कांग्रेस नेता एवं लोकसभा के प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी से जन संसद में ग्रामीण बैंक के अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण संगठन के प्रतिनिधि गन से हुई मुलाकात समस्याओं से हुए रूबरू। (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) नई दिल्ली 30 मार्च 2026-नई दिल्ली:-जनसंसद में कुछ दिनों पहले ग्रामीण बैंक के SC-ST Welfare Association के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई। उनकी समस्याएं ध्यान से सुनीं तो वही बात स्थापित हुई जो मैं हमेशा से कहता आया हूँ - बहुजनों की हिस्सेदारी किसी भी संस्था के senior positions में है ही नहीं।प्रतिनिधिमंडल में आए साथियों ने बताया कि किस तरह नीतिगत तरीके से promotion के लिए roster का पालन करने का नियम होने के बावजूद उनके साथ इसमें भेदभाव किया जाता है। कभी performance, कभी merit के बहाने से उनकी तरक्की रोक दी जाती है।और तो और-अगर ये दलित- आदिवासी संगठन के पदाधिकारी आवाज़ उठाते हैं तो उन्हें बार-बार और सुदूर क्षेत्रों में transfer देकर इसकी सज़ा दी जाती है।आरक्षण के कारण इन समुदायों को entry level पदों की नौकरियां तो मिल जाती हैं, मगर उसके बाद इनके लिए बड़े पदों तक पहुंच पाना नीतिगत भेदभाव के कारण लगभग असंभव बना दिया जाता है।जानकर दुख तो हुआ, मगर आश्चर्य बिल्कुल नहीं कि इन बैंकों में शीर्ष पदों पर दलितों और आदिवासियों को कभी भी पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। हर मंच से मैं यही सच्चाई दोहराता आया हूं।इसी भेदभाव, इसी अन्याय के खिलाफ हम लड़ रहे हैं - ये हालात हम मिलकर बदलेंगे, ताकि देश के हर वर्ग को हर संस्था में समान भागीदारी और हिस्सेदारी मिले।
कांग्रेस नेता एवं लोकसभा के प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी से जन संसद में ग्रामीण बैंक के अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण संगठन के प्रतिनिधि गन से हुई मुलाकात समस्याओं से हुए रूबरू। (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) नई दिल्ली 30 मार्च 2026-नई दिल्ली:-जनसंसद में कुछ दिनों पहले ग्रामीण बैंक के SC-ST Welfare Association के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई। उनकी समस्याएं ध्यान से सुनीं तो वही बात स्थापित हुई जो मैं हमेशा से कहता आया हूँ - बहुजनों की हिस्सेदारी किसी भी संस्था के senior positions में है ही नहीं।प्रतिनिधिमंडल में आए साथियों ने बताया कि किस तरह नीतिगत तरीके से promotion के लिए roster का पालन करने का नियम होने के बावजूद उनके साथ इसमें भेदभाव किया जाता है। कभी performance, कभी merit के बहाने से उनकी तरक्की
रोक दी जाती है।और तो और-अगर ये दलित- आदिवासी संगठन के पदाधिकारी आवाज़ उठाते हैं तो उन्हें बार-बार और सुदूर क्षेत्रों में transfer देकर इसकी सज़ा दी जाती है।आरक्षण के कारण इन समुदायों को entry level पदों की नौकरियां तो मिल जाती हैं, मगर उसके बाद इनके लिए बड़े पदों तक पहुंच पाना नीतिगत भेदभाव के कारण लगभग असंभव बना दिया जाता है।जानकर दुख तो हुआ, मगर आश्चर्य बिल्कुल नहीं कि इन बैंकों में शीर्ष पदों पर दलितों और आदिवासियों को कभी भी पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। हर मंच से मैं यही सच्चाई दोहराता आया हूं।इसी भेदभाव, इसी अन्याय के खिलाफ हम लड़ रहे हैं - ये हालात हम मिलकर बदलेंगे, ताकि देश के हर वर्ग को हर संस्था में समान भागीदारी और हिस्सेदारी मिले।
- (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) गोरौल 30 मार्च 2026-गोरौल:-राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ( MNCG ), नई दिल्ली एवं बिहार राज्य गंगा नदी संरक्षण कार्यक्रम प्रबंधन सोसायटी द्वारा प्राप्त पत्र के आलोक में जिला गंगा समिति वैशाली के द्वारा दिए गए दिशा निर्देश के आलोक में गोरौल नगर पंचायत द्वारा श्रमदान एवं स्वच्छता शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।16 मार्च से चल रहे इस पखवाड़े की कार्यक्रम श्रृंखला के तहत आज 30 मार्च को राजकीय प्राथमिक विद्यालय महादेव मठ के छात्र छात्राओं, नगर पंचायत कार्यालय सहायक विकास कुमार सिंह, सफाई जमादार दीपक कुमार, आलोक कुमार, सुपरवाइजर अशोक कुमार सिंह, सफाई-कर्मी नथुनी मल्लिक, सुग्गा, निलम, गोलु सहित अन्य लोग सामूहिक रूप से श्रम दान किया और वार्ड 12 अवस्थित सीढ़ी पोखर घाट की सफाई कर समाज को स्वच्छता का प्रत्यक्ष संदेश दिया। नदी पोखर की सतह पर तैरते कचरे को इकट्ठा करके उपरी सतह की सफाई किया और अपने इर्द-गिर्द वाले नदी, पोखर, जलाशयों को हमेशा साफ-सुथरा एवं स्वच्छ रखने का शपथ लिया। विद्यालय के शिक्षक अश्विनी कुमार ने गंगा नदी के ऐतिहासिक सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व को समझाया। शिवांगी, माही, आर्यन राज, अंकित, आदर्श, शालिनी, दिलकश, प्रिंसी सहित विद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।यह कार्यक्रम FSMC प्रोग्राम के प्रोजेक्ट लीड और कोऑर्डिनेटर श्री शशांक शुक्ला एवं शिव शंकर झा के द्वारा संचालित हुआ।वहीं स्वच्छता पदाधिकारी साक्षी ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों और समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा गंगा नदी की सफाई में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना है। पूरा आयोजन नगर पंचायत की स्वच्छता पदाधिकारी साक्षी के प्रभावी निर्देशन में संपन्न हुआ।2
- Post by नीतीश उजाला2
- मुख्यमंत्री बिहार में नौकरी कर नहीं पाए, दिल्ली चले गए, 10वीं 12वीं में फेल हुए छात्र निराश ना हो नौकरी तो पास हुए छात्रों का भी नहीं मिलेगा हसुआ हथौड़ी खुरपी कुंदार लेकर सभी को बंगाल पंजाब असाम ही जाना है पास हुए छात्रों को थोड़ा ज्यादा भाव मिलेगा और फेल हुए को थोड़ा काम 19-20 का फासला होगा टेंशन नहीं लेना है #बिहार_बेरोजगारी #छात्र_निराशा #युवा_संकट #नौकरी_संकट #बिहार_राजनीति #रोजगार_की_कमी #पलायन_मजबूरी #दिल्ली_राजनीति #शिक्षा_प्रणाली #युवा_आवाज #बिहार_से_बाहर #मजदूरी_हकीकत #सरकार_पर_सवाल #EmploymentCrisis #YouthIssues #MigrationIndia #BiharNews #GroundReality #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur1
- Post by Talk On Chair1
- Post by Rahul Singh2
- मोतिहारी ट्रेन की सफर में यह दृश्य एक ऐसा लगा जहां गाना ब्लूटूथ द्वारा गाकर एक महिला आज की समय में भी जीव का पार्जन करने में पीछे नहीं दिख रही है, इसके माध्यम से भी अपने बच्चे को जलाने में समर्थ है।1
- Post by Vishwanath Sahni1
- (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) नई दिल्ली 30 मार्च 2026-नई दिल्ली:-जनसंसद में कुछ दिनों पहले ग्रामीण बैंक के SC-ST Welfare Association के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई। उनकी समस्याएं ध्यान से सुनीं तो वही बात स्थापित हुई जो मैं हमेशा से कहता आया हूँ - बहुजनों की हिस्सेदारी किसी भी संस्था के senior positions में है ही नहीं।प्रतिनिधिमंडल में आए साथियों ने बताया कि किस तरह नीतिगत तरीके से promotion के लिए roster का पालन करने का नियम होने के बावजूद उनके साथ इसमें भेदभाव किया जाता है। कभी performance, कभी merit के बहाने से उनकी तरक्की रोक दी जाती है।और तो और-अगर ये दलित- आदिवासी संगठन के पदाधिकारी आवाज़ उठाते हैं तो उन्हें बार-बार और सुदूर क्षेत्रों में transfer देकर इसकी सज़ा दी जाती है।आरक्षण के कारण इन समुदायों को entry level पदों की नौकरियां तो मिल जाती हैं, मगर उसके बाद इनके लिए बड़े पदों तक पहुंच पाना नीतिगत भेदभाव के कारण लगभग असंभव बना दिया जाता है।जानकर दुख तो हुआ, मगर आश्चर्य बिल्कुल नहीं कि इन बैंकों में शीर्ष पदों पर दलितों और आदिवासियों को कभी भी पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। हर मंच से मैं यही सच्चाई दोहराता आया हूं।इसी भेदभाव, इसी अन्याय के खिलाफ हम लड़ रहे हैं - ये हालात हम मिलकर बदलेंगे, ताकि देश के हर वर्ग को हर संस्था में समान भागीदारी और हिस्सेदारी मिले।2