वैशाली में 'बाल हृदय योजना' के तहत निशुल्क जाँच शिविर का आयोजन, 47 बच्चों की हुई स्क्रीनिंग। --जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के निर्देश पर सदर अस्पताल में मेदांता पटना के सहयोग से लगा विशेष कैंप। (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) वैशाली 30 मार्च 2026-वैशाली जिले में 'बाल हृदय योजना' के तहत हृदय रोगों से ग्रसित बच्चों को नई जिंदगी देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जाँच शिविर का सफल आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के विशेष अनुमोदन और मार्गदर्शन के उपरांत सोमवार को हाजीपुर स्थित सदर अस्पताल में आयोजित इस निशुल्क बाल हृदय रोग जाँच शिविर में जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल पटना और जिला स्वास्थ्य समिति वैशाली ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डीपीएम डॉ. कुमार मनोज, आरबीएसके नोडल अधिकारी शाइस्ता और एनसीडी अधिकारी डॉ. एसके साहू भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनकी देखरेख में पूरे शिविर का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।आधुनिक ईको मशीन से हुई बच्चों के हृदय की सूक्ष्म जाँच:शिविर के मुख्य आकर्षण के रूप में मेदांता पटना की विख्यात पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. कुमारी सोनी ने अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ बच्चों के स्वास्थ्य की गहन जाँच की। इस दौरान अत्याधुनिक ईको मशीन के माध्यम से बच्चों के हृदय की सूक्ष्म जांच की गई ताकि जन्मजात हृदय रोगों, जैसे दिल में छेद या अन्य गंभीर विकारों का सटीक पता लगाया जा सके। विशेषज्ञों की इस टीम ने ईको मशीन की सहायता से कुल 47 बच्चों की विस्तृत स्क्रीनिंग की और उनके अभिभावकों को उचित चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया। जाँच की इस प्रक्रिया में जिन बच्चों में हृदय संबंधी जटिलताएं पाई गईं, उन्हें सरकारी योजना के अंतर्गत चिन्हित किया गया है ताकि भविष्य में उनका निशुल्क उपचार और आवश्यक सर्जरी सुनिश्चित की जा सके।जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की पहल से अभिभावकों में जगी उम्मीद:जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के इस सामूहिक प्रयास की स्थानीय नागरिकों ने काफी सराहना की है। जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को उच्च स्तरीय हृदय रोग विशेषज्ञ की सेवाएं उनके अपने जिले में ही उपलब्ध कराना था। डीपीएम डॉ. कुमार मनोज और उनकी टीम ने बताया कि ईको मशीन से की गई इस त्वरित जाँच से गंभीर रूप से बीमार बच्चों की पहचान में बड़ी सफलता मिली है, जिससे अब इन बच्चों के सफल इलाज का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सदर अस्पताल में उमड़ी भीड़ और विशेषज्ञों के परामर्श से दर्जनों परिवारों के बीच अपने बच्चों के स्वस्थ भविष्य को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।
वैशाली में 'बाल हृदय योजना' के तहत निशुल्क जाँच शिविर का आयोजन, 47 बच्चों की हुई स्क्रीनिंग। --जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के निर्देश पर सदर अस्पताल में मेदांता पटना के सहयोग से लगा विशेष कैंप। (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) वैशाली 30 मार्च 2026-वैशाली जिले में 'बाल हृदय योजना' के तहत हृदय रोगों से ग्रसित बच्चों को नई जिंदगी देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जाँच शिविर का सफल आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के विशेष अनुमोदन और मार्गदर्शन के उपरांत सोमवार को हाजीपुर स्थित सदर अस्पताल में आयोजित इस निशुल्क बाल हृदय रोग जाँच शिविर में जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल पटना और जिला स्वास्थ्य समिति वैशाली ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डीपीएम डॉ. कुमार मनोज, आरबीएसके नोडल अधिकारी शाइस्ता और एनसीडी अधिकारी डॉ. एसके साहू भी
मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनकी देखरेख में पूरे शिविर का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।आधुनिक ईको मशीन से हुई बच्चों के हृदय की सूक्ष्म जाँच:शिविर के मुख्य आकर्षण के रूप में मेदांता पटना की विख्यात पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. कुमारी सोनी ने अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ बच्चों के स्वास्थ्य की गहन जाँच की। इस दौरान अत्याधुनिक ईको मशीन के माध्यम से बच्चों के हृदय की सूक्ष्म जांच की गई ताकि जन्मजात हृदय रोगों, जैसे दिल में छेद या अन्य गंभीर विकारों का सटीक पता लगाया जा सके। विशेषज्ञों की इस टीम ने ईको मशीन की सहायता से कुल 47 बच्चों की विस्तृत स्क्रीनिंग की और उनके अभिभावकों को उचित चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया। जाँच की इस प्रक्रिया में जिन बच्चों में हृदय संबंधी जटिलताएं पाई गईं, उन्हें सरकारी योजना के अंतर्गत चिन्हित किया गया है ताकि भविष्य में उनका निशुल्क
उपचार और आवश्यक सर्जरी सुनिश्चित की जा सके।जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की पहल से अभिभावकों में जगी उम्मीद:जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के इस सामूहिक प्रयास की स्थानीय नागरिकों ने काफी सराहना की है। जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को उच्च स्तरीय हृदय रोग विशेषज्ञ की सेवाएं उनके अपने जिले में ही उपलब्ध कराना था। डीपीएम डॉ. कुमार मनोज और उनकी टीम ने बताया कि ईको मशीन से की गई इस त्वरित जाँच से गंभीर रूप से बीमार बच्चों की पहचान में बड़ी सफलता मिली है, जिससे अब इन बच्चों के सफल इलाज का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सदर अस्पताल में उमड़ी भीड़ और विशेषज्ञों के परामर्श से दर्जनों परिवारों के बीच अपने बच्चों के स्वस्थ भविष्य को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।
- (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) गोरौल 30 मार्च 2026-गोरौल:-राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ( MNCG ), नई दिल्ली एवं बिहार राज्य गंगा नदी संरक्षण कार्यक्रम प्रबंधन सोसायटी द्वारा प्राप्त पत्र के आलोक में जिला गंगा समिति वैशाली के द्वारा दिए गए दिशा निर्देश के आलोक में गोरौल नगर पंचायत द्वारा श्रमदान एवं स्वच्छता शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।16 मार्च से चल रहे इस पखवाड़े की कार्यक्रम श्रृंखला के तहत आज 30 मार्च को राजकीय प्राथमिक विद्यालय महादेव मठ के छात्र छात्राओं, नगर पंचायत कार्यालय सहायक विकास कुमार सिंह, सफाई जमादार दीपक कुमार, आलोक कुमार, सुपरवाइजर अशोक कुमार सिंह, सफाई-कर्मी नथुनी मल्लिक, सुग्गा, निलम, गोलु सहित अन्य लोग सामूहिक रूप से श्रम दान किया और वार्ड 12 अवस्थित सीढ़ी पोखर घाट की सफाई कर समाज को स्वच्छता का प्रत्यक्ष संदेश दिया। नदी पोखर की सतह पर तैरते कचरे को इकट्ठा करके उपरी सतह की सफाई किया और अपने इर्द-गिर्द वाले नदी, पोखर, जलाशयों को हमेशा साफ-सुथरा एवं स्वच्छ रखने का शपथ लिया। विद्यालय के शिक्षक अश्विनी कुमार ने गंगा नदी के ऐतिहासिक सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व को समझाया। शिवांगी, माही, आर्यन राज, अंकित, आदर्श, शालिनी, दिलकश, प्रिंसी सहित विद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।यह कार्यक्रम FSMC प्रोग्राम के प्रोजेक्ट लीड और कोऑर्डिनेटर श्री शशांक शुक्ला एवं शिव शंकर झा के द्वारा संचालित हुआ।वहीं स्वच्छता पदाधिकारी साक्षी ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों और समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा गंगा नदी की सफाई में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना है। पूरा आयोजन नगर पंचायत की स्वच्छता पदाधिकारी साक्षी के प्रभावी निर्देशन में संपन्न हुआ।2
- Post by नीतीश उजाला2
- मुख्यमंत्री बिहार में नौकरी कर नहीं पाए, दिल्ली चले गए, 10वीं 12वीं में फेल हुए छात्र निराश ना हो नौकरी तो पास हुए छात्रों का भी नहीं मिलेगा हसुआ हथौड़ी खुरपी कुंदार लेकर सभी को बंगाल पंजाब असाम ही जाना है पास हुए छात्रों को थोड़ा ज्यादा भाव मिलेगा और फेल हुए को थोड़ा काम 19-20 का फासला होगा टेंशन नहीं लेना है #बिहार_बेरोजगारी #छात्र_निराशा #युवा_संकट #नौकरी_संकट #बिहार_राजनीति #रोजगार_की_कमी #पलायन_मजबूरी #दिल्ली_राजनीति #शिक्षा_प्रणाली #युवा_आवाज #बिहार_से_बाहर #मजदूरी_हकीकत #सरकार_पर_सवाल #EmploymentCrisis #YouthIssues #MigrationIndia #BiharNews #GroundReality #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur1
- Post by Talk On Chair1
- Post by Rahul Singh2
- मोतिहारी ट्रेन की सफर में यह दृश्य एक ऐसा लगा जहां गाना ब्लूटूथ द्वारा गाकर एक महिला आज की समय में भी जीव का पार्जन करने में पीछे नहीं दिख रही है, इसके माध्यम से भी अपने बच्चे को जलाने में समर्थ है।1
- Post by Vishwanath Sahni1
- (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) नई दिल्ली 30 मार्च 2026-नई दिल्ली:-जनसंसद में कुछ दिनों पहले ग्रामीण बैंक के SC-ST Welfare Association के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई। उनकी समस्याएं ध्यान से सुनीं तो वही बात स्थापित हुई जो मैं हमेशा से कहता आया हूँ - बहुजनों की हिस्सेदारी किसी भी संस्था के senior positions में है ही नहीं।प्रतिनिधिमंडल में आए साथियों ने बताया कि किस तरह नीतिगत तरीके से promotion के लिए roster का पालन करने का नियम होने के बावजूद उनके साथ इसमें भेदभाव किया जाता है। कभी performance, कभी merit के बहाने से उनकी तरक्की रोक दी जाती है।और तो और-अगर ये दलित- आदिवासी संगठन के पदाधिकारी आवाज़ उठाते हैं तो उन्हें बार-बार और सुदूर क्षेत्रों में transfer देकर इसकी सज़ा दी जाती है।आरक्षण के कारण इन समुदायों को entry level पदों की नौकरियां तो मिल जाती हैं, मगर उसके बाद इनके लिए बड़े पदों तक पहुंच पाना नीतिगत भेदभाव के कारण लगभग असंभव बना दिया जाता है।जानकर दुख तो हुआ, मगर आश्चर्य बिल्कुल नहीं कि इन बैंकों में शीर्ष पदों पर दलितों और आदिवासियों को कभी भी पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। हर मंच से मैं यही सच्चाई दोहराता आया हूं।इसी भेदभाव, इसी अन्याय के खिलाफ हम लड़ रहे हैं - ये हालात हम मिलकर बदलेंगे, ताकि देश के हर वर्ग को हर संस्था में समान भागीदारी और हिस्सेदारी मिले।2