कुशीनगर जिले के सुकरौली विकासखंड क्षेत्र की ग्राम सभा पिडरा से ग्रामीण विकास योजनाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करने वाला एक मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव में लगभग पांच वर्षों बाद खड़ंजा सड़क का निर्माण कराया गया, लेकिन एक व्यक्ति के घर तक जाने वाला रास्ता छोड़ दिया गया, जबकि आसपास के अन्य घरों तक सड़क बनाई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें जानबूझकर विकास कार्य से वंचित किया गया है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत आईजीआरएस और मुख्यमंत्री पोर्टल पर की, जिसके बाद विकासखंड कार्यालय से ए.डी.ओ. पंचायत द्वारा जांच की गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जांच के दौरान उन्हें समस्या के समाधान का आश्वासन मिला था। हालांकि, कुछ दिनों बाद उन्हें सूचित किया गया कि यह कार्य वर्ष 2026 की कार्ययोजना में शामिल किया गया है, लेकिन ग्राम प्रधान का कार्यकाल खत्म होने और प्रशासक नियुक्त होने के कारण अब इसे पूरा नहीं किया जा सकता। अब बड़ा सवाल यह है कि यदि सड़क निर्माण कार्ययोजना के तहत होना था, तो एक परिवार को छोड़कर बाकी लोगों तक विकास कार्य कैसे पहुंच गया? शिकायतकर्ता न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि क्या सरकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को समान रूप से मिलना चाहिए और विकास कार्यों में भेदभाव की कोई गुंजाइश होनी चाहिए या नहीं।
कुशीनगर जिले के सुकरौली विकासखंड क्षेत्र की ग्राम सभा पिडरा से ग्रामीण विकास योजनाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करने वाला एक मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव में लगभग पांच वर्षों बाद खड़ंजा सड़क का निर्माण कराया गया, लेकिन एक व्यक्ति के घर तक जाने वाला रास्ता छोड़ दिया गया, जबकि आसपास के अन्य घरों तक सड़क बनाई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें जानबूझकर विकास कार्य से वंचित किया गया है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत आईजीआरएस और मुख्यमंत्री पोर्टल पर की, जिसके बाद विकासखंड कार्यालय से ए.डी.ओ. पंचायत द्वारा जांच की गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जांच के दौरान उन्हें समस्या के समाधान का आश्वासन मिला था। हालांकि, कुछ दिनों बाद उन्हें सूचित किया गया कि यह कार्य वर्ष 2026 की कार्ययोजना में शामिल किया गया है, लेकिन ग्राम प्रधान का कार्यकाल खत्म होने और प्रशासक नियुक्त होने के कारण अब इसे पूरा नहीं किया जा सकता। अब बड़ा सवाल यह है कि यदि सड़क निर्माण कार्ययोजना के तहत होना था, तो एक परिवार को छोड़कर बाकी लोगों तक विकास कार्य कैसे पहुंच गया? शिकायतकर्ता न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि क्या सरकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को समान रूप से मिलना चाहिए और विकास कार्यों में भेदभाव की कोई गुंजाइश होनी चाहिए या नहीं।
- कुशीनगर जिले के सुकरौली विकासखंड क्षेत्र की ग्राम सभा पिडरा से ग्रामीण विकास योजनाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करने वाला एक मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव में लगभग पांच वर्षों बाद खड़ंजा सड़क का निर्माण कराया गया, लेकिन एक व्यक्ति के घर तक जाने वाला रास्ता छोड़ दिया गया, जबकि आसपास के अन्य घरों तक सड़क बनाई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें जानबूझकर विकास कार्य से वंचित किया गया है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत आईजीआरएस और मुख्यमंत्री पोर्टल पर की, जिसके बाद विकासखंड कार्यालय से ए.डी.ओ. पंचायत द्वारा जांच की गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जांच के दौरान उन्हें समस्या के समाधान का आश्वासन मिला था। हालांकि, कुछ दिनों बाद उन्हें सूचित किया गया कि यह कार्य वर्ष 2026 की कार्ययोजना में शामिल किया गया है, लेकिन ग्राम प्रधान का कार्यकाल खत्म होने और प्रशासक नियुक्त होने के कारण अब इसे पूरा नहीं किया जा सकता। अब बड़ा सवाल यह है कि यदि सड़क निर्माण कार्ययोजना के तहत होना था, तो एक परिवार को छोड़कर बाकी लोगों तक विकास कार्य कैसे पहुंच गया? शिकायतकर्ता न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि क्या सरकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को समान रूप से मिलना चाहिए और विकास कार्यों में भेदभाव की कोई गुंजाइश होनी चाहिए या नहीं।1
- गोरखपुर मंडल के आयुक्त अनिल ढींगरा और डीआईजी डॉ. एस. चनप्पा ने देवरिया में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और एसपी अभिजीत आर. शंकर समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति, मोहर्रम के जुलूस मार्गों, सुरक्षा व्यवस्था के इंतजामों और सोशल मीडिया पर निगरानी के पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा आयोजकों के साथ समन्वय स्थापित कर मोहर्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।1
- देवरिया जनपद के तरकुलवा थाना क्षेत्र में पुलिस ने 17 जून 2026 की रात संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर मदारीपट्टी जंगल के निकट मैनपुर नदी पुल के पास से इन्हें पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान विशाल मद्धेशिया (उम्र करीब 22 वर्ष), पुत्र राजकुमार मद्धेशिया, निवासी कस्बा तरकुलवा, तथा बृजेश गुप्ता (उम्र करीब 19 वर्ष), पुत्र सुदामा गुप्ता, निवासी केसरीपुर, थाना तरकुलवा, के रूप में हुई है। इनके साथ एक बाल अपचारी को भी पकड़ा गया। पुलिस ने इनके कब्जे से एक सफेद रंग की अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की, जिस पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी। जांच में पता चला कि यह मोटरसाइकिल तरकुलवा थाने में पंजीकृत है। पुलिस ने कुल तीन मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं।1
- केंद्र में मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली कई योजनाओं पर चर्चा की जा रही है। इन प्रमुख योजनाओं में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, मातृ वंदना योजना और लखपति दीदी योजना शामिल हैं। इन योजनाओं का मुख्य लक्ष्य महिलाओं और बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनके लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना रहा है। सरकार का दावा है कि इन पहलों के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को लाभ पहुँचा है और उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है।1
- कुशीनगर के हाटा में राज्य महिला आयोग की सदस्य जनक नंदनी ने हाटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें सीएचसी में कुछ कमियां मिलीं, जिनके सुधार के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इसके उपरांत, तहसील सभागार में महिला जनसुनवाई एवं जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया। बुधवार दोपहर करीब बारह बजे, महिला आयोग की सदस्य जनक नंदनी ने सीएचसी पहुंचकर ओपीडी, पर्ची काउंटर, दवा वितरण केंद्र, लेबर रूम, पेयजल व्यवस्था और साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए उन्होंने तुरंत आवश्यक निर्देश दिए। बाद में आयोजित जनसुनवाई में तहसील क्षेत्र से सरिता सिंह, निशा देवी, द्रोपदी देवी, रीता देवी, डाली देवी, सत्या शर्मा सहित कुल 19 आवेदक महिलाओं ने अपने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए, हालांकि मौके पर एक भी आवेदन का निस्तारण नहीं हो सका। महिला आयोग की सदस्य जनक नंदनी ने जोर देकर कहा कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करेंगी। उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण का निर्देश भी दिया। इस मौके पर सीओ कुंदन सिंह, तहसीलदार जया सिंह, नायब तहसीलदार सुनील कुमार सिंह, जिला महिला कल्याण अधिकारी नवीन, डीसी मनरेगा राकेश सिंह, खंड विकास अधिकारी हरिश्चंद्र कौशीक समेत कई तहसील अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- कुशीनगर में गोवंशीय पशुओं की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, पटहेरवा थाना पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के धनहा थाना अंतर्गत दहवा निवासी नबी हसन अंसारी पुत्र मुस्तफा और मखलूक अंसारी उर्फ भुट्टू पुत्र मुस्तफा के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 02 गोवंशीय बछड़े, 01 संशोधित बोलेरो (रजि. नं. UP57D0090), 01 लकड़ी का ठीहा, 02 बांका और 01 चाकू बरामद किया है। बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर पटहेरवा थाने में मु0अ0सं0-183/2026 धारा: 3/5/5ए/8 गोवध अधिनियम, 11 पशु क्रूरता अधिनियम और धारा 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि इसी मुकदमे में 16.06.2026 को भी दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है और वे दोनों बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के रहने वाले हैं। वे कुशीनगर-बिहार सीमा से सटे क्षेत्रों में घूमने वाले आवारा गोवंशीय पशुओं को चुराकर रात के समय पैदल ही बिहार ले जाते थे। वहाँ इन पशुओं का वध कर मांस बेचा जाता था और इससे कमाए गए पैसों को वे आपस में बांट लेते थे।2
- कुशीनगर जिले के चौराखास थाना क्षेत्र के बड़हरा चौराहा पर देर रात एक दीवान का बिजली संविदा कर्मी को गाली देते हुए वीडियो वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि दीवान बृजकिशोर सिंह, दो होमगार्डों के साथ मिलकर देर रात गाड़ी चेकिंग के नाम पर बिजली कर्मी को गालियां दे रहे थे। वायरल वीडियो में दीवान बृजकिशोर सिंह बिजली कर्मी को कैमरे पर खबर चलवाने और बिगाड़ लेने की चुनौती भी देते हुए दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, बिजली संविदा कर्मी रात के समय बिजली फाल्ट ठीक करने जा रहे थे, तभी यह घटना हुई।1
- उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में तरकुलवा थाना पुलिस ने एक वाहन चोर गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से और निशानदेही पर कुल तीन चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस अधीक्षक देवरिया के निर्देश पर अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई, जिसे वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। यह कार्रवाई 17 जून 2026 की रात तरकुलवा पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच के दौरान हुई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम मदारीपट्टी जंगल के पास मैनपुर नदी पुल के पास कुछ संदिग्ध युवक चोरी की मोटरसाइकिल के साथ मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर एक मोटरसाइकिल पर सवार तीनों युवकों को पकड़ लिया। पूछताछ और वाहन की जांच में पता चला कि मोटरसाइकिल चोरी की थी, जिसके संबंध में तरकुलवा थाने में पहले से ही मुकदमा संख्या 186/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज था। कड़ाई से पूछताछ करने पर अभियुक्तों ने अन्य चोरी की घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने दो और चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं, जिन्हें विभिन्न स्थानों से चुराया गया था। सभी बरामद वाहनों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेजने की कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी ने बताया कि वाहन चोरी में शामिल अपराधियों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।1