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Chauthmal Verma
- Dr.SharwanBikaner, Rajasthan👏1 hr ago
- Nitish KumarBaran, Rajasthan👏3 hrs ago
More news from राजस्थान and nearby areas
- Post by Chauthmal Verma1
- छीपाबड़ौद: संकष्टी चतुर्थी पर चौथ माता मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब छीपाबड़ौद / बारां छीपाबड़ौद कस्बे के पसार मोहल्ला स्थित चौथ माता मंदिर में विकट संकष्टी चतुर्थी के पावन अवसर पर एक दिवसीय मेले का आयोजन किया गया। इस धार्मिक उत्सव में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और हजारों भक्तों ने माता के दर्शन कर धार्मिक लाभ उठाया। मंदिर समिति के अध्यक्ष त्रिलोक राठौर एवं सचिव राजेंद्र कुमार योगी ने बताया कि माता के दरबार को विशेष फूलों और विद्युत सज्जा से सजाया गया था साथ ही संध्या काल में माता की विशेष महाआरती की गई, जिसमें पूरा परिसर माता के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। दर्शन को आने वाले सभी भक्तों को प्रसादी का वितरण किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष भक्तों ने प्रसादी का लाभ उठाया । इस अवसर पर समिति के सदस्य पप्पू चक्रधारी, राकेश गोयल, राजेंद्र प्रजापति और सुरेश कुशवाह सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे ।2
- गुना भगवान परशुराम जन्मोत्सव को लेकर सनातन सर्व ब्राह्मण की बैठक का आयोजन पशुपतिनाथ महादेव मंदिर पर भगवान परशुराम जी की पूजन अर्चन कर किया गया। वैठक की अध्यक्षता नर्वदा शंकर भार्गव, रजनीश शर्मा द्वारा की गई व कार्यक्रम का व्योरा आनंद भार्गव द्वारा रखा गया तो वही बैठक का संचालन नरेंद्र भार्गव ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से 19 अप्रैल रविवार को भगवान परशुराम जन्मोत्सव सनातन संस्कृति के अनुसार धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि रविवार 19 अप्रैल प्रातः 8 वजे सभी ब्राह्मण बंधु महिलाएं बच्चे पुरानी गल्ला मंड़ी हनुमान मंदिर पर एकत्रित होंगे, यहां से भगवान परशुराम की शोभायात्रा वेदमंत्रों, वाद्य यंत्रों की ध्वनि के साथ शुरू होगी जो तेलघानी हनुमान चौराहा, हाट रोड़, सदर बाजार होते हुए दुवे कालोनी स्तिथ विघ्नहरण हनुमान मंदिर पहुंचेगी। जहां पर मुख्य समारोह आयोजित होगा । मुख्य समारोह में भगवान परशुरामजी का पूजन अर्चनकर महाआरती की जायेगी । मुख्य समारोह उपरांत ब्राह्मण समाज का सामूहिक भोज का कार्यक्रम किया जाएगा। संपूर्ण कार्यक्रम के लिए वित्त व्यवस्था हेतु उपस्थित ब्राह्मण बंधुओं ने अपनी ओर से वित्तीय सहयोग की घोषणा भी की गई । कार्यक्रम को भब्यता देने हेतू समाजजनों के माध्यम से निमंत्रण पत्र पीले चावल ब्राह्मण बंधुओं के घर तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा।1
- शाहबाद उपखंड मुख्यालय की समस्त आशा एवं सहयोगनियों ने सोमवार को उपखण्ड अधिकारी शाहाबाद के नाम ज्ञापन दिया गया ज्ञापन के माध्यम से आशा एवं सहयोगिनियों ने मांग की है कि शेख आरिफ इकबाल बीसीएमओ शाहाबाद मार्च 2020 से ब्लॉक शाहबाद में पदस्थापित हैं इनका कार्य एवं व्यवहार हम सभी के प्रति सहयोगात्मक रहा है। इन्होंने किसी को प्रताडित नहीं किया है। इन पर महिला चिकित्सा कर्मी द्वारा जो आरोप लगाये हैं वे मिथ्यापूर्ण एवं निराधार है उक्त आरोप केवल व्यक्तिगत छवी को धूमिल करने का षडयंत्र है। हम सभी आशा एवं सहयोगिनी आपसे विनम्र अनुरोध करते हैं कि ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ दर्ज प्रकरण की निष्पक्ष रूप से जांच की की जाये। ज्ञात रहे की विगत दिनों ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी शाहाबाद पर महिला चिकित्साकर्मी द्वारा अभद्रता एवं मारपीट करने का आरोप लगाते हुए केलवाड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसकी पुलिस जांच कर रही है।3
- झालावाड़-भाजपा मण्डल ने मनाया भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस सांसद कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम मे पार्टी कि रीती -नीति के बारे मे कार्यकर्ताओ को बताया गया, मण्डल अध्यक्ष प्रदीप सिंह राजावत ने बताया कि कार्यक्रम कि शुरुआत भारत माता, एवं भाजपा के संस्थापक सदस्य पंडित दीन दयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुख़र्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कि, कार्यक्रम मे आर पी एस सी के पूर्व चेयरमैन श्याम सुन्दर शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा, जिला उपाध्यक्ष संदीप क्षोत्रिय, चंद्र मोहन धाभाई, जिलामंत्री प्रकाश वर्मा, जिला कोषाध्यक्ष विमल सुराणा, सह कोषाध्यक्ष मूलचंद गुप्ता ,कार्यालय प्रभारी दिनेश बोहरा, मंडल महामंत्री अनिल सुमन, दीपांकार नागर, मंडल उपाध्यक्ष कार्यक्रम कार्यक्रम संयोजक मनीष लाहोटी, सहसंयोजक बृजेंश शर्मा, मंडल उपाध्यक्ष अजय प्रधान, कोषाध्यक्ष धीरज कोठारी, पूर्व जिला मंत्री यतन सिंह यादव, नवल प्रजापति , सियाराम अग्रवाल, इनाम जफर, अक्षत पाटीदार,शुभम अग्रवाल, अंशुल सिंह पवार, अजय शर्मा , राहुल गुर्जर,सत्यप्रकाश सेन, महावीर दाधीच, पंकज शर्मा, पवन बेरवा, अशोक कहार, शम्भू लोधा, ओम जांगिड़, योगेश कनावत, धरम वीर शक्तावत,राजेंद्र सुमन,, कुंदन पवार, शंकर कश्यप, हेमराज कश्यप, बूथ अध्यक्ष सुरेंद्र सोनी, बृजराज सिंह पवार, राजू रेगर, सुरेश मराठा, प्रहलाद गुर्जर, महेंद्र गुर्जर, मुकेश शर्मा, राहुल पटवा, अरविंद कुमार भील,अशोक कुमार , घनश्याम सिंह तोमर, लेखराज लोधा, वहीदुर रहमान, महेंद्र शर्मा, धनकुंवर हाडा, सूरजमल कश्यप, राहुल कश्यप, कुलदीप सिंह, यूनुस खान, अनिल कुमार , मोहम्मद आशिक चौधरी, मोहम्मद सलीम, गौरव सेन, प्रहलाद मेघवाल, धर्मेंद्र राठौर, जितेंद्र कुमार भील, देवेश परिहार, कन्हैयालाल कश्यप, शंकर लाल मेघवाल, जितेंद्र शर्मा, व भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- बमोरी क्षेत्र से भूसा खरीद कर राजस्थान बेच रहे हैं भूसा व्यापारी ट्रॉली ओवरलोड भर लेते हैं जिससे रास्ता पूरा जाम हो जाता है आम लोगों को वाहनों के लिए साइट नहीं मिलती है कई दुर्घटनाएं घट रही फिर भी प्रशासन मोन है कोई कार्रवाई नहीं की जा रही1
- नारायण खेड़ा में आंगनबाड़ी का घटिया निर्माण चल रहा था ग्रामीणों ने जाकर उसे तुरंत प्रभाव से रुकवाया और उसे नष्ट कर दिया और वहां पर अच्छा कार्य हो अच्छा मटेरियल उपयोग में लिया जाए तभी जाकर आंगनबाड़ी की अच्छी सी दीवार बन पाएगीहै1
- बड़गांव |हाड़ौती की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ने सात समंदर पार एक नया इतिहास रचा है। बारां जिले के पाटोन्दा गांव में पिछले 165 वर्षों से आयोजित हो रही अद्वितीय 'ढाई कड़ी की रामलीला' अब अंतर्राष्ट्रीय शोध का विषय बन चुकी है। इस अनूठी लोक कला की महत्ता को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया की क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ने अपनी प्रतिष्ठित पुस्तक 'रुटलेज हैंडबुक ऑफ फेस्टिवल 2018' में इस पर एक विशेष अध्याय शामिल किया है। डॉ. अनुकृति के शोध से मिली वैश्विक पहचान पाटोन्दा की इस विरासत को विश्व पटल पर लाने का श्रेय डॉ. अनुकृति शर्मा को जाता है। उनके गहन शोध के बाद ही इस रामलीला की बारीकियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।इसके महान रचयिता गुरु गणपत लाल दाधीच द्वारा रचित इस रामलीला के 'ढाई कड़ी' के छंदों और संवादों की शैली इतनी विलक्षण है कि विदेशी शिक्षाविद् भी इसे भारतीय संस्कृति का एक अनूठा मॉडल मान रहे हैं। अयोध्या में सरकारी खर्च पर दी प्रस्तुति गांव की इस रामलीला की ख्याति केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मंच पर भी मनवाया है। भारत सरकार के आमंत्रण पर इस रामलीला दल ने अयोध्या में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय रामायण मेले' में अपनी कला का प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि कलाकारों का पूरा खर्च भारत सरकार द्वारा वहन किया गया, जो पाटोन्दा की इस कला के प्रति राष्ट्रीय सम्मान को दर्शाता है। बिना ट्रेनिंग, रग-रग में रची है रामलीला इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ के कलाकारों को किसी रिहर्सल या औपचारिक प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं पड़ती। गांव के बालक, युवा और बुजुर्गों के मन में यह रामलीला इस कदर रची-बसी है कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी यह कला बिना किसी कागजी रिहर्सल के हस्तांतरित हो रही है। डेढ़ सदी से भी अधिक समय से यह सिलसिला अनवरत जारी है। हाड़ौती का गौरव बनी 'ढाई कड़ी' पाटोन्दा की यह रामलीला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली बारां जिले की पहली रामलीला है। यह न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि राजस्थान की उस जीवंत संस्कृति का उदाहरण है जो आधुनिकता के दौर में भी अपनी जड़ों से मजबूती से जुड़ी हुई है।1