श्री राधे' का उद्घोष भी किया गया।1
- एक दुल्हन ने अपने प्रेमी को एक ऐसा हैरान कर देने वाला चैलेंज दिया है, जिससे यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या यह सच्चे प्यार की परीक्षा है या एक बड़ा धोखा। प्रेम, चुनौती और शादी के इस पूरे घटनाक्रम में बताया गया है कि मंडप में एक बड़ा खेल होने वाला था।1