कुशीनगर जिले के पडरौना स्थित धर्मशाला रोड की स्थिति इन दिनों बदहाल है, जहाँ हर रोज़ भीषण जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। इस सड़क का हाल अब लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन जैसा व्यस्त हो गया है, जिससे यह पडरौना की एक बेहद व्यस्त सड़क बन चुकी है। जो भी व्यक्ति गलती से इस रोड पर आ जाता है, उसे घंटों जाम से जूझना पड़ता है। भीषण गर्मी के चलते लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यदि दिन के समय किसी को अचानक कोई स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति हो जाए या किसी अन्य तरह की इमरजेंसी पड़ जाए, तो निकलने के लिए कोई रास्ता नहीं मिल पाता। जाम के कारण कई लोग अपने काम पर जाने में देर कर देते हैं। जाम हटने के बाद, नौकरीपेशा लोग अक्सर तेज़ गति से बाइक चलाते हैं ताकि देर से पहुँचने के कारण डाँट खाने से बच सकें, जिससे हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है कि कहीं अचानक कोई सामने न आ जाए। इस जाम का मुख्य कारण सड़क पर बाइक और कई जगहों पर चार-पहिया वाहनों का खड़ा होना है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि लोग अपनी बाइक को सड़क के किनारे और सड़क के अगले हिस्से में ही खड़ा करके अपने कामों पर चले जाते हैं। ऐसी स्थिति में, जाम से निजात पाना मुश्किल हो जाता है।
कुशीनगर जिले के पडरौना स्थित धर्मशाला रोड की स्थिति इन दिनों बदहाल है, जहाँ हर रोज़ भीषण जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। इस सड़क का हाल अब लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन जैसा व्यस्त हो गया है, जिससे यह पडरौना की एक बेहद व्यस्त सड़क बन चुकी है। जो भी व्यक्ति गलती से इस रोड पर आ जाता है, उसे घंटों जाम से जूझना पड़ता है। भीषण गर्मी के चलते लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यदि दिन के समय किसी को अचानक कोई स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति हो जाए या किसी अन्य तरह की इमरजेंसी पड़ जाए, तो निकलने के लिए कोई रास्ता नहीं मिल पाता।
जाम के कारण कई लोग अपने काम पर जाने में देर कर देते हैं। जाम हटने के बाद, नौकरीपेशा लोग अक्सर तेज़ गति से बाइक चलाते हैं ताकि देर से पहुँचने के कारण डाँट खाने से बच सकें, जिससे हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है कि कहीं अचानक कोई सामने न आ जाए। इस जाम का मुख्य कारण सड़क पर बाइक और कई जगहों पर चार-पहिया वाहनों का खड़ा होना है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि लोग अपनी बाइक को सड़क के किनारे और सड़क के अगले हिस्से में ही खड़ा करके अपने कामों पर चले जाते हैं। ऐसी स्थिति में, जाम से निजात पाना मुश्किल हो जाता है।
- कुशीनगर जिले के सुकरौली विकासखंड क्षेत्र की ग्राम सभा पिडरा से ग्रामीण विकास योजनाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करने वाला एक मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव में लगभग पांच वर्षों बाद खड़ंजा सड़क का निर्माण कराया गया, लेकिन एक व्यक्ति के घर तक जाने वाला रास्ता छोड़ दिया गया, जबकि आसपास के अन्य घरों तक सड़क बनाई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें जानबूझकर विकास कार्य से वंचित किया गया है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत आईजीआरएस और मुख्यमंत्री पोर्टल पर की, जिसके बाद विकासखंड कार्यालय से ए.डी.ओ. पंचायत द्वारा जांच की गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जांच के दौरान उन्हें समस्या के समाधान का आश्वासन मिला था। हालांकि, कुछ दिनों बाद उन्हें सूचित किया गया कि यह कार्य वर्ष 2026 की कार्ययोजना में शामिल किया गया है, लेकिन ग्राम प्रधान का कार्यकाल खत्म होने और प्रशासक नियुक्त होने के कारण अब इसे पूरा नहीं किया जा सकता। अब बड़ा सवाल यह है कि यदि सड़क निर्माण कार्ययोजना के तहत होना था, तो एक परिवार को छोड़कर बाकी लोगों तक विकास कार्य कैसे पहुंच गया? शिकायतकर्ता न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि क्या सरकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को समान रूप से मिलना चाहिए और विकास कार्यों में भेदभाव की कोई गुंजाइश होनी चाहिए या नहीं।1
- महराजगंज पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए जिले भर से खोए हुए 105 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 31 लाख रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री शक्ति मोहन अवस्थी के कुशल निर्देशन में सर्विलांस सेल द्वारा CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग करके की गई। पुलिस विभाग के अनुसार, सर्विलांस टीम ने विभिन्न माध्यमों से प्राप्त प्रार्थना पत्रों और CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर IMEI नंबर ट्रैकिंग, तकनीकी विश्लेषण और व्यापक निगरानी के जरिए इन मोबाइलों का पता लगाया। इस अभियान के तहत पिछले तीन महीनों में कुल 307 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 90 लाख रुपये है। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सभी संबंधित मोबाइल स्वामियों को बुलाकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके फोन वापस किए गए। अपना खोया हुआ मोबाइल पाकर लोगों ने खुशी व्यक्त की और महराजगंज पुलिस तथा विशेष रूप से पुलिस अधीक्षक श्री शक्ति मोहन अवस्थी का आभार जताया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने सर्विलांस सेल की टीम को बधाई दी और कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल चोरी या गुम होने पर तत्काल नजदीकी थाने या सर्विलांस सेल में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि CEIR पोर्टल के माध्यम से शीघ्र कार्रवाई की जा सके। इस बरामदगी में उपनिरीक्षक ग्रेड-बी सुशील सिंह, उपनिरीक्षक ग्रेड-बी शिवानन्द पासवान, मुख्य आरक्षी मोहम्मद कुतुबुद्दीन, मुख्य आरक्षी राजकुमार राजभर, मुख्य आरक्षी आलोक पाण्डेय, आरक्षी सुधीर कुमार यादव, आरक्षी सूरज गुप्ता, आरक्षी नीरज कुमार गोंड और CEIR टीम के अन्य कर्मचारी शामिल थे। महराजगंज पुलिस की इस कार्रवाई को तकनीकी पुलिसिंग और जनसेवा का सराहनीय उदाहरण माना जा रहा है।1
- देवरिया में यातायात पुलिस ने गुरुवार को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के निर्देशन में और यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में गोरखपुर रोड, कसया ओवरब्रिज, मालवीय रोड तथा बस स्टैंड क्षेत्र में वाहनों की सघन जांच की गई। इस अभियान के दौरान, सड़क पर वाहन खड़े कर सवारी भरने वाले बस और ऑटो चालकों, बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों, तीन सवारी बैठाकर बाइक चलाने वालों और स्टंट करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर कुल 76 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि दो वाहनों को सीज कर दिया गया। यातायात पुलिस के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- देवरिया जनपद के तरकुलवा थाना क्षेत्र में पुलिस ने 17 जून 2026 की रात संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर मदारीपट्टी जंगल के निकट मैनपुर नदी पुल के पास से इन्हें पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान विशाल मद्धेशिया (उम्र करीब 22 वर्ष), पुत्र राजकुमार मद्धेशिया, निवासी कस्बा तरकुलवा, तथा बृजेश गुप्ता (उम्र करीब 19 वर्ष), पुत्र सुदामा गुप्ता, निवासी केसरीपुर, थाना तरकुलवा, के रूप में हुई है। इनके साथ एक बाल अपचारी को भी पकड़ा गया। पुलिस ने इनके कब्जे से एक सफेद रंग की अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की, जिस पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी। जांच में पता चला कि यह मोटरसाइकिल तरकुलवा थाने में पंजीकृत है। पुलिस ने कुल तीन मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं।1
- राहुल सर के एक शैक्षिक वीडियो में, दसवीं कक्षा के भौतिकी के तीसरे अध्याय के तहत मानव नेत्र के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई है। इस वीडियो में मानव नेत्र क्या है, इसकी संरचना कैसे बनाई जाती है, इसके कितने भाग होते हैं, और उन सभी भागों के कार्य क्या हैं, इन विषयों को समझाया गया है।1
- राहुल सर के एक शैक्षिक वीडियो में कक्षा 10वीं के भौतिकी के पाठ 3 के तहत मानव नेत्र की संरचना, उसके विभिन्न भागों और उनके कार्यों का विस्तार से वर्णन किया गया है। यह वीडियो मानव नेत्र क्या है, इसकी संरचना कैसे बनाई जाती है, और इसके कितने भाग होते हैं, इन सभी पहलुओं को गहराई से समझाता है। वीडियो में मानव नेत्र के प्रत्येक भाग के कार्य को स्पष्ट रूप से समझाया गया है। यह शैक्षिक सामग्री छात्रों को मानव नेत्र की जटिल संरचना और उसकी कार्यप्रणाली को समझने में मदद करती है, जैसा कि राहुल सर ने प्रस्तुत किया है।1
- Post by Shrikrishn1
- गोरखपुर मंडल के आयुक्त अनिल ढींगरा और डीआईजी डॉ. एस. चनप्पा ने देवरिया में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और एसपी अभिजीत आर. शंकर समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति, मोहर्रम के जुलूस मार्गों, सुरक्षा व्यवस्था के इंतजामों और सोशल मीडिया पर निगरानी के पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा आयोजकों के साथ समन्वय स्थापित कर मोहर्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।1
- केंद्र में मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली कई योजनाओं पर चर्चा की जा रही है। इन प्रमुख योजनाओं में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, मातृ वंदना योजना और लखपति दीदी योजना शामिल हैं। इन योजनाओं का मुख्य लक्ष्य महिलाओं और बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनके लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना रहा है। सरकार का दावा है कि इन पहलों के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को लाभ पहुँचा है और उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है।1